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                <title>Of - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : 15 मई से 10% पानी की कटौती, कमजोर मानसून की आशंका के बीच बीएमसी का बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के निवासियों को भीषण गर्मी के बीच जल्द ही पानी की कटौती का सामना करना पड़ेगा। दरअसल शहर को पानी सप्लाई करने वाले झीलों में जलस्तर तेजी से कम हो रहा है, इसके चलते एशिया की सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी ने 15 मई से 10 प्रतिशत पानी की कटौती की घोषणा की है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल ‘अल नीनो’ मौसम चक्र के कारण मानसून के सामान्य से कम रहने की भविष्यवाणी की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49569/mumbai-10-water-cuts-from-may-15-bmcs-big-decision"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(57).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :  </strong>मुंबई के निवासियों को भीषण गर्मी के बीच जल्द ही पानी की कटौती का सामना करना पड़ेगा। दरअसल शहर को पानी सप्लाई करने वाले झीलों में जलस्तर तेजी से कम हो रहा है, इसके चलते एशिया की सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी ने 15 मई से 10 प्रतिशत पानी की कटौती की घोषणा की है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल ‘अल नीनो’ मौसम चक्र के कारण मानसून के सामान्य से कम रहने की भविष्यवाणी की है। इस बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 15 मई से पूरे शहर में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू करने का निर्णय किया है। </p>
<p> </p>
<p>बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने मानसून पूर्व समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में कुल जल भंडार 28.35 प्रतिशत है, जो 6 जुलाई तक के लिए उपयुक्त है। लेकिन इस साल मानसूनी बारिश को लेकर अनिश्चितता के चलते 15 मई से 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू करने का फैसला किया गया है। क्योंकि अल नीनो के कारण इस मानसून सीजन में कम बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। </p>
<p>आईएएस भिडे ने कहा कि बीएमसी भाटसा बांध से 12.3 करोड़ घन मीटर और ऊपरी वैतरणा जलाशय से 9 करोड़ घन मीटर पानी का भंडार करने की योजना बना रही है। अगर राज्य सरकार आरक्षित भंडार से पानी निकालने की अनुमति देती है और प्रस्तावित 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की जाती है, तो 17 अगस्त तक के लिए पानी उपलब्ध है। बता दें कि मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सभी सात झीलों- भातसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, विहार और तुलसी की जल संग्रहण क्षमता 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर है। इन सात बांधों से प्रतिदिन 385 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। ये झीले मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में स्थित हैं।</p>
<p><strong>मुंबई में बारिश की तैयारी शुरू</strong><br />इस बीच, बीएमसी ने मानसून के दौरान शहर के निचले हिस्सों में होने वाले जलभराव से निपटने के लिए 547 पोर्टेबल जल निकासी पंप लगाने की तैयारी की है। इसमें 146 मुंबई शहर में, 178 पूर्वी उपनगरों में और 123 पश्चिमी उपनगरों में लगाए जाएंगे। इसके अलावा छह पंपिंग स्टेशन और 10 मिनी पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने बताया कि मुंबई में बाढ़ की चपेट में आने वाले 496 स्थान हैं, जिनमें से 403 का समाधान किया जा चुका है और बाकि 93 में से केवल 13 जगहों पर ही मानसून से पहले काम पूरा हो पाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल मानसून की जल्दी शुरुआत और प्री-मानसून बारिश की संभावना को देखते हुए यह पंप 5 मई से तैयार रखे जाएंगे। सभी पोर्टेबल पंपों में आईओटी आधारित उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे वह स्मार्टफोन के जरिए नियंत्रित किये जा सकेंगे और कंट्रोल रूम से रियल-टाइम निगरानी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:07:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई : कथित फ़ूड पॉइज़निंग से चार लोगों के एक परिवार की मौत, जाँच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के डीसीपी ज़ोन 1 प्रवीण मुंडे ने बताया कि कथित फ़ूड पॉइज़निंग (भोजन विषाक्तता) के कारण एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में जाँच जारी है।एक वीडियो संदेश में डीसीपी ने बताया कि इस परिवार में पति, पत्नी और उनकी दो बेटियाँ शामिल थीं। उनका पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है और उनके शरीर से भोजन के नमूने भी लिए गए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49561/mumbai-death-of-a-family-of-four-due-to-alleged"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(54).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के डीसीपी ज़ोन 1 प्रवीण मुंडे ने बताया कि कथित फ़ूड पॉइज़निंग (भोजन विषाक्तता) के कारण एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में जाँच जारी है।एक वीडियो संदेश में डीसीपी ने बताया कि इस परिवार में पति, पत्नी और उनकी दो बेटियाँ शामिल थीं। उनका पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है और उनके शरीर से भोजन के नमूने भी लिए गए हैं। डीसीपी ने बताया कि परिवार ने अपने घर पर कुछ रिश्तेदारों के साथ खाना खाया था और आधी रात के बाद उन्होंने तरबूज खाया। उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद परिवार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।</p>
<p> </p>
<p>इस मामले की रिपोर्ट जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है और आगे की जाँच चल रही है। उन्होंने कहा, "जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है। एक मुस्लिम परिवार के चार सदस्यों - पति, पत्नी और उनकी दो बेटियों - की मौत हो गई। 25 अप्रैल को उन्होंने कुछ रिश्तेदारों को अपने घर खाने पर बुलाया था और उनके साथ खाना खाया था। रात करीब 10-10.30 बजे, खाने के बाद रिश्तेदार चले गए। परिवार ने रात करीब 1-1.30 बजे तरबूज़ खाया। सुबह करीब 5-6 बजे उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया और कल उन चारों की मौत हो गई।"<br />उन्होंने आगे कहा, "पोस्टमॉर्टम किया गया है, और भोजन के नमूने तथा उनके शरीर से भी नमूने लिए गए हैं। आगे की जाँच जारी है।"इससे पहले एक अन्य घटना में, बाजतो गाँव में एक त्योहार का जश्न एक बुरे सपने में बदल गया, जब कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फ़ूड पॉइज़निंग के एक मामले में एक बच्चे की मौत हो गई और लगभग 20 अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना के बाद अधिकारियों ने एक स्थानीय सड़क किनारे की दुकान (स्टॉल) की तत्काल जाँच शुरू कर दी है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "पोस्टमॉर्टम किया गया है, और भोजन के नमूने तथा उनके शरीर से भी नमूने लिए गए हैं। आगे की जाँच जारी है।"इससे पहले एक अन्य घटना में, बाजतो गाँव में एक त्योहार का जश्न एक बुरे सपने में बदल गया, जब कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फ़ूड पॉइज़निंग के एक मामले में एक बच्चे की मौत हो गई और लगभग 20 अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना के बाद अधिकारियों ने एक स्थानीय सड़क किनारे की दुकान (स्टॉल) की तत्काल जाँच शुरू कर दी है।</p>
<p>डिप्टी कमिश्नर रामनिवास यादव के अनुसार, यह घटना तब हुई जब गाँव वालों के एक समूह ने एक स्थानीय विक्रेता से गोलगप्पे खाए। इसके कुछ ही देर बाद, 18 बच्चों और दो वयस्कों में गंभीर बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे। ज्यादातर पीड़ितों को आपातकालीन इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन एक बच्चे की बीमारी के कारण मौत हो गई। इस दुखद घटना ने उस समुदाय में व्यापक दहशत फैला दी है, जो पहले से ही गर्मी से होने वाले दस्त के मामलों में अचानक हुई बढ़ोतरी से जूझ रहा है। "एक बच्चे की मौत हो गई है, जबकि बाकी बच्चे अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। गाँव में डर फैल गया है... अधिकारियों ने बताया कि कई दिनों से रखा बासी खाना इसकी वजह हो सकता है," DC यादव ने कहा।</p>
<p>स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी और ज़िला प्रशासन अभी दो मुख्य बातों पर ध्यान दे रहे हैं। शुरुआती जाँच से पता चलता है कि विक्रेता शायद ऐसी सामग्री या फ्लेवर्ड पानी का इस्तेमाल कर रहा था, जिसे कई दिनों से बिना ठीक से फ्रिज में रखे छोड़ दिया गया था। ज़िला अभी लू की चपेट में है, जिससे खाना जल्दी खराब हो जाता है और इस इलाके में पेट से जुड़ी बीमारियाँ पहले ही बढ़ गई हैं। आगे की जाँच चल रही है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:20:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मेयर बंगले का 3.48 करोड़ से रेनोवेशन, 1931 का हेरिटेज भवन होगा रिस्टोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बायकुला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और ज़ू परिसर में बने मेयर के आधिकारिक बंगले को लंबे समय बाद रेनोवेट और रिस्टोर किया जाएगा। यह बंगला पिछले लगभग चार साल से बंद पड़ा था। अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने इसके पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए करीब 3.48 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव तैयार किया है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49542/renovation-of-mumbai-mayors-bungalow-with-rs-348-crores-1931"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-28t114604.726.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> बायकुला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और ज़ू परिसर में बने मेयर के आधिकारिक बंगले को लंबे समय बाद रेनोवेट और रिस्टोर किया जाएगा। यह बंगला पिछले लगभग चार साल से बंद पड़ा था। अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने इसके पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए करीब 3.48 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव तैयार किया है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया है।</p>
<p> </p>
<p>यह ऐतिहासिक बंगला वर्ष 1931 में बनाया गया था और इसे हेरिटेज भवन का दर्जा प्राप्त है। लगभग 6,000 वर्ग फुट में फैला यह बंगला सागौन की लकड़ी से निर्मित है और इसकी छत पारंपरिक टाइलों से बनी हुई है। इसकी वास्तुकला पुराने समय की शैली को दर्शाती है, जो इसे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संरचना बनाती है। नगर प्रशासन के अनुसार, इस बंगले के रेनोवेशन को प्राथमिकता दी गई है ताकि अगले मेयर के कार्यभार संभालने से पहले इसे पूरी तरह तैयार किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि भवन की संरचनात्मक स्थिति को देखते हुए मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य जरूरी हो गया था।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में मेयर रितु तावड़े ने पदभार संभालने के बाद इस बंगले का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुछ जरूरी मरम्मत और सुधार के सुझाव दिए थे, जिन्हें बाद में रेनोवेशन प्लान में शामिल किया गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के प्रस्ताव में बंगले की मूल संरचना को बनाए रखते हुए जरूरी मरम्मत और आधुनिक सुविधाओं के सीमित सुधार का प्रावधान रखा गया है, ताकि इसकी हेरिटेज पहचान सुरक्षित रहे। स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद रेनोवेशन कार्य शुरू किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल भवन को उपयोग के योग्य बनाना है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित रखना है। नगर निकाय अधिकारियों का कहना है कि यह बंगला मुंबई के शहरी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। इसी वजह से इसके पुनर्निर्माण में विशेष सावधानी बरती जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49542/renovation-of-mumbai-mayors-bungalow-with-rs-348-crores-1931</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:47:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : केईएम हॉस्पिटल का नाम बदलने पर विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49523/controversy-over-changing-the-name-of-mumbai-kem-hospital"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t174139.558.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>किशोरी पेडनेकर ने संभाला मोर्चा</strong><br />सोमवार को बीएमसी में नेता विपक्षा और शिवसेना की पार्षद किशोरी पेडनेकर डॉक्टरों से मिलने पहुंचीं। उनके साथ यूबीटी के विधायक अजय चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों ने हॉस्पिटल की डीन डॉ. संगीता रावत से मुलाकात की। मुंबई की मेयर रह चुकीं किशोर पेडनेकर से जब जब उनसे पूछा गया कि कहा कि शिवसेना ने 1995 में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई कर दिया था, लेकिन अब वे शहर के मशहूर किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल करने का विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि क्यों बदलना है नाम। बॉम्बे से मुंबई करने में सभी सहमति थी। शिवसेना UBT के नेताओं ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे विरासत को मिटाने की कोशिश बताया है, जबकि प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि यह आधुनिक समय में भारत की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को दर्शाता है।</p>
<p><strong>कैसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद?</strong><br />यह विवाद महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा बृहन्मुंबई नगर निगम को लिखे गए एक पत्र के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अस्पताल का नाम बदलकर 'कौशल्या एकलव्य मेमोरियल अस्पताल' रखने की सिफारिश की थी। स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भंडिरगे को संबोधित अपने 25 मार्च के पत्र में, लोढ़ा ने कहा कि भारत अपनी स्वदेशी विरासत को वापस पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई सार्वजनिक संस्थानों के नाम अभी भी औपनिवेशिक काल के हैं, जिन्हें उन्होंने विदेशी शासन के तहत देश के अतीत की याद दिलाने वाला बताया। लाेढ़ा की सिफारिश के बाद विरासत बनाम पहचान की बहस छिड़ गई है।</p>
<p><strong>विरोधियों की क्या है दलील</strong><br />नाम बदलने का विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे नामों को बदलने से इतिहास को संरक्षित करने के बजाय उसे मिटाने का खतरा पैदा हो जाता है। कई नागरिकों के लिए, केईएम अस्पताल सिर्फ एक नाम से कहीं ज्यादा है। यह मुंबई में दशकों के भरोसे, सेवा और चिकित्सा देखभाल का प्रतीक है। हॉस्पिटल का नाम बदलने का फैसला बीएमसी को लेना है। अब देखना है कि बीएमसी क्या निर्णय लेती है।</p>
<p><strong>केईएम ने पूरे किए हैं 100 साल</strong><br />मुंबई का प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल 22 जनवरी 1926 को स्थापित किया गया था। यह अस्पताल बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा संचालित किया जाता है और इसके साथ ही सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज भी चलता है। यह एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है जो मुख्य रूप से गरीब मरीजों को कम लागत में इलाज प्रदान करता है। यह मुंबई के परेल में स्थित है। 2026 में केईएम ने अपने 100 पूरे किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:43:02 +0530</pubDate>
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