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                <title>Mumbai Sessions Court - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>Mumbai Sessions Court RSS Feed</description>
                
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                <title>बेस्ट बेकरी कांड में मुंबई की सेशंस कोर्ट ने रखा फैसला सुरक्षित, 14 लोगों की गई थी जान</title>
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                        <![CDATA[बेस्ट बेकरी कांड में मुंबई की सेशंस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। मामले में करीब 21 लोगों को आरोपी बनाया गया था। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट सभी आरोपियों को बरी कर चुकी है। बता दें कि इस कांड में करीब 14 लोगों की जान गई थी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21540/mumbais-sessions-courts-verdict-in-best-bakery-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/gujarat-best-bakery-case-massacre-case-mumbai-court-verdict-decision-come-on-2-june-14-people-news-in-hindi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:left;">गुजरात के बेस्ट बेकरी केस में बुधवार को फैसला टल गया. मुंबई की एक विशेष अदालत ने अब दो जून की तारीख तय की है. मामला 2002 के गुजरात दंगों से जुड़ा है. गोधरा कांड के बाद भड़की हिंसा के बीच वडोदरा में बेस्ट बेकरी नरसंहार हुआ था. भीड़ ने बेकरी की दुकान में आग लगा दी थी. 14 लोगों को बेरहमी से मारा गया था. मामले के दो आरोपियों के खिलाफ मुंबई सेशंस कोर्ट की विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है. जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया...Mumbai's sessions court reserved verdict in Best Bakery case...</p>
<p style="text-align:left;">इस मामले में आरोपी हर्षद रावजीभाई सोलंकी और मफत मणिलाल गोहिल पिछले 10 साल से जेल में बंद हैं. आरोपियों को 13 दिसंबर 2013 को न्यायिक हिरासत में भेज गया था.</p>
<p style="text-align:left;"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/gujarat-best-bakery-case-massacre-case-mumbai-court-verdict-decision-come-on-2-june-14-people-news-in-hindi.jpg" alt="Gujarat-Best-Bakery-case-massacre-case-mumbai-court-verdict-decision-come-on-2-June-14-people-news-in-hindi"></img></p>
<p style="text-align:left;">इससे पहले बेस्ट बेकरी नरसंहार मामले की बड़ौदा फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा मुकदमा चलाया गया था और 2003 में सभी आरोपियों को राहत मिल गई थी. कारण शेख सहित प्रमुख गवाह मुकर गए थे. बेस्ट बेकरी मालिक की बेटी जहीरा शेख ने 21 आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी....Mumbai's sessions court reserved verdict in Best Bakery case...</p>
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<div title="Advertisement">गुजरात हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था. इसके बाद जहीरा शेख ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की मदद से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट ने पुर्नजांच और पुनर्विचार करने का आदेश दिया और मामले को मुंबई ट्रांसफर कर दिया था. सुनवाई के बीच रावजीभाई सोलंकी और मफत मणिलाल गोहिल को दो अन्य लोगों के साथ अजमेर विस्फोट मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें बेस्ट बेकरी केस में फरार अभियुक्त के तौर पर दिखाया गया....Mumbai's sessions court reserved verdict in Best Bakery case..</div>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 May 2023 15:56:23 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>सेक्स वर्क पर मुंबई कोर्ट की अहम टिप्पणी, सेक्स वर्क अपराध नहीं, लेकिन पब्लिक प्लेस पर हो सकता है</title>
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                        <![CDATA[ इस मामले में महिला ने अदालत के सामने यह बात कही थी कि वह किसी अनैतिक काम में लिप्त नहीं है। मेरे दो बच्चे हैं जिन्हें मेरी जरूरत है। पीड़िता ने कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में आदेश देते समय हमारे पक्ष पर गौर नहीं किया। मुझे इस देश में कहीं भी रहने और आजादी के साथ घूमने का अधिकार है।
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21138/supreme-court-on-sex-work"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/97547413-(1).webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>सेक्स वर्कर से जुड़े एक मामले में मुंबई सत्र न्यायालय ने एक अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि सेक्स वर्क कोई अपराध नहीं है लेकिन अगर इसे पब्लिक प्लेस (सार्वजानिक जगह) पर किया जाये, जिससे अन्य लोगों को तकलीफ हो या उन्हें गलत लगे तो यह एक अपराध की श्रेणी में आएगा। इस टिप्पणी के साथ अदालत ने एक 34 साल की महिला (सेक्स वर्कर) को नजरबंदी से रिहा करने का आदेश दिया है। दरअसल इसी साल फरवरी के महीने में मुंबई के मुलुंड इलाके में एक पुलिस रेड के दौरान एक महिला को वेश्यावृत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। महिला को तब स्थानीय मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था। अदालत ने महिला को एक साल के लिए मुंबई स्थित देवनार के सुधारगृह भेजने का आदेश दिया गया था। अदालत ने कहा था कि महिला को एक साल तक सुधारगृह में रखा जाए। ताकि उसकी उचित देखभाल की जा सके। मजिस्ट्रेट कोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ महिला ने मुंबई सत्र न्यायालय में गुहार लगाई थी।</p>
<div class="ad-wrapper-250">सत्र न्यायालय ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए कहा कि आर्टिकल 19 के तहत एक नागरिक का अधिकार है कि वह देश के किसी भी कोने में स्वच्छंद रूप से घूम फिर सके और कहीं भी रह सके। इस मामले में अदालत ने कहा कि महिला वयस्क हैं और भारत की नागरिक हैं। ऐसे में यह उनका अधिकार है कि वह कहीं भी रह सके और कहीं भी आजा सकें। उन्हें ऐसा करने से रोकना आर्टिकल 19 द्वारा दिए गए अधिकारों का हनन होगा। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस की रिपोर्ट से यह नहीं लगता है कि महिला पब्लिक प्लेस पर वेश्यावृत्ति में लिप्त थी। यह महिला का अधिकार है कि वह कहीं भी रहें और कहीं भी आजा सकें...Mumbai sessions court said that sex work is not illegal...</div>
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<div class="ad-wrapper-250"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/97547413-(1).webp" alt="97547413 (1)"></img></div>
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<div class="ad-wrapper-250">अदालत ने कहा कि महिला को उसके काम और पुराने जीवन के आधार पर बिना उसकी इच्छा के विपरीत नजरबंद रखना ठीक नहीं हैं। पीड़िता के दो बच्चे हैं जिन्हें उनकी मां की जरुरत है। जज ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का भी हवाला दिया है। अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट रूप से राज्य सरकारों को यह आदेश दिया कि वह एक सर्वे करें साथ ही इच्छा के विपरीत सुधारगृह में रखी गयी सेक्स वर्कर्स (जो वयस्क हों) रिहा करें। आजादी के साथ रहना उनका भी मौलिक अधिकार है, जिसका किसी भी तरह से हनन नहीं किया जा सकता है...Mumbai sessions court said that sex work is not illegal...<br /><br />पीड़िता ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी सहित तीन पीड़ितों (जिसमें से एक मैं भी थी) को मझगांव कोर्ट में पेश किया किया गया। इसके बाद हमारी उम्र की जाँच के लिए ले जाया गया। इसी बीच हमारी कस्टडी बढ़ा दी गई। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी जिसमें सभी पीड़ित महिलाओं को बालिग बताया गया। हालांकि, दो महिलाओं को छोड़ दिया गया जबकि मुझे बीते एक साल के लिए देवनार के शेल्टर होम भेज दिया गया...Mumbai sessions court said that sex work is not illegal...</div>]]>
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                <pubDate>Tue, 23 May 2023 10:08:04 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>मुंबई सत्र न्यायालय ने रूसी महिला बलात्कार मामले में खारिज हुई पुलिस निरीक्षक अनिल जाधव की जमानत याचिका</title>
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                        <![CDATA[<p>मुंबई सत्र न्यायालय ,संख्या 41 ने एसीपी अनिल जाधव अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया,पीड़िता की ओर से नितिन सतपुते वकील द्वारा दायर की गई अंतरिम जमानत अर्जी जिसका विरोध मुम्बई सत्र न्यायालय में किया गया</p> <p>अभियुक्त के अधिवक्ता अंतरिम आवेदन का विरोध कर रहे थे जिसमें कहा गया था कि एफआईआर के पंजीकरण के समय नितिन सतपुते एक गवाह थे और इसलिए उन्हें (नितिन सतपुते) पीड़ित की शिकायतकर्ता की ओर से पेश होने और याचिका करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।</p> <p>विडंबना यह है कि सत्र न्यायालय ने अभियुक्त के लिए अधिवक्ता द्वारा भेजे गए आवेदन पर</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/2061/mumbai-sessions-court-dismisses-bail-plea-of-%E2%80%8B%E2%80%8Bpolice-inspector-anil-jadhav-in-russian-woman-rape-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2019-10/19-07-42-download-42.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई सत्र न्यायालय ,संख्या 41 ने एसीपी अनिल जाधव अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया,पीड़िता की ओर से नितिन सतपुते वकील द्वारा दायर की गई अंतरिम जमानत अर्जी जिसका विरोध मुम्बई सत्र न्यायालय में किया गया</p> <p>अभियुक्त के अधिवक्ता अंतरिम आवेदन का विरोध कर रहे थे जिसमें कहा गया था कि एफआईआर के पंजीकरण के समय नितिन सतपुते एक गवाह थे और इसलिए उन्हें (नितिन सतपुते) पीड़ित की शिकायतकर्ता की ओर से पेश होने और याचिका करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।</p> <p>विडंबना यह है कि सत्र न्यायालय ने अभियुक्त के लिए अधिवक्ता द्वारा भेजे गए आवेदन पर कोई ध्यान नहीं दिया, जबकि पीड़ितों के आवेदन की अनुमति दी गई है और आरोपियों को कोई अंतरिम सुरक्षा प्रदान किए बिना कल के लिए अंतिम सुनवाई के लिए रखा गया।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2019 19:10:21 +0530</pubDate>
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