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                <title>developers - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>developers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: चेंबूर में पेड़ कटाई मामले में एफआईआर दर्ज, पीजीडी ग्रुप समेत तीन डेवलपर्स पर कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के चेंबूर इलाके में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चेंबूर पुलिस ने पीजीडी ग्रुप, शबरी ग्रुप और स्काईलाइन डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने चेंबूर (पूर्व) के स्वास्तिक पार्क स्थित प्रवासी सोसाइटी के प्लॉट नंबर 10 और 11 पर आवश्यक अनुमति के बिना करीब 20 से 25 बड़े पेड़ों को काट दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पेड़ों की कटाई किसके निर्देश पर की गई और इसके लिए किसी विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51049/fir-registered-in-tree-cutting-case-in-mumbai-chembur-action"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-30t120846.907.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>मुंबई के चेंबूर इलाके में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चेंबूर पुलिस ने पीजीडी ग्रुप, शबरी ग्रुप और स्काईलाइन डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने चेंबूर (पूर्व) के स्वास्तिक पार्क स्थित प्रवासी सोसाइटी के प्लॉट नंबर 10 और 11 पर आवश्यक अनुमति के बिना करीब 20 से 25 बड़े पेड़ों को काट दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पेड़ों की कटाई किसके निर्देश पर की गई और इसके लिए किसी विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं।</p>
<p> </p>
<p>बिना अनुमति पेड़ काटने का आरोप शिकायत के अनुसार, चेंबूर के स्वास्तिक पार्क क्षेत्र में स्थित प्रवासी सोसाइटी की जमीन पर बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद थे। आरोप है कि इन पेड़ों को हटाने के लिए संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति नहीं ली गई। स्थानीय लोगों और सोसाइटी से जुड़े सदस्यों ने पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई और इसकी शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर चेंबूर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।</p>
<p><strong>पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का मामला </strong><br />मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं लगातार सामने आती रही हैं। शहर में पेड़ों को काटने या हटाने के लिए आमतौर पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों से अनुमति लेना जरूरी होता है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कथित रूप से काटे गए पेड़ों के लिए किसी तरह की अनुमति जारी की गई थी या नहीं। यदि अनुमति नहीं मिली थी, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। </p>
<p><strong>डेवलपर्स की भूमिका की जांच</strong><br />एफआईआर  में  पीजीडी ग्रुप, शबरी ग्रुप और स्काईलाइन डेवलपर्स के नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस इन कंपनियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि जमीन पर किसी निर्माण या विकास कार्य की योजना थी या नहीं और पेड़ों को हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। इसके अलावा, यह भी पता लगाया जाएगा कि इस प्रक्रिया में किन लोगों की भागीदारी थी। स्थानीय लोगों में नाराजगी पेड़ों की कटाई की घटना सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि पेड़ शहर के पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और बिना अनुमति इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। <br />निवासियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शुरू की जांच चेंबूर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पेड़ों की कटाई के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी दी गई थी या नहीं। मुंबई में हरियाली बचाने की चुनौती मुंबई में बढ़ते निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं के बीच हरियाली बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। शहर में पेड़ों की संख्या और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिक समूह लगातार आवाज उठाते रहे हैं। चेंबूर जैसे इलाकों में जहां तेजी से शहरी विकास हो रहा है, वहां पेड़ों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ती रही हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। फिलहाल, चेंबूर पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51049/fir-registered-in-tree-cutting-case-in-mumbai-chembur-action</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:10:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नासिक : म्हाडा घोटाला... 59 बिल्डरों को नोटिस, मनपा की बड़ी कार्रवाई;  अब जांच के घेरे में डेवलपर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">इस मामले में मनपा ने 59 विकासकों (डेवलपर्स) को नोटिस जारी किए हैं। तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दी गई ले आउट मंजूरियां अब गहन जांच के घेरे में हैं। जांच में सामने आया है कि बिल्डरों ने म्हाडा के नियमों से बचने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। नियमानुसार, एक निश्चित क्षेत्र से बड़े भूखंड पर म्हाडा के लिए घर देना अनिवार्य होता है। इस अनिवार्य शर्त को टालने के लिए बिल्डरों ने जमीन के बड़े टुकड़ों को एक एकड़ से कम के छोटे-छोटे ले-आउट में बांट दिया। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए भूमि अभिलेख विभाग की फर्जी मुहरों और हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49154/nashik-mhada-scam-notice-to-59-builders-big-action-by"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/rt3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नासिक : </strong>नासिक म्हाडा के साथ धोखाधड़ी कर गरीबों के घरों को हड़पने वाले बिल्डरों के खिलाफ नासिक महानगरपालिका (मनपा) ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में मनपा ने 59 विकासकों (डेवलपर्स) को नोटिस जारी किए हैं। तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दी गई ले आउट मंजूरियां अब गहन जांच के घेरे में हैं। जांच में सामने आया है कि बिल्डरों ने म्हाडा के नियमों से बचने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। नियमानुसार, एक निश्चित क्षेत्र से बड़े भूखंड पर म्हाडा के लिए घर देना अनिवार्य होता है। इस अनिवार्य शर्त को टालने के लिए बिल्डरों ने जमीन के बड़े टुकड़ों को एक एकड़ से कम के छोटे-छोटे ले-आउट में बांट दिया। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए भूमि अभिलेख विभाग की फर्जी मुहरों और हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया।<br /><br />इस घोटाले की गूंज अथ राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन तक पहुंच चुकी है। जांच का दायरा बढ़ने के बाद इसमें बिल्डरों के पार्टनर और जमीन मालिको के नाम भी शामिल किए गए है, जिससे आरोपियों की कुल संख्या 194 तक पहुंच गई है। भूमि अभिलेख विभाग ने पहले ही 49 विकासकों के खिलाफ सरकार वाडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पूरे प्रकरण में अब तक केवल एक आरोपी, सोनू मनवानी, की गिरफ्तारी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक 10 विकासकों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि अगले सप्ताह कुछ और बिल्डरी को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा, मनपा अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि नगर रचना विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इन ले-आउट्स को मंजूरी कैसे दी। इस मामले में नगर रचना विभाग के अधिकारी कल्पेश पाटिल द्वारा जांच समिति को पूरी जानकारी न दिए जाने के कारण विभाग की भूमिका पर संदेह और गहरा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 15:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई स्लम फ्री; प्राइवेट डेवलपर्स और शिवशाही पुनर्वास प्रोजेक्ट लिमिटेड के बीच स्पेशल पर्पस व्हीकल्स बनाने को मंज़ूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक कदम उठाया है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे शहरी जन कल्याण अभियान की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्विकास में तेजी लाना है और साथ ही नए अवैध अतिक्रमणों को रोकने के लिए एडवांस एनईटीआरएम (नेटवर्क फॉर एनक्रोचमेंट ट्रैकिंग एंड रिपोर्टिंग फॉर मुंबई) तकनीक को लागू करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48847/approval-to-form-special-purpose-vehicles-between-mumbai-slum-free"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-31t132315.335.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक कदम उठाया है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे शहरी जन कल्याण अभियान की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्विकास में तेजी लाना है और साथ ही नए अवैध अतिक्रमणों को रोकने के लिए एडवांस एनईटीआरएम (नेटवर्क फॉर एनक्रोचमेंट ट्रैकिंग एंड रिपोर्टिंग फॉर मुंबई) तकनीक को लागू करना है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के दौरान शुरू किया गया यह महत्वपूर्ण अभियान, दिवंगत नेता के शहर के लिए दृष्टिकोण को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है। </p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार के इस फैसले से झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास प्रक्रिया को काफी गति मिलने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों के लिए सुसज्जित और सुरक्षित आवासों में स्थानांतरित होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि हम इस मिशन के माध्यम से बालासाहेब ठाकरे के झुग्गी-मुक्त मुंबई के सपने को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। </p>
<p><strong>ऐसे इलाकों को प्राथमिकता</strong><br />उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अनुसार, इस अभियान में 50 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां 51 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र झुग्गी-झोपड़ी वाला है। झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर पुनर्विकास योजना को झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण द्वारा निजी, सरकारी और अर्ध-सरकारी भूमि के बड़े भूखंडों पर लागू किया जाएगा।</p>
<p><strong>मैपिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन</strong><br />सभी झुग्गीवासियों का सटीक मानचित्रण और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और महाप्रीत जैसी एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। </p>
<p>निवासियों के लिए एक बड़ी राहत देते हुए सरकार ने पुनर्निर्मित मकानों का न्यूनतम आकार बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब सभी पात्र निवासियों को 300 वर्ग फुट के अपार्टमेंट मिलेंगे। मौजूदा पुरानी परियोजनाओं को भी इन नए मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबईमें नई झुग्गियों के निर्माण को रोकने के लिए सरकार एनईटीआरएम योजना शुरू कर रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48847/approval-to-form-special-purpose-vehicles-between-mumbai-slum-free</link>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : टोल वसूलने वाली एमईपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को फ्लाईओवर का रखरखाव न करने के लिए आखिरी नोटिस जारी; मरम्मत शुरू नहीं की तो  की जाएगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने शहर के पांच एंट्री पॉइंट पर टोल वसूलने वाली प्राइवेट फर्म एमईपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को अपनी ज़िम्मेदारी वाले फ्लाईओवर का रखरखाव न करने के लिए आखिरी नोटिस जारी किया है। कॉर्पोरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनी ने तुरंत मरम्मत शुरू नहीं की तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45729/mumbai-toll-collecting-mep-issues-final-notice-to-infrastructure-developers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-24t132538.578.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने शहर के पांच एंट्री पॉइंट पर टोल वसूलने वाली प्राइवेट फर्म एमईपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को अपनी ज़िम्मेदारी वाले फ्लाईओवर का रखरखाव न करने के लिए आखिरी नोटिस जारी किया है। कॉर्पोरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनी ने तुरंत मरम्मत शुरू नहीं की तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>
<p>महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन , मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी और बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को निर्देश दिया गया कि वे घिसी हुई ऊपरी परत को ठीक करने और गाड़ियों के लिए चिकनी और सुरक्षित सतह पक्का करने के लिए जल्दी से रीसरफेसिंग का काम पक्का करें।यह नोटिस डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे की मंगलवार को शहर में कई फ्लाईओवर की खराब हालत के बारे में एक रिव्यू मीटिंग के बाद आया है। </p>
<p>महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी, और बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को निर्देश दिया गया कि वे घिसी हुई ऊपरी परत को ठीक करने और गाड़ियों के लिए चिकनी और सुरक्षित सतह पक्का करने के लिए जल्दी से रीसरफेसिंग का काम पक्का करें। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पास पांच फ्लाईओवर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45729/mumbai-toll-collecting-mep-issues-final-notice-to-infrastructure-developers</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 13:27:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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