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                <title>flaws - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई : &quot;ब्लैक बॉक्स जल गया?&quot;:  संजय राउत ने बारामती प्लेन क्रैश में कथित तकनीकी खामियों पर सवाल उठाए</title>
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                        <![CDATA[<p>शिवसेना (UBT) के MP संजय राउत ने 28 जनवरी को हुए प्लेन क्रैश को लेकर पवार परिवार के शक का सपोर्ट किया, जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार की मौत हो गई थी। उन्होंने प्लेन के ब्लैक बॉक्स की जली हुई हालत को "रहस्यमयी" और "बहुत गंभीर" बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा, "अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया है," जिससे पवार परिवार के शक और सरकार के जांच के तरीके पर सवाल उठे।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47806/mumbai-black-box-burnt-sanjay-raut-questions-alleged-technical-glitches"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-17t185411.472.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिवसेना (UBT) के MP संजय राउत ने 28 जनवरी को हुए प्लेन क्रैश को लेकर पवार परिवार के शक का सपोर्ट किया, जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार की मौत हो गई थी। उन्होंने प्लेन के ब्लैक बॉक्स की जली हुई हालत को "रहस्यमयी" और "बहुत गंभीर" बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा, "अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया है," जिससे पवार परिवार के शक और सरकार के जांच के तरीके पर सवाल उठे।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा, "रोहित पवार उस परिवार के मेंबर हैं, वह टेक्निकल मामलों को समझते हैं... अजित पवार के एक्सीडेंट के बारे में जो रहस्यमयी बातें सामने आ रही हैं, वे बहुत गंभीर हैं। ब्लैक बॉक्स जल गया है... ब्लैक बॉक्स 20 साल बाद भी मिल गया है, लेकिन अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया है। यह कैसे हो सकता है? अगर रोहित पवार ने यह मुद्दा उठाया है, तो यह गंभीर है, और अगर पवार परिवार इसकी जांच करना चाहता है, तो उन्हें करनी चाहिए। इस मामले में सरकार की नीयत ठीक नहीं है।" राउत की यह टिप्पणी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद पवार) के नेता रोहित पवार के हाल के आरोपों के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि बारामती लियरजेट 45 क्रैश, जिसमें अजित पवार और चार अन्य लोग मारे गए थे, सिर्फ़ एक एक्सीडेंट के बजाय एक साज़िश हो सकती है, जबकि एविएशन अधिकारियों द्वारा जांच की जांच चल रही है।</p>
<p>बारामती एयर क्रैश पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा, "पूरा महाराष्ट्र सवाल कर रहा है कि अजित दादा का प्लेन क्रैश एक एक्सीडेंट था या एक साज़िश? मैं आप सभी के साथ वही शेयर कर रहा हूं जो मैं महसूस करता हूं। कुछ लोग अभी भी दादा के कहीं से आने की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि एयरक्राफ्ट में 6 लोग थे, यह अजित दादा की डेड बॉडी नहीं थी, यह अभी भी एक बुरे सपने जैसा लगता है।" रोहित पवार ने महाराष्ट्र में इन घटनाओं के आसपास शक, दुख और राजनीतिक साज़िश के माहौल पर ज़ोर दिया। उन्होंने एक्सीडेंट की जांच का ज़िक्र किया, एक किताब का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि किसी व्यक्ति के ड्राइवर को मारना उन्हें टारगेट करने का एक आसान तरीका है।</p>
<p>रोहित पवार ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर और NCP चीफ अजित पवार ने प्लान बदल दिए हैं, जिससे अटकलें तेज हो गई हैं। शक की जड़ क्रैश से पहले के आखिरी 24 घंटों में है। रोहित पवार के मुताबिक, आखिरी समय में किए गए कई बदलावों से पता चलता है कि ओरिजिनल प्लान से कुछ अलग किया गया था। उन्होंने दावा किया कि अजित पवार क्रैश से एक शाम पहले कार से मुंबई से पुणे जाने वाले थे। सिक्योरिटी काफिले ने पहले ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी, फिर भी "दादा" (अजित पवार) गाड़ी में नहीं बैठे।</p>
<p>उन्होंने यह भी दावा किया कि एक "बड़े नेता" के साथ एक हाई-स्टेक मीटिंग हुई थी, जिससे आखिरी समय में उनके ट्रैवल प्लान में बदलाव हुआ होगा। रोहित पवार ने कहा, "अजित पवार का प्लेन क्रैश साज़िश का हिस्सा हो सकता है। हमने अजित पवार के एक्सीडेंट के बारे में भी कुछ बातों की जांच की। एक किताब में लिखा है कि अगर आप किसी इंसान को मारना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका है कि उसके ड्राइवर को मार दिया जाए। एक्सीडेंट से एक दिन पहले, दादा को शाम को मुंबई से पुणे कार से आना था। उस समय, काफिला भी निकल चुका था। लेकिन दादा कार से क्यों नहीं गए? अजित दादा को एक बड़े नेता से मिलना था।" पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार की 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई। DGCA के मुताबिक, मुंबई, महाराष्ट्र से बारामती के लिए उड़ान भरने वाले चार्टर्ड प्लेन में क्रू मेंबर समेत पांच लोगों की मौत बारामती में रनवे पर क्रैश-लैंडिंग के बाद हो गई। </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 18:54:57 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की खामियों पर NHAI ड्रोन से रखेगा नजर, ब्लैक स्पॉट्स की भी होगी पहचान</title>
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                        <![CDATA[<p>डीएनडी फ्लाईओवर से शुरू हो रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक्सेस-कंट्रोल लिंक पर स्वतंत्र इंजीनियर की तैनाती की जा रही है। एक्सप्रेसवे की निगरानी सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसमान से भी की जाएगी। डीएनडी फ्लाईओवर से शुरू हो रहे दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के एक्सेस-कंट्रोल लिंक पर स्वतंत्र इंजीनियर की तैनाती की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने करीब 50 किलोमीटर हिस्से के संचालन और रखरखाव के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत साल में कम से कम दो बार ड्रोन सर्वे अनिवार्य होगा, ताकि सड़क, पुल-फ्लाईओवर और यातायात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके। </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47461/nhai-will-keep-an-eye-on-the-defects-of-delhi-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-04t120834.822.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>डीएनडी फ्लाईओवर से शुरू हो रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक्सेस-कंट्रोल लिंक पर स्वतंत्र इंजीनियर की तैनाती की जा रही है। एक्सप्रेसवे की निगरानी सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसमान से भी की जाएगी। डीएनडी फ्लाईओवर से शुरू हो रहे दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के एक्सेस-कंट्रोल लिंक पर स्वतंत्र इंजीनियर की तैनाती की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने करीब 50 किलोमीटर हिस्से के संचालन और रखरखाव के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत साल में कम से कम दो बार ड्रोन सर्वे अनिवार्य होगा, ताकि सड़क, पुल-फ्लाईओवर और यातायात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके। </p>
<p> </p>
<p>एनएचएआई के दस्तावेजों के अनुसार, ड्रोन सर्वे के जरिये पूरे मार्ग की ऊपर से तस्वीरें और वीडियो जुटाए जाएंगे। इससे सड़क की सतह पर उभर रही दरारें, धंसाव, जलभराव, सर्विस रोड की स्थिति और पुल-फ्लाईओवर की हालत समय रहते सामने आ सकेगी। स्वतंत्र इंजीनियर की जिम्मेदारी केवल ड्रोन सर्वे तक सीमित नहीं होगी। उसे पूरे मार्ग पर सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था, संरचनाओं की जांच और सड़क सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं की भी निगरानी करनी होगी। हर माह प्रगति रिपोर्ट तैयार कर एनएचएआई को सौंपी जाएगी, ताकि परियोजना से जुड़ी जानकारियां डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से अपडेट की जा सकें। </p>
<p><strong>ब्लैक स्पॉट की भी होगी पहचान</strong><br />सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, ड्रोन सर्वे से जुटाए गए डेटा का उपयोग हादसों की आशंका वाले ब्लैक स्पॉट की पहचान के लिए भी किया जाएगा। कई बार छोटे-छोटे तकनीकी दोष समय के साथ बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं। एरियल सर्वे के जरिये ऐसे स्थानों को पहले ही चिन्हित कर वहां चेतावनी संकेत, बैरियर या डिजाइन में सुधार जैसे कदम उठाए जा सकेंगे। इससे सड़क सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी। एनएचएआई ने इस परियोजना के लिए 36 महीनों की अवधि तय की है। इस दौरान स्वतंत्र इंजीनियर न सिर्फ संचालन और देखरेख के कार्यों की निगरानी करेगा, बल्कि गुणवत्ता या अन्य विवादों की स्थिति में मध्यस्थ की भूमिका भी निभाएगा। </p>
<p><strong>तीन हिस्सों बांटकर हुआ है निर्माण कार्य... </strong><br />छह लेन का यह एक्सेस कंट्रोल लिंक की अनुमानित लागत करीब पांच हजार करोड़ है। पूरा लिंक तीन खंडों में तैयार किया जा रहा है। जिसमें दो खंडों का काम पूरा हो चुका है। 26 किमी के फरीदाबाद से सेक्टर-65 तक केएमपी पर वाहन चल रहे हैं। वहीं, जैतपुर से फरीदाबाद के सेक्टर-65 तक के 24 किमी हिस्से का काम पूरा भी हो गया है। डीएनडी से जैतपुर के बीच 12 किमी के हिस्से में से नौ किमी के एलिवेटेड हिस्से पर काम चल रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 12:17:54 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री शिंदे के गृह जिले ठाणे वाले 6 प्रॉजेक्ट्स के टेंडर रद्द...  खामियों को दूर करने के लिए टेंडर प्रक्रिया रद्द</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">एमएमआरडीए द्वारा आमंत्रित किए गए टेंडर में प्रॉजेक्ट तैयार करने वाली कंपनियों की डिफेक्ट लायबिलिटी को 60 महीने से घटाकर 24 महीना कर दिया गया है। डिफेक्ट लायबिलिटी यानी प्रॉजेक्ट के पूरा होने के बाद तय अवधि तक निर्माण करने वाली कंपनी को सड़क, ब्रिज की देखरेख करनी होती है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/32141/tenders-of-6-projects-in-thane--chief-minister-shinde-s-home-district--have-been-cancelled-tender-process-has-been-cancelled-to-remove-the-flaws"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-07/9855.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए ) ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह जिले ठाणे वाले 6 प्रॉजेक्ट्स के टेंडर रद्द कर दिए हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एमएमआरडीए ने ठाणे कोस्टल रोड, ईस्टर्न-फ्री वे का ठाणे तक विस्तार, ठाणे-भिवंडी खाड़ी पर तीन ब्रिज, राष्ट्रीय महामार्ग से कटाई नाका तक उन्नत सड़क जैसे महत्वपूर्ण प्रॉजेक्ट्स के लिए टेंडर बुलाए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही लोकसभा और शिक्षक विधायक चुनाव के चलते लागू आचार संहिता हटते ही प्रॉजेक्ट्स के टेंडर अलॉट होने की उम्मीद थी।लेकिन आचार संहिता हटते ही टेंडर रद्द कर एमएमआरडीए ने सबको चौंका दिया है। एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खामियों को दूर करने के लिए टेंडर प्रक्रिया रद्द की गई है। इसके साथ ही प्रॉजेक्ट के लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एमएमआरडीए द्वारा आमंत्रित किए गए टेंडर में प्रॉजेक्ट तैयार करने वाली कंपनियों की डिफेक्ट लायबिलिटी को 60 महीने से घटाकर 24 महीना कर दिया गया है। डिफेक्ट लायबिलिटी यानी प्रॉजेक्ट के पूरा होने के बाद तय अवधि तक निर्माण करने वाली कंपनी को सड़क, ब्रिज की देखरेख करनी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सड़क पर कोई भी खामी आने पर कंपनी को बगैर अतिरिक्त पैसा लिए मरम्मत कार्य करना होता है। मार्च में आमंत्रित टेंडर में कंपनियों के लिए डिफेक्ट लायबिलिटी की अवधि 60 महीने तय की गई थी, नए टेंडर में घटाकर 24 महीने कर दिया गया है।<br /><br />एमएमआरडीए ने ईस्टर्न फ्री वे का विस्तार ठाणे तक करने की योजना बनाई है। प्रॉजेक्ट के पूरा होने के बाद वाहन बगैर ट्रैफिक में फंसे करीब 40 मिनट में सीएसएमटी से ठाणे तक पहुंच सकेंगे। ईस्टर्न फ्री वे का विस्तार के तहत घाटकोपर के छेड़ा नगर से ठाणे के बीच एलिवेटेड रोड तैयार किया जाएगा। लेकिन अब प्रॉजेक्ट्स शुरू होने में देरी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">एमएमआरडीए की तरफ से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह जिले वाले 6 प्रॉजेक्ट्स के टेंडर रद्द करने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज है। इस पर सवाल भी उठ रहे हैं। आरटीआई ऐक्टिविस्ट अनिल गलगली ने टेंडर रद्द होने को हैरत भरा फैसला बताया। उनके अनुसार, एमएमआरडीए के पास एक्सपर्ट लोगों की कोई कमी नहीं है। प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर ही चुनाव के पहले टेंडर आमंत्रित किए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">क्या टेंडर तैयार करने वाले एक्सपर्ट अधिकारियों को पहले टेंडर की खामी नजर नहीं आई? ऐसा लगता है कि किसी की मदद करने के लिए पहला टेंडर आमंत्रित किया गया था, चुनाव के बाद नए समीकरण बनने से दोबारा टेंडर आमंत्रित किया गया है। वहीं, बार-बार टेंडर में बदलाव करने से प्रॉजेक्ट का कार्य भी प्रभावित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि ठाणे भिवंडी के बीच दशकों से ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए खाड़ी पर तीन ब्रिज तैयार करने की भी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ठाणे के कोलशेत, गायमुख, कासारवडवली से भिवंडी के काल्हेर, पायगाव, खारबाव के बीच खाड़ी पर ब्रिज का निर्माण होना है।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रिज के तैयार होने से गाड़ियां भिवंडी के साथ ही वसई तक तेजी से पहुंच सकेंगे। ब्रिज के बन जाने से वाहन ठाणे से घोडबंदर रोड से सीधे भिवंडी और वसई रोड तक चंद मिनट में पहुंच सकेंगे।<br /><br />घोडबंदर रोड पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए एमएमआरडीए ने बालकुंभ से गायमुख के बीच बायपास डीपी सड़क (कोस्टल रोड) तैयार करने योजना बनाई है। कोस्टल रोड के बन जाने से भिवंडी से आने वाले वाहनों के साथ ही करीबी परिसर में रहने वालों लोगों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 20:38:05 +0530</pubDate>
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