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                <title>loses - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: एल एंड टी से छिना मुंबई के पाली हिल्स का आलीशान हाई ट्रीज बंगला, सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की 25 साल पुरानी लड़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने एलएंडटी की एक स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है। इसके साथ ही बांद्रा के पाली हिल रोड पर एक प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई है। इस प्रॉपर्टी में कंपनी के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरमैन एमेरिटस एएम नाइक पिछले 20 साल से ज़्यादा समय से रह रहे हैं। कंपनी ने दावा किया था कि वह इस प्रॉपर्टी की करीब 30% मालिक है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49595/mumbais-luxurious-high-trees-bungalow-in-pali-hills-snatched-from"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-30t113154.763.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>सुप्रीम कोर्ट ने एलएंडटी की एक स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है। इसके साथ ही बांद्रा के पाली हिल रोड पर एक प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई है। इस प्रॉपर्टी में कंपनी के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरमैन एमेरिटस एएम नाइक पिछले 20 साल से ज़्यादा समय से रह रहे हैं। कंपनी ने दावा किया था कि वह इस प्रॉपर्टी की करीब 30% मालिक है। अब उसे 'हाई ट्रीज़' नाम का बंगला खाली करके उसका शांतिपूर्ण कब्ज़ा सौंपना होगा।  यह बंगला पाली हिल के पॉश रेजिडेंशियल इलाके में बची हुई कुछ हेरिटेज प्रॉपर्टीज़ में से एक है। इस पिटीशन के खारिज होने से बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहले दिए गए बेदखली के आदेश की पुष्टि हो गई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>1970 में खत्म हो गया था प्रॉपर्टी का पट्टा</strong><br />यह विवाद 1961 में शुरू हुई एक किरायेदारी से जुड़ा है। इस प्रॉपर्टी का औपचारिक पट्टा 1970 में खत्म हो गया था। मकान मालिकों के ग्रुप में केसी कोठारी परिवार के सदस्य और अन्य सह-मालिक शामिल थे। किरायेदारी खत्म होने के बाद, उन्होंने 2001 में बांद्रा की स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट में बेदखली की कार्यवाही शुरू की थी। <br />प्रॉपर्टी का 7 पर्सेंट एल एंड टी ने खरीदा था<br />बांद्रा के पाली हिल रोड पर एक प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद को खत्म करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने एल एंड टी द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया। मुकदमे के दौरान 2001 में एलएंडटी ने प्रॉपर्टी में 7% अविभाजित हिस्सा अमर मुनोट (जो अब दिवंगत हैं) से खरीदा था। अमर मुनोट प्रॉपर्टी के सह-मालिकों में से एक थे।<br />बाद में, कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 29.5% हो गई। इसी आधार पर, 2017 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले ('मंगल बिल्डर्स') का हवाला देते हुए, कंपनी ने तर्क दिया कि वह अब प्रॉपर्टी की सह-मालिक बन गई है और इसलिए उसके खिलाफ बेदखली की कार्यवाही जारी नहीं रह सकती। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि एलएंडटी सहित सभी सह-मालिकों के बीच प्रॉपर्टी के बंटवारे  का एक मुकदमा अभी भी लंबित है। </p>
<p><strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा</strong><br />27 मार्च, 2026 को दिए अपने फैसले में, बॉम्बे हाई कोर्ट के जज एम.एम. सथाये ने इस तर्क को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बेदखली का मुकदमा चलने के दौरान, एक सह-मालिक द्वारा एल एंड टी को 7% हिस्सा बेचने पर की गई आपत्तियां किसी अन्य मकसद से प्रेरित लगती हैं और इसलिए वे मुकदमे की वैधता पर कोई बुरा असर नहीं डाल सकतीं।</p>
<p>हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि 2010 में स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट की अपीलीय बेंच द्वारा एल एंड टी को बेदखल करने का जो आदेश दिया गया था, उसमें कोई गलती नहीं है। इसमें यह माना गया कि किसी एक सह-मालिक का विरोध, खास तौर पर तब, जब उसका मकसद किसी किरायेदार को फ़ायदा पहुंचाना हो, बाकी सह-मालिकों के बेदखली के अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता।</p>
<p>हाई कोर्ट ने कहा कि उसके सामने सवाल यह था कि क्या कोई सह-मालिक किसी किरायेदार को बेदखल करने के लिए मुक़दमा दायर कर सकता है, अगर कोई दूसरा सह-मालिक इस पर आपत्ति जताता है, और वह आपत्ति इसलिए है क्योंकि प्रॉपर्टी के शेयर किरायेदार के पक्ष में बेच दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:27:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकारडॉक्टर को 11 दिनों में ₹12 करोड़ का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के पुणे के एक 75 साल के डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकार होकर करीब 12 करोड़ रुपये गंवा बैठे। उनसे यह कहकर ठगी की गई कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो 11 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी। डॉक्टर को यकीन था कि अगर वे 11 दिन तक स्टॉक में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें करीब 54 करोड़ रुपये का रिटर्न मिलेगा। कम समय में ज्यादा प्रॉफिट मिलने का भरोसा करके डॉक्टर ने कुछ हफ्तों तक साइबर क्रिमिनल्स को पैसे ट्रांसफर किए।<br />पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ठगी इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी। पीड़ित डॉक्टर को सबसे पहले एक अनजान नंबर से मैसेज आया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49089/mumbai-doctor-becomes-victim-of-cyber-fraudsters-doctor-suffers-loss"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t101614.040.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के पुणे के एक 75 साल के डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकार होकर करीब 12 करोड़ रुपये गंवा बैठे। उनसे यह कहकर ठगी की गई कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो 11 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी। डॉक्टर को यकीन था कि अगर वे 11 दिन तक स्टॉक में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें करीब 54 करोड़ रुपये का रिटर्न मिलेगा। कम समय में ज्यादा प्रॉफिट मिलने का भरोसा करके डॉक्टर ने कुछ हफ्तों तक साइबर क्रिमिनल्स को पैसे ट्रांसफर किए।<br />पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ठगी इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी। पीड़ित डॉक्टर को सबसे पहले एक अनजान नंबर से मैसेज आया।</p>
<p> </p>
<p>मैसेज में कहा गया था कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें भारी प्रॉफिट होगा। पैसे की उम्मीद कर रहे डॉक्टर ने साइबर क्रिमिनल्स में दिलचस्पी दिखाई। साइबर क्रिमिनल्स ने वीआईपी स्टॉक 24 नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बुजुर्ग डॉक्टर को लालच दिया। आरोपियों ने उस व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक इन्वेस्टमेंट प्लान शेयर किया। प्लान आकर्षक होने के कारण डॉक्टर ने अपने पैसे ट्रांसफर कर दिए। साइबर क्रिमिनल्स ने डॉक्टर को बार-बार यकीन दिलाया कि अगर वह उनके इंस्ट्रक्शन्स को सही तरीके से फॉलो करेंगे, तो सिर्फ 11 दिनों में रिटर्न आ जाएगा।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने एक फेक ट्रेडिंग ऐप का इस्तेमाल किया था। ऐप को एक नामी कंपनी का बताया गया था। सबसे पहले, साइबर क्रिमिनल्स ने पर्सनल और फाइनेंशियल डिटेल्स इकट्ठा कीं। फिर उन्होंने कई बैंक अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। डॉक्टर द्वारा भेजे गए पैसे को फेक ऐप में इन्वेस्टमेंट के तौर पर दिखाया गया। ऐप ने भारी प्रॉफिट भी दिखाया। 7 से 18 मार्च के बीच, पीड़ित ने 8 अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर किए। माना जा रहा है कि डॉक्टर ने करीब 12.31 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।</p>
<p>हालांकि, जब डॉक्टर ने पैसे इन्वेस्ट करने से मना कर दिया, तो साइबर क्रिमिनल्स ने उन पर दबाव डाला। आरोपियों ने प्रॉपर्टी जब्त करने की धमकी दी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने डॉक्टर को पैसे ट्रांसफर करने के लिए डराया। पीड़ित ने करीब तीन महीने तक पैसे ट्रांसफर किए। हालांकि, पुलिस ने कहा कि जब पैसे वापस नहीं आए तो डॉक्टर को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद, उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:20:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : विले पार्ले की महिला ने फर्जी कौन बनेगा करोड़पति लॉटरी घोटाले में 1.12 लाख गंवाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विले पार्ले ईस्ट की रहने वाली 47 साल की एक गृहिणी के साथ ₹1.12 लाख की धोखाधड़ी हुई। जालसाज़ों ने उसे यह झांसा दिया कि उसने टीवी क्विज़ शो 'कौन बनेगा करोड़पति' से जुड़ी एक फ़र्ज़ी लॉटरी में एक कार जीती है। इस महिला को सोशल मीडिया पर बने एक फ़र्ज़ी पेज के ज़रिए निशाना बनाया गया, जो हूबहू 'कौन बनेगा करोड़पति' जैसा दिखता था।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48653/mumbai-vile-parle-woman-loses-%E2%82%B9112-lakh-in-fake-kaun"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-23t165911.041.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>विले पार्ले ईस्ट की रहने वाली 47 साल की एक गृहिणी के साथ ₹1.12 लाख की धोखाधड़ी हुई। जालसाज़ों ने उसे यह झांसा दिया कि उसने टीवी क्विज़ शो 'कौन बनेगा करोड़पति' से जुड़ी एक फ़र्ज़ी लॉटरी में एक कार जीती है। इस महिला को सोशल मीडिया पर बने एक फ़र्ज़ी पेज के ज़रिए निशाना बनाया गया, जो हूबहू 'कौन बनेगा करोड़पति' जैसा दिखता था।</p>
<p> </p>
<p>इस पेज पर यूज़र्स से क्विज़ के सवालों के जवाब देने को कहा जाता था, जिससे यह लगता था कि यह कोई असली प्रतियोगिता है। कुछ दिनों तक इस पेज पर एक्टिव रहने के बाद, महिला को एक आदमी का फ़ोन आया, जिसने खुद को शो का प्रतिनिधि बताया। उसने महिला को बताया कि उसने ₹8.5 लाख की एक कार जीती है।</p>
<p><br />इस ऑफ़र को असली मानकर, महिला ने टैक्स और प्रोसेसिंग फ़ीस के नाम पर कई किस्तों में ₹1.12 लाख ट्रांसफ़र कर दिए। उसे अपनी ठगी का एहसास तब हुआ, जब फ़ोन करने वाले से उसका संपर्क टूट गया। महिला की शिकायत के आधार पर, विले पार्ले पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:59:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: महिला यात्री ने गवां दी जान; कई यात्री जख्मी; बंद हो सकती है बाइक टैक्सी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जल्द ही मुंबई में बाइक टेक्सी चलना बंद हो सकती है। क्योंकि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी एग्रीगेटर कंपनियों (ओला, उबर और रैपिडो) को दिया हुआ टेम्पररी बाइक टैक्सी लाइसेंस कैंसिल कर सकती है। दरसल मुंबई में एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा अनधिकृत तरीके से बाइक टैक्सी चलाई जा रही है। इस वजह से एक महिला यात्री ने अपनी जान भी गवां दी है, तो वहीं कई यात्री जख्मी भी हुए है। यही वजह है कि बुधवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मामले पर बैठक ली। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी तीनों कंपनियों को जारी किए गए प्रोविजनल लाइसेंस रद्द करने पर आखिरी फैसला 2 दिनों में लेगी। यह कदम उन घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिनसे बाइक टैक्सी सेफ्टी पर कई सारे सवाल खड़े किये है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46290/mumbai-woman-passenger-lost-her-life-many-passengers-injured-bike"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-18t133937.527.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>जल्द ही मुंबई में बाइक टेक्सी चलना बंद हो सकती है। क्योंकि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी एग्रीगेटर कंपनियों (ओला, उबर और रैपिडो) को दिया हुआ टेम्पररी बाइक टैक्सी लाइसेंस कैंसिल कर सकती है। दरसल मुंबई में एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा अनधिकृत तरीके से बाइक टैक्सी चलाई जा रही है। इस वजह से एक महिला यात्री ने अपनी जान भी गवां दी है, तो वहीं कई यात्री जख्मी भी हुए है। यही वजह है कि बुधवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मामले पर बैठक ली। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी तीनों कंपनियों को जारी किए गए प्रोविजनल लाइसेंस रद्द करने पर आखिरी फैसला 2 दिनों में लेगी। यह कदम उन घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिनसे बाइक टैक्सी सेफ्टी पर कई सारे सवाल खड़े किये है। हाल ही में, कल्याण में एक उबर बाइक टैक्सी सवार ने एक महिला पैसेंजर के साथ छेड़छाड़ की थी। यही वजह है कि ऐसी घटनाओं ने ऐप-बेस्ड बाइक टैक्सी सर्विस के राइडर वेरिफिकेशन, गाड़ी के नियमों का पालन न करने और रेगुलेटरी निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी  के पास लाइसेंस है अधिकार</strong><br />ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, जो एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ट्रांसपोर्ट) के अंडर काम करती है, के पास लाइसेंस देने और कैंसिल करने का कानूनी अधिकार है। सरनाइक ने एसटीए को रैपिडो, ओला और उबर को दिए गए टेम्पररी लाइसेंस रद्द करने का प्रोसेस शुरू करने के निर्देश दिए। आखिरी फैसला लेने के लिए अथॉरिटी की जल्द ही एक मीटिंग होनी है। अगर लाइसेंस रद्द हो जाते हैं, तो इन एग्रीगेटर्स कंपनियों द्वारा चलाई जाने वाली बाइक टैक्सी सर्विस मुंबई और राज्य के दूसरे हिस्सों में बंद कर दी जाएंगी, जिससे ऐप-बेस्ड टू-व्हीलर टैक्सी ऑपरेशन को झटका लगेगा, जिन्हें पहले भी रेगुलेटरी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।</p>
<p>बता दें कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को पैसेंजर्स से अनसेफ राइड्स, अनवेरिफाइड राइडर्स और गैर-कानूनी ऑपरेशन्स के बारे में कई शिकायतें भी मिलीं है। अधिकारी ने कहा कि एनफोर्समेंट टीमों ने कई मौकों पर कंपनियों को चेतावनी दी, लेकिन उसे नज़रअंदाज़ किया गया। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के मुताबिक, तीनों कंपनियां बाइक टैक्सी ड्राइवरों का रजिस्ट्रेशन करते समय कोई पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करती हैं। साथ ही, इलेक्ट्रिक बाइक के बजाय पेट्रोल बाइक के जरिए सर्विस जारी रखने के लिए कंपनी के खिलाफ अब तक 36 केस दर्ज किए जा चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 13:40:28 +0530</pubDate>
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