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                <title>executive - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title> नई दिल्ली : 5 राज्यों के चुनाव तक कांग्रेस में किसी प्रदेश अध्यक्ष या प्रदेश कार्यकारिणी का बदलाव नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांग्रेस में किसी भी राज्य का प्रदेश अध्यक्ष या प्रदेश कार्यकारिणी का बदलाव करने के मूड में आलाकामन नहीं है। दिल्ली के एक पत्रकार द्वारा ट्वीट करके कांग्रेस पार्टी में हलचल पैदा कर दी थी। जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष बदलने की बात भी कही गई थी जो पूरी तरीके से कपोलकल्पित और झूठी साबित होने जा रही है। कांग्रेस के प्रमुख सूत्र के अनुसार किसी भी राज्य के अध्यक्ष को बदलने की कोई हलचल या सुगबुगाहट अभी नहीं है और कांग्रेस पार्टी आने वाले 5 राज्यों के चुनाव पर ध्यान केंद्रित करके विचार विमर्श कर रही है इसी सिलसिले में सभी राज्यों के इंचार्ज और स्कैनिंग कमेटी के प्रमुख से राहुल गांधी एक-एक करके मुलाकात कर रहे है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47007/new-delhi-no-change-of-any-state-president-or-state"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-15t192118.557.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>कांग्रेस में किसी भी राज्य का प्रदेश अध्यक्ष या प्रदेश कार्यकारिणी का बदलाव करने के मूड में आलाकामन नहीं है। दिल्ली के एक पत्रकार द्वारा ट्वीट करके कांग्रेस पार्टी में हलचल पैदा कर दी थी। जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष बदलने की बात भी कही गई थी जो पूरी तरीके से कपोलकल्पित और झूठी साबित होने जा रही है। कांग्रेस के प्रमुख सूत्र के अनुसार किसी भी राज्य के अध्यक्ष को बदलने की कोई हलचल या सुगबुगाहट अभी नहीं है और कांग्रेस पार्टी आने वाले 5 राज्यों के चुनाव पर ध्यान केंद्रित करके विचार विमर्श कर रही है इसी सिलसिले में सभी राज्यों के इंचार्ज और स्कैनिंग कमेटी के प्रमुख से राहुल गांधी एक-एक करके मुलाकात कर रहे है। इसी कड़ी में टीएस सिंहदेव जो तमिनाडु के स्कैनिंग कमेटी के प्रमुख है राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की है। </p>
<p> </p>
<p>गौरतलब है कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत का विवाद कर्नाटक में में सिद्धारमैया मुख्यमंत्री और डी शिव कुमार का विवाद और गुजरात में शक्ति सिंह गोहिल ऐसे दर्जनभर राज्यों के विवाद पर पार्टी किसी भी राज्य के लिए निर्णय लेने के मूड में नहीं है। 5 राज्यों के चुनाव के उपरांत बड़ी उठा - पटक कांग्रेस पार्टी में होने से इंकार भी नहीं किया जा सकता। </p>
<p>छत्तीसगढ़ में 2 कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना अप्रैल-मई तक दिख रही है जिसकी पुख्ता जानकारी प्राप्त नहीं की जा सकती। जहां तक टीएस बाबा का व्यक्तिगत रुझान तमिनाडु में पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को पूर्ण करने पर है। टीएस बाबा ने भी किसी प्रकार के परिवर्तन की बातों का खंडन किया है। प्रदेश अध्यक्ष के फेरबदल का अनुमान लगाना कांग्रेस पार्टी में बेतुकी बात होगी। राज्यों के विवाद को देखते हुए पार्टी में कभी-भी फेरबदल की आशंका बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 19:22:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान; हिंदी भाषी समाज को प्रतिनिधित्व</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया है। कार्यकारिणी में हिंदी भाषी समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है, लेकिन हिंदी भाषी समाज के नामचीन चेहरे रत्नेश सिंह, वीरेंद्र उपाध्याय, अरविंद त्रिपाठी के अलावा चरण सिंह सप्रा को जंबो कार्यकारिणी में स्थान नहीं दिया गया है। हां, अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने अपनी विधायक बहन डॉक्टर ज्योति गायकवाड और पने भाई तुषार गायकवाड को मुंबई कांग्रेस कार्यकारिणी में शामिल जरूर किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44535/mumbai-congress-announces-new-executive-committee--hindi-speaking-community-gets-representation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-09t105903.981.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया है। कार्यकारिणी में हिंदी भाषी समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है, लेकिन हिंदी भाषी समाज के नामचीन चेहरे रत्नेश सिंह, वीरेंद्र उपाध्याय, अरविंद त्रिपाठी के अलावा चरण सिंह सप्रा को जंबो कार्यकारिणी में स्थान नहीं दिया गया है। हां, अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने अपनी विधायक बहन डॉक्टर ज्योति गायकवाड और पने भाई तुषार गायकवाड को मुंबई कांग्रेस कार्यकारिणी में शामिल जरूर किया है। नई लिस्ट को जारी करते ही कांग्रेस में चर्चा शुरू हो गई है कि मुंबई कांग्रेस अब गायकवाड परिवार की पार्टी बन गई है। मंगलवार की देर रात दिल्ली से अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी ने मुंबई के कार्यकारिणी की लिस्ट जारी की।</p>
<p> </p>
<p><strong>सीनियर नेताओं को अहमियत</strong><br />पॉलिटिकल अफेयर कमिटी में ज्यादातर पार्टी के बुजुर्ग व वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया है। नई कार्यकारिणी में शिवजी सिंह, विधायक अमीन पटेल, जेनेट डिसूजा और अशोक जाधव को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया है। विधायक ज्योति गायकवाड, भूषण पाटील, डॉ. अजंता यादव, डॉ. किशोर सिंह, अवनीश सिंह, अखिलेश यादव सहित 34 लोगों को उपाध्यक्ष बनाया है।</p>
<p><strong>78 सचिव बनाए गए</strong><br />वकील विजय सिंह, दीपक यादव, संदीप शुक्ला, रमेश सिंह, राम गोविंद यादव, संतोष सिंह सहित कुल 57 लोगों को महासचिव बनाया है। अडो आरपी पांडेय, राजेश सिंह, विधायक सुरेश शेट्टी, मनोज त्रिपाठी सहित 78 लोगों को सचिव बनाया है। कार्यकारिणी सदस्य 20 लोगों को बनाया है। मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत को बनाया और पूर्व नगरसेविका शीतल म्हात्रे, सुरेशचंद्र राजहंस के साथ-साथ कुल पांच लोगों को पार्टी की बात रखने के लिए प्रवक्ता बनाया गया है। असलम शेख को कोषाध्यक्ष क्यों?</p>
<p>पार्टी के कोष की जिम्मेदारी एक बार फिर विधायक असलम शेख को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि असलम शेख को यह जिम्मेदारी देने से आर्थिक संकट से जूझ रही मुंबई कांग्रेस को राहत जरूर मिलेगी।</p>
<p><strong>जिला अध्यक्ष भी बदले</strong><br />मुंबई के छह जिलों के अध्यक्षों को भी ऑल इंडिया कांग्रेस ने बदल दिया है। दक्षिण मुंबई जिले की जिम्मेदारी रवि भावकर, दक्षिण मध्य मुंबई की कचरू यादव, उत्तर-मध्य मुंबई की अरशद आजमी, उत्तर मुंबई से राजपत यादव, उत्तर पूर्व मुंबई से केतन शाह और उत्तर-पश्चिम जिला का अध्यक्ष भावना जैन को बनाया गया है। मुंबई की 6 जिला में दो उत्तर भारतीय, दो गुजराती और एक मुस्लिम और एक मराठी व्यक्ति को जिम्मेदारी दी गई है। </p>
<p><strong>उत्तर-पश्चिम जिले में महिला अध्यक्ष</strong><br />कांग्रेस में लंबे समय से सक्रिय भावना शर्मा जैन को उत्तर पश्चिम जिला अध्यक्ष बनाया गया है। समझा जाता है कि बीएमसी चुनाव को देखते हुए एक मजबूत युवा महिला चेहरा के रूप में उन्हें जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस पर जैन ने कहा वे दी गई जिम्मेदारी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी मुंबई के प्रभारी चैन्नीथला तथा मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड का आभार मानती हैं। वह पूरी ताकत, निष्ठा और समर्पण के साथ कांग्रेस के संगठन को और मजबूत करने का प्रयास करेंगी। कांग्रेस ने उन पर जो भरोसा और विश्वास किया है, उस पर वे पूरी तरह से खरा उतरने का प्रयास करेंगी। </p>
<p><strong>क्यों हैं नाराजगी ?</strong><br />मुंबई कांग्रेस की कार्यकारिणी बनाने में देर किए जाने का पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। अब जब कार्यकारिणी का ऐलान किया, तब असंतुष्ट लोग सामने आने लगे है। मुंबई अध्यक्ष ने जिस तरह से कार्यकारिणी में अपने भाई और बहन को पदाधिकारी बनाया, उसे लेकर पार्टी में नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 11:00:12 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व कार्यकारी अधिकारी के वी ब्रह्माजी राव सात साल बाद बरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विशेष अदालत मुंबई ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के पूर्व कार्यकारी अधिकारी के वी ब्रह्माजी राव को सात साल बाद बरी कर दिया है। उन पर भगोड़े आभूषण व्यवसायी नीरव मोदी से जुड़े 23,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में पहली बार आरोप लगाया गया था। विशेष अदालत ने इस मामले में सीबीआई की चुन-चुनकर काम करने की नीति पर सवाल उठाए। इस मामले में व्यक्तियों और कंपनियों समेत 25 आरोपी हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43776/mumbai--former-punjab-national-bank-executive-kv-brahmaji-rao-acquitted-after-seven-years"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-10t124238.661.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> विशेष अदालत मुंबई ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के पूर्व कार्यकारी अधिकारी के वी ब्रह्माजी राव को सात साल बाद बरी कर दिया है। उन पर भगोड़े आभूषण व्यवसायी नीरव मोदी से जुड़े 23,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में पहली बार आरोप लगाया गया था। विशेष अदालत ने इस मामले में सीबीआई की चुन-चुनकर काम करने की नीति पर सवाल उठाए। इस मामले में व्यक्तियों और कंपनियों समेत 25 आरोपी हैं। केवी ब्रह्मजी राव इस मामले से बरी होने वाले पहले शख्स हैं। विशेष सीबीआई न्यायाधीश ने कहा कि राव को अलग-थलग करके उन पर आपराधिक दायित्व का बोझ नहीं डाला जा सकता। विशेष न्यायाधीश ए वी गुजराती ने कहा कि यह ध्यान देने योग्य है कि अभियोजन पक्ष ने अधिकारियों के खिलाफ चुन-चुनकर काम किया था...। दस्तावेजों से पता चलता है कि अभियोजन पक्ष ने केवल कुछ लोगों को ही फंसाने का फैसला किया है, जबकि निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान स्तर पर खड़े अन्य लोगों को छोड़ दिया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>कोर्ट ने क्या कहा</strong><br />न्यायाधीश ने कहा कि किसी भी तरह से यह नहीं कहा जा सकता कि राव ने कोई आर्थिक लाभ प्राप्त किया या जनहित की रक्षा के उपायों की अवहेलना की। जज ने कहा, कि केवल पीएनबी का कार्यकारी निदेशक होना, यह तथ्य कि आरबीआई के निर्देशों के कार्यान्वयन में आयकर विभाग के एकतरफा फैसले और एमडी- सीईओ के विधिवत अनुमोदन के कारण देरी हुई, बिना किसी अन्य आरोप के, साजिश और धोखाधड़ी का अपराध नहीं बनता। इसलिए, इस अदालत का मानना है कि आरोपपत्र में उल्लिखित किसी भी प्रावधान के तहत आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता। </p>
<p><strong>पहले नहीं थे आरोप</strong><br />न्यायाधीश ने कहा कि आरबीआई ने 2018 में नई दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट अदालत में की गई अपनी शिकायत में राव को शामिल नहीं किया गया था। पीएनबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों- पूर्व एमडी एवं सीईओ उषा अनंतसुब्रमण्यम, कार्यकारी निदेशक संजीव शरण और अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग प्रभाग के महाप्रबंधक नेहल अहद - को आरोपी बनाया गया था। तीनों को सीबीआई मामले में भी आरोपी बनाया गया है। </p>
<p><strong>'हर शाखा पर नजर रखना संभव नहीं'</strong><br />न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी (राव) उस शाखा में सीधे तौर पर काम नहीं कर रहा था, जहां बैंक के कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की। वह पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहा था। 7,000 से ज़्यादा शाखाएं उसके नियंत्रण में थीं। इन परिस्थितियों में, हर शाखा में हो रहे लेन-देन पर नज़र रखना मानवीय रूप से असंभव है। राव के खिलाफ आरोप अस्पष्ट और सबूतों से समर्थित नहीं हैं और कार्यवाही जारी रखने की अनुमति देने से उन्हें अनुचित उत्पीड़न का सामना करना पड़ेगा, जो निष्पक्ष प्रक्रिया की संवैधानिक गारंटी के विपरीत है। </p>
<p><strong>साजिश में शामिल होने के सबूत नहीं</strong><br />आपराधिक षड्यंत्र में राव की भूमिका के आरोपों का खंडन करते हुए, न्यायाधीश ने कहा कि कुशासन या कानून-व्यवस्था का एक क्षणिक उल्लंघन, ठोस प्रयास और विचारों के मेल के स्पष्ट प्रमाण के बिना उच्चतम स्तर पर आपराधिक षड्यंत्र के बराबर नहीं है। धोखाधड़ी एक ही शाखा का एक स्थानीय मामला था, और बैंक की पदानुक्रमिक संरचना के कारण, दिल्ली में नीति-निर्माण की भूमिका में एक वरिष्ठ अधिकारी को ऐसे स्थानीय मामले की जानकारी तब तक नहीं होती जब तक कि इसे आगे नहीं बढ़ाया जाता। न्यायाधीश को इस बात का भी कोई सबूत नहीं मिला कि राव ने आंतरिक दिशानिर्देशों की अवहेलना की हो या अधीनस्थों पर बैंक की प्रक्रियाओं से विचलित होने का दबाव डाला हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 12:43:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष बनने के दो साल बाद भी कार्यकारिणी नहीं बना सकी वर्षा गायकवाड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली कांग्रेस हाईकमान ने महाराष्ट्र की नई प्रदेश कार्यकारिणी को हरी झंडी दे दी है। लेकिन मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का अब तक न कोई अता है, और न कोई पता है। वर्षा गायकवाड़ के मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष बनने के दो साल बाद भी वे अपनी कार्यकारिणी नहीं बना सकी है। इधर, हर्षवर्धन सपकाल के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्त के पांच महीने के अंदर ही उन्हें जंबो कार्यकारिणी मिल गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42628/even-after-two-years-of-becoming-mumbai-congress-president--varsha-gaikwad-could-not-form-the-executive"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/images---2025-07-31t114149.716.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>दिल्ली कांग्रेस हाईकमान ने महाराष्ट्र की नई प्रदेश कार्यकारिणी को हरी झंडी दे दी है। लेकिन मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का अब तक न कोई अता है, और न कोई पता है। वर्षा गायकवाड़ के मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष बनने के दो साल बाद भी वे अपनी कार्यकारिणी नहीं बना सकी है। इधर, हर्षवर्धन सपकाल के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्त के पांच महीने के अंदर ही उन्हें जंबो कार्यकारिणी मिल गई। उनकी नई कार्यकारिणी में मुंबई के जाकिर अहमद, राजन भोसले, राजेश शर्मा, भावना जैन को स्थान मिला है, लेकिन अमरजीत सिंह मनहास को कोषाध्यक्ष पद से मुक्ति दे दी गई है। माना जा रहा है पार्टी मनहास को वर्षा गायकवाड की जगह मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे सकती है। <br /><br /></p>
<p><strong>वर्षा गायकवाड़ को अध्यक्ष के तौर पर दो साल पूरे</strong><br />मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाले हुए वर्षा गायकवाड़ को दो साल पूरे हो गए, लेकिन अब तक वे अपनी नई कार्यकारिणी नहीं बना सकी। हां, अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने अपनी नई कार्यकारिणी की लिस्ट दिल्ली हाईकमान के पास भेजी जरूर थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। दिल्ली की सहमति के बाद वे अपने 10-12 करीबी लोगों को कार्यकारिणी में शामिल करने में जरूर सफल हुई थी। फिर लोकसभा चुनाव से पहले और विधानसभा चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी की लिस्ट बनाकर दिल्ली हाईकमान को भेजी थी। उसे भी दिल्ली ने लटका रखा है। आज भी वर्षा गायकवाड को पूर्व अध्यक्ष भाई जगताप की बनाई कार्यकारिणी से ही काम चलाना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>मुंबई कांग्रेस में 'वर्षा हटाओ, कांग्रेस बचाओ' की गूंज</strong><br />दरअसल, वर्षा गायकवाड के कामकाज से पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीम खान, चंद्रकांत हंडोरे, पूर्व अध्यक्ष भाई जगताप, सुरेश शेट्टी, अमरजीत सिंह मनहास, बलदेव खोसा, चरण सिंह सप्रा, मधु चव्हाण जैसे अन्य वरिष्ठ नेता नाराज है। उन्होंने समय-समय पर अपनी नाराजगी से दिल्ली हाईकमान को अवगत कराया है। इधर, मनसे के हिंदी विरोधी अभियान में मुंबई कांग्रेस की भूमिका के चलते हिंदी भाषी समाज भी नाराज है। मुंबई कांग्रेस में 'वर्षा हटाओ, कांग्रेस बचाओ' की गूंज सुनाई दे रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 11:43:38 +0530</pubDate>
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