<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/26016/-bhayander" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>-Bhayander - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/26016/rss</link>
                <description>-Bhayander RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: मीरा-भाईंदर से वसई-विरार मेट्रो कॉरिडोर को मिली मंजूरी, 5 साल में प्रोजेक्ट होगा पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के बाहर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एमएमआर में मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकारी मंजूरी के बाद मीरा भाईंदर को वसई विरार को मेट्रो से कनेक्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। 17,725 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर से मीरा रोड, वसई, नालासोपारा, नायगांव और विरार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला हुआ है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51444/mumbai-mira-bhayander-to-vasai-virar-metro-corridor-gets-approval-project-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/jfeng4bs_metro_625x300_18_august_26.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के बाहर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एमएमआर में मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकारी मंजूरी के बाद मीरा भाईंदर को वसई विरार को मेट्रो से कनेक्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। 17,725 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर से मीरा रोड, वसई, नालासोपारा, नायगांव और विरार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला हुआ है।</p>
<p> </p>
<p><strong>25 किमी लंबा होगा कॉरिडोर</strong><br />मेट्रो-13 की कुल लंबाई 25.03 किमी होगी। इसमें 21.78 किमी एलिवेटेड और 3.25 किमी भूमिगत मार्ग होगा। कॉरिडोर पर कुल 16 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 13 एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन होंगे। एमएमआरडीए इस प्रोजेक्ट को लागू करेगा और मंजूरी के बाद इसे पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p><strong>लोकल ट्रेन से होगी कनेक्ट</strong><br />अधिक से अधिक यात्रियों को मेट्रो लाइन का लाभ पहुंचाने के लिए मेट्रो-13 को नायगांव, नालासोपारा, विरार रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा। साथ ही इस लाइन को दहिसर ( पूर्व ) से मीरा भाईंदर के बीच बने मेट्रो-9 से भी जोड़ा जायगा। मेट्रो-9 के नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम स्टेशन पर यह दोनों लाइन कनेक्ट होगी। मेट्रो 9 के जरिये लोग विरार से मुंबई तक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। यात्रियों को मेट्रो के रूप में नया विकल्प उपलब्ध होगा।<br />पांजू बेट के लिए बनेगा खास पुल<br />इस प्रोजेक्ट की खासियत वसई खाड़ी पर पांजू बेट को जोड़ने वाला 4.92 किमी लंबा छह लेन का संयुक्त सड़क-मेट्रो पुल होगा। चिखल डोंगरी में मेट्रो डिपो प्रस्तावित है। सभी मेट्रो स्टेशनों तक बस सेवा उपलब्ध कराने की भी योजना है।</p>
<p><strong>4.49 लाख यात्रियों का अनुमान</strong><br />सरकार के अनुसार वर्ष 2031 में इस कॉरिडोर से रोजाना करीब 4.49 लाख यात्री सफर कर सकते हैं। मेट्रो शुरू होने से सड़क मार्ग की तुलना में यात्रा का समय करीब 50 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है। इससे निजी वाहनों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का दबाव घटने के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।</p>
<p><strong>मुंबईकर पर क्या असर पड़ेगा</strong><br />मुंबई में प्रॉपर्टी की दाम आसमान छूने के बाद विरार और वसई में तेजी से लोगों की आबादी बढ़ी है। यहां से रोजाना हजारों लोग रोजगार व अन्य कार्यों के लिए लोकल ट्रेन या सड़क मार्ग से मुंबई आते है। लोकल ट्रेन में अधिक भीड़ होने की वजह से यात्रियों का यह सफर पीड़ादायक होता है, वहीं मेट्रो के शुरू होने से यात्रा तेजी से आरामदायक तरीके से पूरी हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51444/mumbai-mira-bhayander-to-vasai-virar-metro-corridor-gets-approval-project-to</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51444/mumbai-mira-bhayander-to-vasai-virar-metro-corridor-gets-approval-project-to</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 11:43:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/jfeng4bs_metro_625x300_18_august_26.webp"                         length="12518"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीरा-भायंदर-दहिसर मेट्रो 3 अप्रैल को होगी शुरू, मुख्यमंत्री फडणवीस करेंगे उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दहिसर-मीरा-भायंदर मेट्रो 7A प्रोजेक्ट के पहले चरण के शुरू होने का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 3 अप्रैल को होना तय है। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य गणमान्य व्यक्ति करेंगे। यह जानकारी विधायक नरेंद्र मेहता ने दी। इस मेट्रो प्रोजेक्ट के शुरू होने से मीरा-भायंदर के लोग अपने इलाके से सीधे अंधेरी तक यात्रा कर सकेंगे। फिलहाल लोगों को पड़ोसी शहर मुंबई आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। चाहे ट्रेन से जाएं, तो भीड़भाड़ के कारण या सड़क मार्ग से जाएं, तो भारी ट्रैफिक जाम के कारण। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48823/mira-bhayander-dahisar-metro-will-start-on-april-3-chief-minister-fadnavis"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-30t123958.964.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>दहिसर-मीरा-भायंदर मेट्रो 7A प्रोजेक्ट के पहले चरण के शुरू होने का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 3 अप्रैल को होना तय है। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य गणमान्य व्यक्ति करेंगे। यह जानकारी विधायक नरेंद्र मेहता ने दी। इस मेट्रो प्रोजेक्ट के शुरू होने से मीरा-भायंदर के लोग अपने इलाके से सीधे अंधेरी तक यात्रा कर सकेंगे। फिलहाल लोगों को पड़ोसी शहर मुंबई आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। चाहे ट्रेन से जाएं, तो भीड़भाड़ के कारण या सड़क मार्ग से जाएं, तो भारी ट्रैफिक जाम के कारण। </p>
<p> </p>
<p><strong>दहिसर-मीरा-भायंदर मेट्रो को कब मिली मंजूरी</strong><br />नतीजतन इन समस्याओं से राहत पाने के लिए एक मेट्रो लाइन बनाने और उसे मुंबई के नेटवर्क से जोड़ने की लगातार मांगें उठ रही थीं। इन मांगों पर कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने 2018 में दहिसर-मीरा-भायंदर मेट्रो 9A प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। इसके बाद 2019 में मेट्रो लाइन पर असल निर्माण कार्य शुरू हुआ।</p>
<p>मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) इस मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण दो अलग-अलग चरणों में कर रहा है। दहिसर से काशीगांव तक और काशीगांव से नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान तक। पहले चरण का ज्यादातर काम मई 2025 तक पूरा हो गया था। इसके बाद मेट्रो के ट्रायल रन किए गए। इन ट्रायल्स के सफलतापूर्वक पूरे होने पर पिछले महीने जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां हासिल कर ली गईं। हालांकि उम्मीद थी कि इसके तुरंत बाद मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी, लेकिन ऐसी अटकलें थीं कि उद्घाटन समारोह के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई उपयुक्त तारीख न मिल पाने के कारण इसका शुभारंभ टल गया था।</p>
<p><strong>3 अप्रैल को मेट्रो का उद्घाटन</strong><br />पिछले सप्ताह मंत्री प्रताप सरनाइक ने भी काम की प्रगति का जायजा लेने के लिए मेट्रो साइट का निरीक्षण किया था। इन घटनाक्रमों के बाद अब आखिरकार 3 अप्रैल को मेट्रो उद्घाटन समारोह के लिए शुभ तारीख के तौर पर अंतिम रूप दे दिया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहेंगे। विधायक मेहता ने पुष्टि की कि एमएमआरडीए ने आगामी समारोह के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। </p>
<p><strong>मीरा रोड से अंधेरी अब दूर नहीं</strong><br />इस प्रोजेक्ट के चालू हो जाने पर मीरा-भायंदर के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। अभी अगर कोई मेट्रो रूट से अंधेरी जाना चाहता है, तो उसे मीरा-भायंदर से होते हुए दहिसर पहुंचना जरूरी होता है। इस सफर के दौरान यात्रियों को दहिसर टोल प्लाजा पर भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। हालांकि एक बार मेट्रो सेवा चालू हो जाने पर मीरा-भायंदर के तीन स्टेशनों खास तौर पर काशीगांव, पांडुरंग वाडी और मीरा गांव से सीधे अंधेरी पहुंचना मुमकिन हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48823/mira-bhayander-dahisar-metro-will-start-on-april-3-chief-minister-fadnavis</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48823/mira-bhayander-dahisar-metro-will-start-on-april-3-chief-minister-fadnavis</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 12:40:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-30t123958.964.jpg"                         length="11596"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीरा-भायंदर के उत्तन साइट से गोरई गांव में अवैध डंपिंग की खबर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन शहर में गैर-कानूनी डंपिंग से निपटने की कोशिश कर रही है, वहीं मीरा-भायंदर के उत्तन डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले कचरे को गोराई गांवों में कई जगहों पर डंप किए जाने की खबर है। एक सोशल एक्टिविस्ट ने म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी को शिकायत दी है। एक्टिविस्ट ने गैर-कानूनी डंपिंग की तरफ इशारा किया वॉचडॉग फाउंडेशन के फाउंडर गॉडफ्रे पिमेंटा ने गगरानी को लिखे एक लेटर में कहा, “पिछले कई दिनों से, लोकल लोगों ने देर रात शेपाली और गोराई इलाकों में 50 से ज़्यादा डंपर कचरा उतारते हुए देखे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48809/news-of-illegal-dumping-in-gorai-village-from-uttan-site"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-29t180155.419.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मीरा-भायंदर : </strong>बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन शहर में गैर-कानूनी डंपिंग से निपटने की कोशिश कर रही है, वहीं मीरा-भायंदर के उत्तन डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले कचरे को गोराई गांवों में कई जगहों पर डंप किए जाने की खबर है। एक सोशल एक्टिविस्ट ने म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी को शिकायत दी है। एक्टिविस्ट ने गैर-कानूनी डंपिंग की तरफ इशारा किया वॉचडॉग फाउंडेशन के फाउंडर गॉडफ्रे पिमेंटा ने गगरानी को लिखे एक लेटर में कहा, “पिछले कई दिनों से, लोकल लोगों ने देर रात शेपाली और गोराई इलाकों में 50 से ज़्यादा डंपर कचरा उतारते हुए देखे हैं।</p>
<p> </p>
<p>यह काम जानबूझकर और सिस्टमैटिक लगता है, जो अंधेरे की आड़ में जांच से बचने के लिए किया जाता है। ऐसे काम न केवल गैर-कानूनी हैं, बल्कि पब्लिक हेल्थ, एनवायरनमेंट सेफ्टी और लोगों की भलाई की पूरी तरह से अनदेखी भी दिखाते हैं।” इस गैर-कानूनी डंपिंग की रिपोर्ट गोराई विलेजर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने की थी। अपने लेटर में, पिमेंटा ने बताया कि शेपाली में बदबू बर्दाश्त से बाहर हो गई है, जिससे वहां रहने वालों की हेल्थ और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है, और बीमारी और एनवायरनमेंट को नुकसान होने का खतरा भी है। हालांकि, पहले की शिकायतों के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया, उन्होंने शिकायत की। </p>
<p>पिमेंटा ने बीएमसी  गार्ड्स को तुरंत तैनात करने, कॉन्ट्रैक्टर्स की गाड़ियों को ज़ब्त करने और सफ़ाई का खर्च वसूलने की मांग की है। आर सेंट्रल वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर प्रफुल तांबे कमेंट के लिए अवेलेबल नहीं थे। बीएमसी ने गैर-कानूनी डंपिंग रोकने के लिए कदम उठाए इस बीच, बीएमसी  लंबे समय से सड़कों और पब्लिक जगहों पर, खासकर रात के समय जब अनजान लोग खासकर कंस्ट्रक्शन का कचरा फेंकते हैं, गैर-कानूनी तरीके से कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए संघर्ष कर रही है। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए, सिविक बॉडी ने वार्ड लेवल पर स्पेशल स्क्वॉड बनाए हैं जो अपने-अपने इलाकों में ऐसी एक्टिविटीज़ पर नज़र रखेंगे और उनके खिलाफ एक्शन लेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48809/news-of-illegal-dumping-in-gorai-village-from-uttan-site</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48809/news-of-illegal-dumping-in-gorai-village-from-uttan-site</guid>
                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 18:02:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-29t180155.419.jpg"                         length="16013"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीरा-भायंदर सिविक एडमिनिस्ट्रेशन ने राज्य के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से की अपील; 14 हेक्टेयर मैंग्रोव ज़मीन का प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट स्टेटस हटा दे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक ऐसे कदम में जो बहुत विवादित हो सकता है, मीरा-भायंदर सिविक एडमिनिस्ट्रेशन ने राज्य के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से अपील की है कि वह करीब 14 हेक्टेयर कब्ज़े वाली मैंग्रोव ज़मीन का प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट स्टेटस हटा दे – ताकि इस ज़मीन पर रहने वालों के लिए पब्लिक सुविधाएं बनाई जा सकें। जिस मैंग्रोव ज़मीन की बात हो रही है, वह मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन  के अधिकार क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर फैली हुई है, और इस पर करीब 50,000 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग रहते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45670/mira-bhayandar-civic-administration-appealed-to-the-state-forest-department-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-22t112323.888.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एक ऐसे कदम में जो बहुत विवादित हो सकता है, मीरा-भायंदर सिविक एडमिनिस्ट्रेशन ने राज्य के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से अपील की है कि वह करीब 14 हेक्टेयर कब्ज़े वाली मैंग्रोव ज़मीन का प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट स्टेटस हटा दे – ताकि इस ज़मीन पर रहने वालों के लिए पब्लिक सुविधाएं बनाई जा सकें। जिस मैंग्रोव ज़मीन की बात हो रही है, वह मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन  के अधिकार क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर फैली हुई है, और इस पर करीब 50,000 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग रहते हैं। यह रिक्वेस्ट मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और राज्य की दूसरी म्युनिसिपल बॉडीज़ के ज़रूरी चुनावों से कुछ महीने पहले आई है। जिस मैंग्रोव ज़मीन की बात हो रही है, वह मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन  के अधिकार क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर फैली हुई है, और इस पर करीब 50,000 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग रहते हैं। शिवसेना और भाजपा  दोनों मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन  पर कंट्रोल के लिए मुकाबला कर रही हैं, और हर वोट मायने रखता है – भले ही इसके लिए बहुत ज़्यादा कड़े कदम उठाने पड़ें।जिस ज़मीन पर कब्ज़ा किया गया है, वह ठाणे ज़िले में है, जिसके डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे गार्डियन मिनिस्टर हैं। </p>
<p> </p>
<p>दूसरी तरफ, राज्य के वन मंत्री भाजपा  के गणेश नाइक हैं, जो ठाणे जिले के लिए भाजपा के पॉइंट पर्सन भी हैं। मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन  अधिकारियों ने कहा कि हाल ही के कोर्ट के आदेश के अनुसार, मैंग्रोव को “जंगल” घोषित कर दिया गया है। मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन  ने वन विभाग के मैंग्रोव प्रोटेक्शन सेल को एक लेटर लिखकर 13.75 हेक्टेयर मैंग्रोव ज़मीन को डीनोटिफाई करने की रिक्वेस्ट की थी। लेटर में 11 नवंबर को नाइक के ऑफिस में हुए जनता दरबार का ज़िक्र है, हालांकि झुग्गी बस्तियों को बाहर रखने की ऑफिशियल रिक्वेस्ट लोकल भाजपा आमदार नरेंद्र मेहता ने की है।लेटर में कहा गया है कि मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन भयंदर, नवघर, पेनकरपाड़ा, राय और चौक में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को सड़कें, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, स्ट्रीटलाइट और टॉयलेट नहीं दे पाई है। इसने खास तौर पर इन इलाकों में प्रीफैब्रिकेटेड टॉयलेट लगाने की परमिशन मांगी है।</p>
<p>मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर राधाबिनोद शर्मा के साइन और 12 नवंबर की तारीख वाला यह लेटर एडिशनल प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट एस वाई रामाराव को भेजा गया है।   नरेंद्र मेहता ने कहा, “मैंग्रोव ज़मीन को जंगल के तौर पर क्लासिफाई करते समय, उन्हें झुग्गी-झोपड़ियों को बाहर रखना चाहिए था, वरना इन लोगों को बेसिक सुविधाएं कैसे मिलेंगी?”उन्होंने आगे कहा, “हम फॉरेस्ट मिनिस्टर गणेश नाइक से मिले और तय किया कि इन इलाकों को छोड़ देना चाहिए। यह फॉरेस्ट की ज़मीन नहीं है, यह कलेक्टर की ज़मीन है। इसलिए हमारे कमिश्नर ने लेटर लिखा।”राधाबिनोद शर्मा ने कन्फर्म किया कि उन्होंने लेटर लिखा है, जबकि एस वाई रामाराव ने कहा कि वह मीटिंग के मिनट्स फाइनल होने के बाद ही कोई कमेंट करेंगे। एनजीओ वनशक्ति के एनवायरनमेंटलिस्ट डी स्टालिन ने कहा कि मैंग्रोव जैसी इको-सेंसिटिव ज़मीन पर कब्ज़ा करने वालों को असल में तुरंत हटा देना चाहिए। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के पास ऐसी ज़मीनों को डीनोटिफाई करने का कोई अधिकार नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45670/mira-bhayandar-civic-administration-appealed-to-the-state-forest-department-to</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/45670/mira-bhayandar-civic-administration-appealed-to-the-state-forest-department-to</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 11:24:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-11/download---2025-11-22t112323.888.jpg"                         length="12755"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        