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                <title>Ajit Pawar - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Ajit Pawar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राज्यसभा सीट पर NCP में मंथन, प्रफुल पटेल के घर हुई अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्यसभा उपचुनाव से पहले मुंबई में प्रफुल पटेल के आवास पर NCP की अहम बैठक हुई। कई नामों पर चर्चा के बाद पार्टी ने राजेंद्र जैन को उम्मीदवार घोषित किया, जबकि छगन भुजबळ का नाम भी चर्चा में रहा। #NCP #RajyaSabha #PrafulPatel #ChhaganBhujbal #RajendraJain #AjitPawar #MaharashtraPolitics #MumbaiNews </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50213/churning-in-ncp-over-rajya-sabha-seat-important-meeting-held"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/screenshot_2026-06-11-21-01-53-944_com.android.chrome-edit.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-अजित पवार गुट) में उम्मीदवार चयन को लेकर गहन मंथन हुआ। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से ठीक पहले मुंबई में वरिष्ठ नेता Praful Patel के आवास पर पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई दिग्गज नेताओं ने हिस्सा लिया। <br /><br />बैठक में Chhagan Bhujbal, Dilip Walse Patil, Parth Pawar समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उस समय राज्यसभा सीट के लिए कई नामों पर चर्चा चल रही थी और भुजबळ का नाम प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा था। <br /><br />हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व ने पूर्व एमएलसी और प्रफुल पटेल के करीबी सहयोगी Rajendra Jain को राज्यसभा उपचुनाव के लिए आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया। यह सीट पूर्व सांसद Sunetra Pawar के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। <br /><br />उम्मीदवारी की घोषणा के बाद भुजबळ ने अपनी नाराजगी छिपाई नहीं और कहा कि उन्हें भी लंबे सार्वजनिक जीवन के बाद राज्यसभा का अवसर मिलना चाहिए था। उनके बयान के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला। <br /><br />पार्टी अध्यक्ष Sunil Tatkare ने कहा कि राजेंद्र जैन को विदर्भ क्षेत्र में पार्टी को मजबूत प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से उम्मीदवार बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:04:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>राज्यसभा के लिए छगन भुजबल का नाम चर्चा में, समीर भुजबल को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की अटकलें तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर छगन भुजबल का नाम प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। वहीं उनके भतीजे समीर भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। हालांकि NCP ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। #ChhaganBhujbal #SameerBhujbal #NCP #RajyaSabha #MaharashtraPolitics #BreakingNews #MaharashtraNews</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50119/chhagan-bhujbals-name-in-discussion-for-rajya-sabha-speculations-intensify"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/chagan-bhujbal.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल का नाम संभावित उम्मीदवारों में प्रमुखता से सामने आ रहा है। साथ ही, उनके भतीजे समीर भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।</p>
<p>राज्यसभा की यह सीट उपमुख्यमंत्री और NCP नेता Sunetra Pawar के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। इस सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर पार्टी के भीतर कई नामों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें छगन भुजबल का नाम सबसे चर्चित माना जा रहा है।</p>
<p>राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, छगन भुजबल लंबे समय से राज्यसभा जाने के इच्छुक रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यदि उन्हें राज्यसभा भेजा जाता है, तो उनके स्थान पर समीर भुजबल को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग भी उठ सकती है। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।</p>
<p>NCP के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आने की खबरें हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी को संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए, जबकि समर्थकों का तर्क है कि अन्य नेताओं के परिवारों को भी राजनीतिक जिम्मेदारियां मिली हैं, इसलिए भुजबल परिवार के मामले में अलग मानदंड नहीं होना चाहिए।</p>
<p>वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पार्टी नेतृत्व अभी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा है और उम्मीदवार के नाम पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। राज्यसभा उपचुनाव और विधान परिषद चुनावों को देखते हुए महायुति के भीतर राजनीतिक समीकरणों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p>फिलहाल छगन भुजबल के राज्यसभा जाने और समीर भुजबल के मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर केवल अटकलें और चर्चाएं हैं। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की सहमति के बाद ही सामने आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:50:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>महाराष्ट्र : उपमुख्यमंत्री अजित पवार के तेरहवीं के बाद खुलेगा राज! अनिल देशमुख के दावे ने मचाई सनसनी... </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मविआ के सहयोगी दलों द्वारा इस हादसे पर षड्यंत्र का संदेह व्यक्त करते हुए जांच की मांग की जा रही है। राकां शरद पवार गुट के आला नेता 9 फरवरी के बाद दुर्घटना को लेकर रहस्य खोलने के वक्तव्य दे रहे हैं। शहर में दोनों गुटों के बीच भीतरी राजनीति शुरू हो गई है। अजित पवार राकां के दोनों ही गुटों के कार्यकर्ताओं के लिए प्रिय थे और उनके आकस्मिक निधन से सभी पर दुखों का पहाड़ टूटा है। जो उनके करीबी थे उन्हें अपनी जमीन भी खिसकती नजर आ रही थी। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था कि अब आगे क्या। वे किसके नेतृत्व में कार्य करेंगे, उनको सुनने वाला कौन होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47558/anil-deshmukhs-claim-that-maharashtra-deputy-chief-minister-ajit-pawar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/2233.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में मौत के बाद से राज्य की राजनीति में अलग ही मोड़ आ गया है। मविआ के सहयोगी दलों द्वारा इस हादसे पर षड्यंत्र का संदेह व्यक्त करते हुए जांच की मांग की जा रही है। राकां शरद पवार गुट के आला नेता 9 फरवरी के बाद दुर्घटना को लेकर रहस्य खोलने के वक्तव्य दे रहे हैं। शहर में दोनों गुटों के बीच भीतरी राजनीति शुरू हो गई है। अजित पवार राकां के दोनों ही गुटों के कार्यकर्ताओं के लिए प्रिय थे और उनके आकस्मिक निधन से सभी पर दुखों का पहाड़ टूटा है। जो उनके करीबी थे उन्हें अपनी जमीन भी खिसकती नजर आ रही थी। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था कि अब आगे क्या। वे किसके नेतृत्व में कार्य करेंगे, उनको सुनने वाला कौन होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसका समाधान भी जल्द ही हो गया। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को नेतृत्व की जिम्मेदारी दे दी गई। इससे कार्यकर्ताओं का कन्फ्यूजन तो दूर हो गया लेकिन अभी भी स्थानीय कार्यकर्ताओं में यहां हो रहे कुछ घटनाक्रमों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अजित पवार के निधन की खबर फैलते ही राकां के दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं ने एक साथ मिलकर पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था लेकिन उसके कुछ दिनों के बाद ही शरद पवार गुट के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सर्वदलीय जनप्रतिनिधियों की एक शोकसभा आयोजित की जिसमें सभी राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद से ही अजित पवार गुट के कुछ पदाधिकारी व कार्यकर्ता दबी जबान यह सवाल उठाने लगे हैं कि मूल पार्टी तो अजित पवार की है जिसका चुनाव चिन्ह भी घड़ी है। ऐसे में स्थानीय संगठन के मुख्य पदाधिकारियों ने सर्वदलीय शोक सभा का आयोजन क्यों नहीं किया। कुछ तो यह भी संदेह जता रहे हैं कि क्या शरद पवार गुट द्वारा स्थानीय पदाधिकारियों पर दबाव डालते हुए यह संकेत देने का प्रयास किया गया है। या फिर गाहे-बगाहे दोनों पार्टियों का विलय होगा, इसलिए संभल जाओ। क्या कोई षड्यंत्र चल रहा है। पूर्व गृह मंत्री ने भी अजित दादा के विमान दुर्घटना को लेकर उनकी तेरहवीं के बाद विस्तार से खुलासा करने की बात मीडिया से कही थी। कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है लेकिन वे यह जरूर मान रहे हैं, कुछ तो चल रहा है जो जल्द सामने आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 19:13:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महाराष्ट्र में स्कूलों में हिंदी पहली कक्षा से नहीं, पांचवीं से पढ़ाई जाए... डिप्टी सीएम अजित पवार ने जताई आपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अजित पवार के अलावा, अभिनेता सयाजी शिंदे ने भी इस फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा, "छात्रों को मराठी सीखने की अनुमति दी जानी चाहिए, जो एक बहुत समृद्ध भाषा है। उन्हें कम उम्र में ही मराठी में पारंगत होना चाहिए और उन्हें किसी अन्य भाषा का बोझ नहीं डालना चाहिए। अगर इसे अनिवार्य बनाया ही जाना है, तो इसे कक्षा 5 के बाद ही बनाया जाना चाहिए।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41634/deputy-cm-ajit-pawar-objected-to-the-hindi-first-grade"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(5)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र:</strong> महाराष्ट्र में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पहली कक्षा से पढ़ाने के सरकार के फैसले पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बच्चों पर शुरुआत से ही अतिरिक्त भाषाई बोझ डालना उचित नहीं है और हिंदी की पढ़ाई कक्षा 5 से शुरू होनी चाहिए। मंगलवार को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा "छात्रों को मराठी की शिक्षा कक्षा 1 से मिलनी चाहिए ताकि वे भाषा को पढ़ने और लिखने में दक्ष हो सकें। लेकिन हिंदी को कक्षा 1 से पढ़ाना जरूरी नहीं है।" उन्होंने कहा कि यह सुझाव सोमवार को मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में भी सामने रखा गया।<br /><br />हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने एक संशोधित आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया कि मराठी और इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिंदी अनिवार्य नहीं होगी, और किसी अन्य भारतीय भाषा को पढ़ने के लिए कम से कम 20 छात्रों की सहमति जरूरी होगी।<br /><br />अजित पवार के अलावा, अभिनेता सयाजी शिंदे ने भी इस फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा, "छात्रों को मराठी सीखने की अनुमति दी जानी चाहिए, जो एक बहुत समृद्ध भाषा है। उन्हें कम उम्र में ही मराठी में पारंगत होना चाहिए और उन्हें किसी अन्य भाषा का बोझ नहीं डालना चाहिए। अगर इसे अनिवार्य बनाया ही जाना है, तो इसे कक्षा 5 के बाद ही बनाया जाना चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/41634/deputy-cm-ajit-pawar-objected-to-the-hindi-first-grade</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Jun 2025 17:04:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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