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                <title>evasion - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>evasion RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: 3.56 करोड़ की GST चोरी मामले में कार्रवाई, बोगस फर्म मालिक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>जीएसटी में पंजीकृत बोगस फर्म से 18.62 करोड़ का कारोबार कर जीएसटी चोरी करने वाला मुंबई का एक सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार किया गया है। राज्य कर विभाग की एसआईबी की जांच में बाराबंकी से रजिस्टर्ड द रेड स्क्वायर इंटरप्राइजेज नामक बोगस फर्म से 3.56 करोड़ जीएसटी की चोरी का मामला सामने आया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48993/mumbai-bogus-firm-owner-arrested-action-taken-in-gst-theft"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(42).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>जीएसटी में पंजीकृत बोगस फर्म से 18.62 करोड़ का कारोबार कर जीएसटी चोरी करने वाला मुंबई का एक सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार किया गया है। राज्य कर विभाग की एसआईबी की जांच में बाराबंकी से रजिस्टर्ड द रेड स्क्वायर इंटरप्राइजेज नामक बोगस फर्म से 3.56 करोड़ जीएसटी की चोरी का मामला सामने आया था।</p>
<p> </p>
<p>जीएसटी चोरी का यह मुकदमा विशेष अनुसंधान शाखा अयोध्या की उपायुक्त ने पिछले वर्ष जुलाई में दर्ज कराया था। बोगस फर्मो के रजिस्ट्रेशन पर कारोबार करने वालों की बाराबंकी में जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान जीएसटी चोरी से जुड़े मामलों में पुलिस ने फिलहाल फर्म के प्रोपराइटर मुंबई निवासी अमित शाखाहारी काले की गिरफ्तारी का दावा किया है। जीएसटी चोरी के नेटवर्क में शामिल कोई नाम सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस अन्य लोगों को तलाश करने की बात कह रही है।</p>
<p>राज्य कर विभाग की एसआईबी अयोध्या की उपायुक्त अल्पना वर्मा ने 18 जुलाई 2025 को बोगस फर्म द रेड स्क्वायर इंटरप्राइजेज पर जीएसटी चोरी का मुकदमा कराया था। इस फर्म का पता कोतवाली नगर का आवास विकास दिखाया गया था। विभागीय जांच में फर्म का घोषित पता पूरी तरह फर्जी मिला था। मौके पर न तो कोई फर्म मिली न ही बताए गए प्लाट नंबर का अस्तित्व सामने आया।</p>
<p>रजिस्ट्रेशन में लगाया गया बिजली बिल भी जांच में फर्जी मिला। यही नहीं क्यूआर कोड किसी दूसरे के नाम का लगा दिया गया था। इस फर्म ने बिना वास्तविक कारोबार के ही जुलाई 2024 में करीब 18.62 करोड़ रुपये की सप्लाई दर्शाकर विभिन्न राज्यों की फर्मों को केवल इनवाइस जारी किए और करीब 3.56 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करवा लिया। </p>
<p>नगर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यह फर्म मुम्बई के राहुल नगर नंबर-1 अपोजिट एटीआईवीएन पूर्व मार्ग सियान चूनाभट्टी निवासी अमित शाखाहारी काले के नाम थी। जो मुम्बई में सुरक्षा गार्ड का काम करता है। अमित ने स्वार्थ में अपने सारे दस्तावेज आरोपित को दिए थे, जिससे बोगस फर्म बनी थी। आरेापित अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है। संबंधित से पूछताछ की जा रही है। इस नेटवर्क में शामिल अन्य कड़ियों की भी तलाश की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:23:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत टैक्स पारदर्शिता में मजबूत अगुवा: विदेशी टैक्स चोरी पर 29 हजार करोड़ का हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ भारत की कोशिशों को वैश्विक स्तर पर बड़ी मान्यता मिली है। ओईसीडी की शीर्ष अधिकारी जायदा मैनाटा के मुताबिक, भारत की पारदर्शी टैक्स नीतियों और आयकर विभाग के हालिया अभियान से 29 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। भारत ने विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बात का दावा वैश्विक आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के एक शीर्ष अधिकारी ने की। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी टैक्स चोरी (ऑफशोर टैक्स एवेज़न) के खिलाफ पारदर्शिता लागू करने में दुनिया के मजबूत देशों में शामिल है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46198/india-is-a-strong-leader-in-tax-transparency-foreign-tax"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-14t201918.893.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ भारत की कोशिशों को वैश्विक स्तर पर बड़ी मान्यता मिली है। ओईसीडी की शीर्ष अधिकारी जायदा मैनाटा के मुताबिक, भारत की पारदर्शी टैक्स नीतियों और आयकर विभाग के हालिया अभियान से 29 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। भारत ने विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बात का दावा वैश्विक आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के एक शीर्ष अधिकारी ने की। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी टैक्स चोरी (ऑफशोर टैक्स एवेज़न) के खिलाफ पारदर्शिता लागू करने में दुनिया के मजबूत देशों में शामिल है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की पारदर्शी टैक्स नीतियों और आयकर विभाग के हालिया अभियान से 29 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। यह भारत की मजबूत वैश्विक भूमिका और सख्त टैक्स व्यवस्था को दर्शाता है।</p>
<p> </p>
<p>एक सक्षात्कार में ओईसीडी की टैक्स पारदर्शिता और सूचना आदान-प्रदान से जुड़े ग्लोबल फोरम की सचिवालय प्रमुख जायदा मैनाटा ने यह बात कही। वह हाल ही में 2 से 4 दिसंबर के बीच नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल फोरम की वार्षिक बैठक में शामिल होने भारत आई थीं। बता दें कि इस फोरम के 172 देश सदस्य हैं।</p>
<p><strong>अब समझिए भारत की तारीफ क्यों?</strong><br />विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल करने के लिए भारत की तारिफ क्यों हुई? इस बात ऐसे समझा जा सकता है, क्योंकि मैनाटा ने कहा कि भारत 2009 से ही टैक्स पारदर्शिता के लिए ग्लोबल फोरम के काम में सक्रिय सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्स पारदर्शिता का मजबूत समर्थक है और ऑफशोर टैक्स चोरी के खिलाफ लगातार काम कर रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नई दिल्ली में 2025 की ग्लोबल फोरम बैठक की मेजबानी करना भी भारत की इसी प्रतिबद्धता को दिखाता है।</p>
<p> </p>
<p><strong>विदेशी खातों की जानकारी साझा करने की व्यवस्था</strong><br />ओईसीडी अधिकारी ने आगे बताया कि भारत ने ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन (एईओआई) और कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (सीआरएस) को लागू करने के लिए जरूरी कानूनी ढांचा तैयार कर लिया है और इसका सही तरीके से पालन भी कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग देशों की टैक्स एजेंसियां एक-दूसरे के साथ विदेशी बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी साझा करती हैं, ताकि टैक्स चोरी रोकी जा सके।<br /><br /></p>
<p><strong>एनयूडीजीई अभियान से हुआ बड़ा खुलासा</strong><br />इसके साथ ही मैनाटा ने भारत सरकार के एनयूडीजीई (नॉन-इंट्रूसिव यूज ऑफ डेटा टू गाइड एंड एनेबल) कार्यक्रम की खास तौर पर तारीफ की। उन्होंने बताया कि इस अभियान से विदेशी संपत्ति बताने वाले करदाताओं की संख्या में 45.17% की बढ़ोतरी हुई। साथ ही लगभग 29,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विदेशी संपत्तियां घोषित की गईं और 1,089 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विदेशी आय भी सामने आई। </p>
<p>गौरतलब है कि यह अभियान आयकर विभाग और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नवंबर 2024 में शुरू किया था। इसका उद्देश्य उन करदाताओं को सचेत करना था, जिनकी विदेशी संपत्तियों की जानकारी दूसरे देशों से भारत को मिली थी, लेकिन उन्होंने उसे अपने आयकर रिटर्न में नहीं दिखाया था। इस अभियान के तहत करीब 24,678 करदाताओं ने अपने रिटर्न दोबारा देखे और विदेशी संपत्तियों व आय का खुलासा किया।सीबीडीटी ने ऐसा ही दूसरा अभियान आकलन वर्ष 2025-26 के लिए भी शुरू कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 20:20:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे : ठाणे में केंद्रीय जीएसटी विभाग ने कर चोरी का एक बड़ा मामला उजागर ; व्यापारी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे में केंद्रीय जीएसटी विभाग ने कर चोरी का एक बड़ा मामला उजागर किया है, जिसमें 47.32 करोड़ के इनपुट टैक्स क्रेडिट की फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस कार्रवाई में विभाग ने मुख्य आरोपी विवेक राजेश मौर्य को गिरफ्तार किया है, जो अपनी फर्म M/s KSM Enterprises के जरिए यह घोटाला कर रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कंपनियां बनाकर और कागजातों का इस्तेमाल कर, बिना किसी वस्तु या सेवा की आपूर्ति किए करोड़ों रुपये का ITC क्लेम किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43271/thane--central-gst-department-exposed-a-big-case-of-tax-evasion-in-thane--businessman-arrested"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/images---2025-08-22t095206.915.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>ठाणे में केंद्रीय जीएसटी विभाग ने कर चोरी का एक बड़ा मामला उजागर किया है, जिसमें 47.32 करोड़ के इनपुट टैक्स क्रेडिट की फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस कार्रवाई में विभाग ने मुख्य आरोपी विवेक राजेश मौर्य को गिरफ्तार किया है, जो अपनी फर्म M/s KSM Enterprises के जरिए यह घोटाला कर रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कंपनियां बनाकर और कागजातों का इस्तेमाल कर, बिना किसी वस्तु या सेवा की आपूर्ति किए करोड़ों रुपये का ITC क्लेम किया।</p>
<p> </p>
<p>केंद्रीय जीएसटी की टीम ने एडवांस डेटा एनालिसिस टूल्स का सहारा लेकर इस जालसाजी का पर्दाफाश किया। छापेमारी में आरोपी के ठिकाने से बैंक पासबुक, चेकबुक, मोबाइल फोन और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं। विभाग ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स प्रणाली का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे मामलों पर और ज्यादा निगरानी रखी जाएगी, ताकि जीएसटी व्यवस्था को किसी भी तरह की धोखाधड़ी से सुरक्षित रखा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43271/thane--central-gst-department-exposed-a-big-case-of-tax-evasion-in-thane--businessman-arrested</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 09:52:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 16 साल बाद 88 लाख के शुल्क चोरी धोखाधड़ी मामले में 7 कस्टम अधिकारी बरी...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मुंबई के विदेश व्यापार के संयुक्त महानिदेशक के कार्यालय से प्राप्त किया और कोहली को सौंप दिया। उक्त प्रमाणपत्र के आधार पर कोहली ने निर्यात दस्तावेजों में माल की गलत घोषणा करके अमरीन इम्पेक्स के नाम पर माल का धोखाधड़ी से निर्यात किया और मुंबई के विदेश व्यापार के संयुक्त महानिदेशक के कार्यालय से डीईपीबी लाइसेंस प्राप्त किया। हालांकि, मुकदमा लंबित रहने तक कोहली की मृत्यु हो गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/37133/mumbai--7-custom-officials-acquitted-in-rs-88-lakh-duty-evasion-fraud-case-after-16-years"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-01/rwer.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> सीबीआई द्वारा सीमा शुल्क अधिकारियों और शिपिंग कंपनियों के खिलाफ 88 लाख रुपये की शुल्क चोरी के लिए मामला दर्ज करने के सोलह साल बाद, शुक्रवार को एक विशेष अदालत ने सात आरोपियों को बरी कर दिया, यह कहते हुए कि वे साजिश का हिस्सा नहीं थे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, अदालत ने कहा कि घोटाले के मास्टरमाइंड की सुनवाई लंबित रहने के दौरान मौत हो गई। सीबीआई के अनुसार, सीमा शुल्क अधीक्षक 60 वर्षीय देवेंद्र वर्मा और 56 वर्षीय दावा इंजंग और सीमा शुल्क परीक्षक 63 वर्षीय सुरेश शेट्टी ने आरोपी फर्म अमरीन इम्पेक्स, उसके मालिक समीर सहगल और सीमा शुल्क हाउस एजेंट (सीएचए) एमडी शिपिंग एजेंसी के पार्टनर दीपक के जोशी के साथ मिलीभगत की।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी ने दावा किया था कि उन्होंने ड्यूटी एंटाइटेलमेंट पास बुक (डीईपीबी) लाइसेंस प्राप्त करने के लिए माल का विवरण, वजन और मूल्य गलत घोषित किया था। इसके अलावा, अमरीन इम्पेक्स के आसिफ अहमद कच्छी ने भी यूको बैंक के जाली बैंक प्राप्ति प्रमाणपत्रों का उपयोग करके धोखाधड़ी से डीईपीबी लाइसेंस प्राप्त किया, जिससे सरकारी खजाने को 88 लाख रुपये का गलत नुकसान हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दावा किया गया कि कच्छी और सहगल ने गुरमीत सिंह कोहली और उनके सहयोगी रमेश सिंह के साथ मिलीभगत करके गलत घोषित माल का निर्यात करने का प्रयास किया था।डीईपीबी योजना के तहत धोखाधड़ी से माल निर्यात करने के लिए कोहली को आयात निर्यात कोड प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इसे मुंबई के विदेश व्यापार के संयुक्त महानिदेशक के कार्यालय से प्राप्त किया और कोहली को सौंप दिया। उक्त प्रमाणपत्र के आधार पर कोहली ने निर्यात दस्तावेजों में माल की गलत घोषणा करके अमरीन इम्पेक्स के नाम पर माल का धोखाधड़ी से निर्यात किया और मुंबई के विदेश व्यापार के संयुक्त महानिदेशक के कार्यालय से डीईपीबी लाइसेंस प्राप्त किया। हालांकि, मुकदमा लंबित रहने तक कोहली की मृत्यु हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष अदालत ने कहा: "जांच अधिकारी यूके मोरे [अब दिवंगत] ने केवल कस्टम अधिकारी द्वारा कस्टम अधिनियम के तहत दर्ज किए गए गवाहों के बयान की प्रतियां एकत्र कीं और उन्हें इस मामले में दायर किया, हालांकि यह मामला कस्टम अधिनियम के तहत नहीं है। यहां तक ​​कि माल के नमूने, माल की गुणवत्ता और वजन के बारे में सीएफएसएल रिकॉर्ड भी जब्त नहीं किए गए और न ही उन्होंने इस अदालत के समक्ष पेश किए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 20:39:05 +0530</pubDate>
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