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                <title>All India Mushaira - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>&quot;निशान-ए-हिंद ट्रस्ट&quot; का सफल अखिल भारतीय मुशायरा, ज़ुबेर अल-हसन ग़ाफिल के काव्य संग्रह &quot;दरिचे की धूप&quot; का विमोचन।</title>
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                        <![CDATA[<p>निशान-ए-हिंद ट्रस्ट मालेगांव द्वारा  प्रसिद्ध शायर ज़ुबेर अल-हसन ग़ाफिल की काव्यकृति "दरिचे की धूप" का विमोचन मालेगांव उर्दू घर ऑडिटोरियम में हाफिज वली अहमद खान की अध्यक्षता में हुआ। इस कार्यक्रम में असलम हसन कस्टम कमिश्नर मुंबई और ज़ुबेर अल-हसन ग़ाफिल के बेटे, जो स्वयं एक साहित्यिक व्यक्तित्व हैं, कार्यक्रम में पूरे समय तक मौजूद रहे। दैनिक हिंदुस्तान मुंबई के संपादक सरफराज आर्ज़ू ने काव्य संग्रह "दरिचे की धूप" की रचनात्मक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला, जिसे उपस्थित सभी श्रोताओं ने सराहा।</p>
<p>शम्स उज़्ज़ा इस्राइल ने भी इस काव्य संग्रह पर तार्किक और वैज्ञानिक टिप्पणी की, जिसे श्रोताओं ने बहुत सराहा।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/37879/the-successful-all-india-mushaira-of-nishan-e-hind-trust-released-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-02/img-20250204-wa0007.jpg" alt=""></a><br /><p>निशान-ए-हिंद ट्रस्ट मालेगांव द्वारा  प्रसिद्ध शायर ज़ुबेर अल-हसन ग़ाफिल की काव्यकृति "दरिचे की धूप" का विमोचन मालेगांव उर्दू घर ऑडिटोरियम में हाफिज वली अहमद खान की अध्यक्षता में हुआ। इस कार्यक्रम में असलम हसन कस्टम कमिश्नर मुंबई और ज़ुबेर अल-हसन ग़ाफिल के बेटे, जो स्वयं एक साहित्यिक व्यक्तित्व हैं, कार्यक्रम में पूरे समय तक मौजूद रहे। दैनिक हिंदुस्तान मुंबई के संपादक सरफराज आर्ज़ू ने काव्य संग्रह "दरिचे की धूप" की रचनात्मक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला, जिसे उपस्थित सभी श्रोताओं ने सराहा।</p>
<p>शम्स उज़्ज़ा इस्राइल ने भी इस काव्य संग्रह पर तार्किक और वैज्ञानिक टिप्पणी की, जिसे श्रोताओं ने बहुत सराहा। क़माल पब्लिकेशंस जबलपुर के निदेशक फिरोज़ क़माल ने "तराना परचम उर्दू" की अहमियत और उपयोगिता पर बात की। डॉ. अजीज़ुल्ला शेरानी राजस्थान की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।</p>
<p>मशहूर मुशायरा संचालक असर सिद्दीकी, आधुनिक साहित्य के अग्रणी डॉ. अशफाक अन्जम की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी शानदार बना दिया। इस मुशायरे में शायर रियाज़ मंनसिफ के तीसरे काव्य संग्रह "मिट्टी भर ख्वाब" का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत की संचालन मख़्तार अदील ने और मुशायरा सफल बनाने में मशहूर मुशायरा संचालक रईस सितारा ने कोई कसर नहीं छोड़ी।</p>
<p>"निशान-ए-हिंद ट्रस्ट" ने इस कार्यक्रम का आयोजन "तराना परचम उर्दू" की ऐतिहासिक प्रस्तुति के सम्मान में किया था, जिसमें विशेष रूप से क़माल पब्लिकेशंस जबलपुर के प्रमुख अशफाक क़माल, आतिफ़ रशीद क़माल और उनके परिवार के कई सदस्य जैसे इयान अकमल, अफ़ान हारून, अरीबा अलमास आदि ने भाग लिया। जबलपुर की प्रमुख साहित्यिक हस्ती और इतिहासकार डॉ. मुहम्मद अफ़सर खान अलमशरिकी खान और ग़ुलाम ग़ौस को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।</p>
<p>ऑडिटोरियम में पहले "डिजिटल तराना परचम उर्दू" स्क्रीन पर दिखाया गया और फिर ग़ुलाम ग़ौस ने इसे लाइव गाकर पूरा हॉल तालियों की गूंज से गूंज उठा।</p>
<p>मान्य असलम हसन, फिरोज़ क़माल और हज़रत क़ौसर सिद्दीकी को "निशान-ए-हिंद अवार्ड 2025" प्रदान किए गए और सम्मान पत्र भी दिए गए। मालेगांव की नौ प्रमुख व्यक्तियों को उनकी दीर्घकालिक और अनुकरणीय साहित्यिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक सेवाओं के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर शबीर शाद, खलील अहमद अंसारी, अमानत उल्लाह पीर मोहम्मद, अतीक सर पटोदिया, मसूद अहमद आदि की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को सफल बना दिया।</p>
<p>इस सम्मान समारोह के तुरंत बाद अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन किया गया। यह संयोग या चयन की कुशलता ही थी कि मुशायरे के प्रत्येक शायर ने उम्मीद से अधिक सफलता प्राप्त की।</p>
<p>विश्व प्रसिद्ध मुशायरा संचालक और शायर यूसुफ राणा की कविता 'ख़ुदा का शाहकार' को श्रोताओं ने खूब सराहा। आमतौर पर मुशायरे की परंपरा से हटकर, यह आयोजन कविता की सुकूनदायक माहौल में समाप्त हुआ।</p>
<p>काव्य-प्रस्तुतियों में उल्लेखनीय नाम असर सिद्दीकी, नविन जोशी, अश्वनी मित्तल, अशफाक अन्जम, ग़ालिब आसी, अजमल अरेफ अज़मी, रियाज़ मंनसिफ, यूसुफ राणा, राशिद राही, पोनम विश्वकर्मा जैसे प्रतिभाशाली शायरों के थे। श्रोताओं ने इस ऐतिहासिक मुशायरे और "निशान-ए-हिंद ट्रस्ट मालेगांव" की इस उपलब्धि को दिल से सराहा।</p>
<p>क़माल पब्लिकेशंस जबलपुर की सराहना करते हुए अशफाक क़माल ने "निशान-ए-हिंद ट्रस्ट" के कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से अतीक सर पटोदिया, आरिफ नूरी, अब्दुल्रशीद मुजद्दीदी,ट्रस्ट के चेयरमैन यूसुफ राणा और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।</p>]]>
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                <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 06:19:47 +0530</pubDate>
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