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                <title>Rajnath Singh - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Rajnath Singh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत के लोकतंत्र के इतिहास में प्रेस की स्वतंत्रता पर कभी भी कोई प्रतिबंध नहीं देखा जा सकता-  राजनाथ सिंह </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि लेखक और विचारक उन मुद्दों पर सरकार के विचारों को भी प्रतिबिंबित कर सकते हैं जहां "सामाजिक सहमति" है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे "सरकार की कठपुतली" हैं। रक्षा मंत्री ने एनडीटीवी डिफेंस समिट में अपने संबोधन में कहा कि मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जाना जाता है, उन्होंने यह कहा कि यह सरकार और लोगों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करती है और वे दोनों एक-दूसरे को जोड़ने का काम करती है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29261/no-restriction-on-freedom-of-press-can-ever-be-seen-in-the-history-of-india-s-democracy---rajnath-singh"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(9)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली :</strong> केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को एनडीटीवी डिफेंस समिट में कई मुद्दों पर बातचीत की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कहा कि आपातकाल के "काले अध्याय" को छोड़ दें तो भारत के लोकतंत्र के इतिहास में प्रेस की स्वतंत्रता पर "कभी भी कोई प्रतिबंध नहीं देखा जा सकता"।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि लेखक और विचारक उन मुद्दों पर सरकार के विचारों को भी प्रतिबिंबित कर सकते हैं जहां "सामाजिक सहमति" है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे "सरकार की कठपुतली" हैं। रक्षा मंत्री ने एनडीटीवी डिफेंस समिट में अपने संबोधन में कहा कि मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जाना जाता है, उन्होंने यह कहा कि यह सरकार और लोगों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करती है और वे दोनों एक-दूसरे को जोड़ने का काम करती है। <br /><br />उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका तीनों ने नियमित रूप से प्रेस की स्वतंत्रता पर जोर दिया है और मीडिया की स्वतंत्रता को बनाए रखा है। इसके अलावा सिंह ने कहा कि इसका परिणाम यह है कि भारत में एक "जीवंत मीडिया संस्कृति" है।<br /><br />अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने बिना किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए 1970 के दशक में लगाए गए आपातकाल के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''इस देश के लोकतंत्र के इतिहास में अगर हम आपातकाल के काले अध्याय को अलग रख दें तो प्रेस की स्वतंत्रता पर कभी कोई प्रतिबंध देखने को नहीं मिलेगा।''</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 07 Mar 2024 17:22:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के हंगामे पर उठाया सवाल... संसदीय मंत्री ने गिनाईं पुरानी घटनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सत्तापक्ष और विपक्ष सभी सांसदों को दर्शक दीर्घा के लिए पास जारी करने में ज्यादा सावधानी बरतने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कागज फेंकने से लेकर इस तरह की घटनाएं पुराने संसद भवन में पहले भी चुकी हैं। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने आपराधिक कानूनों में संशोधनों से जुड़े तीन विधेयकों की अहमियत बताते हुए विपक्षी सांसदों से चर्चा में हिस्सा में लेने की अपील की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26822/defense-minister-rajnath-singh-raised-questions-on-the-opposition-s-uproar----parliamentary-minister-recounted-old-incidents"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-12/download-(7)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली : </strong>संसद की सुरक्षा में चूक के उच्च स्तरीय जांच के आदेश और सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए जरूरी उपाय किये जाने के बाद भी विपक्ष के हंगामे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सभी सांसदों ने एक स्वर में निंदा की है।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्तापक्ष और विपक्ष सभी सांसदों को दर्शक दीर्घा के लिए पास जारी करने में ज्यादा सावधानी बरतने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कागज फेंकने से लेकर इस तरह की घटनाएं पुराने संसद भवन में पहले भी चुकी हैं। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने आपराधिक कानूनों में संशोधनों से जुड़े तीन विधेयकों की अहमियत बताते हुए विपक्षी सांसदों से चर्चा में हिस्सा में लेने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">जोशी ने साफ किया कि आजादी के बाद से ही दर्शक दीर्घा से कागज फेंकने, नारेबाजी करने समेत सदन के भीतर कूदने की घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद तत्कालीन लोकसभा अध्यक्षों ने सांसदों से राय मशविरा कर सुरक्षा खामियों की समीक्षा की है और जरूरी कदम उठाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार भी लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश के अनुसार, पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो चुकी है और साथ ही सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए कदम भी उठाये गए हैं। उन्होंने कहा,<br /><br />प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा की सुरक्षा में चूक के कुछ पुराने मामले भी गिनाए, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि उनका उद्देश्य किसी पर ऊंगली उठाना नहीं है, बल्कि सिर्फ जानकारी दे रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने 11 अप्रैल, 1974 को संसद के बजट सत्र के दौरान रतनचंद्र गुप्ता द्वारा दो पिस्तौल और एक बम जैसी चीज लेकर दर्शक दीर्घा तक पहुंचने और पर्चे फेंकने के बारे बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम के तीन महीने बाद मानसून सत्र के दौरान विप्लव बसु नाम के व्यक्ति ने खंजर लेकर दर्शक दीर्घा में घुसने की कोशिश की थी। उसके बाद अगले शीतकालीन सत्र के दौरान 26 नवंबर को सत्यजीत सिंह विस्फोटक और खंजर लेकर दर्शक दीर्घा में पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">1999 में 10 और 11 जनवरी को बद्री प्रसाद और पुष्पेंद्र चौहान नाम के दो व्यक्ति ने दो दिन लगातार दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर छलांग दी थी। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जांच और सुरक्षा की कमियों को दूर करने के साथ ही संसदीय कार्य में बाधा नहीं आयी।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 14 Dec 2023 22:10:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>क्यों परेशान है चीन...मंगोलिया और जापान में राजनाथ सिंह के पग-पग पर रहेगी ड्रैगन की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[सीमा पर तनाव के बीच दूसरे देशों से बन रहे भारत के रिश्तों पर चीन करीबी नजर रख रहा है। इसी कड़ी में मंगोलिया और जापान दौरे पर जा रहे भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पग-पग पर उसकी नजर रहेगी। चीन से आ रहे बयानों से स्पष्ट है कि वह भारत-जापान के बीच बढ़ती दोस्ती का बिल्कुल भी हिमायती नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/13335/why-is-china-worried----dragon-s-eyes-will-be-on-rajnath-singh-s-footsteps-in-mongolia-and-japan"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-08/sdsd.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सीमा पर तनाव के बीच दूसरे देशों से बन रहे भारत के रिश्तों पर चीन करीबी नजर रख रहा है। इसी कड़ी में मंगोलिया और जापान दौरे पर जा रहे भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पग-पग पर उसकी नजर रहेगी। चीन से आ रहे बयानों से स्पष्ट है कि वह भारत-जापान के बीच बढ़ती दोस्ती का बिल्कुल भी हिमायती नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि भारत और जापान के बीच 8 सितंबर को टू प्लस टू की दूसरे राउंड की वार्ता होने वाली है। इसमें भारत और जापान के विदेश व रक्षा मंत्री शामिल होंगे। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगोलिया के दो दिवसीय दौरे पर जाने वाले हैं। 6 सितंबर को होने वाले इस मीटिंग में राजनाथ सिंह की वहां के राष्ट्रपति से मुलाकात होगी। इसके अलावा मंगोलियन राष्ट्रपति ने राजनाथ सिंह के सम्मान में भोज का भी आयोजन किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भारत-जापान दोस्ती के पक्ष में नहीं ड्रैगन</strong><br />भारतीय रक्षामंत्री के जापान दौरे से पहले चीन की सरकारी मीडिया ने भी बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि उच्च स्तरीय बैठक की आड़ में इन दोनों देशों को किसी तीसरे देश को निशाना नहीं बनाना चाहिए। एक चीनी ऑब्जर्वर ने सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स से कहा कि बीते कुछ साल में भारत और जापान के बीच नजदीकी बढ़ी है।</p>
<p style="text-align:justify;">खासतौर पर पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के कार्यकाल में यह ज्यादा देखने को मिला था। इसके पीछे क्षेत्र में चीन के शांतिपूर्ण विकास को रोकने का मकसद हो सकता है। वहीं सिंघुआ यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय रणनीति संस्थान के शोध विभाग के निदेशक क्वेन फेंग ने कहा कि सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव के बाद भारत में कुछ संकीर्ण मानसिकता के लोग चीन को सुरक्षा के लिए चुनौती मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ही भारतीय अमेरिका और जापान के साथ दोस्ती को बढ़ावा देते हैं। इसके पीछे उनका मकसद चीन पर नियंत्रण रखना होता है। चीन को इससे सतर्क रहना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगोलिया के साथ बातचीत के दौरान यहां भारत के सौजन्य से बन रही रिफाइनरी पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह मंगोलिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है और इसे 1.2 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह रिफाइनरी 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगोलिया के डोर्नोगोबी प्रांत में इसके निर्माण के बाद यहां की 75 फीसदी जरूरतें पूरी हो सकेंगी। इसके अलावा राजनाथ सिंह छह सितंबर को एक साइबर सिक्योरिटी सेंटर का भी उद्घाटन करेंगे। इस साइबर सिक्योरिटी सेंटर को बनाने में भारत ने मंगोलिया के रक्षा मंत्रालय की मदद की है। </p>
<p style="text-align:justify;">साल 2015 में चीन के दौरे के बाद पीएम मोदी मंगोलिया पहुंचे थे तब दोनों देशों के बीच इसको लेकर एक एमओयू पर दस्तखत हुए थे। इसके मुताबिक भारत मंगोलिया के रक्षा मंत्रालय के लिए साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करेगा। साथ ही इसके लिए लोगों को ट्रेनिंग भी देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी के इस दौरे में ही भारत-मंगोलिया के द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने संबंधी बातें हुई थीं। भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मंगोलिया के रक्षा मंत्री गुरसेद सैखानबायार और पार्लियामेंट स्पीकर गोम्बोजाव जांदांश्तार से भी मिलेंगे। इसके बाद राजनाथ सिंह 7 सितंबर को टोक्यो के लिए रवाना होंगे। चीन और रूस के बाद मंगोलिया भारत को अपना तीसरा और आध्यात्मिक पड़ोसी मानता है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 26 Aug 2022 20:40:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>CDS बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर क्रैश , गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे की जानकारी पीएम मोदी को दी है, जिसके बाद पीएम ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote><p>CDS Bipin Rawat’s helicopter crashes, Home Minister Rajnath Singh has informed PM Modi about the accident, after which PM calls an emergency cabinet meeting</p></blockquote> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p></p> <p>,</p> <p>तमिलनाडु के कुन्नूर में भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर एमआई 17 क्रैश हो गया। हादसे में अब तक 4 शव बरामद हुए हैं। अभी तक तीन जवानों का रेस्क्यू किया गया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे की जानकारी पीएम मोदी को दी है, जिसके बाद पीएम ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है।</p> <p>बता दें कि हेलिकॉप्टर एमआई 17 में सीडीएस बिपिन रावत अपनी पत्नी समेत 9 लोग सवार थे। प्रारंभिक जानकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/7737/cds-bipin-rawats-helicopter-crashes-home-minister-rajnath-singh-has-informed-pm-modi-about-the-accident-after-which-pm-calls-an-emergency-cabinet-meeting"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2021-12/images-4.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote><p>CDS Bipin Rawat’s helicopter crashes, Home Minister Rajnath Singh has informed PM Modi about the accident, after which PM calls an emergency cabinet meeting</p></blockquote> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p></p> <p>,</p> <p>तमिलनाडु के कुन्नूर में भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर एमआई 17 क्रैश हो गया। हादसे में अब तक 4 शव बरामद हुए हैं। अभी तक तीन जवानों का रेस्क्यू किया गया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे की जानकारी पीएम मोदी को दी है, जिसके बाद पीएम ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है।</p> <p>बता दें कि हेलिकॉप्टर एमआई 17 में सीडीएस बिपिन रावत अपनी पत्नी समेत 9 लोग सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत घायल है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की वजह खराब मौसम बताया जा रहा है।</p> <p>एक कार्यक्रम में जा रहे थे दोनों । प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सीडीएस बिपिन रावत अपनी पत्नी के साथ ऊटी एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। लेकिन कुन्नूर में घने जंगल में यह हादसा हो गया है। ​हादसे को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई हैं। </p> <p>9 जवान सवार थे<br /> हेलिकॉप्टर में CDS बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एल एस लिडेर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, एन के गुरसेवक सिंह, एनके जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक बी साय तेजा, हवलदार सतपाल आदि सवार थे।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 08 Dec 2021 16:47:26 +0530</pubDate>
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