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                <title>erupts - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट टाइपिंग टेस्ट पर विवाद अभ्यर्थियों ने लगाया गड़बड़ी का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>छत्रपति संभाजीनगर: बांबे हाई कोर्ट में लिपिक पद के लिए आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कई उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई उम्मीदवारों को बिना गलती के असफल घोषित कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि टेस्ट के दौरान कंप्यूटर, सर्वर और कीबोर्ड से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, जिससे उनकी टाइपिंग प्रभावित हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51418/controversy-over-mumbai-bombay-high-court-typing-test-candidates-allege"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-17t112837.184.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>बांबे हाई कोर्ट में लिपिक पद के लिए आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कई उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई उम्मीदवारों को बिना गलती के असफल घोषित कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि टेस्ट के दौरान कंप्यूटर, सर्वर और कीबोर्ड से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, जिससे उनकी टाइपिंग प्रभावित हुई।</p>
<p> </p>
<p>कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान स्क्रीन में खराबी आई और कई सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहे थे।परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था का आरोप उम्मीदवारों के मुताबिक सुबह के सत्र में कई परीक्षार्थियों को तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ ने सर्वर रिस्पॉन्स नहीं करने और कंप्यूटर सिस्टम में दिक्कत की शिकायत की। इसके बाद परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ जुट गई और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में हुई तकनीकी गड़बड़ी का असर उनके प्रदर्शन पर पड़ा है, इसलिए सभी प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा मौका दिया जाना चाहिए।</p>
<p>अभिजीत दीपके भी पहुंचे प्रदर्शन में उम्मीदवारों के प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके भी शामिल हुए। उन्होंने प्रभावित अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया। दीपके ने आरोप लगाया कि कई उम्मीदवारों को बिना किसी गलती के फेल कर दिया गया है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वह उनके साथ खड़े रहेंगे। दोबारा परीक्षा की मांग प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि तकनीकी समस्याओं से प्रभावित सभी उम्मीदवारों के लिए फिर से टाइपिंग टेस्ट आयोजित किया जाए। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि किसी भी उम्मीदवार के भविष्य पर असर न पड़े। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 11:29:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: एमपीएससी के पेपर लीक मामले पर सियासी संग्राम, हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के कथित पेपर लीक मामले पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विवाद बढ़ गया। औसा विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। विधायक अभिमन्यु पवार का आरोप है कि पेपर लीक मामले से उनका कोई संबंध नहीं होने के बावजूद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन पर संदेह पैदा करने और उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। इसी शिकायत के आधार पर औसा पुलिस ने हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले से प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51051/case-registered-against-political-leader-harshvardhan-sapkal-on-mumbai-mpsc"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/sapkal-77777_v_jpg--442x260-4g.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के कथित पेपर लीक मामले पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विवाद बढ़ गया। औसा विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। विधायक अभिमन्यु पवार का आरोप है कि पेपर लीक मामले से उनका कोई संबंध नहीं होने के बावजूद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन पर संदेह पैदा करने और उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। इसी शिकायत के आधार पर औसा पुलिस ने हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले से प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।</p>
<p> </p>
<p>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा था, "क्या एमपीएससी पेपर लीक केस के मास्टरमाइंड देवेंद्र फडणवीस हैं? सूत्रों का कहना है कि एमपीएससी (फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर रिक्रूटमेंट) पेपर लीक के तार अब पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफिस तक पहुंच गए हैं। खास तौर पर, चर्चा है कि इस मामले में शक मुख्यमंत्री के पूर्व पीए और अब भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार की ओर जा रहा है।"</p>
<p>हर्षवर्धन सपकाल ने 'एक्स' पर किए पोस्ट में आगे लिखा था, "फडणवीस के मुख्यमंत्री रहने के दौरान, 2017-18 के मेगा रिक्रूटमेंट पोर्टल स्कैम के साथ-साथ तलाठी रिक्रूटमेंट - 2023; एमएचएडीए; पुलिस रिक्रूटमेंट; फॉरेस्ट डिपार्टमेंट रिक्रूटमेंट; सॉइल एंड वॉटर कंजर्वेशन डिपार्टमेंट रिक्रूटमेंट और उनके नेतृत्व में हुए मौजूदा फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर रिक्रूटमेंट स्कैम केस की निष्पक्ष जांच की तुरंत जरूरत है। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक राज्य में लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को राख में मिलाने वालों और उनके भविष्य के साथ क्रूर खेल खेलने वालों का पर्दाफाश नहीं हो जाता।"</p>
<p>सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट में हर्षवर्धन सपकाल ने लिखा था, "भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र का व्यवसायीकरण किया, औद्योगिक क्षेत्र को बर्बाद किया और युवाओं के सपनों को राख में मिला दिया। उन्होंने लिखा था, "भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक का ग्रहण लग गया है। नीट, टीईटी और अब एमपीएससी, जो सरकार बार-बार छात्रों की मेहनत पर पानी फेरती है, उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।" हर्षवर्धन सपकाल ने 'एक्स' पर एक और पोस्ट में लिखा था, "पेपर लीक, भर्ती घोटाले, ग्रेडिंग में गड़बड़ी और सबूत सामने आने के बाद भी सरकार चुप है। यह चुप्पी शक को और भी गहरा करती है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51051/case-registered-against-political-leader-harshvardhan-sapkal-on-mumbai-mpsc</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:14:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के पुत्र, एनसीपी सांसद पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद इसलिए उपजा है, क्योंकि वीएसआर वेंचर्स वही चार्टर कंपनी है जो 28 जनवरी को हुए उस दुखद विमान हादसे में शामिल थी, जिसमें उनके पिता उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49575/controversy-after-parth-pawar-travels-to-pune-in-private-jet"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(60).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के पुत्र, एनसीपी सांसद पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद इसलिए उपजा है, क्योंकि वीएसआर वेंचर्स वही चार्टर कंपनी है जो 28 जनवरी को हुए उस दुखद विमान हादसे में शामिल थी, जिसमें उनके पिता उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी। पार्थ पवार की वीएसआर वेंचर्स के जेट में यात्रा उनके चचेरे भाई और एनसीपी एसपी विधायक रोहित पवार के निजी जेट कंपनी पर गंभीर आरोप लगाने और सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन को उजागर करने के कुछ घंटों बाद हुई। हालांकि, पार्थ पवार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक स्तर की गलती थी और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। पार्थ पवार ने कहा कि वह संबंधित उड़ान बुक करने वाले एजेंट के साथ हुए समझौते को तुरंत रद्द कर रहे </p>
<p> </p>
<p><strong><em>पार्थ पवार ने क्या कहा</em></strong><br />पार्थ पवार ने कहा कि शरद पवार साहब से मिलने के लिए पुणे के मोदी बाग पहुंचने की तत्काल आवश्यकता के कारण उन्होंने अपने कार्यालय को एक उड़ान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में की गई व्यवस्थाओं के कारण, अनजाने में उनके लिए वीएसआर एविएशन की उड़ान बुक कर दी गई थी और उन्हें हवाई अड्डे पहुंचने और विमान में सवार होने तक इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि यह वीएसआर एविएशन की उड़ान है। उन्होंने कहा कि यह महज प्रशासनिक स्तर की गलती थी और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने आगे कहा कि वे संबंधित उड़ान बुक करने वाले एजेंट के साथ हुए समझौते को तुरंत रद्द कर रहे हैं। <br />उन्होंने कहा कि उनके कर्मचारियों और सहकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिक सतर्क रहें ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। वीएसआर एविएशन के प्रति उनका पहले वाला रुख आज भी वही है और उनका कड़ा विरोध है और यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है वह पूरी तरह निराधार, भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण है और वास्तविक स्थिति को समझे बिना इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।<br />रोहित पवार के सवाल<br />इससे पहले, रोहित पवार ने वीएसआर वेंचर्स पर निशाना साधते हुए कहा था कि दुर्घटना वाले दिन बारामती हवाई अड्डे पर दृश्यता कथित तौर पर आवश्यक 3 किमी से कम थी। मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर की चेतावनियों के बावजूद आरोप है कि कंपनी के मालिक ने चालक दल पर उड़ान भरने के लिए दबाव डाला। उन्होंने आगे कहा कि 25 अप्रैल, 2026 को वीएसआर लेयरजेट से जुड़ी एक और घटना हुई थी। दुबई जा रही (वीटी-वीआरआर) विमान फ्लैप में खराबी के कारण उड़ान भरने में विफल रही। इससे खस्ताहाल और खतरनाक विमानों के संचालन का पुराना पैटर्न और पुष्ट होता है।</p>
<p>रोहित पवार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान विमानन कंपनियों को सरकार द्वारा किए गए भुगतानों में भारी वृद्धि की ओर इशारा किया, जो कुल मिलाकर 210 करोड़ रुपये से अधिक थे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिलाया कि दुर्घटना के ठीक तीन दिन बाद (27-29 जनवरी) वीएसआर वेंचर्स को 145 करोड़ रुपये जारी किए गए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:37:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : केईएम हॉस्पिटल का नाम बदलने पर विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49523/controversy-over-changing-the-name-of-mumbai-kem-hospital"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t174139.558.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>किशोरी पेडनेकर ने संभाला मोर्चा</strong><br />सोमवार को बीएमसी में नेता विपक्षा और शिवसेना की पार्षद किशोरी पेडनेकर डॉक्टरों से मिलने पहुंचीं। उनके साथ यूबीटी के विधायक अजय चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों ने हॉस्पिटल की डीन डॉ. संगीता रावत से मुलाकात की। मुंबई की मेयर रह चुकीं किशोर पेडनेकर से जब जब उनसे पूछा गया कि कहा कि शिवसेना ने 1995 में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई कर दिया था, लेकिन अब वे शहर के मशहूर किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल करने का विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि क्यों बदलना है नाम। बॉम्बे से मुंबई करने में सभी सहमति थी। शिवसेना UBT के नेताओं ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे विरासत को मिटाने की कोशिश बताया है, जबकि प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि यह आधुनिक समय में भारत की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को दर्शाता है।</p>
<p><strong>कैसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद?</strong><br />यह विवाद महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा बृहन्मुंबई नगर निगम को लिखे गए एक पत्र के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अस्पताल का नाम बदलकर 'कौशल्या एकलव्य मेमोरियल अस्पताल' रखने की सिफारिश की थी। स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भंडिरगे को संबोधित अपने 25 मार्च के पत्र में, लोढ़ा ने कहा कि भारत अपनी स्वदेशी विरासत को वापस पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई सार्वजनिक संस्थानों के नाम अभी भी औपनिवेशिक काल के हैं, जिन्हें उन्होंने विदेशी शासन के तहत देश के अतीत की याद दिलाने वाला बताया। लाेढ़ा की सिफारिश के बाद विरासत बनाम पहचान की बहस छिड़ गई है।</p>
<p><strong>विरोधियों की क्या है दलील</strong><br />नाम बदलने का विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे नामों को बदलने से इतिहास को संरक्षित करने के बजाय उसे मिटाने का खतरा पैदा हो जाता है। कई नागरिकों के लिए, केईएम अस्पताल सिर्फ एक नाम से कहीं ज्यादा है। यह मुंबई में दशकों के भरोसे, सेवा और चिकित्सा देखभाल का प्रतीक है। हॉस्पिटल का नाम बदलने का फैसला बीएमसी को लेना है। अब देखना है कि बीएमसी क्या निर्णय लेती है।</p>
<p><strong>केईएम ने पूरे किए हैं 100 साल</strong><br />मुंबई का प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल 22 जनवरी 1926 को स्थापित किया गया था। यह अस्पताल बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा संचालित किया जाता है और इसके साथ ही सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज भी चलता है। यह एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है जो मुख्य रूप से गरीब मरीजों को कम लागत में इलाज प्रदान करता है। यह मुंबई के परेल में स्थित है। 2026 में केईएम ने अपने 100 पूरे किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49523/controversy-over-changing-the-name-of-mumbai-kem-hospital</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:43:02 +0530</pubDate>
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