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                <title>flood - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>flood RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खोपोली के ज़ेनिथ वॉटरफॉल में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, मुंबई के करीब 80 पर्यटक फंसे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के खोपोली स्थित मशहूर ज़ेनिथ वॉटरफॉल में शनिवार को अचानक भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए, जिससे मुंबई से आए लगभग 80 पर्यटक फंस गए। तेज बारिश के चलते वॉटरफॉल क्षेत्र में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और ओवरफ्लो की स्थिति बन गई, जिससे पर्यटकों का वापसी मार्ग बंद हो गया। जानकारी के अनुसार, मुंबई सेंट्रल, चेंबूर और घाटकोपर क्षेत्र से आए ये पर्यटक सुबह करीब 7 बजे वॉटरफॉल एरिया में पहुंचे थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50559/flood-like-situation-due-to-heavy-rains-in-zenith-waterfall"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-05t123204.414.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के खोपोली स्थित मशहूर ज़ेनिथ वॉटरफॉल में शनिवार को अचानक भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए, जिससे मुंबई से आए लगभग 80 पर्यटक फंस गए। तेज बारिश के चलते वॉटरफॉल क्षेत्र में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और ओवरफ्लो की स्थिति बन गई, जिससे पर्यटकों का वापसी मार्ग बंद हो गया। जानकारी के अनुसार, मुंबई सेंट्रल, चेंबूर और घाटकोपर क्षेत्र से आए ये पर्यटक सुबह करीब 7 बजे वॉटरफॉल एरिया में पहुंचे थे। उस समय मौसम साफ था और बारिश नहीं हो रही थी, जिससे पर्यटकों ने बिना किसी आशंका के प्राकृतिक स्थल के अंदर प्रवेश किया। हालांकि, सुबह करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और इलाके में तेज बारिश शुरू हो गई।</p>
<p> </p>
<p>तेज बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र से बहने वाला पानी तेजी से बढ़ गया और झरने का जलस्तर खतरनाक रूप से ऊपर आ गया। कुछ ही समय में स्थिति ऐसी बन गई कि पर्यटकों के लौटने के सभी रास्ते जलभराव और तेज बहाव की वजह से बंद हो गए। इससे वहां मौजूद लोगों में घबराहट का माहौल पैदा हो गया। अधिकारियों के अनुसार, पर्यटकों के दो अलग-अलग समूह इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। एक समूह वॉटरफॉल क्षेत्र के अंदर लगभग 500 मीटर की दूरी पर फंसा हुआ था, जबकि दूसरा समूह प्रवेश द्वार से करीब एक किलोमीटर दूर फंस गया था। दोनों जगहों पर पानी का बहाव तेज होने के कारण लोग सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकल पा रहे थे।</p>
<p>तेज बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र से बहने वाला पानी तेजी से बढ़ गया और झरने का जलस्तर खतरनाक रूप से ऊपर आ गया। कुछ ही समय में स्थिति ऐसी बन गई कि पर्यटकों के लौटने के सभी रास्ते जलभराव और तेज बहाव की वजह से बंद हो गए। इससे वहां मौजूद लोगों में घबराहट का माहौल पैदा हो गया। अधिकारियों के अनुसार, पर्यटकों के दो अलग-अलग समूह इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। एक समूह वॉटरफॉल क्षेत्र के अंदर लगभग 500 मीटर की दूरी पर फंसा हुआ था, जबकि दूसरा समूह प्रवेश द्वार से करीब एक किलोमीटर दूर फंस गया था। दोनों जगहों पर पानी का बहाव तेज होने के कारण लोग सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकल पा रहे थे।</p>
<p>स्थानीय प्रशासन और बचाव दल को सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बारिश के कारण राहत कार्य में चुनौतियां आईं, लेकिन टीमों ने संयम और सतर्कता के साथ ऑपरेशन जारी रखा। प्रशासन के अनुसार, इस तरह के पहाड़ी और जलप्रपात क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए पर्यटकों को पहले ही सतर्क रहने और मौसम अपडेट देखने की सलाह दी जाती है। लेकिन सुबह मौसम साफ होने के कारण पर्यटक बिना किसी जोखिम के स्थल के अंदर चले गए, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।</p>
<p>घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही, वॉटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश और निकास पर अस्थायी रूप से नियंत्रण भी कड़ा किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। राहत दलों का कहना है कि फंसे हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को चोट न पहुंचे और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर मौसम की अनिश्चितता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे स्थानों पर जाते समय मौसम की जानकारी जरूर लें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:33:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बाढ़ पीड़ितों को तीन हेक्टेयर तक की कृषि भूमि के लिए सहायता प्रदान करने का निर्णय </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बाढ़ पीड़ितों को दो हेक्टेयर के बजाय तीन हेक्टेयर तक की कृषि भूमि के लिए सहायता प्रदान करने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा घोषित किया गया है। इसके अनुसार, एक हेक्टेयर के लिए 648 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि वितरित की गई है। राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने यह जानकारी दी। अब तक 8,139 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इससे राज्य के 6 लाख 56 हजार 310.83 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रभावित फसलों को हुए नुकसान के लिए 6 लाख 12 हजार 177 किसानों को लाभ होगा। इन किसानों को पहले 2 हेक्टेयर तक की सहायता स्वीकृत की गई थी, लेकिन अब यह अतिरिक्त सहायता एक हेक्टेयर के लिए भी प्रदान की जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44884/decision-to-provide-assistance-to-mumbai-flood-victims-for-agricultural"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-23t100919.372.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बाढ़ पीड़ितों को दो हेक्टेयर के बजाय तीन हेक्टेयर तक की कृषि भूमि के लिए सहायता प्रदान करने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा घोषित किया गया है। इसके अनुसार, एक हेक्टेयर के लिए 648 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि वितरित की गई है। राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने यह जानकारी दी। अब तक 8,139 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इससे राज्य के 6 लाख 56 हजार 310.83 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रभावित फसलों को हुए नुकसान के लिए 6 लाख 12 हजार 177 किसानों को लाभ होगा। इन किसानों को पहले 2 हेक्टेयर तक की सहायता स्वीकृत की गई थी, लेकिन अब यह अतिरिक्त सहायता एक हेक्टेयर के लिए भी प्रदान की जाएगी।</p>
<p> </p>
<p><strong>ऐसे मिलेगी मदद... </strong><br />छत्रपति संभाजीनगर संभाग - बीड, लातूर, परभणी, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, हिंगोली, नांदेड़ जिलों के 3 लाख 58 हजार 612 किसानों के 3 लाख 88 हजार 101.13 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के नुकसान के लिए 346 करोड़ 31 लाख 70 हजार रुपये। नागपुर संभाग - नागपुर, चंद्रपुर, वर्धा और गढ़चिरौली जिलों के 3 हजार 931 किसानों के 7 हजार 698.25 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के नुकसान के लिए 7 करोड़ 51 लाख 75 हजार रुपये।</p>
<p>नासिक संभाग - नासिक, जलगाँव और अहिल्यानगर जिलों के 53 हजार 865 किसानों के 50 हजार 629 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के नुकसान के लिए 59 करोड़ 36 लाख 13 हजार रुपये। अमरावती संभाग - अकोला, अमरावती, यवतमाल, बुलढाणा और वाशिम जिलों के एक लाख 7 हजार 615 किसानों के 1 लाख 39 हजार 438.23 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के नुकसान के लिए 131 करोड़ 56 लाख 47 हजार रुपये। पुणे संभाग - सोलापुर और सांगली जिलों के 70 हजार 418.89 हेक्टेयर क्षेत्र में 88 हजार 143 किसानों के फसलों के नुकसान के लिए 103 करोड़ 37 लाख 20 हजार रुपये। कोंकण क्षेत्र - ठाणे और पालघर जिलों के 11 किसानों के 25.33 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के नुकसान के लिए 2 लाख 16 हजार रुपये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44884/decision-to-provide-assistance-to-mumbai-flood-victims-for-agricultural</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 10:10:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बाढ़ की स्थिति के बीच आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सोनिया सेठी का तबादला; </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बनी बाढ़ की स्थिति के बीच आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सोनिया सेठी का तबादला कर दिया। कांग्रेस ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, विनीता वेद सिंघल ने सेठी की जगह ली है। सेठी को नगर निगम द्वारा संचालित बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन उपक्रम का महाप्रबंधक बनाया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44220/mumbai--sonia-sethi--additional-chief-secretary-of-disaster-management--relief-and-rehabilitation-department--transferred-amid-flood-situation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-27t124010.517.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार ने पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बनी बाढ़ की स्थिति के बीच आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सोनिया सेठी का तबादला कर दिया। कांग्रेस ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, विनीता वेद सिंघल ने सेठी की जगह ली है। सेठी को नगर निगम द्वारा संचालित बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन उपक्रम का महाप्रबंधक बनाया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने एक बयान में कहा कि तबादले का यह निर्णय समय और औचित्य पर सवाल उठाता है, खासकर ऐसी स्थिति में जब राज्य के कई इलाके भीषण बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह तबादला ऐसे समय में हुआ है, जब (आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास) विभाग की भूमिका राहत कार्यों के समन्वय, क्षति का आकलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास उपायों की देखरेख में महत्वपूर्ण है। सावंत ने पूछा कि क्या यह एक नियमित प्रशासनिक निर्णय है या सजा का एक रूप? उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति बिगड़ती जा रही है, कई जिलों में नागरिक गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में यह निर्णय विभाग के भीतर भ्रम पैदा कर सकता है। </p>
<p>सावंत ने दावा किया, “नए अधिकारी को विभाग के कामकाज को समझने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी, जिससे महत्वपूर्ण राहत और पुनर्वास कार्य धीमा पड़ जाएगा। यह निर्णय खराब शासन और राज्य तंत्र के भीतर समन्वय की कमी को दर्शाता है। यह तबादला सरकार की तैयारियों और प्राथमिकताओं पर संदेह पैदा करता है।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 12:41:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीड : बाढ़ का कहर, सेना को बुलाया गया राहत बचाव के लिए, 5-6 गांव पूरी तरह से डूबे, सड़क संपर्क टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साल 2025 का मानसून देश के लिए आफतों भरा रहा. बाढ़, बारिश और भूस्खलन ने देश के ज्यादातर हिस्सों में कहर बरपाया. सेना पहले दिन से ही राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है. भारी बारिश के चलते अब महाराष्ट्र के बीड जिले के कुछ इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. बीड के अष्टी तालुका में लगातार भारी बारिश के चलते कड़ा, घाटपिंपरी और आसपास के इलाकों सहित 5-6 गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए. पानी का स्तर बढ़ने के चलते कनेक्टिंग रोड पूरी तरह से कट गए हैं. सेना के मुताबिक बीड के डीएम ने सेना से आधिकारिक तौर पर राहत बचाव के लिए अनुरोध किया. सेना ने तुरंत राहत बचाव के अपने ऑपरेशन को शुरू कर दिया, जिसमें तत्काल एरियल इवैक्यूएशन भी शामिल है. बाढ़ प्रभावित गांवों में लगभग 25-30 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू करना जरूरी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43922/beed--flood-wreaks-havoc--army-called-for-rescue--5-6-villages-completely-submerged--road-connectivity-disrupted"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/indian_army_rescue_ops_punjab_floods__1756451517233_1756451517491.webp" alt=""></a><br /><div><strong>बीड : </strong>साल 2025 का मानसून देश के लिए आफतों भरा रहा. बाढ़, बारिश और भूस्खलन ने देश के ज्यादातर हिस्सों में कहर बरपाया. सेना पहले दिन से ही राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है. भारी बारिश के चलते अब महाराष्ट्र के बीड जिले के कुछ इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. बीड के अष्टी तालुका में लगातार भारी बारिश के चलते कड़ा, घाटपिंपरी और आसपास के इलाकों सहित 5-6 गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए. पानी का स्तर बढ़ने के चलते कनेक्टिंग रोड पूरी तरह से कट गए हैं. सेना के मुताबिक बीड के डीएम ने सेना से आधिकारिक तौर पर राहत बचाव के लिए अनुरोध किया. सेना ने तुरंत राहत बचाव के अपने ऑपरेशन को शुरू कर दिया, जिसमें तत्काल एरियल इवैक्यूएशन भी शामिल है. बाढ़ प्रभावित गांवों में लगभग 25-30 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू करना जरूरी है.</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>आर्मी एविएशन के हेलिकॉप्टर तैनात</strong></div>
<div>पानी के बीच फंसे लोगों को बचाने के लिए नासिक से एक एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) और दो चेतक हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है. मौसम की हालातों के तहत तैनाती की गई है. इसके अलावा, अहमदनगर से एक बाढ़ राहत कॉलम बीड के बाढ़ ग्रस्त इलाके की तरफ बढ़ रही है. देर शाम तक इसके पहुंचने की उम्मीद है. इसके अलावा बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप से इंजीनियर टास्क फोर्स भी स्पेशलाइज्ड सपोर्ट के लिए राहत बचाव के ऑपरेशन में शामिल होगी.</div>
<div> </div>
<div><strong>सेना ने अब तक 21,500 से ज्यादा लोगों को बचाया</strong></div>
<div>अप्रैल 2025 में मानसून के मौसम की शुरुआत से ही, सेना के जवान 75 स्थानों पर मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मिशनों में लगातार जुटे हुए हैं. सेना ने कुल 126 रेस्क्यू कॉलम दिन-रात लगातार राहत और बचाव के काम में सक्रिय रखे. अपने रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी ने 21,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है. साथ ही लगभग 9,700 लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की है. सेना ने आपदा पीड़ितों को 23,500 किलोग्राम से ज्यादा राहत सामग्री भी पहुंचाई.</div>
<div> </div>
<div><strong>सड़कों की मरम्मत से कनेक्टिविटी बनाई रखी</strong></div>
<div>चाहे बाढ़ हो या फिर भूस्खलन, सड़कों को जबरदस्त नुकसान हुआ. कई इलाकों में तो सड़के पूरी तरह से टूट जाने के चलते राहत और बचाव के काम में भी दिक्कतें पेश आईं. लेकिन सेना ने कनेक्टिविटी बहाल करने और राहत कार्यों को जारी रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. आर्मी के इंजीनियरों ने कुल 29 पुलों का निर्माण किया है, जिसमें एक 110 फीट लंबा पुल भी शामिल है. इसके अलावा 12 जगहों पर बंधों को मजबूत किया है. आर्मी एविएशन के हेलीकॉप्टरों ने अब तक 500 से ज्यादा घंटों की उड़ान भरी और जोखिम भरे ऑपरेशन में लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया.</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43922/beed--flood-wreaks-havoc--army-called-for-rescue--5-6-villages-completely-submerged--road-connectivity-disrupted</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 21:23:01 +0530</pubDate>
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