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                <title>art - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई : फ्री एंट्री, क्यूआर कोड और हजारों रंग, काला घोड़ा फेस्टिवल में उमड़ा कला प्रेमियों का सैलाब</title>
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                        <![CDATA[<p>मुंबई जिसे सपनों का शहर कहा जाता है, अपनी तेज रफ्तार जिंदगी के लिए मशहूर है. इसी भागदौड़ के बीच साल का एक समय ऐसा आता है, जब यह शहर कला और संस्कृति के रंगों में पूरी तरह डूब जाता है. हम बात कर रहे हैं काला घोड़ा फेस्टिवल की, जो हर साल मुंबई की सांस्कृतिक पहचान बनकर उभरता है. दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके में लगने वाला यह फेस्टिवल न केवल देश बल्कि विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन जाता है. इस साल काला घोड़ा फेस्टिवल में कला के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय संदेशों का भी अनोखा संगम देखने को मिल रहा है.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47629/mumbai-free-entry-qr-code-and-thousands-of-colors-art"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-10t142822.422.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई. </strong>मुंबई जिसे सपनों का शहर कहा जाता है, अपनी तेज रफ्तार जिंदगी के लिए मशहूर है. इसी भागदौड़ के बीच साल का एक समय ऐसा आता है, जब यह शहर कला और संस्कृति के रंगों में पूरी तरह डूब जाता है. हम बात कर रहे हैं काला घोड़ा फेस्टिवल की, जो हर साल मुंबई की सांस्कृतिक पहचान बनकर उभरता है. दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके में लगने वाला यह फेस्टिवल न केवल देश बल्कि विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन जाता है. इस साल काला घोड़ा फेस्टिवल में कला के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय संदेशों का भी अनोखा संगम देखने को मिल रहा है.</p>
<p> </p>
<p>इस साल काला घोड़ा फेस्टिवल की शुरुआत एक बेहद खास और सकारात्मक संदेश के साथ हुई है. पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों को बचाने की अहमियत को समझाने के लिए चर्चगेट स्टेशन के बाहर स्थित ग्राउंड में एक विशेष इंस्टॉलेशन लगाया गया है. इस प्रोजेक्ट को छात्रों ने तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना और ध्वनि प्रदूषण को कम करने का संदेश देना है. स्टेशन के बाहर से गुजरने वाला हर व्यक्ति इस कलाकृति को देखकर रुकने पर मजबूर हो जाता है. काला घोड़ा फेस्टिवल में एंट्री पूरी तरह फ्री रखी गई है, बस आगंतुकों को क्यूआर कोड स्कैन करना होता है.</p>
<p><strong>मिथिला पेंटिंग और बॉम्बे आर्ट बने आकर्षण</strong><br />काला घोड़ा के मुख्य इलाके में प्रवेश करते ही हस्तशिल्प और कला के कई स्टॉल्स दर्शकों का स्वागत करते हैं. इस बार बिहार की प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग फेस्टिवल का बड़ा आकर्षण बनी हुई है. हाथ से बने कागज पर उकेरी गई यह पेंटिंग पूरी तरह पारंपरिक थीम पर आधारित है और दर्शकों को भारतीय लोक कला से रूबरू कराती है. इसके ठीक पास बॉम्बे आर्ट का स्टॉल भी लगाया गया है, जहां पेंटिंग्स में मुंबई की आत्मा दिखाई देती है. इन चित्रों में शहर की ऐतिहासिक इमारतों, गलियों और रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद खूबसूरती से कैनवास पर उतारा गया है. मुंबई के पुराने और नए स्वरूप से जुड़ाव रखने वालों के लिए यह स्टॉल खास आकर्षण बना हुआ है.<br /> </p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:29:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई :  गोरेगांव में स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट एग्जीबिशन; 19 जनवरी तक मौका</title>
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                        <![CDATA[<p>हर साल एक बेहद खास प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सुदूर इलाकों में छिपे छोटे कारीगरों और व्यवसायियों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म देना होता है. इस एग्जीबिशन का नाम ‘स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट’ है. इस प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि भारत के कोने-कोने से व्यापारी अपने उत्पादों को लेकर पहुँचते हैं.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46824/mumbai-indigenous-art-and-craft-exhibition-in-goregaon-till-19th"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-08t124343.413.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>हर साल एक बेहद खास प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सुदूर इलाकों में छिपे छोटे कारीगरों और व्यवसायियों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म देना होता है. इस एग्जीबिशन का नाम ‘स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट’ है. इस प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि भारत के कोने-कोने से व्यापारी अपने उत्पादों को लेकर पहुँचते हैं. मुंबई जैसे महानगर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग समय पर लगने वाली यह प्रदर्शनी फिलहाल गोरेगांव के बांगुर नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जा रही है.</p>
<p> </p>
<p>एग्जीबिशन में प्रवेश करते ही सबसे पहले कश्मीर की सुप्रसिद्ध कला के दर्शन होते हैं. यहाँ कश्मीर से आए व्यापारियों ने पश्मीना शॉल, कुर्तियां और साड़ियों का विशाल संग्रह प्रदर्शित किया है. हालाँकि, इन हस्तनिर्मित कपड़ों की कीमत बाजार के सामान्य कपड़ों से काफी अधिक है, जहाँ एक शॉल की कीमत 5000 से 10,000 रुपए तक है. प्रदर्शनी का एक और प्रमुख आकर्षण मध्य प्रदेश के बलराम हैं, जो पीतल (ब्रास) की बेहद बारीक और अनोखी वस्तुएं हाथों से तैयार करते हैं. उनके पास इस कला का दशकों का अनुभव है, जो उनके स्टाल पर सजी मूर्तियों और बर्तनों में साफ झलकता है.</p>
<p><strong>विविधता और खान-पान का मेल</strong><br />प्रदर्शनी को पूरी तरह इंडोर रखा गया है, जिसमें फैब्रिक, लाइफस्टाइल और फैशन बैग्स के 600 से अधिक विकल्प मौजूद हैं. केवल चीनी मिट्टी के उत्पादों को खुले क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लगाया गया है, जहाँ 20 रुपए से लेकर 20,000 रुपए तक के बर्तन और सजावटी सामान उपलब्ध हैं. खान-पान के शौकीनों के लिए भी यहाँ काफी कुछ है. प्रदर्शनी में 30 से अधिक प्रकार के पारंपरिक अचार और महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पापड़ के ढेरों स्टॉल लगे हैं.</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 12:44:32 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>मुंबई : घिबली स्टाइल आर्ट को लेकर साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी</title>
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                        <![CDATA[<p>समेत पूरे देश में मौजूदा समय में लोगों में ट्रेंड हो रही घिबली स्टाइल आर्ट को लेकर महाराष्ट्र साइबर सेल ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है. महाराष्ट्र साइबर द्वारा जारी की गई इस एडवाइजरी में घिबली आर्ट के जरिए भारतीयों का डाटा विदेशियों कंपनियों तक आसानी से पहुंचने और उसका दुरूपयोग होने की आशंका जताई गई है.  </p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39724/ssued-advisory-regarding-mumbai-ghibali-style-art"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download---2025-04-12t122828.800.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> समेत पूरे देश में मौजूदा समय में लोगों में ट्रेंड हो रही घिबली स्टाइल आर्ट को लेकर महाराष्ट्र साइबर सेल ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है. महाराष्ट्र साइबर द्वारा जारी की गई इस एडवाइजरी में घिबली आर्ट के जरिए भारतीयों का डाटा विदेशियों कंपनियों तक आसानी से पहुंचने और उसका दुरूपयोग होने की आशंका जताई गई है.  </p>
<p> </p>
<p>एडवाइजरी में साइबर सेल ने घिबली आर्ट को खतरनाक मानते हुए लोगों से इसका इस्तेमाल न करने और सावधान रहने को कहा है. साइबर सेल के मुताबिक, घिबली आर्ट से ज्यादा रिवर्स घिबली स्टाइल आर्ट खतरनाक है, जिसके जरिये विदेशी कम्पनियां असली इमेज बनाकर बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं.  </p>
<p><strong>सावधानी बरतने की दी जा रही सलाह</strong><br />साइबर सेल ने व्यक्तिगत फोटो अपलोड करने या एआई प्लेटफॉर्म पर फाइल एक्सेस देने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है, इतना ही नहीं, लोगों से अनुमति अनुरोधों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करने, असत्यापित या अनौपचारिक अनुप्रयोगों से बचने और ऐसी सामग्री साझा करने से बचने को कहा है, जिसमें निजी या संवेदनशील जानकारी हो सकती है.  </p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/39724/ssued-advisory-regarding-mumbai-ghibali-style-art</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 12:29:37 +0530</pubDate>
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