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                <title>Election Commission - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Election Commission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नई दिल्ली:  चुनाव आयोग को असली शिवसेना तय करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट की दलील</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">शिंदे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत किसी राजनीतिक दल के संविधान और संगठनात्मक ढांचे की जांच करने का अधिकार है, ताकि यह तय किया जा सके कि कौन सा गुट असली पार्टी का प्रतिनिधित्व करता है।कौल ने कहा कि ठाकरे गुट जिस संविधान का हवाला दे रहा था, वह चुनाव आयोग के पास पंजीकृत संविधान नहीं था। उन्होंने कहा कि 1999 में रिकॉर्ड पर रखा गया संविधान पार्टी और चुनाव आयोग के बीच विस्तृत बातचीत के बाद तैयार किया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51867/shinde-factions-argument-in-supreme-court-that-new-delhi-election"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/89111.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong> एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने चुनाव आयोग के उस अधिकार का बचाव किया जिसके तहत वह यह तय करता है कि कौन सा गुट "असली" शिवसेना का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत पार्टी के संविधान और संगठनात्मक ढांचे की जांच करने का अधिकार है।  यह बात भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच के सामने कही गई। यह बेंच चुनाव आयोग के 17 फरवरी, 2023 के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी गई थी और पार्टी का नाम तथा 'धनुष-बाण' का चुनाव चिह्न उन्हें आवंटित किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">शिंदे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत किसी राजनीतिक दल के संविधान और संगठनात्मक ढांचे की जांच करने का अधिकार है, ताकि यह तय किया जा सके कि कौन सा गुट असली पार्टी का प्रतिनिधित्व करता है।कौल ने कहा कि ठाकरे गुट जिस संविधान का हवाला दे रहा था, वह चुनाव आयोग के पास पंजीकृत संविधान नहीं था। उन्होंने कहा कि 1999 में रिकॉर्ड पर रखा गया संविधान पार्टी और चुनाव आयोग के बीच विस्तृत बातचीत के बाद तैयार किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">कौल के अनुसार, चुनाव आयोग को यह जांचने का अधिकार था कि क्या पार्टी का संगठनात्मक ढांचा वास्तव में लोकतांत्रिक है, खासकर तब जब मुख्य निकायों में नियुक्तियां तदर्थ या नामित आधार पर की गई हों।कौल ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग किसी सिविल कोर्ट की तरह काम नहीं कर रहा था और न ही आंतरिक चुनावों की वैधता पर फैसला कर रहा था, बल्कि वह यह आकलन कर रहा था कि क्या पार्टी का संगठनात्मक ढांचा उसके कार्यकर्ताओं की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग आंतरिक चुनावों को रद्द नहीं कर रहा है और न ही सिविल कोर्ट की तरह यह तय कर रहा है कि कौन सही या गलत तरीके से चुना गया था।"संगठनात्मक बहुमत परीक्षण का बचाव करते हुए कौल ने कहा कि चुनाव आयोग व्यावहारिक रूप से किसी राजनीतिक दल के हर प्राथमिक सदस्य के बीच जनमत संग्रह नहीं करा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि कार्यकर्ता और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता ही किसी राजनीतिक संगठन की "जीवन-रेखा" होते हैं और वे सीधे मतदाताओं से जुड़े होते हैं।उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिंदे गुट ने कभी भी केवल विधायी विंग (विधायकों/सांसदों के समूह) में विभाजन का दावा नहीं किया, बल्कि उनका कहना था कि राजनीतिक दल के भीतर ही विभाजन हुआ था। </p>
<p style="text-align:justify;">कौल ने शिवसेना कार्यकर्ताओं के कुछ वर्गों में उस असंतोष का भी जिक्र किया जो पार्टी के उन राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन को लेकर था जिन्हें शिवसेना की मूल विचारधारा के विपरीत माना जाता है। सुनवाई बेनतीजा रही और बुधवार को भी जारी रहेगी।सुप्रीम कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था जिनमें महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर के उस फ़ैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार कर दिया था। वहीं, इस गुट ने चुनाव आयोग के उस फ़ैसले का बचाव किया जिसमें उसे "असली" शिवसेना के तौर पर मान्यता दी गई थी। कोर्ट उद्धव ठाकरे के गुट की उस चुनौती पर भी सुनवाई कर रहा था जिसमें चुनाव आयोग के 17 फरवरी, 2023 के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश के तहत शिवसेना का नाम और 'धनुष-बाण' का चुनाव चिह्न शिंदे गुट को आवंटित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 10:15:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र निकाय चुनाव पर बड़ा खुलासा: चुनाव आयोग की घोषणा से पहले ही NCP नेता दिलीप वलसे पाटिल ने बता दी संभावित तारीखें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>​Rokthok Lekhani Exclusive</p>
<p><br />​मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल ने एक बड़ा खुलासा करते हुए हलचल मचा दी है। उन्होंने चुनाव आयोग के औपचारिक ऐलान से पहले ही, लंबे समय से अटके पड़े स्थानीय निकाय (लोकल बॉडीज) और नगर निगमों (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन्स) के चुनावों की संभावित तारीखों की घोषणा कर दी है।</p>
<p>​क्या है वलसे पाटिल का दावा?<br />​अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल, जो महायुति सरकार का हिस्सा हैं, ने बताया कि:<br />​जिला परिषद (District Council) के चुनाव: 15 दिसंबर के आस-पास होने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45206/big-disclosure-on-maharashtra-civic-elections-even-before-the-election"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/4dilip-20walse-20patil-570-850-1617617840.jpg" alt=""></a><br /><p>​Rokthok Lekhani Exclusive</p>
<p><br />​मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल ने एक बड़ा खुलासा करते हुए हलचल मचा दी है। उन्होंने चुनाव आयोग के औपचारिक ऐलान से पहले ही, लंबे समय से अटके पड़े स्थानीय निकाय (लोकल बॉडीज) और नगर निगमों (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन्स) के चुनावों की संभावित तारीखों की घोषणा कर दी है।</p>
<p>​क्या है वलसे पाटिल का दावा?<br />​अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल, जो महायुति सरकार का हिस्सा हैं, ने बताया कि:<br />​जिला परिषद (District Council) के चुनाव: 15 दिसंबर के आस-पास होने की संभावना है।<br />​नगर निगम (Municipal Corporation) के चुनाव: 15 जनवरी के आस-पास हो सकते हैं।</p>
<p><br />​वलसे पाटिल ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में लंबे समय से लंबित इन स्थानीय निकाय चुनावों को कराने के लिए 31 जनवरी, 2026 की अंतिम समय सीमा (डेडलाइन) तय की है।<br />​वलसे पाटिल की इस घोषणा ने राज्य के सियासी गलियारों में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या महायुति सरकार को चुनाव आयोग के शेड्यूल की आंतरिक जानकारी पहले ही मिल गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 13:53:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: चुनाव आयोग से मनसे पर प्रतिबंध लगाने की मांग !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सदावर्ते ने चुनाव आयोग से मनसे पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए राज ठाकरे की कड़ी आलोचना की। सदावर्ते ने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदी बोलेंगे, हिंदी पढेंगे, कोई रोक सकता है तो रोक ले। इसी के साथ उन्होंने ये सवाल भी पूछा कि हिंदी भाषा सीखने में बुराई क्या है? </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41547/mumbai--demand-to-election-commission-to-ban-mns"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(4).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> प्राथमिक स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाए जाने का राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) कड़ा विरोध कर रही है। हिंदी थोपे जाने का आरोप लगाते हुए मनसे राज्य की महायुति सरकार को कड़े आंदोलन की चेतावनी भी दे चुकी है। ऐसे में वरिष्ठ वकील गुणरत्न सदावर्ते ने राज ठाकरे और मनसे पर जोरदार हमला बोलते हुए चुनाव आयोग से मनसे पर सीधे प्रतिबंध लगाने की मांग की है। </p>
<p style="text-align:justify;">सदावर्ते ने चुनाव आयोग से मनसे पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए राज ठाकरे की कड़ी आलोचना की। सदावर्ते ने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदी बोलेंगे, हिंदी पढेंगे, कोई रोक सकता है तो रोक ले। इसी के साथ उन्होंने ये सवाल भी पूछा कि हिंदी भाषा सीखने में बुराई क्या है? <br /><br />गौरतलब हो कि सदावर्ते इससे पहले भी राज और मनसे पर शब्दों के बाण चला चुके हैं। इससे पहले हिंदी विरोध और हिंदी पुस्तकों को जलाने मनसे की धमकी के बाद सदावर्ते ने राज को सड़क छाप नेता कहते हुए चेताया था कि यदि मनसे कार्यकर्ताओं ने किताबों को जलाने का प्रयास किया तो हम राज ठाकरे को महाराष्ट्र में घूमने नहीं देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी चेतावनी मनसे कार्यकर्ताओं को काफी नागवार लगी थी। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने सदावर्ते को फोन पर धमकी दी थी। राज के खिलाफ बोलने से बाज आने की चेतावनी देते हुए मनसे कार्यकर्ताओं ने सदावर्ते के घर और कार पर हमला करने की धमकी दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Jun 2025 16:11:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव आयोग लाएगा सुपर एप...  चुनाव से जुड़ी सभी गतिविधियों इस प्लेटफार्म पर होंगी उपलब्ध।</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आयोग ने बताया कि किसी विवाद की स्थिति में विधिक प्रपत्रों में भरे गए प्राथमिक आंकड़ों ही स्वीकार किए जाएंगे। 'ईसीआईनेट' में वर्तमान एप्स जैसे वोटर हेल्पलाइन एप, वोटर टर्नआउट एप, सी-विजिल, सुविधा, सक्षम और केवाईसी एप को समाहित कर दिया जाएगा। इन सभी एप्स के कुल मिलाकर 5.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40319/election-commission-will-launch-super-app-all-election-related-activities-will-be-available-on-this-platform"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/download1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के लिए एक ऐसा नया डिजिटल इंटरफेस 'ईसीआईनेट' विकसित कर रहा है जिसमें उसके 40 से अधिक वर्तमान मोबाइल और वेब एप्लीकेशंस को शामिल कर लिया जाएगा। चुनाव आयोग ने रविवार को बताया कि 'ईसीआईनेट' चुनाव से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए एक अकेला प्लेटफॉर्म होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">नया प्लेटफार्म विकसित हो जाने से यूजर्स को अलग-अलग एप डाउनलोड नहीं करने पड़ेंगे, बार-बार विभिन्न एप नहीं खोलने पड़ेंगे और न ही अलग-अलग लाग-इन को याद रखना पड़ेगा। इस प्लेटफॉर्म को विकसित करने का सुझाव हाल में हुए मुख्य चुनाव अधिकारियों के सम्मेलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">क्या है ECINET?<br />'ईसीआईनेट' के जरिये यूजर्स अपने डेस्कटाप या स्मार्टफोन पर संबंधित चुनावी आंकड़े एक्सेस कर सकेंगे। जहां तक संभव हो, आंकड़े सटीक हों, यह सुनिश्चित करने के लिए 'ईसीआईनेट' पर आंकड़ों को सिर्फ चुनाव आयोग के अधिकृत अधिकारी ही प्रविष्ट करेंगे। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रविष्टि सुनिश्चित करेगी कि पक्षकारों को उपलब्ध कराए जा रहे आंकड़े यथासंभव सटीक हैं।<br /><br />आयोग ने बताया कि किसी विवाद की स्थिति में विधिक प्रपत्रों में भरे गए प्राथमिक आंकड़ों ही स्वीकार किए जाएंगे। 'ईसीआईनेट' में वर्तमान एप्स जैसे वोटर हेल्पलाइन एप, वोटर टर्नआउट एप, सी-विजिल, सुविधा, सक्षम और केवाईसी एप को समाहित कर दिया जाएगा। इन सभी एप्स के कुल मिलाकर 5.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/40319/election-commission-will-launch-super-app-all-election-related-activities-will-be-available-on-this-platform</link>
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                <pubDate>Sun, 04 May 2025 20:09:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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