<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/25956/ambulances" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>ambulances - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/25956/rss</link>
                <description>ambulances RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई-नासिक हाइवे पर पलटा कंटेनर, लगा 3 किमी लंबा जाम, मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी फंसी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>भिवंडी तालुका के कुकसे गांव के पास मुंबई-नासिक हाइवे पर नासिक की ओर जा रहा एक बड़ा कंटेनर पलट गया। कंटेनर कुकसे गांव के पास भोइरपाडा स्थित वेयरहाउस कॉम्पलेक्स से सामान ले जा रहा था। गलत दिशा में जाने से ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण छूटा और वह पलट गया। इसके चलते कुकसे-येवई रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। हादसे में कंटेनर ड्राइवर मामूली जख्मी हुआ है। पडघा पुलिस और हाइवे ट्रैफिक पुलिस देर तक ट्रैफिक दुरुस्त करने के लिए जूझती रही। </p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47696/overturned-container-creates-3-km-long-jam-on-mumbai-nashik-highway"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-13t133844.134.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>भिवंडी तालुका के कुकसे गांव के पास मुंबई-नासिक हाइवे पर नासिक की ओर जा रहा एक बड़ा कंटेनर पलट गया। कंटेनर कुकसे गांव के पास भोइरपाडा स्थित वेयरहाउस कॉम्पलेक्स से सामान ले जा रहा था। गलत दिशा में जाने से ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण छूटा और वह पलट गया। इसके चलते कुकसे-येवई रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। हादसे में कंटेनर ड्राइवर मामूली जख्मी हुआ है। पडघा पुलिस और हाइवे ट्रैफिक पुलिस देर तक ट्रैफिक दुरुस्त करने के लिए जूझती रही। </p>
<p> </p>
<p><strong>एंबुलेंस भी फंसी, मरीज हुए परेशान</strong><br />टैंकर पलटने से हाइवे पर हुए ट्रैफिक जाम का असर आम यात्रियों के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ा। इस दौरान कुछ एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ा। वाहन चालकों और पीड़ितों का कहना है कि पिछले कई महीनों से निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिसके चलते आए दिन यहां जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।</p>
<p><strong>आधे-अधूरे निर्माण कार्य ने बढ़ाई वाहन चालकों की मुसीबत</strong><br />मुंबई-नासिक हाइवे पर फ्लाइओवर एवं पुलों के आधे-अधूरे निर्माण कार्य ने स्थिति विकट कर दी। इस रूट पर पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं, जब लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ता है। इसकी एक वजह यह है कि राजनोली से पिंपलास तक सर्विस लेन सहित सड़क पांच लेन की है, जो आगे चलकर अचानक दो लेन में सिमट जाती है। ऐसे में, वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और ट्रैफिक का दबाव बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा इस हिस्से में चढ़ाई होने की वजह से वाहन धीमी गति में चलते हैं। कुछ ट्रक और अन्य बड़े वाहन तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में बंद हो जाते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। पीक आवर में अक्सर यात्रियों का काफी वक्त ट्रैफिक जाम में ही चला जाता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47696/overturned-container-creates-3-km-long-jam-on-mumbai-nashik-highway</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47696/overturned-container-creates-3-km-long-jam-on-mumbai-nashik-highway</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 13:39:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-13t133844.134.jpg"                         length="6107"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली; समय पर नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। १०८ महाराष्ट्र इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (एमईएमएस) के तहत १२.८७ करोड़ की आबादी के लिए सिर्फ ९३७ एंबुलेंस उपलब्ध हैं। इनमें ७०४ बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और २३३ एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस शामिल हैं। २०१४ में इस सेवा की शुरुआत के समय जनसंख्या ९.३७ करोड़ थी, लेकिन अब बढ़कर १२.८७ करोड़ हो चुकी है, जबकि एंबुलेंस की संख्या जस की तस बनी हुई है।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38952/mumbai--health-services-in-a-bad-state--ambulances-do-not-reach-on-time"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/images---2025-03-16t143233.683.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। १०८ महाराष्ट्र इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (एमईएमएस) के तहत १२.८७ करोड़ की आबादी के लिए सिर्फ ९३७ एंबुलेंस उपलब्ध हैं। इनमें ७०४ बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और २३३ एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस शामिल हैं। २०१४ में इस सेवा की शुरुआत के समय जनसंख्या ९.३७ करोड़ थी, लेकिन अब बढ़कर १२.८७ करोड़ हो चुकी है, जबकि एंबुलेंस की संख्या जस की तस बनी हुई है। कई अस्पतालों का दावा है कि कई एंबुलेंस मरम्मत में पड़ी रहती हैं, जिससे इमरजेंसी सेवाएं बाधित होती हैं। रिपोर्ट की मानें तो मुंबई में १.२५ करोड़ की आबादी के लिए सिर्फ ९१ एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिनमें से २६ एएलएस और बाकी बीएलएस हैं। ठाणे जिले में यह संख्या ३९ एंबुलेंस तक गिर जाती है, जिनमें से सिर्फ १२ एएलएस हैं।</p>
<p>समय पर नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस : २३ जनवरी २०२५ को उल्हासनगर में राहुल इंदाटे नामक मरीज को ८ घंटे तक १०८ सेवा पर कॉल करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली, और उसकी मौत हो गई। इसी तरह बांद्रा स्टेशन के बाहर २६ दिसंबर २०२४ को ६९ वर्षीय व्यवसायी रामाशंकर सिंह की एंबुलेंस के इंतजार में जान चली गई।</p>
<p><strong>सरकार नहीं मानी हाई कोर्ट के आदेश</strong><br />२०१४ में मुंबई हाई कोर्ट ने रेलवे स्टेशनों पर एंबुलेंस तैनात करने का आदेश दिया था, लेकिन यह अब तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ।</p>
<p><strong>मौजूदा संकट का हल नहीं</strong><br />सरकार बाइक, बोट, एयर और वीआईपी एंबुलेंस लाने की बात कर रही है, लेकिन मौजूदा स्थिति सुधारने पर कोई ठोस योजना नहीं दिख रही है। बढ़ती आबादी के साथ यदि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में यह संकट और गहरा सकता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/38952/mumbai--health-services-in-a-bad-state--ambulances-do-not-reach-on-time</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/38952/mumbai--health-services-in-a-bad-state--ambulances-do-not-reach-on-time</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 14:33:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-03/images---2025-03-16t143233.683.jpg"                         length="11132"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        