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                <title>Pratap Sarnaik - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Pratap Sarnaik RSS Feed</description>
                
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                <title>एसटी महामंडल के 86,000 कर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार का तोहफा: DA, HRA और वार्षिक वेतन वृद्धि में बंपर बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC/एसटी महामंडल) के लगभग 86,000 कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एसटी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA), मकान किराया भत्ते (HRA) और वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार की इन घोषणाओं के बाद कर्मचारी यूनियनों ने 29 जून को प्रस्तावित अपनी हड़ताल वापस ले ली है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50387/maharashtra-governments-gift-to-86000-employees-of-st-mahamandal-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/msrtc-strike_d.webp" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC/एसटी महामंडल) के लगभग 86,000 कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य परिवहन कर्मचारियों के भत्तों और वेतन वृद्धि में भारी बढ़ोतरी के प्रस्तावों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राज्य में बसों के चक्का जाम होने का खतरा टल गया है।</p>
<p dir="ltr">​राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा में इन अहम फैसलों की घोषणा की और इसे कर्मचारियों के हित में एक "ऐतिहासिक कदम" बताया।</p>
<h3 dir="ltr">​भत्तों में क्या-क्या हुआ बदलाव?</h3>
<p dir="ltr">​कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही आर्थिक मांगों को पूरा करते हुए महायुति सरकार ने निम्नलिखित प्रमुख मंजूरियां दी हैं:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>महंगाई भत्ता (DA) बढ़ा:</strong> एसटी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत से बढ़ाकर <strong>58 प्रतिशत</strong> कर दिया गया है। अब एसटी कर्मचारियों का डीए (DA) राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बिलकुल बराबर हो गया है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>मकान किराया भत्ता (HRA) में इजाफा:</strong> एचआरए के पुराने स्लैब (8%, 16% और 24%) को खत्म कर दिया गया है। अब शहरों की जनसंख्या और श्रेणी के आधार पर कर्मचारियों को क्रमशः <strong>10%, 20% और 30%</strong> की दर से मकान किराया भत्ता दिया जाएगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment):</strong> कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि की दर को 2 प्रतिशत से बढ़ाकर <strong>3 प्रतिशत</strong> कर दिया गया है।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​सरकार और कर्मचारियों के बीच बनी सहमति</h3>
<p dir="ltr">​परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि एसटी महामंडल महाराष्ट्र के ग्रामीण और शहरी परिवहन नेटवर्क की 'रीढ़ की हड्डी' है। सरकार के इस फैसले से एमएसआरटीसी पर हर महीने लगभग 45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।</p>
<p dir="ltr">​इसके साथ ही, परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया है कि महंगाई भत्ते, मकान किराये और वेतन वृद्धि के बकाया (Arrears) की करीब 5,649 करोड़ रुपये की कुल लंबित राशि भी निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए किस्तों में चुकाने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<h3 dir="ltr">​टल गई 29 जून की राज्यव्यापी हड़ताल</h3>
<p dir="ltr">​विभिन्न एसटी कर्मचारी यूनियनों की 'संयुक्त कृती समिति' पिछले काफी समय से इन मांगों को लेकर सरकार से बातचीत कर रही थी। मांगें पूरी न होने की स्थिति में यूनियनों ने 29 जून से राज्यव्यापी धरना-आंदोलन और हड़ताल करने की चेतावनी दी थी।</p>
<p dir="ltr">​सरकार द्वारा उठाये गए इस सकारात्मक कदम और मांगें मान लिए जाने के बाद, कर्मचारी यूनियनों ने अपना प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया है। इस खबर से राज्य के उन लाखों मुसाफिरों ने भी राहत की सांस ली है, जो अपनी दैनिक यात्रा के लिए पूरी तरह 'लाल परी' (एसटी बसों) पर निर्भर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महाराष्ट्र में 2047 तक 100% इलेक्ट्रिक होगी ST बस सेवा, CM फडणवीस ने तैयारियों की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने 2047 तक ST बसों के पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ई-बस परियोजना की समीक्षा करते हुए चार्जिंग स्टेशनों के विस्तार, AI आधारित रूट प्लानिंग और 5,150 ई-बसों की परियोजना को गति देने के निर्देश दिए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50062/there-will-be-100-electric-bus-services-in-maharashtra-by"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/hjt3g-jawaad2jo.jfif.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र सरकार ने राज्य परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह हरित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC) की ई-बस परियोजना की समीक्षा करते हुए 2047 तक ST बसों के पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना पर जोर दिया।</p>
<p>सरकार के रोडमैप के अनुसार, वर्ष 2029 तक ST बस बेड़े का 50 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक होगा। इसके बाद 2035 तक यह आंकड़ा 80 प्रतिशत तक पहुंचाने और 2047 तक पूरे बेड़े को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्यभर में ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग और रखरखाव का बुनियादी ढांचा भी समान गति से विकसित होना चाहिए ताकि यात्रियों को निर्बाध सेवा मिल सके।</p>
<p>बैठक के दौरान फडणवीस ने ई-बस संचालन के लिए उपयुक्त मार्गों की पहचान करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी जोर दिया। साथ ही नई बसों की डिलीवरी के सात दिनों के भीतर निरीक्षण सुनिश्चित करने और ई-बसों के लिए व्यापक संचालन एवं रखरखाव व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।</p>
<p>राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत सार्वजनिक परिवहन में ई-बसों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। योजना के अनुसार 1,500 इलेक्ट्रिक बसों के लिए वाहन लागत का 10 प्रतिशत या अधिकतम 20 लाख रुपये प्रति बस तक सब्सिडी उपलब्ध है।</p>
<p>वर्तमान में MSRTC 5,150 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रहा है। सरकार का मानना है कि इससे यात्रियों को अधिक आरामदायक, आधुनिक और प्रदूषण-मुक्त यात्रा सुविधा मिलेगी, साथ ही राज्य के स्वच्छ परिवहन लक्ष्यों को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:56:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>MSRTC की “आपली बस, आपली सेवा” पहल से बदला बस सफर का अनुभव, यात्रियों ने जताई संतुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1 मई को शुरू हुए MSRTC के ‘आपली बस, आपली सेवा’ कैंपेन के पूरे महाराष्ट्र में शुरुआती अच्छे नतीजे दिख रहे हैं। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक के तहत शुरू किए गए इस कैंपेन का फोकस साफ-सफाई, समय की पाबंदी और स्टाफ के व्यवहार को बेहतर बनाना है। ड्राइवर और कंडक्टर यात्रियों से ज़्यादा जुड़ रहे हैं, जबकि डिजिटल टिकटिंग और यात्रियों का सहयोग भी बढ़ रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49681/msrtcs-aapli-bus-aapli-seva-initiative-changed-the-experience-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/hero-image-with-text-91.jpg" alt=""></a><br /><p>.मुंबई: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम (MSRTC) की नई पहल “आपली बस, आपली सेवा” का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। इस पहल का मकसद बस सेवाओं को अधिक सुविधाजनक, व्यवस्थित और यात्री-हितैषी बनाना है, जिसे लेकर यात्रियों और बस कर्मचारियों दोनों की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है।</p>
<p><br />इस अभियान के तहत बस चालकों और कंडक्टरों को सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। समय की पाबंदी, बसों की साफ-सफाई और यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे यात्रा अनुभव पहले से बेहतर हो सके।</p>
<p><br />यात्रियों को अब यात्रा शुरू होने से पहले जरूरी जानकारी जैसे बस का रूट, स्टॉप और सीटों की स्थिति के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही सफर के दौरान अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है।</p>
<p><br />डिजिटल सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे टिकट बुकिंग और यात्रा योजना पहले की तुलना में आसान हो गई है। ऑनलाइन सेवाओं और स्मार्ट सिस्टम के जरिए यात्रियों को अधिक सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p><br />शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए अलग व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था और अन्य सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।</p>
<p><br />यात्रियों का मानना है कि इस पहल के बाद बस यात्रा ज्यादा आरामदायक और भरोसेमंद हो गई है। वहीं, बस कर्मचारी भी इसे सकारात्मक बदलाव मान रहे हैं, जिससे उनके काम करने के तरीके में सुधार आया है और यात्रियों के साथ बेहतर संबंध बन रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title> मुंबई : निजी दफ्तरों के कामकाज शिफ्ट में बदलाव के लिए टास्क फोर्स का होगा गठन - परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">परिवहन मंत्री ने कहा कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में लोकल ट्रेनों में भीड़ की समस्या को हल करने के लिए सरकार ने 1 जनवरी 2015 से मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने के लिए 60 मिनट की छूट दी है। यह भी प्रावधान किया गया है कि सुबह 09.45 बजे से 10.45 बजे के बीच जितने मिनट अधिकारी-कर्मचारी विलंब से आएंगे तो उन्हें शाम 05.30 बजे के बाद उतने ही मिनट काम करना होगा। केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य में सरकारी कार्यालयों के लिए पांच दिवसीय सप्ताह लागू किया गया है। सरकारी कार्यालयों के कार्य समय में 45 मिनट की वृद्धि की गई है और इसे सुबह 9.45 बजे से शाम 6.15 बजे तक कर दिया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42215/task-force-will-be-formed-to-change-the-functioning-shift"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/download-(7)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में कहा कि मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ को कम करने के लिए निजी दफ्तरों के कामकाज के समय में बदलाव करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। भाजपा के विधायक अतुल भातखलकर की तरफ से मुंब्रा रेलवे दुर्घटना के संबंध में उपस्थित लक्ष्यभेदी सूचना पर हुई चर्चा के जवाब में परिवहन मंत्री ने कहा कि एमएमआर क्षेत्र में तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है और यात्री लोकल ट्रेन पकड़ने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं करते और लटककर यात्रा करते हैं। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एसी लोकल की तरह साधारण लोकल में दरवाजे बंद करने की प्रणाली लागू करने के लिए केंद्रीय रेलवे मंत्री से बात की है। यदि लोकल के दरवाजे बंद होंगे तो दुर्घटनाएं नहीं होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">तीन साल में 7565 यात्रियों की मौत परिवहन मंत्री ने कहा कि मुंबई में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार ने यात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए जल परिवहन, पोड टैक्सी और रोपवे जैसी वैकल्पिक परिवहन प्रणालियों पर विचार करना शुरू कर दिया है। ऐसी परिवहन सेवाओं के माध्यम से परिवहन सेवाओं को और अधिक कुशल बनाने के उपाय किए जाएंगे। मुंब्रा में 9 जून को हुए रेल हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरनाईक ने कहा कि इस घटना में जगह पर 4 यात्रियों की मौत हुई और बाद में अस्पताल में 1 व्यक्ति की मौत हुई। इस घटना में 9 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि कल्याण के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की तारीफ करनी होगी।<br /><br />परिवहन मंत्री ने कहा कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में लोकल ट्रेनों में भीड़ की समस्या को हल करने के लिए सरकार ने 1 जनवरी 2015 से मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने के लिए 60 मिनट की छूट दी है। यह भी प्रावधान किया गया है कि सुबह 09.45 बजे से 10.45 बजे के बीच जितने मिनट अधिकारी-कर्मचारी विलंब से आएंगे तो उन्हें शाम 05.30 बजे के बाद उतने ही मिनट काम करना होगा। केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य में सरकारी कार्यालयों के लिए पांच दिवसीय सप्ताह लागू किया गया है। सरकारी कार्यालयों के कार्य समय में 45 मिनट की वृद्धि की गई है और इसे सुबह 9.45 बजे से शाम 6.15 बजे तक कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/42215/task-force-will-be-formed-to-change-the-functioning-shift</link>
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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 09:45:26 +0530</pubDate>
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