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                <title>Arvind - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Arvind RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नई दिल्ली: आबकारी नीति केस: अरविंद केजरीवाल की दलील पर जज ने कहा, 'आप कोर्ट की प्रक्रिया नहीं समझ पा रहे'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आबकारी नीति मामले में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। केजरीवाल ने मांग की है कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को इस केस से हटाया जाए। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ही निचली अदालत से आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील पर सुनवाई कर रही है। हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को बहस करने की इजाजत दी है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49184/on-the-argument-of-arvind-kejriwal-in-the-new-delhi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t185545.728.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> आबकारी नीति मामले में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। केजरीवाल ने मांग की है कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को इस केस से हटाया जाए। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ही निचली अदालत से आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील पर सुनवाई कर रही है। हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को बहस करने की इजाजत दी है।</p>
<p> </p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने जज से कहा कि मैं आपकी और ज्यूडिशियरी की बहुत इज्जत करता हूं। मैं सॉलिसिटर जनरल से सहयोग की उम्मीद करता हूं। मैं आज आपके सामने एक आरोपी के तौर पर नहीं खड़ा हूं, क्योंकि मुझे बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि आप रिक्यूजल आवेदन को पढ़ें। केजरीवाल ने कहा कि मुझे थोड़ा बैकग्राउंड बताना पड़ेगा। ट्रायल कोर्ट ने तीन महीने तक प्रतिदिन सुनवाई की, 40 हजार पन्ने पढ़े और फिर डिस्चार्ज किया। केजरीवाल ने कहा कि उस वक्त मैंने 11 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को बेंच बदलने के लिए पत्र लिखा, जिसे नकार दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट रणजीत ठाकुर में लिखा हुआ है कि जज को ये नहीं देखना है कि वो बायस्ड है कि नहीं, लेकिन किसी पार्टी के मन में इस बात की शंका है तो बेंच चेंज करा सकता है तो वो ये फाइल कर सकता है। सीबीआई को इस मामले में पार्टी नहीं बनाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन के फैसले में 18 घंटे और 6 दिन की सुनवाई के दौरान आखिरी समय में ईडी को शंका हुई तो वह जिला जज के पास पहुंच गए। यहां जज की इंटीग्रिटी पर सवाल नहीं है, बल्कि पार्टी के मन में आने वाली शंका या सवाल है। मेरे मामले में भी ऐसा ही है। मेरे पास भी इसी बात के आधार हैं और ऐसे में सीबीआई को पार्टी नहीं बनाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि सवाल जज की ईमानदारी पर नहीं, बल्कि पार्टी की खुद की आशंका पर है। मैं बस वही राहत मांग रहा हूं, जो ईडी को दी गई थी, और मेरा केस अब और मजबूत है। निचली अदालत ने फैसले में बताया कि कोई प्रोसीड ऑफ क्राइम नहीं था। कोई गोवा में पैसा नहीं ले जाया गया। कोई भ्रष्टाचार नहीं था। गोवा चुनाव में पैसों के इस्तेमाल पर कोर्ट अपनी फाइंडिंग दे चुका है, एक मुद्दा उठा था अप्रूवर का। इसके ऊपर आपकी फाइंडिंग है। मुझे लगभग भ्रष्ट घोषित कर दिया गया। मुझे लगभग दोषी घोषित कर दिया गया, बस सजा सुनानी रह गई थी।</p>
<p>कोर्ट ने कहा कि इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, यह बस आपकी सोच है। केजरीवाल ने कहा कि यह सामान्य है कि जज पक्षपाती है या नहीं। सवाल ये है कि क्या मेरे मामले में निष्पक्ष रूप से फैसला हो पाएगा। रीजनेबल अप्रिहेंशन (कनकलता जजमेंट) में अदालती जिद का जिक्र है, जहां जज को खुद से ये केस छोड़ देना चाहिए। यहां शराब नीति से जुड़े 5 मामले आए। मेरा मामला गैरकानूनी गिरफ्तारी तरीके का था। दो ही सुनवाई में ये तय कर दिया गया कि मेरी गिरफ्तारी सही थी। मुझे भ्रष्टाचारी घोषित कर दिया गया था। मुझे दोषी ही बना दिया गया था।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49184/on-the-argument-of-arvind-kejriwal-in-the-new-delhi</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:56:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के &quot;शर्टलेस&quot; विरोध प्रदर्शन पर UBT सेना सांसद अरविंद सावंत का बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा किए गए संक्षिप्त विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि हालांकि लोगों को राजनीति में विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें ऐसे प्रदर्शन आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थान के बारे में सचेत रहना चाहिए। गलगोटिया विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए सावंत ने सवाल उठाया कि क्या वहां जो हुआ वह राष्ट्रीय चिंता का विषय है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47926/ubt-sena-mp-arvind-sawants-statement-on-the-shirtless-protest"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-22t123057.687.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा किए गए संक्षिप्त विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि हालांकि लोगों को राजनीति में विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें ऐसे प्रदर्शन आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थान के बारे में सचेत रहना चाहिए। गलगोटिया विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए सावंत ने सवाल उठाया कि क्या वहां जो हुआ वह राष्ट्रीय चिंता का विषय है।</p>
<p> </p>
<p>"क्या गलगोटिया विश्वविद्यालय में जो हुआ वह राष्ट्रीय स्तर का था? लोगों को राजनीति में विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि इसे कहाँ आयोजित करना है," अरविंद सावंत ने एएनआई को बताया। भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन किया, एआई इम्पैक्ट समिट की आलोचना की और प्रधानमंत्री पर "समझौते में शामिल होने" का आरोप लगाया।</p>
<p>विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने असहमति जताने के लिए अपनी कमीजें उतार दीं। एक बयान में, भारतीय युवा कांग्रेस ने कहा कि उसके कार्यकर्ता "एक ऐसे भ्रष्ट प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, जिन्होंने एआई शिखर सम्मेलन में देश की पहचान का सौदा किया है।" बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। भारतीय युवा कांग्रेस के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई शिखर सम्मेलन में देश की पहचान का सौदा करने वाले भ्रष्ट प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठाई और विरोध प्रदर्शन किया।"</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने शुक्रवार को भारत मंडपम में भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा किए गए "शर्टलेस" विरोध प्रदर्शन के बाद कथित तौर पर एआई इम्पैक्ट समिट को बाधित करने के लिए कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, पात्रा ने पार्टी की आलोचना करते हुए उसे "बेशर्म, नपुंसक और मूर्ख" बताया। उन्होंने आगे राहुल गांधी को इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में बाधा डालने में कथित भूमिका के लिए देश का "सबसे बड़ा गद्दार" कहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 12:32:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : शराब घोटाला: अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर केस चलेगा या नहीं, 27 फरवरी को होगा फैसला?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े CBI केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ेंगी या राहत मिलेगी. इस पर अब 27 फरवरी को दिल्ली की निचली अदालत अपना फैसला सुनाएगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने को लेकर आदेश सुरक्षित रख लिया है. यह केस दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. CBI का आरोप है कि इस नीति को बनाते और लागू करते समय चुनिंदा कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इसके बदले रिश्वत और अवैध फंडिंग हुई. इस पूरी प्रक्रिया एक आपराधिक साजिश का हिस्सा थी.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47678/decision-on-whether-case-will-be-filed-against-arvind-kejriwal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-12t165410.852.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े CBI केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ेंगी या राहत मिलेगी. इस पर अब 27 फरवरी को दिल्ली की निचली अदालत अपना फैसला सुनाएगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने को लेकर आदेश सुरक्षित रख लिया है. यह केस दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. CBI का आरोप है कि इस नीति को बनाते और लागू करते समय चुनिंदा कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इसके बदले रिश्वत और अवैध फंडिंग हुई. इस पूरी प्रक्रिया एक आपराधिक साजिश का हिस्सा थी.</p>
<p> </p>
<p><strong>कोर्ट में क्या हुआ?</strong><br />राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों समेत सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने पर आदेश सुरक्षित रख लिया. CBI ने अदालत में दलील दी कि इस मामले को अलग-अलग घटनाओं में नहीं, बल्कि पूरी साजिश के रूप में देखा जाना चाहिए. आरोप तय करने के स्तर पर सबूतों की अंतिम सत्यता तय नहीं की जाती. <br />यह आकलन ट्रायल के दौरान होगा. रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री और दस्तावेज आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं. CBI का कहना है कि इस स्तर पर केवल यह देखा जाना है कि क्या प्रथम दृष्टया आरोप बनते हैं या नहीं.</p>
<p><strong>बचाव पक्ष का रुख</strong><br />वहीं, केजरीवाल और सिसोदिया की ओर से पेश वकीलों ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. नीति से जुड़े फैसले सामूहिक और वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए थे. केवल आरोपों के आधार पर ट्रायल शुरू करना कानून के खिलाफ होगा.</p>
<p><strong>27 फरवरी को क्या तय होगा?</strong><br />27 फरवरी को कोर्ट यह फैसला करेगा कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होंगे या नहीं. यदि आरोप तय होते हैं, तो केस पूरे ट्रायल में जाएगा और यदि आरोप खारिज होते हैं, तो आरोपियों को बड़ी राहत मिल सकती है. यह फैसला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम माना जा रहा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47678/decision-on-whether-case-will-be-filed-against-arvind-kejriwal</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:55:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : शिवसेना सांसद अरविंद सावंत का चुनाव आयोग पर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग को संवैधानिक रूप से काम करना चाहिए और सभी पार्टियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए। सांसद ने चुनावी समय में राजनीतिक पक्षपात और रिपोर्टिंग में असमानता की ओर ध्यान आकर्षित किया। अरविंद सावंत ने कहा, "मैं केवल चुनाव आयोग से कहना चाहता हूं कि जो आयोग यहां बैठा है, उसे संवैधानिक ढांचे के अनुसार काम करना चाहिए। हर दिन समाचार आते हैं कि कितना पैसा वितरित किया गया और कहां से जब्त हुआ, लेकिन कुछ मामलों में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया जाता, जबकि अन्य मामलों में किसी दूसरी पार्टी के लिए इसे बार-बार दस बार दोहराया जाता है। यह भी गलत है।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46997/mumbai-shiv-sena-mp-arvind-sawants-allegations-against-the-election"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-15t121604.531.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग को संवैधानिक रूप से काम करना चाहिए और सभी पार्टियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए। सांसद ने चुनावी समय में राजनीतिक पक्षपात और रिपोर्टिंग में असमानता की ओर ध्यान आकर्षित किया। अरविंद सावंत ने कहा, "मैं केवल चुनाव आयोग से कहना चाहता हूं कि जो आयोग यहां बैठा है, उसे संवैधानिक ढांचे के अनुसार काम करना चाहिए। हर दिन समाचार आते हैं कि कितना पैसा वितरित किया गया और कहां से जब्त हुआ, लेकिन कुछ मामलों में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया जाता, जबकि अन्य मामलों में किसी दूसरी पार्टी के लिए इसे बार-बार दस बार दोहराया जाता है। यह भी गलत है।"</p>
<p> </p>
<p>सावंत ने चुनाव आयोग से अपील की कि जहां भी अवैध पैसा जब्त हो, वहां तुरंत उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ समान रूप से नियमों का पालन होना चाहिए और किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग या मीडिया में भेदभाव अस्वीकार्य है। सांसद ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग नियमों का पालन संवैधानिक रूप से करेगा और सभी पार्टियों के साथ समान व्यवहार करेगा, तो यह मतदाता और जनता के बीच चुनाव प्रणाली में विश्वास बढ़ाएगा।</p>
<p>मुंबई में यह बयान स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सावंत का यह आरोप चुनावी निष्पक्षता और आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाता है। उनका कहना है कि सांसद ने स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए, और किसी भी तरह का पक्षपात मतदाता और लोकतंत्र दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। अरविंद सावंत की यह प्रतिक्रिया विशेष रूप से उन रिपोर्टों को लेकर आई है, जिसमें चुनावी समय में पैसा वितरण और जब्ती की खबरें आई हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि ऐसी घटनाओं में सभी पार्टियों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली की साख बनी रहे।</p>
<p>विश्लेषकों का कहना है कि सावंत का यह बयान आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है। इससे चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच संवाद की आवश्यकता और बढ़ गई है। इस प्रकार, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक ढंग से कार्य करने की अपील की है, ताकि भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।<br /> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46997/mumbai-shiv-sena-mp-arvind-sawants-allegations-against-the-election</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 12:16:52 +0530</pubDate>
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