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                <title>ponds - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई : बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने मुंबई में खो चुके कुदरती तालाबों की पहचान और पुनर्जीवन के लिए सर्वे का प्रस्ताव दिया</title>
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                        <![CDATA[<p>बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने शहर में तेजी से शहरीकरण के कारण खत्म हो चुके कुदरती तालाबों और झीलों को फिर से ज़िंदा करने के लिए सर्वे और पुनर्जीवन का प्रस्ताव पेश किया है। पिछले तीन दशकों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की वजह से कई तालाब और झीलें गायब हो गई हैं, जिससे शहर में बायोडायवर्सिटी प्रभावित हुई है और शहरी गर्मी बढ़ी है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48977/mumbai-brihanmumbai-municipal-corporation-proposes-survey-to-identify-and-revive"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(11)1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने शहर में तेजी से शहरीकरण के कारण खत्म हो चुके कुदरती तालाबों और झीलों को फिर से ज़िंदा करने के लिए सर्वे और पुनर्जीवन का प्रस्ताव पेश किया है। पिछले तीन दशकों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की वजह से कई तालाब और झीलें गायब हो गई हैं, जिससे शहर में बायोडायवर्सिटी प्रभावित हुई है और शहरी गर्मी बढ़ी है। इस प्रोजेक्ट को कई फेज़ में लागू किया जाएगा। पहले फेज़ में, शहर की प्लानिंग मैप में अंकित कुदरती जगहों की पहचान की जाएगी और उनका सर्वे किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे जगहें अभी भी मौजूद हैं या नहीं। जो तालाब और झीलें बची रहेंगी, उन्हें फिर से ज़िंदा किया जाएगा और 'ब्लू ज़ोन' के रूप में विकसित किया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अविनाश ढकने ने मीडिया को बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य शहरी गर्मी को कम करना और मुंबई के इकोलॉजिकल बैलेंस को बहाल करना है। उन्होंने कहा, "तालाबों और झीलों का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का मामला नहीं है, बल्कि यह शहर में पानी की गुणवत्ता, स्थानीय जलस्तर और बायोडायवर्सिटी बनाए रखने में भी मदद करेगा।" प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग स्टेज में है। डिटेल्ड एक्शन प्लान तैयार होने के बाद कंसल्टेंट हायर करने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। इस दौरान, विशेषज्ञों और पर्यावरण वैज्ञानिकों की टीम यह सुनिश्चित करेगी कि पुनर्जीवन कार्य वैज्ञानिक तरीके से और इको-फ्रेंडली तरीके से हो।</p>
<p>सैटेलाइट इमेज के माध्यम से मुंबई में 129 संभावित झील और तालाब वाले क्षेत्रों की पहचान की गई थी। लेकिन इन जगहों में से केवल 68 में अभी भी कुदरती तालाब मौजूद हैं। 17 स्थानों तक पहुंचना मुश्किल है। मौजूदा तालाबों में 23 छोटी, 36 मीडियम, 6 बड़ी और 3 बहुत बड़ी झीलें शामिल हैं। इस सर्वे के बाद तालाबों को न केवल साफ़ किया जाएगा, बल्कि उनके आस-पास के क्षेत्र को ग्रीन ज़ोन और पब्लिक स्पेस के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई जाएगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन और प्राकृतिक स्थल उपलब्ध होंगे, साथ ही पानी की आपूर्ति और जलस्तर को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स से शहरी गर्मी को कम किया जा सकता है, प्रदूषण कम होता है और पक्षियों और जलीय जीवन के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित होता है। साथ ही, ये तालाब बारिश के पानी को संग्रहीत करने और बाढ़ नियंत्रण में भी मददगार साबित होंगे। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का यह कदम शहर में कुदरती पर्यावरण को बचाने और नागरिकों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही एक डिटेल्ड रोडमैप तैयार कर इसे लागू किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई में न केवल जल संसाधनों और बायोडायवर्सिटी को लाभ होगा, बल्कि शहर की शहरी गर्मी और प्रदूषण से निपटने में भी मदद मिलेगी।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 11:17:34 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>वसई : जरूरी शर्तों के तहत प्राकृतिक तालाबों में पूजा की अनुमति; समुद्र में निर्माल्य विसर्जन पर रोक </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>वसई-विरार में रहने वाले छठ व्रतियों के लिए बड़ी खबर है। आगामी 27 और 28 अक्टूबर को मनाए जाने वाले छठ पूजा उत्सव में श्रद्धालु अब समुद्र और तालाब के किनारे सुरक्षित और पर्यावरण और परंपरा के अनुरूप पूजा कर सकेंगे। वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित और नालासोपारा के विधायक राजन नाईक की पहल से यह संभव हुआ है। पर्यावरण संरक्षण के लिए जारी उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत प्राकृतिक तालाबों और समुद्र में निर्माल्य विसर्जन पर रोक है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44955/vasai-permission-for-worship-in-natural-ponds-under-necessary-conditions"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-25t175405.423.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वसई : </strong>वसई-विरार में रहने वाले छठ व्रतियों के लिए बड़ी खबर है। आगामी 27 और 28 अक्टूबर को मनाए जाने वाले छठ पूजा उत्सव में श्रद्धालु अब समुद्र और तालाब के किनारे सुरक्षित और पर्यावरण और परंपरा के अनुरूप पूजा कर सकेंगे। वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित और नालासोपारा के विधायक राजन नाईक की पहल से यह संभव हुआ है। पर्यावरण संरक्षण के लिए जारी उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत प्राकृतिक तालाबों और समुद्र में निर्माल्य विसर्जन पर रोक है। इस परिप्रेक्ष्य में दोनों भाजपा विधायकों ने पालघर जिले के पालक मंत्री गणेश नाईक और वसई-विरार मनपा आयुक्त मनोज कुमार सूर्यवंशी से विस्तृत चर्चा कर सुझाव दिया था कि छठ पूजा के दौरान श्रद्धालु केवल अर्घ्य दें। मूर्ति या पूजा सामग्री का विसर्जन न करें। इस पर गौर करते हुए वसई-विरार मनपा के विभिन्न प्रभागों में छठ पूजा को लेकर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। जिसमें जरूरी शर्तों के तहत प्राकृतिक तालाबों में पूजा की अनुमति दी गई है।</p>
<p> </p>
<p>मनपा आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी ने बताया कि शहर के विभिन्न प्रभागों में कृत्रिम तालाब तैयार किए जा रहे हैं, ताकि प्राकृतिक जलस्रोतों में निर्माल्य विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके। इस पहल के तहत समुद्र और तालाब के किनारे विशाल कलश स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालु अपने निर्माल्य और पूजा सामग्री डाल सकते हैं। स्वयंसेवकों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि जल प्रदूषण न हो और पूजा पारंपरिक तरीके से संपन्न हो।</p>
<p>आयुक्त ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस वर्ष शहर में गणेशोत्सव और नवरात्रोत्सव की तरह ही छठ पूजा भी पर्यावरण अनुरूप और अनुशासित तरीके से मनाई जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दोनों विधायकों के सुझाए गए मार्गदर्शन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे इस वर्ष छठ पूजा में पर्यावरण की सुरक्षा और मनपा के निर्देशों का पालन करते हुए उत्सव में हिस्सा लें। इधर, परंपरागत, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुरूप छठ पूजा की अनुमति मिलने पर समस्त उत्तर भारतीय समुदाय ने दोनों विधायकों का आभार व्यक्त किया है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 17:55:16 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : शनिवार को अनंत चतुर्दशी को मूर्तियों का विसर्जन; मुंबई मनपा प्रशासन ने 70 प्राकृतिक स्थलों सहित 290 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की  </title>
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                        <![CDATA[<p>मुंबई शहर व उपनगरों में गणेशोत्सव का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। शनिवार को अनंत चतुर्दशी को मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा. इसके लिए मुंबई मनपा प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लगभग 10 हज़ार अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे। विसर्जन के लिए 70 प्राकृतिक स्थलों सहित 290 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई है। मुंबई मनपा के अनुसार प्रतिमा विसर्जन की पूरी तैयारी कर ली गई है। बप्पा को विदाई देने के लिए प्रशासन विभिन्न सुविधाओं के साथ तैयार है।</p>]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43637/mumbai--immersion-of-idols-on-anant-chaturdashi-on-saturday--mumbai-municipal-corporation-administration-made-arrangements-for-290-artificial-ponds-along-with-70-natural-places"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/ganpati_visarjan.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>मुंबई शहर व उपनगरों में गणेशोत्सव का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। शनिवार को अनंत चतुर्दशी को मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा. इसके लिए मुंबई मनपा प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लगभग 10 हज़ार अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे। विसर्जन के लिए 70 प्राकृतिक स्थलों सहित 290 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई है। मुंबई मनपा के अनुसार प्रतिमा विसर्जन की पूरी तैयारी कर ली गई है। बप्पा को विदाई देने के लिए प्रशासन विभिन्न सुविधाओं के साथ तैयार है। विसर्जन बिना किसी बाधा के संपन्न हो, इसके लिए लगभग 10 हजार अधिकारी व कर्मचारी, 245 नियंत्रण कक्ष और अन्य सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। इस वर्ष लगभग 290 कृत्रिम विसर्जन स्थलों सहित लगभग 70 प्राकृतिक स्थलों पर प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए कृत्रिम तालाबों में प्रतिमाओं के विसर्जन को प्राथमिकता देनी चाहिए।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>मनपा उपायुक्त (जोन-2) व गणेशोत्सव समन्वयक प्रशांत सपकाले ने बताया कि पिछले दो महीनों से मुंबई में घरेलू और सार्वजनिक प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां चल रही थी। वाहन चौपाटी पर रेत में न फंसें, इसके लिए चौपाटी के किनारे विभिन्न स्थानों पर 1,175 स्टील प्लेट की व्यवस्था की गई है। छोटी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विभिन्न स्थानों पर 66 जर्मन राफ्ट की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से चौपाटी पर 2,178 लाइफगार्ड के साथ 56 मोटरबोट तैनात किए गए हैं। निर्माल्य एकत्रित करने के लिए 594 कलशों और 307 वाहनों की व्यवस्था की गई है।</div>
<div> </div>
<div>वार्ड स्तर पर 245 नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेंगे। सुरक्षा के लिए 129 वॉच टावर स्थापित किए गए हैं। विसर्जन स्थल पर 42 क्रेन की व्यवस्था की गई है। विभिन्न स्थानों पर 287 स्वागत कक्ष तैयार किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए 236 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और 115 एम्बुलेंस तैयार रखी गई है। विसर्जन स्थल पर रोशनी के लिए लगभग 6,188 फ्लडलाइट और 138 सर्चलाइट लगाई गई हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए 197 अस्थायी शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ सुसज्जित अग्निशमन वाहन भी तैनात किए गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>मनपा की वेबसाइट पर और क्यूआर कोड स्कैन करके अपने घर के आस-पास कृत्रिम तालाबों का पता लगाया जा सकता है। नागरिकों से विसर्जन के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। साथ ही विसर्जन के दौरान 'ब्लू बटन जेलीफ़िश' और 'स्टिंग रे' प्रजाति की मछलियों से बचने की हिदायत दी गई है। इस वर्षअनंत चतुर्दशी को सुबह 11.09 बजे समुद्र में 4.20 मीटर ऊंची लहरें उठेंगी। शाम 5.13 बजे 1.41 मीटर का निम्न ज्वार और रात 11.17 बजे 3.87 मीटर का उच्च ज्वार आएगा। अगले दिनरविवार को सुबह 5.06 बजे निम्न ज्वार 0.69 मीटर और सुबह 11.40 बजे 4.42 मीटर का उच्च ज्वार आएगा।</div>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Sep 2025 17:31:37 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>मुंबई : कई इलाकों में जलभराव; लंबा ट्रैफिक; सड़कें बन चुकी हैं तालाब</title>
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                        <![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में लगातार तीसरे दिन भी तेज बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत आसपास के जिलो में भारी बरसात का रेड अलर्ट जारी किया है। पिछले तीन दिन से मुंबई में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, मुंबई को अभी बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है।</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43154/mumbai--waterlogging-in-many-areas--long-traffic--roads-have-become-ponds"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-18t165912.391.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में लगातार तीसरे दिन भी तेज बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत आसपास के जिलो में भारी बरसात का रेड अलर्ट जारी किया है। पिछले तीन दिन से मुंबई में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, मुंबई को अभी बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है।</p>
<p> </p>
<p><strong>सड़कों पर भरा पानी</strong><br />बारिश की वजह से मुंबई के कई इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे कई किलोमीटर का लंबा ट्रैफिक देखने को मिल रहा है। मुंबई में सड़कें तालाब बन चुकी हैं। खासकर शहर के दो सबसे व्यस्त इलाके अंधेरी सबवे, कुर्ला और लोखंडवाला में भारी मात्रा में पानी भरने के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43154/mumbai--waterlogging-in-many-areas--long-traffic--roads-have-become-ponds</link>
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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 16:59:37 +0530</pubDate>
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