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                            <item>
                <title>मुंबई : बिगड़ते एयर पॉल्यूशन की तरफ आंखें मूंद लेने और इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए कोई असरदार कदम न उठाने के लिए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को फटकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को शहर में बिगड़ते एयर पॉल्यूशन की तरफ आंखें मूंद लेने और इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए कोई असरदार कदम न उठाने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने सिविक बॉडी को चेतावनी दी कि अगर हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह कंस्ट्रक्शन के लिए आगे कोई भी परमिशन देने से रोकने के लिए ऑर्डर पास करेगी।कोर्ट 2023 में खुद से शुरू की गई एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन और हाल ही में एयर क्वालिटी इंडेक्स में काफी गिरावट के बाद फाइल किए गए कई इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46456/brihanmumbai-municipal-corporation-reprimanded-for-turning-a-blind-eye-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-25t141740.823.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को शहर में बिगड़ते एयर पॉल्यूशन की तरफ आंखें मूंद लेने और इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए कोई असरदार कदम न उठाने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने सिविक बॉडी को चेतावनी दी कि अगर हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह कंस्ट्रक्शन के लिए आगे कोई भी परमिशन देने से रोकने के लिए ऑर्डर पास करेगी।कोर्ट 2023 में खुद से शुरू की गई एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन और हाल ही में एयर क्वालिटी इंडेक्स में काफी गिरावट के बाद फाइल किए गए कई इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रहा था। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच ने पूछा कि सिविक बॉडी ने मुंबई जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा के 125 से ज़्यादा कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स को कैसे मंज़ूरी दी।<br />जजों ने पूछा, "इतने छोटे शहर में ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा के 125 प्रोजेक्ट्स को कैसे मंज़ूरी दी जा सकती है, यह बहुत ज़्यादा है।</p>
<p> </p>
<p>अब हालात आपके कंट्रोल से बाहर हो गए हैं। अब आप चीज़ों को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं।"कोर्ट 2023 में खुद से शुरू की गई एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन और हाल ही में एयर क्वालिटी इंडेक्स में भारी गिरावट के बाद फाइल की गई कई इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रहा था। यह ऑब्ज़र्वेशन तब आया जब एमिकस क्यूरी डेरियस खंबाटा ने बताया कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के उपाय ज़्यादातर रिएक्शनरी थे, सुधार के लिए नहीं।जजों ने कहा कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन “कुछ नहीं कर रही है” और यहां तक ​​कि कम से कम ज़रूरतें भी पूरी नहीं की गईं और एयर पॉल्यूशन को कम करने के उपायों को लागू करने के लिए कुछ भी नहीं था।जजों ने अपनी बनाई पांच मेंबर वाली कमेटी की तरफ से कोई एक्शन न लेने पर कहा, “बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बिल्कुल काम नहीं कर रही है।</p>
<p>कोई मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। उसने इस मुद्दे पर आंखें मूंद ली हैं।”जजों से यह नोट करने के लिए कहा गया कि एयर पॉल्यूशन फैलाने वाली साइट्स के खिलाफ सही एक्शन लेने के बड़े अधिकार होने के बावजूद, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने शो-कॉज नोटिस जारी करने के अलावा कुछ नहीं किया। बेंच ने यह भी नोट किया कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कई स्पेशल स्क्वॉड कंस्ट्रक्शन साइट्स पर इंस्पेक्शन नहीं कर रहे थे, क्योंकि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से पेश सीनियर वकील एसयू कामदार ने कोर्ट को बताया कि मंगलवार को सिविक स्क्वॉड ने 39 साइट्स का इंस्पेक्शन किया था। कामदार ने कहा कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 91 स्क्वॉड में से ज़्यादातर सिविक अधिकारियों को इलेक्शन ड्यूटी के लिए बुलाया गया था और इसलिए वे ज़्यादा साइट्स को कवर नहीं कर पाए।</p>
<p>हालांकि, जजों ने कहा कि इलेक्शन ड्यूटी कोई बहाना नहीं हो सकता, और सिविक बॉडी हमेशा संबंधित अधिकारियों के लिए छूट मांगने के लिए इलेक्शन कमीशन में एप्लीकेशन दे सकती है।जब सीनियर वकील ने दावा किया कि बुधवार को शहर का एक्यूआई 88 था, जिसे संतोषजनक माना जाता है, तो जजों ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि कॉर्पोरेशन काम कर रहा है।जब कोर्ट ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से पूछा कि वह अगले दो हफ़्तों में क्या करने की योजना बना रही है, तो कोर्ट में मौजूद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर भूषण गगरानी ने कहा कि सिविक स्क्वॉड हर दिन कम से कम दो कंस्ट्रक्शन साइट्स का इंस्पेक्शन करेंगे और एयर पॉल्यूशन को कम करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएंगे। कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई 20 जनवरी को तय की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 14:18:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : राज्‍य के वन मंत्री ने फसल नुकसान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देशभर में कई राज्‍यों में बेसहारा और जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आते हैं. इनसे निपटने के लिए राज्‍य अपने स्‍तर पर प्‍लान तो बनाते है, लेकिन किसानों की समस्‍या जस की तस बनी रहती है. अब महाराष्‍ट्र के तटीय इलाके कोंकण में किसान बंदर, लंगूरों और जंगली सूअरों से त्रास खा रहे हैं. ऐसे में राज्‍य के वन मंत्री ने फसल नुकसान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40093/mumbai--state-forest-minister-said-that-effective-steps-will-be-taken-to-prevent-crop-damage"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/images---2025-04-26t104724.414.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देशभर में कई राज्‍यों में बेसहारा और जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आते हैं. इनसे निपटने के लिए राज्‍य अपने स्‍तर पर प्‍लान तो बनाते है, लेकिन किसानों की समस्‍या जस की तस बनी रहती है. अब महाराष्‍ट्र के तटीय इलाके कोंकण में किसान बंदर, लंगूरों और जंगली सूअरों से त्रास खा रहे हैं. ऐसे में राज्‍य के वन मंत्री ने फसल नुकसान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही है. वन मंत्री गणेश नाइक ने  रत्नागिरी जिले के दापोली तालुका में जंगली जानवरों के कारण स्थानीय किसानों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक बैठक की. </p>
<p> </p>
<p><strong>दीर्घकालिक समाधान की जरूरत: वन मंत्री</strong><br />उन्‍होंने कहा कि राज्‍य सरकार कोंकण क्षेत्र में बंदरों और लंगूरों की आबादी को नियंत्रित करने और उनसे होने वाले फसल नुकसान को रोकने के लिए उनकी नसबंदी के लिए केंद्र बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. नाइक के हवाले से एक बयान में कहा गया है कि कोंकण में बंदरों और लंगूरों द्वारा, विशेष रूप से कृषि क्षेत्रों में बढ़ती हुई परेशानियों ने हमें दीर्घकालिक निवारक समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया है. हम वर्तमान में रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में उनकी आबादी को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी केंद्र बनाने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. </p>
<p><strong>मुआवजा देना स्‍थायी समाधान नहीं: नाइक</strong><br />मंत्री ने कहा कि इन जानवरों के कारण होने वाले फसल नुकसान के लिए किसानों को केवल मुआवजा देने का वर्तमान दृष्टिकोण स्थायी समाधान नहीं है. नाइक ने कहा कि हमें भविष्य में इस तरह के नुकसान को रोकने के लिए स्थायी उपाय लागू करने चाहिए. जंगली सूअर, बंदर और लंगूर न केवल दापोली में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि गांवों और यहां तक ​​कि घरों में भी घुसने लगे हैं.  </p>
<p><strong>उपाय लागू करने में नहीं होगी पैसों की कमी</strong><br />उन्होंने कहा कि इस तरह की घुसपैठ स्थानीय किसानों की आजीविका के लिए गंभीर खतरा है. मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि दीर्घकालिक उपायों को लागू करने के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि सरकार कृषि की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और वन्यजीवों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक धन आवंटित करेगी. किसानों को जंगली सूअरों से अपनी फसलों की रक्षा के लिए कानूनी सीमाओं के भीतर बंदूकों का इस्‍तेमाल करने की अनुमति दी जानी चाहिए. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 10:49:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : सांसदों के वेतन और भत्तों में बढ़ोत्तरी; 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन और भत्तों में बढ़ोत्तरी की है। इसके साथ ही पूर्व सांसदों के पेंशन में भी बढ़ोत्तरी हुई है। सबसे खास बात है कि यह बढ़ोत्तरी 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी रहेगी। वेतन और भत्तों में इजाफा के बाद सांसदों को अब 1,24,000 रुपये मिलेंगे। इससे पहले सांसदों को 1 लाख रुपये मिलते थे। वहीं, अब सांसदों का दैनिक भत्ता बढ़ाकर दो हजार से ढाई हजार कर दिया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39243/new-delhi--salary-and-allowances-of-mps-increased--effective-from-1-april-2023"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/centre-parliament-salary-pension.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन और भत्तों में बढ़ोत्तरी की है। इसके साथ ही पूर्व सांसदों के पेंशन में भी बढ़ोत्तरी हुई है। सबसे खास बात है कि यह बढ़ोत्तरी 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी रहेगी। वेतन और भत्तों में इजाफा के बाद सांसदों को अब 1,24,000 रुपये मिलेंगे। इससे पहले सांसदों को 1 लाख रुपये मिलते थे। वहीं, अब सांसदों का दैनिक भत्ता बढ़ाकर दो हजार से ढाई हजार कर दिया गया है। पूर्व सांसदों की पेंशन को 25 हजार से बढ़ाकर 31 हजार कर दिया गया है। बता दें कि ये बढ़ोत्तरी सांसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेशन अधिनियम, 1954 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत की गई है।</p>
<p><strong>अधिसूचना में क्या कहा गया?</strong><br />संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी राजपत्र अधिसूचना में कहा गया कि पांच साल से अधिक की सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए अतिरिक्त पेंशन को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। संसद के चल रहे बजट सत्र के बीच सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन की घोषणा की गई है।<br />मौजूदा और पूर्व सांसदों को दिए जाने वाले वेतन और भत्ते में पहले का संशोधन अप्रैल 2018 में घोषित किया गया था। 2018 में संशोधन में एक सांसद के लिए घोषित आधार वेतन 1,00,000 रुपये प्रति माह था। इस राशि को निर्धारित करने का उद्देश्य उनके वेतन को मुद्रास्फीति की दरों और जीवन यापन की बढ़ती लागत के अनुरूप लाना था।</p>
<p>वहीं, 2018 के संशोधन के अनुसार, सांसदों को अपने कार्यालयों को अद्यतन रखने और अपने संबंधित जिलों में मतदाताओं के साथ बातचीत करने की लागत का भुगतान करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र भत्ते के रूप में 70,000 रुपये का भत्ता मिलता है।</p>
<p><strong>मिलती हैं ये भी सुविधाएं</strong><br />जानकारी दें कि सांसदों को कार्यालय भत्ता के रूप में 60,000 रुपये प्रतिमाह और संसदीय सत्रों के दौरान 2,000 रुपये दैनिक भत्ता मिलता है। अब इन भत्तों में भी बढ़ोत्तरी की जानी है। इसके अलावा सांसदों को फोन और इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए सालाना भत्ता भी मिलता है। सांसद अपने और परिवार के साथ साल भर में कुल 34 फ्री उड़ान भर सकते हैं। इसके साथ ही व्यक्तिगत उपयोग के लिए किसी भी समय प्रथम श्रेणी की ट्रेन यात्रा कर सकते हैं।</p>
<p><strong>मुफ्त बिजली का भी प्रावधान</strong><br />इतना ही नहीं सांसदों को सालाना 50,000 यूनिट मुफ्त बिजली और 4,000 किलोलीटर पानी का लाभ भी मिलता है। सरकार उनके आवास और ठहरने की व्यवस्था भी करती है। अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान सांसदों को नई दिल्ली में किराए-मुक्त आवास प्रदान किया जाता है। उन्हें उनकी वरिष्ठता के आधार पर छात्रावास के कमरे, अपार्टमेंट या बंगले मिल सकते हैं। जो व्यक्ति आधिकारिक आवास का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, वे मासिक आवास भत्ता प्राप्त करने के पात्र हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 18:33:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली: ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी; प्रभावशाली कानून बनाने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कानूनी उपाय करने होंगे। वैष्णव ने युवाओं पर ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी पर गंभीर प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि इस पर अंकुश लगाने में काफी सफलता मिली है, लेकिन इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर मिलकर प्रयास करने होंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39119/new-delhi--online-gambling-and-betting--preparations-underway-to-make-effective-laws"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/download-(12).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली: </strong>केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कानूनी उपाय करने होंगे। वैष्णव ने युवाओं पर ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी पर गंभीर प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि इस पर अंकुश लगाने में काफी सफलता मिली है, लेकिन इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर मिलकर प्रयास करने होंगे।</div>
<div> </div>
<div><strong>सट्टेबाजी के कारण युवा कर रहे आत्महत्या</strong></div>
<div>ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी के विस्तार को लेकर लोकसभा सदस्यों की ओर से चिंता जताई गई। खासकर युवाओं में इसके कारण आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर सदस्यों ने अपनी चिंता व्यक्त की। इसी संदर्भ में वैष्णव ने कहा कि पिछले साल जुए और सट्टेबाजी की 1097 वेबसाइटों को प्रतिबंधित किया गया है। इन गतिविधियों के कारण नियम-कानूनों के उल्लंघन की जो भी शिकायत मिलती है, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाती है।</div>
<div> </div>
<div>वेबसाइटों को ब्लॉक करना इसी का एक हिस्सा है। वैष्णव ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए काम कर रहीं तमाम एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ने से इसे रोकने में एक हद तक सफलता मिली है। कुल मिलाकर एक अच्छा और प्रभावशाली कानूनी ढांचा बनाने की कोशिश की जा रही है। वैष्णव ने कहा कि एक जटिल विषय है। इसमें कई एजेंसियों और पक्षों की भूमिका है। भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 172 के उपखंड एक में इसके दोषी को दो से सात साल तक की जेल की सजा का प्रविधान है। कुछ राज्यों ने इस पर अपने स्तर पर काम शुरू कर दिया है।</div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/39119/new-delhi--online-gambling-and-betting--preparations-underway-to-make-effective-laws</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 21:01:23 +0530</pubDate>
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