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                <title>RTI - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>नई दिल्ली : सीआईसी का अहम फैसला, मुवक्किल के मामलों के लिए आरटीआई के तहत जानकारी नहीं मांग सकते वकील</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने फैसला सुनाया कि वकील अपने मुवक्किलों के मामलों के बारे में जानकारी पाने के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आयोग ने कहा कि इस तरह से पारदर्शिता कानून का इस्तेमाल करने से इसके उसके मुख्य मकसद पूरे नहीं होते।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47072/important-decision-of-new-delhi-cic-lawyers-cannot-ask-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-18t211651.527.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने फैसला सुनाया कि वकील अपने मुवक्किलों के मामलों के बारे में जानकारी पाने के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आयोग ने कहा कि इस तरह से पारदर्शिता कानून का इस्तेमाल करने से इसके उसके मुख्य मकसद पूरे नहीं होते।</p>
<p> </p>
<p><strong>मुवक्किल की ओर से आरटीआई मांगने पर आपत्ति</strong><br />हरियाणा के एक जवाहर नवोदय विद्यालय में फल-सब्जी आपूर्ति करार समाप्त होने से जुड़े विवाद में दायर दूसरी अपील को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने खारिज कर दिया। सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलंगी ने कहा कि अपीलकर्ता वकील ने अपने भाई जो संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण को फल-सब्जी की आपूर्ति करता था। आयोग ने कहा किया कि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आपूर्तिकर्ता स्वयं आरटीआई आवेदन क्यों नहीं कर सकता, जिससे यह प्रतीत होता है कि वकील ने अपने मुवक्किल की ओर से जानकारी मांगी, जो आरटीआई अधिनियम के तहत स्वीकार्य नहीं है। </p>
<p><strong>आरटीआई का दुरुपयोग नहीं हो सकता </strong><br />मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए सीआईसी ने इस बात पर जोर दिया कि एक वकील अपने मुवक्किल की ओर से दायर किए गए मामलों से संबंधित जानकारी नहीं मांग सकता। हाईकोर्ट ने चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हर प्रैक्टिस करने वाला वकील अपने मुवक्किल की तरफ से जानकारी पाने के लिए आरटीआई कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल करेगा, जो आरटीआई कानून की योजना के मकसद को पूरा नहीं करता।</p>
<p>आयोग ने फैसले का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि आरटीआई कानून के सराहनीय उद्देश्यों का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए नहीं किया जा सकता और यह वकील के हाथ में ऐसा हथियार नहीं बनना चाहिए जिसका इस्तेमाल वह अपनी प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के लिए हर तरह की जानकारी हासिल करने के लिए करे। सार्वजनिक प्राधिकरण के इस दावे पर ध्यान देते हुए कि आग में कई रिकॉर्ड नष्ट हो गए थे और निजी जानकारी को छूट के तहत सही तरीके से देने से मना किया गया था, आयोग ने कहा कि उसे सीपीआईओ के दिए गए जवाब में कोई कमी नहीं मिली। इसलिए अपील का निपटारा कर दिया गया और लिखित प्रविष्टियों की प्रति अपीलकर्ता के साथ शेयर करने का निर्देश दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 21:16:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्हाडा की वेबसाइट पर 15 करोड़ कागजात ऑनलाइन उपलब्ध; कागजात के लिए नहीं करनी होगी आरटीआई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>म्हाडा की आधिकारिक वेबसाइट पर अब 15 करोड़ से अधिक दस्तावेज नागरिकों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। म्हाडा ने आरटीआई पर अंकुश लगाने के लिए म्हाडा उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने यह निर्णय लिया। म्हाडा के इस निर्णय से कागजात के लिए लोगो को म्हाडा कार्यालय में चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42484/15-crore-documents-are-available-online-on-mhada-s-website--no-need-to-file-rti-for-documents"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/images---2025-07-26t222118.813.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> म्हाडा की आधिकारिक वेबसाइट पर अब 15 करोड़ से अधिक दस्तावेज नागरिकों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। म्हाडा ने आरटीआई पर अंकुश लगाने के लिए म्हाडा उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने यह निर्णय लिया। म्हाडा के इस निर्णय से कागजात के लिए लोगो को म्हाडा कार्यालय में चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। म्हाडा ने लोगों के कार्यालय पर लगाने से बचाने के लिए सभी प्रादेशिक मंडलों के कार्यालयीन दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत स्व प्रकटीकरण के रूप में सभी कागजात वेबसाइट</p>
<p> </p>
<p>https://mhada.gov.in पर उपलब्ध विभागानुसार श्रेणीबद्ध कराया गया है। म्हाडा ने संवेदनशील दस्तावेजों को छोड़कर बाकी सभी जानकारी नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई है। म्हाडा का मानना है कि इस पहल से कार्यालयीन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को बार-बार कार्यालयों में आने-जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लॉटरी या अन्य प्रक्रिया के दौरान नागरिकों द्वारा देखे जाने वाले दस्तावेजों की गोपनीयता भी बरकरार रखी गई है और किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। जायसवाल ने बताया कि म्हाडा एक जनोन्मुख संस्था है और उसका उत्तरदायित्व नागरिकों के प्रति अधिक है। महाराष्ट्र सरकार के निर्देश के अनुसार नागरिकों का जीवन आसान बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि 15 करोड़ दस्तावेज वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 22:22:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राकांपा नेता नवाब मलिक पर गलत आरोप, आरटीआई के जरिए खुलासा...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;"><strong>मुंबई :</strong> राकांपा नेता नवाब मलिक के मामले में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए एक नया खुलासा हुआ है। इसके जरिए ईडी की सच्चाई सामने आ गई है कि उन पर गलत आरोप लगाया है। मलिक की कानूनी टीम ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए खुलासा किया है कि मलिक की जमीन की बिक्री फर्जी नहीं थी। </span></p>
<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;">इसके लेन-देन में कोई अनियमितता नहीं बरती गई थी। बता दें कि मलिक ने गोवावाला वंâपाउंड से जुड़ी ३ एकड़ जमीन के मामले में जमानत याचिका दायर की है। उसी पर सुनवाई के दौरान ईडी द्वारा किए गए दावे का आरटीआई</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/12645/wrong-allegation-against-ncp-leader-nawab-malik--revealed-through-rti"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-08/nawab_malik-3.jpeg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;"><strong>मुंबई :</strong> राकांपा नेता नवाब मलिक के मामले में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए एक नया खुलासा हुआ है। इसके जरिए ईडी की सच्चाई सामने आ गई है कि उन पर गलत आरोप लगाया है। मलिक की कानूनी टीम ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए खुलासा किया है कि मलिक की जमीन की बिक्री फर्जी नहीं थी। </span></p>
<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;">इसके लेन-देन में कोई अनियमितता नहीं बरती गई थी। बता दें कि मलिक ने गोवावाला वंâपाउंड से जुड़ी ३ एकड़ जमीन के मामले में जमानत याचिका दायर की है। उसी पर सुनवाई के दौरान ईडी द्वारा किए गए दावे का आरटीआई से ब्यौरा हासिल कर खंडन किया गया है। ईडी की कार्रवाई पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। इस बीच नवाब मलिक की कानूनी टीम ने यह खुलासा किया है।</span></p>
<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;">गौरतलब है कि ईडी ने आरोप लगाया था कि मलिक ने अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के गुर्गे सलीम पटेल से संपत्ति खरीदी थी। ईडी की ओर से यह भी दावा किया गया था कि इस लेन-देन से मिले पैसे को आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों (टेरर पंâडिंग) के लिए मुहैया कराया गया था। </span></p>
<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;">इस मामले में ईडी द्वारा पेश किए गए मुख्य सबूत अप्रेंटिस सलीम पटेल के पास जमीन के मालिक मुनीरा प्लंबर का जाली पॉवर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) था। केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक कुर्ला में ३ एकड़ के गोवावाला वंâपाउंड के मालिक ने उस पर कब्जा कर लिया था। प्लंबर ने पटेल को कुछ पैसे देकर पॉवर ऑफ अटॉर्नी की मदद से अतिक्रमण हटा लिया था।</span></p>
<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;">मलिक ने कहा था कि पटेल ने कुर्ला में संपत्ति बेचने के लिए एक प्लंबर द्वारा हस्ताक्षरित पॉवर ऑफ अटॉर्नी दिखाया था। ईडी को दिए गए प्लंबर के बयान के मुताबिक उन्होंने संपत्ति बेचने के लिए कभी भी पावर ऑफ अटॉर्नी नहीं दी थी। ईडी ने कहा कि संपत्ति की बिक्री नवाब मलिक, सलीम पटेल और हसीना पारकर की साजिश में की गई थी इसलिए सभी संबंधित दस्तावेज जाली थे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Aug 2022 12:11:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में जनवरी से आपदाओं में 137 की मौत: RTI</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई: सूचना का अधिकार (आरटीआई) जानकारी के एक उत्तर के अनुसार, जनवरी से शहर में लगभग 10,000 आपदा संबंधी शिकायतें थीं।  इसमें पता चला है कि 137 लोगों की जान चली गई, जबकि 579 लोग पेड़ की दुर्घटनाओं, आग, सड़क दुर्घटनाओं, शॉर्ट-सर्किट, घर गिरने और डूबने से घायल हुए। अधिकार फाउंडेशन एनजीओ के शकील अहमद शेख द्वारा दायर एक प्रश्न के उत्तर में डेटा दिया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/1823/137-killed-in-disasters-in-mumbai-since-january-rti"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2019-09/images-3.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई: सूचना का अधिकार (आरटीआई) जानकारी के एक उत्तर के अनुसार, जनवरी से शहर में लगभग 10,000 आपदा संबंधी शिकायतें थीं।  इसमें पता चला है कि 137 लोगों की जान चली गई, जबकि 579 लोग पेड़ की दुर्घटनाओं, आग, सड़क दुर्घटनाओं, शॉर्ट-सर्किट, घर गिरने और डूबने से घायल हुए। अधिकार फाउंडेशन एनजीओ के शकील अहमद शेख द्वारा दायर एक प्रश्न के उत्तर में डेटा दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/1823/137-killed-in-disasters-in-mumbai-since-january-rti</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Sep 2019 16:56:19 +0530</pubDate>
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