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                <title>Forms - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Forms RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र के 12 जिलों में SIR के तहत मतदाताओं को 100% गणना प्रपत्र वितरित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन यानी SIR की प्रक्रिया के तहत गणना प्रपत्रों के वितरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी  के कार्यालय ने शनिवार को बताया कि राज्य के 12 जिलों ने मतदाता-विशिष्ट गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत वितरण पूरा कर लिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51240/100-counting-forms-distributed-to-voters-under-sir-in-12"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/_jai9770.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन यानी SIR की प्रक्रिया के तहत गणना प्रपत्रों के वितरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी  के कार्यालय ने शनिवार को बताया कि राज्य के 12 जिलों ने मतदाता-विशिष्ट गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत वितरण पूरा कर लिया है। जिन जिलों में गणना प्रपत्रों का पूरा वितरण किया जा चुका है, उनमें जलगांव, बुलढाणा, वर्धा, गढ़चिरौली, चंद्रपुर, यवतमाल, हिंगोली, परभणी, अहमदनगर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और कोल्हापुर शामिल हैं। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के तहत चल रहे गणना चरण में महत्वपूर्ण मानी जा रही</p>
<p> </p>
<p>मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत मतदाताओं से संबंधित विवरणों की दोबारा जांच और सत्यापन किया जा रहा है। गणना प्रपत्र इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा हैं, जिनके माध्यम से मतदाताओं से आवश्यक जानकारी जुटाई जाती है। निर्वाचन अधिकारियों और बूथ स्तर के कर्मचारियों द्वारा मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा रहे हैं। इसके बाद प्राप्त जानकारी का सत्यापन कर मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</p>
<p>12 जिलों में पूरा हुआ वितरण मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, जलगांव और बुलढाणा सहित 12 जिलों में सभी संबंधित मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है। इन जिलों की सूची में शामिल हैं: जलगांव बुलढाणा वर्धा गढ़चिरौली चंद्रपुर यवतमाल हिंगोली परभणी अहमदनगर रत्नागिरी सिंधुदुर्ग कोल्हापुर इन जिलों में 100 प्रतिशत वितरण पूरा होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया में प्राप्त प्रपत्रों की जांच और मतदाता विवरण के सत्यापन पर जोर रहेगा।</p>
<p>ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी पहुंच महाराष्ट्र के कई जिलों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूरदराज के इलाके हैं। गढ़चिरौली, चंद्रपुर, यवतमाल, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे जिलों में भौगोलिक परिस्थितियां कई स्थानों पर चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। इसके बावजूद इन जिलों में 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण पूरा होना निर्वाचन मशीनरी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि बूथ स्तर पर मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए प्रशासनिक तंत्र सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आगे सत्यापन की प्रक्रिया गणना प्रपत्रों के वितरण के बाद अगला चरण मतदाताओं से प्राप्त जानकारी की जांच और सत्यापन का होगा। निर्वाचन कर्मचारी यह सुनिश्चित करेंगे कि दर्ज जानकारी उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल खाती है और मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किए जा सकें। जहां मतदाताओं के विवरण में किसी तरह की विसंगति सामने आएगी, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और गलत प्रविष्टियों को सुधारने पर भी ध्यान दिया जाएगा। पारदर्शी मतदाता सूची पर जोर मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा है।</p>
<p>एक अद्यतन मतदाता सूची यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि पात्र नागरिक मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। वहीं, निर्वाचन अधिकारियों के सामने यह चुनौती भी रहती है कि संशोधन की प्रक्रिया के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से न हटे और सभी जरूरी सत्यापन निष्पक्ष तरीके से पूरे हों। अन्य जिलों में भी प्रक्रिया जारी 12 जिलों में 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण पूरा होने के बाद अब राज्य के बाकी जिलों में भी प्रक्रिया जारी है। निर्वाचन कार्यालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को गणना चरण को निर्धारित समय में पूरा करने और मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, SIR की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की निगरानी की जा रही है। बूथ स्तर से मिलने वाली जानकारी को संकलित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन की यह प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 12 जिलों में 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण पूरा होने के बाद अब नजर अगले चरण यानी प्राप्त विवरण के सत्यापन और मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51240/100-counting-forms-distributed-to-voters-under-sir-in-12</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 14:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : नॉमिनेशन फॉर्म और एफिडेविट मराठी भाषा में जमा करना ज़रूरी; कांग्रेस ने अंग्रेजी में स्वीकार करने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी चुनाव के कई उम्मीदवारों ने चुनाव विभाग के उस फैसले पर आपत्ति जताई है जिसमें नॉमिनेशन फॉर्म और एफिडेविट मराठी भाषा में जमा करना ज़रूरी कर दिया गया है। यह फैसला 2017 के बीएमसी चुनाव और 2024 के राज्य विधानसभा चुनाव के उलट है, जब उम्मीदवारों के पास इंग्लिश या मराठी में एफिडेविट जमा करने का ऑप्शन था। पॉलिटिकल पार्टियों के प्रतिनिधियों ने इंग्लिश फॉर्मेट जारी करने की मांग करते हुए बुधवार सुबह राज्य चुनाव आयोग के साथ मीटिंग तय की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46436/mumbai-it-is-necessary-to-submit-nomination-form-and-affidavit"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-24t115445.508.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी चुनाव के कई उम्मीदवारों ने चुनाव विभाग के उस फैसले पर आपत्ति जताई है जिसमें नॉमिनेशन फॉर्म और एफिडेविट मराठी भाषा में जमा करना ज़रूरी कर दिया गया है। यह फैसला 2017 के बीएमसी चुनाव और 2024 के राज्य विधानसभा चुनाव के उलट है, जब उम्मीदवारों के पास इंग्लिश या मराठी में एफिडेविट जमा करने का ऑप्शन था। पॉलिटिकल पार्टियों के प्रतिनिधियों ने इंग्लिश फॉर्मेट जारी करने की मांग करते हुए बुधवार सुबह राज्य चुनाव आयोग के साथ मीटिंग तय की है।</p>
<p> </p>
<p>इस समय, कांग्रेस 2012 के एसईसी सर्कुलर का पालन करने की मांग कर रही है, जिसमें उम्मीदवारों को मराठी या इंग्लिश भाषा में एफिडेविट जमा करने की इजाज़त दी गई थी, वहीं सत्ताधारी शिवसेना लोकल बॉडी चुनाव के लिए सिर्फ़ मराठी फॉर्मेट पर अड़ी हुई है। राज्य चुनाव कमिश्नर दिनेश वाघमारे ने कहा, "फॉर्मेट सिर्फ़ मराठी में जारी किए गए हैं क्योंकि यह लोकल बॉडी चुनाव है। बुधवार को पॉलिटिकल पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग तय है। अगर इंग्लिश फॉर्मेट जारी करने की मांग की जाती है, तो उसी हिसाब से फैसला लिया जाएगा।"</p>
<p>बीएमसी चुनाव के लिए नॉमिनेशन मंगलवार, 23 दिसंबर से शुरू हो गए हैं और 30 दिसंबर तक चलेंगे। रिटर्निंग ऑफिसर के पास ऑफलाइन जमा करना होगा। नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख 2 जनवरी होगी, और उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट 3 जनवरी को जारी की जाएगी। सोमवार को बीएमसी कमिश्नर और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर भूषण गगरानी की पॉलिटिकल पार्टियों के रिप्रेजेंटेटिव के साथ हुई मीटिंग में नॉमिनेशन फाइल करने का प्रोसेस समझाया गया, जिसमें यह साफ किया गया कि फॉर्म और एफिडेविट मराठी में जमा करने होंगे। बीएमसी इलेक्शन डिपार्टमेंट के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा, "रिटर्निंग ऑफिसर सिर्फ मराठी में फॉर्म एक्सेप्ट करेंगे क्योंकि एसईसी ने सिर्फ एक भाषा में फॉर्मेट जारी किया है। यह कमीशन का फैसला है।" </p>
<p>कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी, संदेश कोंडविलकर ने कहा, "मैंने सोमवार को हुई जॉइंट मीटिंग में बीएमसी कमिश्नर के सामने यह मुद्दा उठाया था। मैंने एसईसी सेक्रेटरी सुरेश काकानी और बीएमसी के जॉइंट कमिश्नर वी शंकरवार को भी लिखा है कि क्या सिर्फ मराठी में एफिडेविट एक्सेप्ट करने के कोई रिटन ऑर्डर हैं। आरओ ऑफिस में कन्फ्यूजन है क्योंकि कुछ लोग इंग्लिश में एफिडेविट के लिए मान गए हैं।" कोंडविलकर ने कहा, "2012 में एसईसी का एक सर्कुलर जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि उम्मीदवार नॉमिनेशन पेपर और एफिडेविट इंग्लिश या मराठी में जमा कर सकते हैं। 2017 के बीएमसी चुनाव और पिछले असेंबली चुनाव के फॉर्म इंग्लिश में उपलब्ध थे।"</p>
<p>हालांकि, रूलिंग पार्टियां इस बात पर अड़ी हुई हैं कि बीएमसी एडमिनिस्ट्रेशन में मराठी ऑफिशियल भाषा है और उम्मीद है कि कॉर्पोरेटर इस भाषा में कम्फर्टेबल होंगे। शिवसेना की नेशनल स्पोक्सपर्सन शाइना एनसी ने कहा, "यह लोकल बॉडी के चुनाव हैं। उम्मीदवारों को लोकल भाषा आनी चाहिए। कॉर्पोरेटर लोगों के लोकल मुद्दों को सुलझाने के लिए लोकल बॉडी एडमिनिस्ट्रेशन के साथ काम करते हैं। एफिडेविट सिर्फ मराठी में होने चाहिए।" नॉमिनेशन पेपर के अलावा, उम्मीदवारों ने एफिडेविट भी जमा किया - क्रिमिनल बैकग्राउंड का डिक्लेरेशन, चल और अचल संपत्ति का डिटेल्स। उम्मीदवारों ने 100 से 500 शब्दों का डिक्लेरेशन भी जमा किया कि वे जिस वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां वे क्या काम करना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी के मुंबई के वर्किंग प्रेसिडेंट और बीएमसी चुनाव के उम्मीदवार रूबेन मस्कारेनहास ने कहा, "लोकल बॉडी लैंग्वेज का नियम 2017 के चुनाव में क्यों लागू नहीं हुआ? राज्य सरकार की एडमिनिस्ट्रेटिव भाषा भी मराठी है, लेकिन पिछले साल इंग्लिश एफिडेविट एक्सेप्ट किए गए थे। मराठी और इंग्लिश दोनों ऑफिशियल भाषाएं हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 11:55:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : तेजी से बढ़ रही है एसआईआर प्रक्रिया; अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं की संख्या का 99.43 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि लगभग हर मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म मिल चुका है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45837/new-delhi-sir-process-is-growing-rapidly-till-now-377715220"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/10018_15_11_2025_16_44_2_5_sir_help_desk_05.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>देश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं की संख्या का 99.43 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि लगभग हर मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म मिल चुका है।</p>
<p> </p>
<p>यह अभियान 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहा है और अभी करीब एक सप्ताह शेष है यानी मतदाता अपने फॉर्म आसानी से जमा कर सकते हैं ताकि उनकी जानकारी सही तरीके से मतदाता सूची में अपडेट हो सके। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विवरण के अनुसार अंडमान-निकोबार में 99.99 प्रतिशत से अधिक वितरण के साथ लगभग 76.28 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 99.51 प्रतिशत फॉर्म वितरण के साथ 77.80 प्रतिशत फॉर्म को डिजिटाइज किया जा चुका है।</p>
<p>गुजरात ने 99.80 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 81.58 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हासिल किया है। मध्य प्रदेश में डिजिटाइजेशन 86.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गोवा में 92.69 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत और राजस्थान में प्रतिशत फर्म डिजिटाइज हो चुका है। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश में 99.72 प्रतिशत फॉर्म वितरित हो चुके हैं, साथ ही 54.97 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल ने भी 87.91 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है।</p>
<p>यह अभियान 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में समान रूप से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान में 5,32,828 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और 11,40,598 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों से अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करने की अपील भी की है ताकि प्रक्रिया और पारदर्शी बने। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपने फॉर्म जमा कर दें ताकि आगामी मतदाता सूची में उनकी सभी जानकारियां सही-सही दर्ज हो सकें। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह चरण अब अपने निर्णायक दौर में है और आयोग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डिजिटाइजेशन का आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 17:48:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए नया नोटिफिकेशन; 1 अप्रैल से भरना होगा फॉर्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी कर दी। योजना के तहत सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों में मिले औसत मूल वेतन की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रविधान है। यह अधिसूचना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा 24 जनवरी, 2025 को जारी यूपीएस अधिसूचना का अनुसरण करती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39145/new-delhi--new-notification-for-central-government-employees--forms-will-have-to-be-filled-from-april-1"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/images---2025-03-20t200836.937.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली: </strong>पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी कर दी। योजना के तहत सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों में मिले औसत मूल वेतन की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रविधान है। यह अधिसूचना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा 24 जनवरी, 2025 को जारी यूपीएस अधिसूचना का अनुसरण करती है।</div>
<div> </div>
<div>पीएफआरडीए ने बयान में कहा कि यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएंगे। ये नियम एक अप्रैल, 2025 तक सेवा में मौजूदा केंद्र सरकार के एनपीएस में आने वाले कर्मचारी और केंद्र सरकार की सेवाओं में अप्रैल, 2025 को या उसके बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों समेत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के नामांकन को सक्षम करते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की इन सभी श्रेणियों के लिए नामांकन और दावा फार्म एक अप्रैल, 2025 से प्रोटीन सीआरए की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।</div>
<div> </div>
<div>कर्मचारियों के पास फार्म को भौतिक रूप से जमा करने का विकल्प भी है। अधिसूचना के मुताबिक, कर्मचारी को सेवा से हटाए जाने या बर्खास्त किए जाने या इस्तीफे के मामले में यूपीएस या सुनिश्चित भुगतान विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्ण सुनिश्चित भुगतान की दर 25 वर्षों की न्यूनतम योग्यता सेवा के अधीन और सेवानिवृत्ति से तुरंत पहले 12 मासिक औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत होगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>यूपीएस और एनपीएस चुनने का मिलेगा विकल्प</strong></div>
<div>अधिसूचना से 23 लाख सरकारी कर्मचारियों को यूपीएस और एनपीएस के बीच चयन करने का विकल्प मिलेगा। एनपीएस एक जनवरी, 2004 को लागू हुआ था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 अगस्त, 2024 को यूपीएस लाने को मंजूरी दी थी। जनवरी, 2004 से पहले प्रभावी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत कर्मचारियों को उनके कार्यकाल के अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता था।</div>
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<div>ओपीएस के उलट यूपीएस अंशदायी प्रकृति की है। इसमें कर्मचारियों को अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत योगदान करना होगा, जबकि नियोक्ता (केंद्र सरकार) का योगदान 18.5 प्रतिशत होगा। हालांकि, अंतिम भुगतान उस कोष पर मिलने वाले बाजार रिटर्न पर निर्भर करता है, जिसे ज्यादातर सरकारी बॉन्ड में निवेश किया जाता है।</div>
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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 20:09:37 +0530</pubDate>
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