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                <title>accounts - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : दुबई भेजे जा रहे थे मुंबई के बैंक खाते और सिम कार्ड, क्राइम ब्रांच ने किया बड़े गिरोह का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50555/mumbais-bank-accounts-and-sim-cards-were-being-sent-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-05t121928.728.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें। मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन गेमिंग और साइबर धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुंबई के अलग-अलग बैंकों में फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खोलता था और फिर उन्हें एक्टिवेट करके सिम कार्ड के साथ दुबई भेज देता था, जहां इनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।</p>
<p> </p>
<p><strong>खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के बाद छापा</strong><br />डीसीपी राज तिलक रौशन ने शनिवार को बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को अपने खुफिया सूत्रों से पक्की जानकारी मिली थी कि मुंबई के मस्जिद बंदर पश्चिम इलाके के ईसाजी स्ट्रीट पर स्थित पार्श्व चैंबर्स की तीसरी मंजिल पर 'जी. डी. ओवरसीज' नाम से एक फर्जी कंपनी का ऑफिस चलाया जा रहा है। इस ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>
<p><strong>66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम बरामद</strong><br />जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम ने बताए गए ठिकाने पर अचानक छापा मारा। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना और उसके पांच साथियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से अलग-अलग बैंकों के 66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 15 पासबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड, दो कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, दो पेनड्राइव और विभिन्न फर्जी कंपनियों की 68 रबर की स्टैम्प बरामद की हैं। इसके अलावा अलग-अलग बैंकों के खाता खोलने वाले फॉर्म, बिजली के बिल और कई कंपनियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जब्त किए गए हैं।</p>
<p><strong>आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज</strong><br />इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ मुंबई के पायधुनी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया है और क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को मामले की जांच सौंप दी गई है । गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जब मुंबई की एक कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें 8 जुलाई  तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने बैंक खाते दुबई भेजे हैं और इनके तार किन-किन बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:22:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गाजियाबाद : आईएसआई के गुर्गे सरदार ने मुंबई में कारोबारी और नेताओं की कराई थी रेकी, 2 बैंक खातों से भेजे 45 लाख रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पहले नाहल फिर कौशांबी और हापुड़ से पकड़े संदिग्धों से पूछताछ में रोजाना नए चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। रविवार को कौशांबी एरिया से अरेस्ट युवक नौशाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के गुर्गे सरदार उर्फ सरफराज उर्फ जोरा सिंह के इशारे पर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को पूछताछ में पता चला कि नौशाद ने सरदार के इशारे पर अपने दोस्त से मुंबई में कई बड़े उद्योगपतियों और राजनेताओं की रेकी कराई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48676/ghaziabad-isi-henchman-sardar-had-conducted-recce-of-businessmen-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t124731.299.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गाजियाबाद :</strong> पहले नाहल फिर कौशांबी और हापुड़ से पकड़े संदिग्धों से पूछताछ में रोजाना नए चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। रविवार को कौशांबी एरिया से अरेस्ट युवक नौशाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के गुर्गे सरदार उर्फ सरफराज उर्फ जोरा सिंह के इशारे पर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को पूछताछ में पता चला कि नौशाद ने सरदार के इशारे पर अपने दोस्त से मुंबई में कई बड़े उद्योगपतियों और राजनेताओं की रेकी कराई थी। इनके वीडियो और फोटो के साथ-साथ उनकी लोकेशन भी सरदार को भेजी गई थी। इसके अलावा झारखंड में प्रसिद्ध मंदिर समेत कुछ और संवेदनशील जगहों की रेकी कराई थी।</p>
<p> </p>
<p><strong>लोनी बॉर्डर में भी कुछ संदिग्‍धों को हिरासत में लेने की खबर</strong><br />सरदार ने नौशाद को कई और टारगेट दिए थे, लेकिन पैसा न मिलने पर उसने काम करने से मना किया। इसी बीच आरोपी ने दिल्ली कैंट की भी रेकी की थी। यहां के भी वीडियो और फोटो सरदार को भेजे गए थे। उधर, सूत्र बताते हैं कि लोनी बॉर्डर क्षेत्र में भी दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रविवार देर रात को बॉर्डर क्षेत्र में छापा मारकर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। उनके पास से कुछ हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। हालांकि स्थानीय पुलिस इसकी जानकारी होने से इनकार कर रही हैं। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बारे में स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं है। </p>
<p><strong>कई राज्‍यों में संवेदनशील एरिया की रेकी की</strong><br />बता दें कि 14 मार्च को पुलिस ने कई राज्यों में रेकी करने और कुछ संवेदनशील जगहों पर कैमरे लगाने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। रिमांड पर लिए गए सुहैल, ईरम उर्फ महक समेत आधा दर्जन से अधिक आरोपियों से एसआईटी पूछताछ कर रही है। सोमवार को पूछताछ में तीन अन्य आरोपियों के नाम सामने आए है। जिसमे एक युवक को पुलिस ने वांछित दिखाया हुआ है। उसने कर्नाटक और राजस्थान में रेकी की थी। दूसरा आरोपी जेसीबी चालक है। उसने दिल्ली के चांदनी चौक की रेकी की थी। वहीं तीसरे आरोपी का भी नाम सामने आया है। </p>
<p><strong>पंजाब और हरियाणा के खातों से आरोपियों को दिए 45 लाख</strong><br />सूत्रों से पता चला है कि पंजाब और हरियाणा में सरदार दो खातों को ऑपरेट करा रहा था। एक साल के अंतराल में पंजाब के एक खाते से 30 लाख रुपये, जबकि दूसरे खाते मे 15 लाख रुपये आए हैं। सरदार के इशारे पर पैसे पहले ट्रक चालक दुर्गेश के खाते में भेजे जाते थे, फिर सरदार उन्हें अलग-अलग संदिग्धों को पैसा पहुंचाने का ऑर्डर देता था। दुर्गेश ने एक साल के अंतराल में करीब पांच लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया है। आरोपी सरदार एक कोरियर कपनी का ट्रक चलाता था। सूत्रों का कहना है कि तीन अन्य आरोपियों के नाम सामने आए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:49:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करना पीछा करने और उसकी इज्जत को ठेस पहुंचाने जैसा - बॉम्बे हाई कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने फैसला सुनाया है कि किसी महिला के सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करना पीछा करने और उसकी इज्जत को ठेस पहुंचाने जैसा है, जो दोनों ही गंभीर अपराध हैं। एक आदमी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने अपने खिलाफ पुलिस केस रद्द करने की मांग की थी। उसके खिलाफ दर्ज फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट इंडियन पीनल कोड की धारा 354 (किसी महिला पर उसकी इज्जत को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल) और 354D (पीछा करना) के तहत थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46020/mumbai--posting-objectionable-content-on-social-media-accounts-amounts-to-stalking-and-insulting-the-dignity-of-a-person---bombay-high-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने फैसला सुनाया है कि किसी महिला के सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करना पीछा करने और उसकी इज्जत को ठेस पहुंचाने जैसा है, जो दोनों ही गंभीर अपराध हैं। एक आदमी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने अपने खिलाफ पुलिस केस रद्द करने की मांग की थी। उसके खिलाफ दर्ज फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट इंडियन पीनल कोड की धारा 354 (किसी महिला पर उसकी इज्जत को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल) और 354D (पीछा करना) के तहत थी।</p>
<p>FIR के मुताबिक, आदमी और महिला 2017 में फेसबुक पर दोस्त बने। आदमी ने आखिरकार रोमांटिक बातें शुरू कीं, जिसे महिला ने मना कर दिया। इसके बाद आदमी गुस्सा हो गया और कथित तौर पर जनवरी से सितंबर 2019 के बीच उसके फेसबुक अकाउंट पर उसके बारे में आपत्तिजनक चीजें पोस्ट करने लगा।महिला ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2019 में उसकी शादी से एक दिन पहले, आदमी जहर की बोतल लेकर उसके घर गया और खुद को मारने की धमकी दी।</p>
<p> </p>
<p>उसके परिवार वाले उसे पुलिस स्टेशन ले गए, जहां उसने माफी मांगी, इसलिए उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, आदमी ने कथित तौर पर ऑनलाइन उसका पीछा करना जारी रखा और उसके फेसबुक अकाउंट पर मानहानिकारक कंटेंट पोस्ट करता रहा, जिससे उसकी शादीशुदा जिंदगी में दिक्कतें पैदा करने की कोशिश की।दूसरी ओर, आदमी ने दावा किया कि वह और महिला 2014-15 से रिलेशनशिप में थे, और उनके परिवारों के मिलने के बाद उनकी शादी भी तय हो गई थी। हालांकि, महिला और उसके परिवार ने बाद में कथित तौर पर शादी के लिए ₹5 लाख और पांच एकड़ जमीन की मांग की। जब उसने उनसे कहा कि वह उनकी मांगें पूरी करने की स्थिति में नहीं है और उनसे वह पैसा वापस मांगा जो उसने पहले उन्हें उधार दिया था, तो उन्होंने कथित तौर पर उसे गाली दी और धमकी दी।इसके बाद आदमी ने महिला और उसके परिवार के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति दिलवाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), और 506 (आपराधिक धमकी), साथ ही धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) के तहत शिकायत दर्ज कराई। यह मामला मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेंडिंग है।</p>
<p>FIR रद्द करने की मांग करते हुए, उस आदमी ने हाई कोर्ट में कहा कि उस पर लगाए गए आरोप झूठे, परेशान करने वाले थे और वे उत्पीड़न के दायरे में नहीं आते। हालांकि, आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट्स को देखने के बाद, जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और नन्देश एस देशपांडे की डिवीजन बेंच ने कहा कि महिला शादीशुदा है, और किसी के साथ पहले से रिश्ता होने का मतलब यह नहीं है कि आवेदक को सोशल साइट पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट करने का लाइसेंस मिल जाता है।कोर्ट ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करना IPC के तहत "अपराध करने जैसा होगा"। उस आदमी के खिलाफ मौजूद ढेर सारे सबूतों को देखते हुए, कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर उसके खिलाफ चल रही कार्यवाही को रद्द नहीं किया जा सकता और उसकी एप्लीकेशन खारिज कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 18:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : साइबर अपराध; बैंक खाते किराए पर देने के लिए लुभाने वाले विज्ञापनों में तेज़ी से हो रही वृद्धि की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर अपराध जाँचकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर लोगों को अपने बैंक खाते किराए पर देने के लिए लुभाने वाले विज्ञापनों में तेज़ी से हो रही वृद्धि की चेतावनी दी है - जिससे वे 'खच्चर खाते' बन जाते हैं और ऑनलाइन धोखाधड़ी से होने वाली आय को इधर-उधर करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट किए गए ये विज्ञापन, बैंक खातों को "अस्थायी रूप से उधार" देने के बदले में आसानी से मासिक आय का वादा करते हैं। पुलिस का कहना है कि ये प्रस्ताव बिल्कुल भी हानिरहित नहीं हैं, और अब संगठित साइबर अपराध के बढ़ते जाल का केंद्र बन गए हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45548/mumbai-cyber-crime-warns-of-rapid-increase-in-advertisements-luring"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-17t120211.057.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर अपराध जाँचकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर लोगों को अपने बैंक खाते किराए पर देने के लिए लुभाने वाले विज्ञापनों में तेज़ी से हो रही वृद्धि की चेतावनी दी है - जिससे वे 'खच्चर खाते' बन जाते हैं और ऑनलाइन धोखाधड़ी से होने वाली आय को इधर-उधर करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट किए गए ये विज्ञापन, बैंक खातों को "अस्थायी रूप से उधार" देने के बदले में आसानी से मासिक आय का वादा करते हैं। पुलिस का कहना है कि ये प्रस्ताव बिल्कुल भी हानिरहित नहीं हैं, और अब संगठित साइबर अपराध के बढ़ते जाल का केंद्र बन गए हैं। </p>
<p> </p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन निवेश घोटाले, फ़िशिंग ऑपरेशन, सेक्सटॉर्शन रैकेट, अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क और शिकारी ऋण ऐप चलाने वाले अपराधियों के लिए खच्चर खाते महत्वपूर्ण हो गए हैं। सख्त केवाईसी मानदंडों के कारण नकली पहचान के साथ खाते खोलना मुश्किल हो गया है, इसलिए धोखेबाज भ्रामक सोशल मीडिया विज्ञापनों के ज़रिए आम नागरिकों को तेज़ी से निशाना बना रहे हैं।इन पोस्ट में आमतौर पर दावा किया जाता है कि उपयोगकर्ता अपने खातों का अस्थायी उपयोग करके प्रति माह ₹5,000 से ₹30,000 तक कमा सकते हैं। कुछ विज्ञापनों में इस उद्देश्य को "गेम फ़ंड" की ज़रूरतें बताया गया है। पुलिस का कहना है कि आसानी से पैसे कमाने के वादे ने बेरोज़गार युवाओं, कॉलेज के छात्रों, गिग वर्कर्स और आर्थिक रूप से परेशान लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है।हकीकत कहीं ज़्यादा जोखिम भरी है। एक बार जब कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते तक पहुँच दे देता है, तो यह एक स्तरित मनी-लॉन्ड्रिंग श्रृंखला का हिस्सा बन जाता है।</p>
<p>ऑनलाइन घोटालों से प्राप्त धन को कई खच्चर खातों के ज़रिए भेजा जाता है ताकि उसकी उत्पत्ति को छिपाया जा सके और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जा सके। जब धोखाधड़ी का पता चलता है, तो खाताधारक जाँच का पहला बिंदु बन जाता है - और अक्सर पहली गिरफ़्तारी भी।हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा ऐसे कई विज्ञापनों की समीक्षा करने पर पता चला कि एक पूरा बाज़ार खुलेआम चल रहा है। इंडियन सिम बैंक अकाउंट बायर्स एंड सेलर्स नामक एक समूह नियमित रूप से "अच्छे कमीशन" के वादे के साथ बचत और चालू खातों की माँग करने वाले पोस्ट प्रसारित करता है। एक अन्य विज्ञापन में लिखा है: "बैंक खाते की ज़रूरत है। किसी भी सरकारी एजेंसी से ज़्यादा कमीशन। न्यूनतम कमाई ₹30,000 प्रति माह"। "गेम फ़ंड के लिए कॉर्पोरेट खाते" की माँग करने वाले एक अलग पोस्ट में खाते के सत्यापन के बाद ज़्यादा मात्रा, कमीशन और यहाँ तक कि टिकट और होटल आवास का भी वादा किया गया है।पुलिस का कहना है कि ये पोस्ट बैंक खातों और सिम कार्डों के बड़े पैमाने पर गुप्त व्यापार को बढ़ावा देते हैं।</p>
<p>कुछ भर्तियों में शामिल लोगों से खातों से जुड़े एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी मांगे जाते हैं, जिससे उनकी पहचान उजागर हो जाती है।पवार ने कहा कि पुलिस ने संदिग्ध विज्ञापनों की निगरानी बढ़ा दी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से खच्चर खातों को बढ़ावा देने वाले पोस्ट हटाने को कहा है। हाल ही में आयोजित साइबर अपराध जागरूकता अभियान के दौरान, पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में सत्र आयोजित किए और लोगों को अजनबियों के साथ बैंक विवरण, लॉगिन क्रेडेंशियल या खाते की जानकारी साझा न करने की चेतावनी दी।विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बैंक खाते उधार देने के लिए "आसान पैसे" का कोई भी वादा तुरंत खतरे की घंटी के रूप में लिया जाना चाहिए। पुलिस ने नागरिकों से ऐसी योजनाओं से बचने और संदिग्ध विज्ञापनों की सूचना देने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि ऐसे नेटवर्क में अनजाने में भी शामिल होने के गंभीर आपराधिक परिणाम हो सकते हैं, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 12:03:09 +0530</pubDate>
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