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                <title>recommendation - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई : मैनहोल हादसे के बाद बीएमसी सख्त... ठेकेदार मे. न्यू टेक इंफ्रा को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">समिति ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मानक कार्यप्रणाली लागू करने का सुझाव दिया है। मैनहोल खोलने से पहले संबंधित विभाग को काम की जगह, समय, काम करने वाले कर्मचारियों के नाम और सुरक्षा उपकरणों की जानकारी देनी होगी। मैनहोल खोलने से 10 मिनट पहले कंट्रोल रूम को फोन या डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। काम पूरा होने और मैनहोल बंद करने के बाद ठेकेदार को जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प वाली तस्वीरें संबंधित अभियंताओं को भेजनी होंगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51930/after-mumbai-manhole-accident-bmc-strict-on-contractors-and-recommends"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/erewr1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong> मैनहोल से जुड़ी दुर्घटना के मामले में बीएमसी की उच्चस्तरीय जांच समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। समिति ने संबंधित ठेकेदार मे. न्यू टेक इंफ्रा को जिम्मेदार मानते हुए उसे काली सूची में डालने की कार्रवाई पूरी करने की सिफारिश की है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मैनहोल पर जालियां लगाने का कार्यादेश वर्ष 2024 से जारी किया जा रहा है। इसलिए इस काम से जुड़े मलनिःसारण सहायक, कनिष्ठ अभियंता, उप अभियंता, सहायक अभियंता तथा अन्य संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की भी मुख्य अभियंता (दक्षता) के माध्यम से जांच कराने की सिफारिश की गई है।<br /><br />समिति ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मानक कार्यप्रणाली लागू करने का सुझाव दिया है। मैनहोल खोलने से पहले संबंधित विभाग को काम की जगह, समय, काम करने वाले कर्मचारियों के नाम और सुरक्षा उपकरणों की जानकारी देनी होगी। मैनहोल खोलने से 10 मिनट पहले कंट्रोल रूम को फोन या डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। काम पूरा होने और मैनहोल बंद करने के बाद ठेकेदार को जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प वाली तस्वीरें संबंधित अभियंताओं को भेजनी होंगी।<br /><br />रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि मानक कार्यप्रणाली के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन होने पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। जांच समिति ने सहायक आयुक्त 'एल' विभाग के माध्यम से न्यू टेक इंफ्रा को काली सूची में डालने की शुरू की गई कार्रवाई को तत्काल पूरा करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 'एल' विभाग के कार्यकारी अभियंता ने साकीनाका पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के संबंध में जांच और कार्रवाई की जानकारी हासिल करने के लिए दो बार पत्राचार किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 15:23:33 +0530</pubDate>
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                <title>आयोग की सिफारिश... महिलाओं और बच्चों के लिए हर थाने में हो मिनी पुलिस स्टेशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के बाद महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एमएससीपीसीआर) ने राज्य भर के हर पुलिस स्टेशन में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष शाखाएं या "मिनी-पुलिस स्टेशन" स्थापित करने की सिफारिश की है। बदलापुर के स्कूल में हुए घटनाक्रम के बाद पुलिस द्वारा अपराध दर्ज करने में कथित देरी का मामला उठाते हुए महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुसीबेन शाह ने प्रेस से बात करते हुए एक विस्तृत योजना साझा की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/33550/commission-s-recommendation-there-should-be-a-mini-police-station-for-women-and-children-in-every-police-station"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-08/download-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के बाद महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एमएससीपीसीआर) ने राज्य भर के हर पुलिस स्टेशन में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष शाखाएं या "मिनी-पुलिस स्टेशन" स्थापित करने की सिफारिश की है। बदलापुर के स्कूल में हुए घटनाक्रम के बाद पुलिस द्वारा अपराध दर्ज करने में कथित देरी का मामला उठाते हुए महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुसीबेन शाह ने प्रेस से बात करते हुए एक विस्तृत योजना साझा की।<br /><br />उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस स्टेशनों में महिला सहायता डेस्क, विशेष किशोर पुलिस इकाइयां और बाल कल्याण पुलिस अधिकारी हैं। ये ईकाइयां केवल महिलाओं और बच्चों की शिकायतों को दूर करने के लिए समर्पित नहीं हैं, जिसके कारण अक्सर जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित कर्मियों की अनुपलब्धता होती है। इन इकाइयों के अधिकारियों को अक्सर अन्य कार्य भी सौंप दिए जाते हैं। जिससे शिकायतों को दर्ज करने और जांच करने में देरी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में अपराध शाखा इकाइयां विशेष रूप से अपराधों की जांच के लिए आरक्षित रहती हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिकारियों को अन्य कर्तव्यों में न लगाया जाए। चूंकि देश की आबादी में महिलाओं और बच्चों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है, हम न्याय और सुरक्षा की प्रक्रिया से इतनी बड़ी आबादी को बाहर नहीं रख सकते।<br /><br />शाह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को दर्ज करने और उनकी जांच करने के लिए हर पुलिस स्टेशन में अपराध शाखा के समान एक समर्पित इकाई स्थापित करना महत्वपूर्ण है। शाह ने कहा कि उनका मानना है कि यदि एक विशेष शाखा स्थापित की जाती है तो ऐसे मामलों को प्रभावी ढंग से निपटाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना संभव होगा तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों का सुचारू पंजीकरण और जांच सुनिश्चित होगी।<br /><br />इधर, बदलापुर मामले में राजनीति भी थमने का नाम नहीं ले रही है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दो नाबालिग लड़कियों पर कथित यौन उत्पीड़न को लेकर बदलापुर में हुए विरोध प्रदर्शन के पीछे राजनीति देख रहे हैं, वे या तो असामान्य हैं या अपराधियों के संरक्षक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ठाकरे ने यह बात मुख्यमंत्री शिंदे के इस दावे पर कही, जिसमें शिंदे ने विरोध प्रदर्शन को राजनीति प्रेरित बताया था। उद्धव ठाकरे ने कहा कि 24 अगस्त को विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी द्वारा बुलाए गए बंद के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है।<br /><br />उद्धव ने कहा कि बंद का उद्देश्य इस बात के प्रति जागरूकता पैदा करना है कि महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन बहुप्रचारित ‘मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहन योजना’ जैसा नहीं है। यह गुस्से का प्रकटीकरण है। ठाकरे ने आश्चर्य व्यक्त किया कि जब राज्य में बहनें सुरक्षित नहीं हैं तो लाड़की बहन योजना का क्या फायदा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 11:26:36 +0530</pubDate>
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