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                <title>voter - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>voter RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ठाणे : डीएम सीधे वोटरों के द्वार, मतदाता पुनर्निरीक्षण अभियान को मिली गति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे जिले में प्रजातंत्र को मजबूत करने के लिए एक बहुत ही जरूरी कदम उठाया गया है, और स्पेशल इन-डेप्थ वेरिफिकेशन (एसआईआर) प्रोग्राम के तहत वोटर रजिस्ट्रेशन और जन जागृति मुहिम ने 147-कोपरी-पचपाखड़ी विधानसभा क्षेत्र में काफी तेजी पकड़ ली है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (डीएम)और जिला चुनाव अधिकारी. श्रीकृष्ण पांचाल ठाणे की उप जिला चुनाव अधिकारी श्रीमती श्रीमति वैशाली माने की मौजूदगी में, एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी सीधे वोटर्स के घर पहुंची है, और लोगों से मिलकर गणना आवेदन ('एन्यूमरेशन फॉर्म' ) बांटे जा रहे हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50542/voter-re-verification-campaign-gained-momentum-by-thane-dm-directly-through"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-04t113123.645.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>ठाणे जिले में प्रजातंत्र को मजबूत करने के लिए एक बहुत ही जरूरी कदम उठाया गया है, और स्पेशल इन-डेप्थ वेरिफिकेशन (एसआईआर) प्रोग्राम के तहत वोटर रजिस्ट्रेशन और जन जागृति मुहिम ने 147-कोपरी-पचपाखड़ी विधानसभा क्षेत्र में काफी तेजी पकड़ ली है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (डीएम)और जिला चुनाव अधिकारी. श्रीकृष्ण पांचाल ठाणे की उप जिला चुनाव अधिकारी श्रीमती श्रीमति वैशाली माने की मौजूदगी में, एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी सीधे वोटर्स के घर पहुंची है, और लोगों से मिलकर गणना आवेदन ('एन्यूमरेशन फॉर्म' ) बांटे जा रहे हैं। </p>
<p> </p>
<p>इस कैंपेन को लोगों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है, और एडमिनिस्ट्रेशन वोटर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को और ज्यादा ट्रांसपेरेंट और सही बनाने के लिए वॉर लेवल पर काम कर रहा है। संबंधित अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मतदाता सूची भाग क्रमांक 297 के मतदाताओं को श्रीमति सुरेन्द्र इंदर भाटिया, श्रीमति कविता सुरेन्द्र भाटिया, श्रीमति विनोद गंगाधर पेनकर और श्रीमति जयश्री विनोद पेनकर ने 'गणना फॉर्म' सौंपकर अभियान की शुरुआत की। ठाणे जिले के सभी मतदाताओं के लिए 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक की अवधि बहुत महत्वपूर्ण है, इस दौरान मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर हर घर का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान अधिकारी नागरिकों से जनगणना फॉर्म भरवाएंगे, जिसमें नाम, लिंग, आयु, रिश्ता, वंशजों की अधिक संख्या, माता-पिता के विवरण में विसंगतियां और मिलान न हो पाने वाले मतदाताओं जैसी जानकारी को सही तरीके से वर्गीकृत और चिह्नित किया जाएगा।</p>
<p>इस विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर) अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में सभी त्रुटियों को पूरी तरह से दूर करना और इसे अद्यतन करना है। इस प्रक्रिया के तहत, जो नागरिक निर्वाचन क्षेत्र में रहने आए हैं, उनका पंजीकरण किया जाएगा, और साथ ही जो मतदाता उपलब्ध नहीं हैं, पलायन कर गए हैं, उनकी मृत्यु हो गई है या उनका दोहरा पंजीकरण है, ऐसे मतदाताओं की केंद्रवार सूची तैयार की जाएगी ।फिर इसे मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी, पंचायत समिति, सभी नगर निगमों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या आयुक्त और जिला चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:31:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोलकाता  : फर्जी मतदाता विवाद में एफआईआर दर्ज करने के आदेश को वापस लेने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल सरकार ने फर्जी (घोस्ट) मतदाता विवाद में निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के आदेश को वापस लेने की मांग की है। राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से कहा है कि मामूली प्रक्रियागत चूक पर आपराधिक कार्रवाई करना अनुचित और अत्यधिक सख्त कदम होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47070/kolkata-demand-to-withdraw-the-order-of-registering-fir"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images---2026-01-18t211432.071.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता  :</strong> पश्चिम बंगाल सरकार ने फर्जी (घोस्ट) मतदाता विवाद में निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के आदेश को वापस लेने की मांग की है। राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से कहा है कि मामूली प्रक्रियागत चूक पर आपराधिक कार्रवाई करना अनुचित और अत्यधिक सख्त कदम होगा।</p>
<p> </p>
<p>यह निर्देश राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जरिये भेजा गया था, लेकिन राज्य के गृह विभाग ने सीईओ कार्यालय को पत्र लिखकर इसे निरस्त करने का अनुरोध किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है और उन्हें निलंबित भी किया गया है, ऐसे में पुलिस मामला दर्ज करना असंगत है। यह विवाद मोयना (पूर्व मेदिनीपुर) और बरुईपुर पूर्व में मतदाता सूची में कथित फर्जी नाम शामिल होने से जुड़ा है, जो विशेष सघन पुनरीक्षण प्रक्रिया से पहले सामने आया था। </p>
<p>निर्वाचन आयोग ने इन क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के खिलाफ निलंबन, विभागीय कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए थे। बरुईपुर पूर्व में एक संविदा डाटा प्रविष्टि संचालक के खिलाफ भी प्राथमिकी का आदेश दिया गया था, जिसने बाद में इस्तीफा दे दिया। राज्य सरकार का कहना है कि महाधिवक्ता की कानूनी सलाह के अनुसार यह मामला प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जा सकता है। सीईओ कार्यालय ने राज्य की आपत्ति आयोग को भेज दी है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है और अंतिम फैसला आयोग को लेना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 21:15:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल मतदाता सूची विवाद: चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, टीएमसी के आरोपों के बाद मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहण पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जहां ओर राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज है। वहीं अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्ती दिखाई है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर दायर नई याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। ये याचिकाएं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन ने दाखिल की हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46935/west-bengal-voter-list-controversy-supreme-courts-strictness-on-election"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/1757631-supreme-court-sir-election-commission-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहण पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जहां ओर राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज है। वहीं अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्ती दिखाई है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर दायर नई याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। ये याचिकाएं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन ने दाखिल की हैं।</p>
<p> </p>
<p>टीएमसी सांसदों का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में चल रही वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया में मनमानी और नियमों की अनदेखी की जा रही है। ऐसे में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग को एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।</p>
<p><strong>अब जानिए चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगे?</strong><br />टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि चुनाव आयोग अपने निर्देश व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दे रहा है। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) बिना किसी लिखित आदेश के काम कर रहे हैं, जो पूरी प्रक्रिया को सवालों के घेरे में लाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग ने तार्किक विसंगति नाम से मतदाताओं की एक नई श्रेणी बना दी है, जिसके आधार पर लाखों लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं और सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है, जबकि इसका कोई लिखित नियम या आदेश नहीं है।</p>
<p><strong>कितने नाम हटाने का दावा?</strong><br />वहीं याचिका में कहा गया है कि 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 58 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम बिना नोटिस हटाए गए। इसके अलावा करीब 1.36 करोड़ मतदाताओं को कथित तौर पर नोटिस देने की तैयारी की गई, जो पूरी तरह अव्यवस्थित और गैरकानूनी है।</p>
<p><strong>दावा- आम लोगों को हो रही परेशानी</strong><br />इसके साथ ही याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार लोगों को जबरन सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। लंबी कतारें, दस्तावेजों को लेकर भ्रम और नोटिस में साफ कारण नहीं बताया जा रहा। राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों को भी मतदाताओं की मदद से रोका जा रहा है</p>
<p><strong>याचिका में कोर्ट से की गई ये मांग</strong><br />टीएमसी सांसदों ने कोर्ट से मांग की है कि 15 जनवरी 2026 की दावों-आपत्तियों की अंतिम तारीख बढ़ाई जाए। व्हाट्सऐप या मौखिक निर्देशों को अवैध घोषित किया जाए। चुनाव आयोग को हर निर्देश लिखित रूप में जारी करने का आदेश दिया जाए। इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम होना नागरिक का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है, और इससे जुड़ी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुसार होनी चाहिए।</p>
<p><strong>ममता बनर्जी भी जाएंगी कोर्ट</strong><br />गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एसआईआर के खिलाफ अदालत जाने का ऐलान किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से लोगों में डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी बढ़ी है, जिसके कारण मौत, अस्पताल में भर्ती और आत्महत्या के प्रयास तक हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46935/west-bengal-voter-list-controversy-supreme-courts-strictness-on-election</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 19:52:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : कैसे बना फर्जी वोटर-आधार कार्ड? मुंबई में छिपे बांग्लादेशी घुसपैठिए ने बताया काला सच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बांग्लादेश से बड़ी संख्या में घुसपैठिए भारत में दाखिल होते हैं. केंद्र सरकार अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने की कार्रवाई में जुटी हुई है. ये घुसपैठिए अवैध तरीके से कैसे भारत में दाखिल होते हैं ये कई बार सामने आ चुका है. अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए, जो सरहद पार से आए, यहां बसे और अब मुंबई के भूगोल से लेकर भविष्य तक को बदलने की साजिश रच रहे हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46792/how-mumbai-got-fake-voter-aadhaar-card-bangladeshi-infiltrator-hiding-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-07t124049.036.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> बांग्लादेश से बड़ी संख्या में घुसपैठिए भारत में दाखिल होते हैं. केंद्र सरकार अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने की कार्रवाई में जुटी हुई है. ये घुसपैठिए अवैध तरीके से कैसे भारत में दाखिल होते हैं ये कई बार सामने आ चुका है. अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए, जो सरहद पार से आए, यहां बसे और अब मुंबई के भूगोल से लेकर भविष्य तक को बदलने की साजिश रच रहे हैं. ये हम नहीं बल्कि देश के बड़े-नामी संस्थान और विश्वविद्यालयों की सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है. देश की सबसे अमीर महापालिका बीएमसी चुनाव की गहमागहमी के बीच “अवैध बांग्लादेशियों” का मुद्दा बेहद गर्म है,  </p>
<p> </p>
<p>कैमरे के सामने बैठे एक 35 साल के शख्स ने एक-एक कर उन कड़ियों को खोला, जो बताती हैं कि बांग्लादेश से मायानगरी मुंबई तक का रास्ता कितना आसान है. अब तक आप सिर्फ रिपोर्ट्स में पढ़ते थे कि मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों की घुसपैठ हो रही है, लेकिन एक ऐसा शख्स जो सीमा पार कर भारत आया, जिसने कानून की धज्जियां उड़ाईं और आज वो गर्व से बता रहा है की वो भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार वोट देने का अधिकार भी रखता है.</p>
<p><strong>भारत में कैसे दाखिल हुआ, घुसपैठिए ने बताया</strong><br />बांग्लादेशी घुसपैठिये ने बताया कि वह प्याज की बोरियों के बीच ट्रक में छिपकर भारत में घुसा था. बंगाल बॉर्डर पर ठीक से चेकिंग नहीं हुई, जिसकी वजह से वह यहां आने में सफल रहा. बांग्लादेश से सबसे पहले वह प.बंगाल के सुजापुर पहुंचा. सुजापुर से मालदा स्टेशन पहुंचा. कर्मभूमि एक्सप्रेस से तीन दिन में मुंबई आया.</p>
<p>ट्रेन में टिकट चेकर ने पकड़ा तो उसने 200 रुपये लेकर छोड़ भी दिया. घुसपैठिये ने बताया कि मुंबई आकर वह कुछ दिनों तक मस्जिद में रहा. फिर नवी मुंबई में मजदूरी करने पहुंचा. उसने 12 हज़ार रुपये में फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड बनवाया. ये दस्तावेज पैसे लेकर एक एजेंट ने बनवाये थे. एजेंट से उसका वोटर आईडी कार्ड भी बनवा दिया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46792/how-mumbai-got-fake-voter-aadhaar-card-bangladeshi-infiltrator-hiding-in</link>
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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:41:45 +0530</pubDate>
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