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                <title>New Delh - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने खदानों में कोयले की खोज में निजी कंपनियों को दी एंट्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्र सरकार ने खदानों में कोयले की खोज में निजी कंपनियों को एंट्री दे दी है। इस पहल का उद्देश्य कोयला खदानों के संचालन में तेजी लाना और उत्पादन को बढ़ाना है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई। कोयला मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 की उप-धारा (1) के दूसरे प्रावधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय गुणवत्ता परिषद-राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त निजी संस्थाओं को 26 नवंबर 2025 को मान्यता प्राप्त पूर्वेक्षण एजेंसियों के रूप में अधिसूचित किया गया है।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45835/new-delhi-central-government-gave-entry-to-private-companies-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-28t174429.677.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>केंद्र सरकार ने खदानों में कोयले की खोज में निजी कंपनियों को एंट्री दे दी है। इस पहल का उद्देश्य कोयला खदानों के संचालन में तेजी लाना और उत्पादन को बढ़ाना है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई। कोयला मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 की उप-धारा (1) के दूसरे प्रावधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय गुणवत्ता परिषद-राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त निजी संस्थाओं को 26 नवंबर 2025 को मान्यता प्राप्त पूर्वेक्षण एजेंसियों के रूप में अधिसूचित किया गया है।"</p>
<p> </p>
<p>सरकार ने कहा कि इससे कोयला और लिग्नाइट की खोज के लिए 18 और एजेंसियां जुड़ जाएंगी, जिससे कोयला ब्लॉक आवंटियों को कोयला और लिग्नाइट की खोज के लिए इन एजेंसियों को नियुक्त करने में अधिक विकल्प मिलेगा। कोयला खदान के संचालन के लिए भूगर्भीय रिपोर्ट का अन्वेषण और तैयारी एक शर्त है। इन अन्वेषण एजेंसियों के जुड़ने से लगभग 6 महीने का समय बचेगा, जो पहले एजेंसी द्वारा लाइसेंस प्राप्त करने में लगता था। अधिकृत संभावित एजेंसियों के समूह का विस्तार करके, सरकार निजी क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग करके और अन्वेषण में दक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता और इनोवेशन को बढ़ावा देना चाहती है।</p>
<p>कोयला मंत्रालय के मुताबिक,इस कदम से अन्वेषण की गति में काफी तेजी आएगी और खनन को जल्दी बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे संसाधन विकास में तेजी आएगी और देश के लिए कोयला और लिग्नाइट की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। मंत्रालय ने बयान में आगे कहा, "भारत सरकार एक पारदर्शी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार खनिज अन्वेषण ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है जो राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा और आर्थिक विकास को गति देगा।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 17:45:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>नई दिल्ली : आधार डेटाबेस; राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान के तहत 2 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड नंबर डिएक्टिवेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की ओर से बुधवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार डेटाबेस की निरंतर सटीकता बनाए रखने के लिए राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान के तहत 2 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45787/new-delhi-aadhaar-card-numbers-of-more-than-2-crore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-26t181046.263.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की ओर से बुधवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार डेटाबेस की निरंतर सटीकता बनाए रखने के लिए राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान के तहत 2 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि किसी भी व्यक्ति को पहले असाइन किया गया आधार नंबर दूसरे व्यक्ति को रि-असाइन नहीं किया जाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में यह बेहद जरूरी है कि मृत आधार धारक का आधार नंबर डिएक्टिवेट कर दिया जाए। ऐसा करना जरूरी है ताकि मृत व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल किसी भी फ्रॉड गतिविधी या अनाधिकृत तरीके से न हो सके। </p>
<p> </p>
<p>इसके अलावा, यूआईडीएआई ने इस वर्ष की शुरुआत में एक नई सुविधा भी लॉन्च की है, जिसके तहत मृत आधार कार्ड धारक की सूचना परिवार के सदस्यों की ओर से दी जा सकती है। यह सुविधा वर्तमान में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मृत आधार कार्ड धारकों के परिवारों को मिल चुकी है। वे इसके लिए मायआधार पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पोर्टल के साथ इंटीग्रेशन प्रक्रिया पर अभी काम चल रहा है।</p>
<p>मंत्रालय का कहना है कि मृत आधार कार्ड धारक के सदस्य को खुद को प्रमाणित करने के बाद, पोर्टल पर आधार नंबर, डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर और मृत व्यक्ति की डेमोग्राफिक डिटेल्स को पोर्टल पर सबमिट करनी होगी। परिवार के सदस्य द्वारा प्रदान की गई जानकारियों के सत्यापन की उचित प्रक्रिया के बाद मृत व्यक्ति के आधार नंबर को डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यूआईडीएआई आधार कार्ड धारकों को उनके परिवार के किसी आधार कार्ड धारक सदस्य की मृत्यु की जानकारी मायआधार पोर्टल पर रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। मृत आधार कार्ड धारक के सदस्य डेथ सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद इसकी जानकारी पोर्टल पर दे सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 18:11:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली: जब भी लोकसभा सदन में कुछ बोलने के लिए खड़े होते हैं तो बोलने नहीं दिया जाता - राहुल गांधी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>संसद भवन के बाहर राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए ये कहा है कि जब भी वह लोकसभा सदन में कुछ बोलने के लिए खड़े होते हैं तो उनको बोलने नहीं दिया जाता है। राहुल गांधी ने ये बात इसलिए कही, क्योंकि जब वह सदन में बोलने के लिए खड़े हुए तो उनके बोलने से पहले कार्यवाही को ही स्थगित कर दिया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39296/new-delhi--whenever-there-is-something-to-talk-about-in-the-lok-sabha--it-is-not-given-to-talk---rahul-gandhi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/images---2025-03-26t163905.657.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> संसद भवन के बाहर राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए ये कहा है कि जब भी वह लोकसभा सदन में कुछ बोलने के लिए खड़े होते हैं तो उनको बोलने नहीं दिया जाता है। राहुल गांधी ने ये बात इसलिए कही, क्योंकि जब वह सदन में बोलने के लिए खड़े हुए तो उनके बोलने से पहले कार्यवाही को ही स्थगित कर दिया गया। हुआ कुछ यूं था कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नेता विपक्ष राहुल गांधी को सदन के नियमों का पालन करने की नसीहत दी थी। राहुल गांधी इस पर कुछ बोलना चाह रहे थे, लेकिन सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी अपनी बात नहीं बोल पाए थे। इसके बाद बाहर आ कर राहुल ने मीडिया से कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता।</p>
<p> </p>
<p><strong>सदन की गरिमा का पालन करें</strong><br />पिछले कुछ वक्त के दौरान जिस तरह से सदन में वह प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं और बीच-बीच में टिप्पणियां कर रहे हैं, उसको लेकर ओम बिरला ने यह बात कही थी। इससे पहले स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करें, ऐसी कुछ घटनाएं आई है जो कि सदन के लिहाज से ठीक नहीं थी, लिहाजा सदन की गरिमा का पालन करें।</p>
<p><strong>ओम बिरला ने क्या कहा था?</strong><br />बता दें कि लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि आप सभी से अपेक्षा की जाती है कि आप सदन में सदन की मर्यादा और शालीनता की उच्च मानदंडों को बनाए रखें। सदन में मेरे संज्ञान में ऐसी कई घटना है, यह सदस्य और उनके आचरण, सदन की उच्च परंपरा के अनुरूप नहीं हैं। इस सदन में पिता पुत्री, मां-बेटी और पति पत्नी सदस्य रहे हैं। इस परिपेक्ष में मेरी नेता प्रतिपक्ष से यह अपेक्षा है की लोकसभा प्रक्रिया का 349 के तहत सदन में आचरण और व्यवहार करें। सदन में नेता प्रतिपक्ष से विशेष रूप अपेक्षा की जाती है कि वह ऐसा आचरण रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 16:40:38 +0530</pubDate>
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