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                <title>BJP's - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>BJP's RSS Feed</description>
                
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                <title>लखनऊ : यूपी में अपने ही बढ़ाएंगे बीजेपी की मुश्किल! संजय निषाद ने तैयार कर लिया प्लान, 22 मार्च से...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है. पार्टी ने चार बड़े शहरों-गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ-में रैलियों के जरिए चुनावी अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है. इस अभियान का औपचारिक आगाज 22 मार्च 2026 को गोरखपुर से होगा, जहां महंत दिग्विजयनाथ पार्क में पहली विशाल रैली आयोजित की जाएगी. पार्टी इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं व समर्थकों की भागीदारी की तैयारी की जा रही है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48502/sanjay-nishad-will-increase-bjps-problems-in-lucknow-up-sanjay"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-17t195542.882.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ : </strong>उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है. पार्टी ने चार बड़े शहरों-गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ-में रैलियों के जरिए चुनावी अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है. इस अभियान का औपचारिक आगाज 22 मार्च 2026 को गोरखपुर से होगा, जहां महंत दिग्विजयनाथ पार्क में पहली विशाल रैली आयोजित की जाएगी. पार्टी इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं व समर्थकों की भागीदारी की तैयारी की जा रही है.</p>
<p> </p>
<p>रैलियों के केंद्र में मझवार और तुरैहा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी. इसके साथ ही खनन, घाट और जमीन से जुड़े पारंपरिक अधिकारों की बहाली का मुद्दा भी पार्टी के एजेंडे में शामिल है. मछुआ समाज के अधिकारों को लेकर व्यापक आंदोलन छेड़ने की तैयारी भी की जा रही है. संगठनात्मक स्तर पर भी निषाद पार्टी सक्रिय नजर आ रही है. पार्टी ने 88 जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति कर संगठन को मजबूत करने का दावा किया है.</p>
<p><strong>संजय निषाद ने किया ये ऐलान</strong><br />सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने 16 मार्च को पोस्ट करते हुए 22 मार्च को गोरखपुर के दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित निषाद राज जयंती और प्रांतीय अधिवेशन के अवसर पर मछुआ एससी आरक्षण विशाल महारैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की. उन्होंने इसे समाज के हक, सम्मान और अधिकारों की मजबूती का अवसर बताया.</p>
<p>इसके बाद 17 मार्च को किए गए एक अन्य पोस्ट में संजय निषाद ने लिखा कि निषाद समाज की आवाज और बुलंद हो रही है और उनके नेतृत्व में समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने एससी आरक्षण को अपना अधिकार बताते हुए इसे हासिल करने की बात दोहराई.<br />माना जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद से रैलियों की औपचारिक शुरुआत के जरिए एक ओर जहां संजय, बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं तो वहीं निषाद समाज से जुड़े मुद्दे उठाकर वह गठबंधन में अपनी धमक जताते हुए कुछ अहम सीटों पर दावा ठोंक सकते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:00:16 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई मेयर पद पर फंसा पेंच! शिंदे का प्लान B तैयार, दो नगर निगमों में नहीं खिल पाएगा भाजपा का कमल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजनीति में महानगरपालिका चुनावों के नतीजों के बाद अब मेयर की कुर्सी को लेकर घमासान शुरू हो गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा के बीच 'शह-मात' का खेल जारी है। एमएमआर क्षेत्र में मुंबई की एइएम्सि सहित आठ महानगरपालिकाएं हैं। महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47271/there-is-a-problem-in-the-post-of-mumbai-mayor"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-27t110206.602.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र की राजनीति में महानगरपालिका चुनावों के नतीजों के बाद अब मेयर की कुर्सी को लेकर घमासान शुरू हो गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा के बीच 'शह-मात' का खेल जारी है। एमएमआर क्षेत्र में मुंबई की एइएम्सि सहित आठ महानगरपालिकाएं हैं। महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विशेष रूप से मुंबई में मेयर पद को लेकर भाजपा और शिंदे सेना के बीच जबरदस्त रस्साकशी चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि मुंबई में शिंदे गुट की बात नहीं बनी, तो एकनाथ शिंदे कल्याण-डोंबिवली  महानगरपालिका और उल्हासनगर महानगरपालिका में अपना मेयर बनाने की तैयारी में हैं। ठाणे और कल्याण-डोंबिवली को छोड़ दें तो एमएमआर क्षेत्र की ज्यादातर महानगरपालिकाओं में भाजपा ने शिंदे गुट की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। </p>
<p> </p>
<p>कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में कुल 122 नगरसेवक हैं। इनमें शिंदे गुट के 53 और भाजपा के 50 नगरसेवक (पार्षद) चुने गए हैं। चुनाव दोनों दलों ने गठबंधन में लड़ा था, लेकिन सीटों का अंतर बेहद कम होने के कारण भाजपा यहां सत्ता में बराबर हिस्सेदारी की मांग कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट भाजपा के लिए मेयर पद और अन्य अहम पद छोड़ने के मूड में नहीं है। </p>
<p>यही वजह है कि एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना की सत्ता अकेले स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसके तहत अन्य दलों के नगरसेवकों से संपर्क साधा जा रहा है। मनसे के पांच नगरसेवकों व कुछ शिवसेना ठाकरे गुट के नगरसेवकों ने शिंदे को समर्थन देने का ऐलान किया है। 122 सीटों वाली कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में बहुमत के लिए 62 सीटों की आवश्यकता है। शिवसेना (53) और मनसे (5) के साथ आने से यह आंकड़ा 58 पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि उद्धव गुट (यूबीटी) के कुछ नगरसेवक भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं, जिससे बहुमत का आंकड़ा पार होने की उम्मीद है। </p>
<p>15 जनवरी को हुए केडीएमसी चुनाव में शिवसेना 53 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जबकि भाजपा को 50 सीटें मिली हैं। इसके अलावा शिवसेना (उद्धव ठाकरे) को 11, मनसे को 5, कांग्रेस को 2 और एनसीपी (एसपी) को एक सीट पर संतोष करना पड़ा। उल्हासनगर महानगरपालिका में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। यहां भाजपा के 37 जबकि शिंदे गुट के 36 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं। उल्हासनगर में भी शिंदे गुट ने भाजपा को चौंका दिया है। उल्हासनगर नगर निगम चुनाव के नतीजों में भाजपा 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से वह महज 3 कदम दूर रह गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 11:03:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कौन होगा नया मेयर? भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद 5 चेहरों पर चर्चा, अब फडणवीस पूरा करेंगे चुनावी वादा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी चुनाव के नतीजों ने मुंबई की राजनीति की पूरी तस्वीर बदल दी है. भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने इस महाजंग में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर देश की सबसे अमीर महानगर पालिका पर अपना परचम लहरा दिया है. इस बड़ी जीत के साथ ही अब सबकी नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि मुंबई का अगला मेयर कौन होगा?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47045/who-will-be-the-new-mayor-of-mumbai-after-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images---2026-01-17t102052.723.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी चुनाव के नतीजों ने मुंबई की राजनीति की पूरी तस्वीर बदल दी है. भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने इस महाजंग में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर देश की सबसे अमीर महानगर पालिका पर अपना परचम लहरा दिया है. इस बड़ी जीत के साथ ही अब सबकी नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि मुंबई का अगला मेयर कौन होगा? चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद प्रभावशाली और रणनीतिक बयान दिया था कि “मुंबई का अगला मेयर हिंदू और मराठी होगा.” अब जब नतीजे बीजेपी के पक्ष में आए हैं, तो फडणवीस का यह वादा केवल एक राजनीतिक बयान नहीं बल्कि बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर बन गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय गौरव को बढ़ावा देना कोई संकीर्ण राजनीति नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है.</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के “मेयर हिंदू और मराठी होगा” वाले बयान के बाद, पार्टी के भीतर उन चेहरों की चर्चा तेज हो गई है जो इस कसौटी पर खरे उतरते हैं.</p>
<p><strong>बीएमसी मेयर पद के लिए इन 5 नामों पर चर्चा</strong><br />1. तेजस्वी घोसालकर : दहिसर (वार्ड नंबर 2) से 10,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज करने वाली तेजस्वी इस समय बीजेपी की सबसे बड़ी ‘पोस्टर गर्ल’ हैं. उन्होंने उद्धव गुट के गढ़ में सेंध लगाई है. वह युवा हैं, शिक्षित हैं और मुख्यमंत्री के ‘मराठी-हिंदू’ फॉर्मूले में पूरी तरह फिट बैठती हैं.</p>
<p>2. प्रकाश दरेकर : विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर के भाई प्रकाश दरेकर ने वार्ड नंबर 3 से शानदार जीत हासिल की है. दरेकर परिवार का मुंबई और विशेषकर उत्तर-पश्चिम मुंबई के मराठी वोट बैंक पर जबरदस्त प्रभाव है. उनके पास प्रशासनिक अनुभव भी है, जो उन्हें मेयर पद का प्रबल दावेदार बनाता है.</p>
<p>3. प्रभाकर शिंदे : बीएमसी में बीजेपी के पूर्व गुट नेता प्रभाकर शिंदे पार्टी के सबसे अनुभवी पार्षदों में से एक हैं. उन्हें नगर निगम के कामकाज और नियमों की गहरी समझ है. ‘मराठी चेहरा’ होने के साथ-साथ अनुभवी होने के कारण वह मेयर की कुर्सी के लिए सुरक्षित विकल्प माने जा रहे हैं.</p>
<p>4. मकरंद नार्वेकर : विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर दक्षिण मुंबई के एक रसूखदार नाम हैं. वह लगातार जीतते आ रहे हैं और कोलाबा क्षेत्र में उनकी पकड़ बहुत मजबूत है. हालांकि वह ‘मराठी’ वर्ग से आते हैं, लेकिन उनकी छवि एक आधुनिक और विकासवादी नेता की है, जिसे बीजेपी भुनाना चाहेगी.</p>
<p>5. राजश्री शिरवाडकर : वार्ड नंबर 172 से जीतने वाली राजश्री शिरवाडकर बीजेपी की एक निष्ठावान और आक्रामक मराठी महिला चेहरा हैं. अगर पार्टी किसी महिला को मेयर बनाने का फैसला करती है (आरक्षण के आधार पर), तो राजश्री का नाम सबसे ऊपर होगा. वह स्थानीय मुद्दों पर काफी सक्रिय रहती हैं.<br />बीएमसी चुनाव परिणाम और मेयर का पद</p>
<p><strong>1. बीजेपी की ऐतिहासिक जीत</strong><br />बीएमसी चुनाव 2026 में बीजेपी ने दशकों पुराने शिवसेना के दबदबे को किनारे करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया है. विकास के एजेंडे और हिंदुत्व के मेल ने बीजेपी को वह जादुई आंकड़ा छूने में मदद की है जिसकी तलाश उसे वर्षों से थी. इस जीत ने साफ कर दिया है कि मुंबई की जनता ने अब डबल इंजन सरकार पर भरोसा जताया है.</p>
<p><strong>2. मुख्यमंत्री फडणवीस का ‘हिंदू-मराठी’ कार्ड</strong><br />देवेंद्र फडणवीस ने मेयर के चयन को लेकर जो स्टैंड लिया है वह काफी चर्चा में है. उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे कॉस्मोपॉलिटन शहरों में अगर वहां की स्थानीय पहचान वाले मेयर हो सकते हैं तो मुंबई में क्यों नहीं? उनके मुताबिक मुंबई की जड़ों से जुड़ा मेयर होना शहर के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने के लिए जरूरी है.</p>
<p><strong>3. ‘मराठी-वाद’ नहीं, क्षेत्रीय गौरव की बात</strong><br />मुख्यमंत्री ने यह तर्क दिया है कि मराठी अस्मिता की बात करना ‘मराठी-वाद’ नहीं है. उनका मानना है कि जिस तरह अन्य राज्यों में स्थानीय भाषा और पहचान को सम्मान दिया जाता है, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी उसी संवैधानिक परंपरा का पालन होना चाहिए. यह बयान सीधे तौर पर उन मराठी मतदाताओं को साधने की कोशिश है जो पारंपरिक रूप से शिवसेना के साथ रहे हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 10:26:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई महानगरपालिका चुनाव में पवार-ठाकरे सब छूटे पीछे, बीजेपी का परचम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम के चुनावी नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. मुंबई के भविष्य का फैसला 227 वार्डों के चुनावी अखाड़े में होना है, जहां 1.24 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. आज सुबह 10 बजे से मतगणना शुरु हो गई है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47021/pawar-thackeray-all-left-behind-in-mumbai-municipal-corporation-elections-bjp"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-16t183053.740.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम के चुनावी नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. मुंबई के भविष्य का फैसला 227 वार्डों के चुनावी अखाड़े में होना है, जहां 1.24 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. आज सुबह 10 बजे से मतगणना शुरु हो गई है. </p>
<p> </p>
<p><strong>10 नगर निगमों में निर्विरोध चुने गए 65 उम्मीदवार</strong><br />महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि 10 नगर निगमों के 65 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है, जिसका ऐलान 15 जनवरी को हुए मतदान से पहले ही हो गया था. इस जानकारी के अनुसार, भाजपा ने सबसे ज्यादा 43 उम्मीदवारों को निर्विरोध जिताया है, जबकि शिवसेना के 18, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 2, एक स्वतंत्र उम्मीदवार और इंडियन सेक्यूलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र का एक उम्मीदवार शामिल है.</p>
<p><strong>बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी में जश्न</strong><br />बीएमसी चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी में उत्साह का माहौल है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को संगठन की मेहनत और जनता के भरोसे का नतीजा बताया. उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई दी और कहा कि यह जनादेश विकास की राजनीति के पक्ष में है. </p>
<p><strong>एकनाथ शिंदे ने भी गठबंधन की जीत पर खुशी जताई</strong><br />महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी गठबंधन की जीत पर खुशी जताई. उन्होंने मुंबईकरों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जनता ने विकास को प्राथमिकता दी है. शिंदे के मुताबिक, मतदाताओं ने भावनात्मक और गैर-जरूरी मुद्दों को नकारते हुए कामकाज और विकास के एजेंडे पर भरोसा जताया है. उन्होंने इसे महायुति सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर बताया. </p>
<p><strong>राजनीतिक बयानबाजी भी तेज</strong><br />चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जो नेता अपने गठबंधन सहयोगियों को संभाल नहीं पाए, उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है. </p>
<p><strong>मुंबई महानगरपालिका चुनावों में क्यों रहा 4 साल का अंतराल? </strong><br />बता दें कि इससे पहले मुंबई महानगरपालिका के चुनाव 2017 में हुए थे. अगले चुनाव 2022 में होने तय थे, लेकिन कई कारणों से वे समय पर नहीं हो सके. इनमें मुख्य रूप से कोविड-19 महामारी, बीएमसी सीटों के परिसीमन (वार्डों की सीमाओं) को लेकर विवाद और स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर चली कानूनी लड़ाई शामिल थी.</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 19:15:24 +0530</pubDate>
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