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                <title>hurdle - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>hurdle RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में आया एक और रोड़ा, ₹40 हजार करोड़ के एक्स्ट्रा बोझ से रुक सकता है काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर ने गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने 'लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट अथॉरिटी' द्वारा जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी के आदेश के बाद 1.1 लाख करोड़ रुपये के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50699/another-hurdle-in-mumbai-ahmedabad-bullet-train-project-work-may-stop"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-12t101737.627.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर ने गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने 'लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट अथॉरिटी' द्वारा जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी के आदेश के बाद 1.1 लाख करोड़ रुपये के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई है। एडवोकेट जनरल कमल त्रिवेदी ने हाई कोर्ट को बताया कि बुलेट ट्रेन अथॉरिटी का अनुमान है कि 'लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट अथॉरिटी' द्वारा जनवरी और फरवरी में जारी किए गए ज्यादा मुआवज़े के आदेशों से 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है, जिससे प्रोजेक्ट के जारी रहने पर खतरा पैदा हो सकता है। कोर्ट ने सूरत और भरूच जिलों से 'लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट अथॉरिटी' के आदेशों को चुनौती देने वाली तीन अपीलें स्वीकार कर ली हैं।</p>
<p> </p>
<p>ये मामले भरूच जिले के अमोद तालुका के ओछन गांव में जमीन के टुकड़ों से जुड़े हैं। इन्हें 'राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट एक्ट' के तहत 2018 की अधिसूचना के बाद अधिग्रहित किया गया था।</p>
<p><strong>2020 में तय हुआ था मुआवजा </strong><br />2020 में, अधिग्रहण अथॉरिटी ने बाजार भाव के आधार पर मुआवज़ा 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया था, जिससे एक मामले में मुआवज़ा 85.86 लाख रुपये बना था। ज़मीन मालिक ने मुआवज़ा बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद 'लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट अथॉरिटी' ने उसी जमीन के टुकड़े के लिए 660 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 8.46 करोड़ रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया। </p>
<p><strong>वकील ने गुजरात हाई कोर्ट को क्या बताया </strong><br />मुआवजे में लगभग दस गुना बढ़ोतरी को चुनौती देते हुए, एडवोकेट जनरल ने हाई कोर्ट को बताया कि 'लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट अथॉरिटी' ने ओछन के पास के गांवों में जमीन की बिक्री के उदाहरणों को नजरअंदाज किया और इसके बजाय 14 किमी दूर स्थित सिमर्था गांव के आंकड़ों पर भरोसा किया। उन्होंने कहा कि 'लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट अथॉरिटी' ने सिमर्था की 450 रुपये प्रति वर्ग मीटर की 'जंत्री' कीमत और वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े 2013 के जमीन अधिग्रहण के मामले का इस्तेमाल किया, और फिर चार साल आठ महीने के लिए 10% सालाना बढ़ोतरी लागू करके 660 रुपये प्रति वर्ग मीटर की कीमत तय की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 10:19:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई और ठाणे से कल्याण पहुंचने की अड़चन दूर, जानिए मेट्रो-5 रूट का कितना हुआ काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेट्रो के जरिए मुंबई और ठाणे से कल्याण तक की यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने कल्याण के बीच बन रहे मेट्रो की 2 लाइन को कनेक्ट करने की सबसे बड़ी अड़चन को दूर कर लिया है। जल्द ही मेट्रो-4 और मेट्रो-5 कॉरिडोर को कनेक्ट करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। ठाणे के कापूरबावडी जंक्शन पर मेट्रो मार्ग पर आ रही बिल्डिंग की वजह से मेट्रो-4 को मेट्रो-5 से कनेक्ट करने का काम अटका हुआ था, लेकिन अब एमएमआरडीए ने बिल्डिंग को खाली कराकर उसे तोड़ने का काम शुरू कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47589/remove-the-problem-of-reaching-kalyan-from-mumbai-and-thane"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-09t113409.112.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मेट्रो के जरिए मुंबई और ठाणे से कल्याण तक की यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने कल्याण के बीच बन रहे मेट्रो की 2 लाइन को कनेक्ट करने की सबसे बड़ी अड़चन को दूर कर लिया है। जल्द ही मेट्रो-4 और मेट्रो-5 कॉरिडोर को कनेक्ट करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। ठाणे के कापूरबावडी जंक्शन पर मेट्रो मार्ग पर आ रही बिल्डिंग की वजह से मेट्रो-4 को मेट्रो-5 से कनेक्ट करने का काम अटका हुआ था, लेकिन अब एमएमआरडीए ने बिल्डिंग को खाली कराकर उसे तोड़ने का काम शुरू कर दिया है।</p>
<p> </p>
<p>बिल्डिंग के हटने से एमएमआर की 2 अहम मेट्रो लाइनों को जोड़ने का काम जल्द पूरा हो सकेगा। वडाला-कासारवडवली-गायमुख के बीच मेट्रो-4 व ठाणे-भिवंडी-कल्याण के बीच मेट्रो-5 कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। मेट्रो-4 का सिविल वर्क 75% व मेट्रो-5 के पहले फेज के तहत ठाणे से भिवंडी के बीच मेट्रो मार्ग 95% से अधिक तैयार चुका है।</p>
<p><strong>मेट्रो सेवा शुरू करने के लिए ट्रायल रन शुरू</strong><br />ठाणे से भिवंडी के बीच के मेट्रो मार्ग पर अभी अंतिम फिनिशिंग का काम चल रहा है। एमएमआरडीए ने ठाणे के घोडबंदर रोड के 10 किमी मार्ग पर मेट्रो सेवा शुरू करने के लिए ट्रायल रन शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने कैडबरी जंक्शन से गायमुख के बीच 2026 में ही मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। मेट्रो-4 के मेट्रो-5 से कनेक्ट होने पर मेट्रो-5 के मार्ग पर भी जल्द मेट्रो का ट्रायल रन शुरू करने का रास्ता साफ़ हो गया है।</p>
<p><strong>कारशेड की समस्या होगी हल</strong><br />एमएमआरडीए ने मेट्रो-4 पर बगैर कारशेड के मेट्रो दौड़ने का निर्णय लिया है। वही, मेट्रो-5 के पहले फेज के मार्ग के करीब कसेली में तेजी से मेट्रो कारशेड तैयार करने का काम चल रहा है। कसेली कारशेड कापूरबावडी से करीब 4-5 किमी की दूरी पर है। ऐसे में कसेली कारशेड का काम पूरा होने से एमएमआरडीए की मेट्रो-4 की कारशेड की समस्या भी हल हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 11:48:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बीएमसी से पहले ठाकरे बंधुओं की राह में रोड़ा... मराठी सीटों पर सहमति नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) 65 से 70 सीटें मनसे को देना चाहती है, जबकि मनसे नेता इस पर राजी नहीं हैं। दोनों दलों में सीटों को लेकर चल रही खींचतान के बीच ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने शनिवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की और मामले को सुलझाने की कोशिश की। राऊत ने राज ठाकरे के दादर स्थित आवास पर मुलाकात की। इस मौके पर अनिल परब, वरुण सरदेसाई, सूरज चव्हाण, मनसे नेता आला नांदगांवकर और नितिन सरदेसाई भी मौजूद थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46355/before-mumbai-bmc-there-is-a-hurdle-in-the-path"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download_-_2025-07-05t122628_432.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>ठाकरे बंधुओं के संभावित गठबंधन के बीच सीट बंटवारे को लेकर पेंच उलझ गया है। चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) 65 से 70 सीटें मनसे को देना चाहती है, जबकि मनसे नेता इस पर राजी नहीं हैं। दोनों दलों में सीटों को लेकर चल रही खींचतान के बीच ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने शनिवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की और मामले को सुलझाने की कोशिश की। राऊत ने राज ठाकरे के दादर स्थित आवास पर मुलाकात की। इस मौके पर अनिल परब, वरुण सरदेसाई, सूरज चव्हाण, मनसे नेता आला नांदगांवकर और नितिन सरदेसाई भी मौजूद थे।<br /><br />दोनों पार्टियों में पिछले कई दिनों से सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है, शुक्रवार को अनिल परब ने राज से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार उपनगर की अधिकांश सीटों को लेकर दोनों दलों में सहमति बन गई है। लेकिन मुंबई शहर की कुछ सीटों को लेकर पेच उलझा हुआ है। माहिम, शिवड़ी, भायखला, लालबाग, कालाचौकी, वलीं, परेल, दादर, – विक्रोली और भांडूप जैसी मराठी भाषी बाहुल्य वाली सीटों पर सीट-शेयरिग का मुद्दा फंसा हुआ है। दोनों पार्टियों में मराठा-मुस्लिम फार्मूले पर भी बातचीत चल रही है। सूत्रों के अनुसार ठाकरे गुढ़ बीएमसी की 227 सीटों में से मनसे को 65 से 70 सीटें देना चाहता है। शेष सीटें अपने पास रखना चाहती, यदि शरद पवार की राका साथ आती है, तो शिवसेना अपने हिस्से से उन्हें सीटें देगी। शरद पवार गुट ने 20 सीटों पर दावा ठौका है।<br /><br />ठाकरे बंधुओं के गठबंधन की अधिकृत घोषणा अभी नहीं हुई, लेकिन उससे पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मिशन बीएमसी की शुरुआत कर दी है। वे पार्टी की सभी शाखाओं का दौरा कर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे हैं। उन्होंने पार्टी की ताकत व शाखाएं बढ़ाने का कैंपेन चलाने का फैसला किया है। राज ठाकरे ने शनिवार को भांडुप वेस्ट से अपने दौरे की शुरूआत की। वे मुंबई शहर व उपनगरों में अलग-अलग शाखाओं का दौरा कर रहे हैं और पार्टी की नई शाखाओं का उद्घाटन भी कर रहे हैं। राज ने भांडुप के वाघोबावाड़ी इलाके में शाखा नंबर 109 का उद्घाटन किया।<br />मनसे ने बीएमसी चुनाव के लिए कमर कस ली है। लोगों तक पहुंचने और पार्टी की ताकत और शाखाएं बढ़ाने का कैंपेन चलाया है। राज ने शनिवार को भांडुप, गोवंडी, मानखुर्द, कुर्ला, भायखला और ताड़देव इलाके में कुल सात शाखाओं के कार्यकर्ताओं से संवाद साधा। रविवार को भी वे विभिन्न पार्टी शाखाओं में जाकर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 11:35:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में प्रोफेसरों की सभी नियुक्ति; कानूनी बाधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) प्रशासन द्वारा अपने चार मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में प्रोफेसरों की सभी नियुक्तियों के लिए व्यापक अनुमति की माँग को राज्य सरकार के विधि विभाग से एक बाधा का सामना करना पड़ा है। बीएमसी द्वारा अपने मेडिकल कॉलेजों में 700 से अधिक शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को राज्य शहरी विकास विभाग ने मंजूरी दे दी है, हालाँकि कानूनी बाधा के कारण अभी तक विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42323/mumbai--all-future-appointments-of-professors-in-medical-colleges--legal-hurdle"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/images---2025-07-21t105723.340.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) प्रशासन द्वारा अपने चार मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में प्रोफेसरों की सभी नियुक्तियों के लिए व्यापक अनुमति की माँग को राज्य सरकार के विधि विभाग से एक बाधा का सामना करना पड़ा है। बीएमसी द्वारा अपने मेडिकल कॉलेजों में 700 से अधिक शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को राज्य शहरी विकास विभाग ने मंजूरी दे दी है, हालाँकि कानूनी बाधा के कारण अभी तक विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण कर्मचारियों (प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और व्याख्याता जो शिक्षण अस्पतालों में डॉक्टर के रूप में भी काम करते हैं) के लगभग 829 पद हैं, हालाँकि केवल लगभग 200 पूर्णकालिक कर्मचारी हैं जबकि लगभग 350 संविदा कर्मचारी हैं। शेष पद रिक्त हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ रहा है।</p>
<p>"शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया लंबी है। बीएमसी ने विज्ञापन प्रकाशित करने और प्रोफेसरों की नियुक्तियों के लिए यूडी विभाग से व्यापक अनुमति मांगी थी, जो सभी मानदंडों का पालन करते हुए की जाएगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (जो यूडी मंत्रालय के प्रमुख हैं) ने अपनी मंजूरी दे दी है, हालांकि, सरकारी प्रस्ताव प्रकाशित नहीं किया गया है क्योंकि कानूनी विभाग निगम को व्यापक अनुमति देने में हिचकिचा रहा है," नियुक्तियों से अवगत एक वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी ने कहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 10:58:39 +0530</pubDate>
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