<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/2350/delhi-goverment" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Delhi Goverment - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/2350/rss</link>
                <description>Delhi Goverment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर- पोस्टिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार, दाखिल की पुनर्विचार याचिका</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले के बाद केंद्र सरकार एक अध्यादेश भी लेकर आई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21011/the-central-government-reached-the-supreme-court-in-the-matter"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/101490-wcuounjwop-1585929418.jpg" alt=""></a><br /><p><strong class="place_cont">नई दिल्ली: </strong>दिल्ली में अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग (Transfer and Posting) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया था. उस पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका भी दायर की है. सर्विसेज मामले में पांच जजों के संविधान पीठ के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई है. अफसरों की ट्रांसफर- पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को देने के 11 मई के फैसले पर केंद्र सरकार पुनर्विचार याचिका दायर की है.  बता दें कि 11 मई को पांच जजों के संविधान पीठ ने कहा था कि एलजी दिल्ली सरकार की सलाह से बाध्य हैं और अफसरों की ट्रांसफर- पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली की चुनी हुई सरकार को है.</p>
<p>इसके साथ ही मोदी सरकार ने दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर एक अध्यादेश जारी किया है. इसके अनुसार दिल्ली के अफसरों के तबादले का अधिकार केंद्र सरकार के पास ही रहेगा. इसमें कहा गया है कि इसमें कानून बनाने का अधिकार संसद के जरिए केंद्र सरकार को है.सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले से संविधान के मूल ढांचे की अवधारणा का उल्लंघन हुआ है.</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/101490-wcuounjwop-1585929418.jpg" alt="101490-wcuounjwop-1585929418"></img></p>
<p>संविधान के अनुच्छेद एक में भारत के क्षेत्र को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से परिभाषित होता है.  इसका तात्पर्य है कि केंद्र शासित प्रदेश का शासन केवल केंद्र से होगा. संविधान पीठ ने दिल्ली के लिए एक विशेष श्रेणी का गठन किया, जिसे  sui generis एक विशिष्ट नई श्रेणी का नाम दिया गया. इस तरह संविधान पीठ ने एक ऐसी श्रेणी बनाई जो अभी तक नहीं थी और यह संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध है. अगर इसे एक विशिष्ट नई श्रेणी भी माना जाए तो इस बात से इनकार नहीं हो सकता कि दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश यूटी है.</p>
<p>यह भारत की राजधानी और यूटी है इसलिए इसका शासन कोई और नहीं बल्कि केंद्र ही कर सकता है. संविधान के अनुच्छेद 239 एए में दिल्ली में विधानसभा का प्रावधान किया गया था  ताकि स्थानीय आकांक्षाओं की पूर्ति हो सके. इसके पीछे यह उद्देश्य कभी नहीं रहा कि यूटी पर स्थानीय सरकार का नियंत्रण हो और यह केंद्र सरकार के नियंत्रण से बाहर हो.</p>
<p>संविधान के 14वें हिस्से में प्रावधान है कि सेवाएं केंद्र या राज्य के अधीन हैं यूटी के अधीन नहीं. दिल्ली को राज्य मानने का संविधान पीठ का फैसला संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है. संविधान केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों का बंटवारा करता है. संविधान पीठ का फैसला उपराज्यपाल के अधिकारों को कम करता है और इस तरह राष्ट्रपति का भी है. </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/21011/the-central-government-reached-the-supreme-court-in-the-matter</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/21011/the-central-government-reached-the-supreme-court-in-the-matter</guid>
                <pubDate>Sat, 20 May 2023 12:30:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/101490-wcuounjwop-1585929418.jpg"                         length="126608"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार पर केंद्र ने जारी किया अध्यादेश, जानिए डिटेल्स</title>
                                    <description><![CDATA[इस अध्यादेश में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में लेफ्टिनेंट गवर्नर के अधिकारों को उल्लेख किया गया है। अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए अथॉरिटी का गठन किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21005/center-issues-ordinance-on-transfer-posting-rights-of-officers-in-delhi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/100363828.webp" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के पावर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर दिया है। इस अध्यादेश में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में लेफ्टिनेंट गवर्नर के साथ ही दिल्ली सरकार के अधिकारों का उल्लेख किया गया है। माना जा रहा है कि केंद्र ने एक बार फिर दिल्ली के उपराज्यपाल को उनका खोया हुआ अधिकार वापस दे दिया है।</p>
<p>इस अध्यादेश की अहम बात ये है कि अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए एक अथॉरिटी बना दी गई है। इस नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथॉरिटी में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, दिल्ली के चीफ सेक्रेट्री और प्रिंसिपल होम सेक्रेट्री होंगे। इस अथॉरिटी में अगर अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में कोई विवाद होता है तो वोटिंग होगी। अगर मामला इससे भी नहीं सुलझा तो आखिरी फैसला उपराज्यपाल लेंगे। यानी एक तरह से दिल्ली के उपराज्यपाल को फिर से पहले का अधिकार वापस मिल गया है। अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, विजिलेंस का काम यही अथॉरिटी देखेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री इस अथॉरिटी के पदेन अध्यक्ष होंगे। </p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/100363828.webp" alt="100363828"></img></p>
<p>इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि उपराज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर काम करेंगे क्योंकि मुख्यमंत्री ही राज्य का असली पावर सेंटर है। लेकिन अध्यादेश से केंद्र ने एक बार फिर से उपराज्यपालको पावरफुल कर दिया है। एक तरह से केंद्र सरकार ने अध्यादेश के जरिए सीएम केजरीवाल के अधिकारों पर फिर से कैंची चला दी है.</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 11 मई को अपने फैसले में कहा था दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, चुनी हुई सरकार को प्रशासन चलाने की शक्तियां मिलनी चाहिए अगर ऐसा नहीं होता तो यह संघीय ढांचे के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। अधिकारी जो अपनी ड्यूटी के लिए तैनात हैं उन्हें मंत्रियों की बात सुननी चाहिए अगर ऐसा नहीं होता है तो यह सिस्टम में बहुत बड़ी खोट है। चुनी हुई सरकार में उसी के पास प्रशासनिक व्यस्था होनी चाहिए। अगर चुनी हुई सरकार के पास ये अधिकार नहीं रहता तो फिर ट्रिपल चेन जवाबदेही की पूरी नहीं होती। </p>
<p>उन्होंने कहा कि NCT एक पूर्ण राज्य नही है ऐसे में राज्य पहली सूची में नहीं आता। NCT दिल्ली के अधिकार दूसरे राज्यों की तुलना में कम है। फैसला सुनाने से पहले उन्होंने कहा था कि ये फैसला सभी जजों की सहमित से लिया गया है। उन्होंने कहा कि ये बहुमत का फैसला है। सीजेआई ने फैसला सुनाने से पहले कहा कि दिल्ली सरकार की शक्तियों को सीमित करने को लिए केंद्र की दलीलों से निपटना आवश्यक है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ये मामला सिर्फ सर्विसेज पर नियंत्रण का है।</p>
<p>4 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र बनाम दिल्ली विवाद के कई मसलों पर फैसला दिया था लेकिन सर्विसेज यानी अधिकारियों पर नियंत्रण जैसे कुछ मुद्दों को आगे की सुनवाई के लिए छोड़ दिया था। 14 फरवरी 2019 को इस मसले पर 2 जजों की बेंच ने फैसला दिया था लेकिन दोनों जजों, जस्टिस ए के सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण का निर्णय अलग-अलग था। इसके बाद मामला 3 जजों की बेंच के सामने लगा और आखिरकार चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने मामला सुना। अब आज इस मामले पर फैसला आया है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/21005/center-issues-ordinance-on-transfer-posting-rights-of-officers-in-delhi</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/21005/center-issues-ordinance-on-transfer-posting-rights-of-officers-in-delhi</guid>
                <pubDate>Sat, 20 May 2023 11:45:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/100363828.webp"                         length="47488"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्‍ली में अगले महीने की 4 से 15 तारीख तक सड़कों पर सम-विषम योजना लागू की जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्‍ली में चार नवंबर से 15 नवंबर तक सड़कों पर सम-विषम योजना लागू की जाएगी। इसका उद्देश्‍य दिल्‍ली और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के उच्‍च स्‍तर से निपटना है। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इस सिलसिले में पाबंदियां दुपहिया वाहनों, चिकित्‍सा संबंधी आपात स्थिति में उपयोग किए जा रहे वाहनों और महिलाओं और स्‍कूली बच्‍चों को ले जा रहे वाहनों पर लागू नहीं होंगी। उन्‍होंने कहा कि रविवार को छोड़कर यह योजना प्रतिदिन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेगी। इसका उल्‍लंघन करने पर चार हजार रूपये का जुर्माना देना पड़ेगा।</p> <p>यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/2091/an-even-odd-scheme-will-be-implemented-on-the-roads-in-delhi-from-4th-to-15th-november"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2019-10/images-34.jpeg" alt=""></a><br /><p>दिल्‍ली में चार नवंबर से 15 नवंबर तक सड़कों पर सम-विषम योजना लागू की जाएगी। इसका उद्देश्‍य दिल्‍ली और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के उच्‍च स्‍तर से निपटना है। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इस सिलसिले में पाबंदियां दुपहिया वाहनों, चिकित्‍सा संबंधी आपात स्थिति में उपयोग किए जा रहे वाहनों और महिलाओं और स्‍कूली बच्‍चों को ले जा रहे वाहनों पर लागू नहीं होंगी। उन्‍होंने कहा कि रविवार को छोड़कर यह योजना प्रतिदिन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेगी। इसका उल्‍लंघन करने पर चार हजार रूपये का जुर्माना देना पड़ेगा।</p> <p>यह योजना उन गाडि़यों पर भी लागू होगी जो दूसरे राज्‍यों से आती हैं। इस योजना के तहत सम और विषम नंबरों की गाडि़यां एक दिन छोड़कर चलेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/2091/an-even-odd-scheme-will-be-implemented-on-the-roads-in-delhi-from-4th-to-15th-november</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/2091/an-even-odd-scheme-will-be-implemented-on-the-roads-in-delhi-from-4th-to-15th-november</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Oct 2019 04:29:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2019-10/images-34.jpeg"                         length="31823"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        