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                <title>ambulance - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>ambulance RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : हवाई अड्डे पर गूंजी किलकारी, एयरपोर्ट स्टाफ ने एंबुलेंस में कराई विदेशी महिला की डिलीवरी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार तड़के एक ऐसा वाकया सामने आया, जिसने यह साबित कर दिया कि एयरपोर्ट सिर्फ यात्राओं की यादें नहीं संजोते। कभी-कभी एयरपोर्ट जिंदगी के किसी खास मौके के गवाह भी बनते हैं। हुआ यूं कि, एक विदेशी महिला यात्री ने अस्पताल ले जाते हुए एयरपोर्ट की एंबुलेंस में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान उनके साथ सिर्फ एयरपोर्ट का मेडिकल स्टाफ ही मौजूद था। एयरपोर्ट स्टाफ द्वारा लिए फौरन फैसले और मेडिकल टीम की सतर्कता से मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। बता दें कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) द्वारा किया जाता है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47690/the-airport-staff-delivered-the-foreign-woman-in-an-ambulance"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-13t131151.752.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार तड़के एक ऐसा वाकया सामने आया, जिसने यह साबित कर दिया कि एयरपोर्ट सिर्फ यात्राओं की यादें नहीं संजोते। कभी-कभी एयरपोर्ट जिंदगी के किसी खास मौके के गवाह भी बनते हैं। हुआ यूं कि, एक विदेशी महिला यात्री ने अस्पताल ले जाते हुए एयरपोर्ट की एंबुलेंस में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान उनके साथ सिर्फ एयरपोर्ट का मेडिकल स्टाफ ही मौजूद था। एयरपोर्ट स्टाफ द्वारा लिए फौरन फैसले और मेडिकल टीम की सतर्कता से मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। बता दें कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) द्वारा किया जाता है।<br /></p><p><br /></p><p><strong>ट्रांजिट के वक्त शुरू हुई प्रसव पीड़ा, स्टाफ ने दिखाई फुर्ती</strong><br />मामला 10 फरवरी 2026 की सुबह का है। करीब 5:17 बजे एयरपोर्ट प्रशासन को सूचना मिली कि इंटरनेशनलटूइंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया में एक विदेशी महिला को गंभीर चिकित्सकीय सहायता की जरूरत है। महिला तंज़ानिया की नागरिक थीं और अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थीं। सूचना मिलते ही नजदीकी मेडिकल टीम को अलर्ट किया गया। महज तीन मिनट के भीतर एयरपोर्ट की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि 26 वर्षीय विदेशी महिला गर्भवती थी और उन्हें तेज़ प्रसव पीड़ा शुरू हो चुकी थी। स्थिति गंभीर थी-दर्द के साथ प्रसव के स्पष्ट लक्षण मौजूद थे। इस मौके पर भी एयरपोर्ट स्टाफ ने धीरज नहीं छोड़ा और पूरी सतर्कता से काम किया। <br /></p><p>स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना कोई समय गंवाए महिला को एयरपोर्ट की एंबुलेंस स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया। एयरलाइन के मेडिकल स्टाफ, लोडर्स और इमिग्रेशन अधिकारियों के सहयोग से सभी औपचारिकताएं बेहद तेज़ी से पूरी की गईं। सुबह करीब 5:40 बजे एंबुलेंस को नज़दीकी अस्पताल के लिए रवाना किया गया।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 13:16:04 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस पुलिया से नीचे गिरी; दो लोगों की मौत, चालक घायल</title>
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                        <![CDATA[<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर सीतामऊ तहसील के ग्राम सेदरा माता के समीप मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस पुलिया से नीचे जा गिरी। इसमे दो लोगों की मौत हो गई। वहीं चालक गंभीर घायल है। मिली जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार देर रात 12 बजे के करीब हुआ। बताया जा रहा है कि जावरा तरफ की से मरीजों को लेकर एंबुलेंस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे की तरफ जा रही थी। तभी सीतामऊ तहसील के ग्राम सेदरा माता और भुवानगढ़ के बीच में पुलिया से नीचे जा गिरी।</p>
<p> </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44934/ambulance-carrying-patients-falls-from-culvert-on-delhi-mumbai-expressway-two"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-25t115011.748.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर सीतामऊ तहसील के ग्राम सेदरा माता के समीप मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस पुलिया से नीचे जा गिरी। इसमे दो लोगों की मौत हो गई। वहीं चालक गंभीर घायल है। मिली जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार देर रात 12 बजे के करीब हुआ। बताया जा रहा है कि जावरा तरफ की से मरीजों को लेकर एंबुलेंस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे की तरफ जा रही थी। तभी सीतामऊ तहसील के ग्राम सेदरा माता और भुवानगढ़ के बीच में पुलिया से नीचे जा गिरी।</p>
<p> </p>
<p><strong>कैसे हुई घटना?</strong><br />लेकिन एम्बुलेंस पुलिया से नीचे गिरी होने के कारण किसी को पता नहीं चला। सुबह जब स्थानीय लोग खेत पर गए तो पुलिस ओर ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद कड़ी मशक्कत कर घायल ड्राइवर को निकाला गया।</p>
<p><strong>काफी देर तक एंबुलेंस में फंसा रहा चालक</strong><br />हादसे में मरीज सहित दो लोगों की मौत हो गई। एंबुलेंस ड्राइवर गाड़ी में फंस गया था। सुबह लगभग 7 बजे चालक को बाहर निकाला गया। एंबुलेंस में 3 लोग सवार थे जिसमें से 2 की मौत हो चुकी है घायल चालक का उपचार चल रहा है और घायल चालक का उपचार चल रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 11:50:38 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>पालघर : गर्भवती को नहीं मिली एंबुलेंस, गर्भ में बच्चे की मौत !</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">पालघर जिले के मोखाडा इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार को मृत नवजात शिशु को प्लास्टिक की थैली में लेकर 70 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ी. मोखाडा ब्लाक की गर्भवती महिला अविता सखाराम कवर को देर रात करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई. इसके बाद 108 नंबर पर संपर्क करने के बावजूद दोपहर 12 बजे तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हुई, जिस कारण परिवार ने प्राइवेट वाहन से गर्भवती महिला को खोडाला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41360/palghar--pregnant-woman-did-not-get-ambulance--child-dies-in-womb"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(6).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पालघर :</strong> पालघर जिले से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पहले तो प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती को महिला को एंबुलेंस नहीं मिली और फिर समय पर इलाज न मिल पाने के कारण गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिजन नवजात को प्लास्टिक की थैली में डालकर 70 किलोमीटर दूर अपने घर पहुंचे। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के पालघर जिले के मोखाडा इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार को मृत नवजात शिशु को प्लास्टिक की थैली में लेकर 70 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ी. मोखाडा ब्लाक की गर्भवती महिला अविता सखाराम कवर को देर रात करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई. इसके बाद 108 नंबर पर संपर्क करने के बावजूद दोपहर 12 बजे तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हुई, जिस कारण परिवार ने प्राइवेट वाहन से गर्भवती महिला को खोडाला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया.</p>
<p style="text-align:justify;">समय पर नहीं मिला इलाज खोडाला में भी समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसे नासिक के अस्पताल में रेफर कर दिया, लेकिन नासिक के अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भ में शिशु की मृत्यु हो गई. इसके बाद नासिक से घर लौटने के लिए एम्बुलेंस न मिलने के कारण कवर परिवार को मृत शिशु को प्लास्टिक की थैली में लेकर अपने घर वापस लौटना पड़ा।<br /><br />इस चौंकाने वाली घटना ने पालघर के जव्हार-मोखाडा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग खामियों को एक बार फिर से उजागर किया है. राष्ट्रवादी शरद पवार समूह के पूर्व विधायक सुनील भुसारा ने आरोप लगाया है कि एम्बुलेंस सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो रही हैं. वहीं, पालघर स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि गर्भवती महिला की समय-समय पर जांच की गई थी और गर्भ में शिशु की मृत्यु की जानकारी प्रशासन को थी, लेकिन यह जानकारी नहीं थी कि परिवार ने मृत शिशु को प्लास्टिक की थैली में नासिक से वापस लाया. इस तरह स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 19:46:01 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>पालघर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था के बुरे हाल… एंबुलेंस में ही करानी पड़ी डिलीवरी</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के पालघर जिले में वाडा ग्रामीण अस्पताल के डॉक्टर अधीक्षक डॉ. यादव शेखरे ने कहा कि अस्पताल में प्रसव संबंधी इस प्रकार के नाजुक मामलों के प्रबंधन के लिए विशेष सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि महिला को बेहतर देखभाल के लिए ठाणे के अस्पताल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को ‘‘सड़कों की खराब स्थिति” ने और जटिल बना दिया।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/36635/the-condition-of-the-health-system-in-palghar-district-is-very-bad-delivery-had-to-be-done-in-the-ambulance-itself"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-12/fg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पालघर: </strong>पालघर में आए दिन स्वास्थ्य सुविधा तो कभी सड़कों की खराब हालात के कारण किसी-न-किसी प्रकार की अनहोनी की खबर आती रहती है। पालघर में स्वास्थय सुविधाओं की कमी के कारण आए दिन प्रसव के दौरान ही कभी बच्चे तो कभी मां की जान जोखिम में आ जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां स्वास्थय सुविधा तो कमजोर थी ही लेकिन सड़कों की खस्ता हालत ने भी एक गर्भवती महिला की जान खतरे में डाल दी। गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं से ग्रस्त 25 वर्षीय एक महिला ने एक डॉक्टर की मदद से उस समय एम्बुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया जब उसे यहां के एक ग्रामीण अस्पताल से पड़ोसी ठाणे जिले ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के पालघर जिले में वाडा ग्रामीण अस्पताल के डॉक्टर अधीक्षक डॉ. यादव शेखरे ने कहा कि अस्पताल में प्रसव संबंधी इस प्रकार के नाजुक मामलों के प्रबंधन के लिए विशेष सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि महिला को बेहतर देखभाल के लिए ठाणे के अस्पताल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को ‘‘सड़कों की खराब स्थिति” ने और जटिल बना दिया।<br /><br />उन्होंने कहा कि महिला कल्याणी भोये को तीव्र प्रसव पीड़ा होने पर उसका परिवार उसे 13 दिसंबर की सुबह ग्रामीण अस्पताल लाया था। अधिकारी ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने पाया कि भ्रूण की धड़कन अनियमित थी और बच्चे ने गर्भ में ही ‘मेकोनियम’ (मल) त्याग दिया था, जो अक्सर भ्रूण के संकट में होने का संकेत होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए महिला को बेहतर उपचार के लिए 75 किलोमीटर दूर स्थित ठाणे सिविल अस्पताल में तुरंत रेफर कर दिया। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि महिला को तुरंत एक डॉक्टर के साथ जरूरी उपकरणों से लैस एम्बुलेंस में ले जाया गया लेकिन सड़कों की खराब स्थिति और ऊबड़-खाबड़ इलाके के कारण यात्रा के 10 किलोमीटर बाद ही महिला का एम्बुलेंस के अंदर ही प्रसव कराना पड़ा।<br /><br />उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस में मौजूद डॉक्टर ने एक स्वस्थ बच्चे के सुरक्षित जन्म लेने में मदद की। डॉ. शेखरे ने बताया कि प्रसव के बाद तत्काल देखभाल की आवश्यकता को देखते हुए एम्बुलेंस को वापस वाडा ग्रामीण अस्पताल लाया गया जहां मां और नवजात शिशु दोनों की डॉक्टरों ने देखभाल की। उन्होंने बताया कि मां और बेटा दोनों खतरे से बाहर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ग्रामीण अस्पताल में ऐसे मामलों के लिए आवश्यक विशेष सुविधाओं का अभाव है लेकिन इसके बावजूद अस्पताल में हर दिन छह प्रसव होते हैं, जिनमें दो से तीन ऑपरेशन से होते हैं। डॉ. शेखरे ने दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे और उपकरणों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने डॉक्टरों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘‘सड़कों की खराब स्थिति” के कारण महिला को ठाणे ले जाने की प्रक्रिया जटिल हो गई।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 18:31:42 +0530</pubDate>
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