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                <title>want - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>want RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे शहरों को क्यों छोड़ रहे हैं लोग, रिटायरमेंट के बाद तो बिल्कुल नहीं चाहते रहना!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जीवनशैली में बदलाव और बढ़ते शहरी दबावों के कारण, पूरे भारत में सेवानिवृत्ति से जुड़े फ़ैसले लेने का तरीका बदल रहा है. जहां पिछली पीढ़ियां बेहतर नौकरियों और ज़्यादा आमदनी की तलाश में बड़े शहरों में बसना चाहती थीं, वहीं आज कई लोग जिन्हें सेवानिवृत्ति मिल चुका है, अब वे मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों को छोड़कर एक शांत ज़िंदगी की तलाश में निकल रहे हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48987/why-are-people-leaving-cities-like-mumbai-delhi-bangalore-they"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जीवनशैली में बदलाव और बढ़ते शहरी दबावों के कारण, पूरे भारत में सेवानिवृत्ति से जुड़े फ़ैसले लेने का तरीका बदल रहा है. जहां पिछली पीढ़ियां बेहतर नौकरियों और ज़्यादा आमदनी की तलाश में बड़े शहरों में बसना चाहती थीं, वहीं आज कई लोग जिन्हें सेवानिवृत्ति मिल चुका है, अब वे मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों को छोड़कर एक शांत ज़िंदगी की तलाश में निकल रहे हैं. </p>
<p> </p>
<p>बढ़ती महंगाई, लगातार बढ़ता ट्रैफिक जाम और बिगड़ते प्रदूषण के स्तर ने बड़े शहरों में जीवन को और भी मुश्किल बना दिया है. रिटायर हो चुके लोगों के लिए, ये कारक अक्सर शहरी जीवन के फायदों पर भारी पड़ते हैं, जिसके चलते वे शांत और ज़्यादा किफायती जगहों की ओर चले जाते हैं.</p>
<p><strong>छोटे शहरों की बढ़ती लोकप्रियता</strong><br />देहरादून, इंदौर, चंडीगढ़, मैसूर और भुवनेश्वर जैसे शहर रिटायरमेंट के लिए पसंदीदा जगह बनते जा रहे हैं. इन जगहों पर ज़िंदगी की रफ़्तार धीमी होती है, रहने का खर्च कम होता है और माहौल ताज़ा और साफ़-सुथरा होता है ये ऐसी खूबियाँ हैं जो इन्हें मध्यम-वर्गीय परिवारों और बुज़ुर्गों के लिए खास तौर पर आकर्षक बनाती हैं.</p>
<p>एनारॉक की एक रिपोर्ट समेत रियल एस्टेट के आकलन के मुताबिक, बड़े शहरों में प्रॉपर्टी खरीदना या किराए पर लेना काफ़ी महंगा हो गया है. बड़े शहरों में, एक आम 3बीएचके अपार्टमेंट की कीमत अब अक्सर ₹1 करोड़ से ज़्यादा हो जाती है. इसके उलट, छोटे शहरों में आधुनिक सुविधाओं से लैस घर ₹30 लाख से ₹1.5 करोड़ की कीमत के बीच उपलब्ध हैं, जो रिटायर हुए लोगों के लिए इन्हें एक ज़्यादा सुलभ और टिकाऊ विकल्प बनाते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:35:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में महिला वोट कितना अहम? क्या चाहती है मुंबई की आधी आबादी...सामने आया ये सर्वे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जैसे-जैसे मुंबई साल 2026 में होने वाले लंबे समय से टले बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राजनीति का फोकस फिलहाल गठबंधनों के समीकरण, पार्टियों में टूट-फूट और नेतृत्व की खींचतान पर बना हुआ है। लेकिन इसी बीच सामने आए नए वोटर डेटा से पता चलता है कि शहर के सबसे अहम वोटर समूहों में से एक, यानी महिलाएं, अब भी चुनावी चर्चा में पीछे हैं और उनकी समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46521/how-important-is-womens-vote-in-mumbai-brihanmumbai-municipal-corporation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-28t123438.911.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जैसे-जैसे मुंबई साल 2026 में होने वाले लंबे समय से टले बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राजनीति का फोकस फिलहाल गठबंधनों के समीकरण, पार्टियों में टूट-फूट और नेतृत्व की खींचतान पर बना हुआ है। लेकिन इसी बीच सामने आए नए वोटर डेटा से पता चलता है कि शहर के सबसे अहम वोटर समूहों में से एक, यानी महिलाएं, अब भी चुनावी चर्चा में पीछे हैं और उनकी समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा।</p>
<p> </p>
<p>एसेंडिया स्ट्रैटेजीज की ओर से 1,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए शहरव्यापी सर्वे ‘बृहन्मुंबई नगर निगम  इलेक्शन: मुंबई में ट्रिपल-एम प्ले’ के मुताबिक, महिलाओं को अपने इलाके के स्थानीय कॉर्पोरेटर के बारे में सबसे कम जानकारी है। सर्वे में शामिल केवल 44 फीसदी महिलाओं को अपने कॉर्पोरेटर का नाम पता था, जबकि मराठी मानुष वोटरों में यह आंकड़ा 68 फीसदी और मुस्लिम वोटरों में 60 फीसदी रहा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जानकारी की यह कमी महिलाओं की राजनीति में रुचि न होने का संकेत नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि उन्हें अब तक सही तरह से जोड़ा नहीं गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46521/how-important-is-womens-vote-in-mumbai-brihanmumbai-municipal-corporation</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 12:35:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अनंत गर्जे की पत्नी की आत्महत्या की जांच; पॉलीग्राफ और नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराना चाहती है वर्ली पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वर्ली पुलिस ने एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट को बताया कि वे महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के पर्सनल असिस्टेंट अनंत गर्जे (31) का पॉलीग्राफ और नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराना चाहते हैं। यह टेस्ट उनकी डेंटिस्ट पत्नी को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने अनंत गर्जे की पत्नी डॉ. गौरी पल्वे-गर्जे की कथित आत्महत्या की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है। अनंत गर्जे महाराष्ट्र की मंत्री और BJP नेता पंकजा मुंडे के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम करते हैं। डॉ. पल्वे-गर्जे हाल ही में अपने वर्ली वाले घर पर मृत पाई गई थीं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45992/mumbai--anant-garje-s-wife-s-suicide-probe-underway--worli-police-want-to-conduct-polygraph-and-narco-analysis-tests"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-05t105817.081.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>वर्ली पुलिस ने एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट को बताया कि वे महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के पर्सनल असिस्टेंट अनंत गर्जे (31) का पॉलीग्राफ और नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराना चाहते हैं। यह टेस्ट उनकी डेंटिस्ट पत्नी को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने अनंत गर्जे की पत्नी डॉ. गौरी पल्वे-गर्जे की कथित आत्महत्या की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है। अनंत गर्जे महाराष्ट्र की मंत्री और BJP नेता पंकजा मुंडे के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम करते हैं। डॉ. पल्वे-गर्जे हाल ही में अपने वर्ली वाले घर पर मृत पाई गई थीं। </p>
<p> </p>
<p>SIT बनाने का फैसला मृतक के परिवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मीटिंग के बाद आया, जिसमें परिवार ने उनकी मौत के हालात की ट्रांसपेरेंट और बिना किसी भेदभाव के जांच की मांग की। खबर है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच बिना किसी भेदभाव के और बिना किसी बाहरी असर के की जाएगी।</p>
<p>SIT को ज़ोन 4 की डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस रागसुधा आर हेड करेंगी। वह मुंबई पुलिस की IPS ऑफिसर हैं और सेंसिटिव इन्वेस्टिगेशन को हैंडल करने के अपने एक्सपीरियंस के लिए जानी जाती हैं। वह केस को सुपरवाइज़ करेंगी और यह पक्का करेंगी कि सभी एंगल से अच्छी तरह जांच की जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45992/mumbai--anant-garje-s-wife-s-suicide-probe-underway--worli-police-want-to-conduct-polygraph-and-narco-analysis-tests</link>
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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 10:59:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 'भाजपा नहीं चाहती मराठी पार्टियां एकजुट हों', मनसे से गठबंधन की चर्चा के बीच उद्धव ने लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा मराठी दलों को एकजुट नहीं होने देना चाहती और ठाकरे ब्रांड को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ, तो वह भाजपा को खत्म कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41492/mumbai---bjp-does-not-want-marathi-parties-to-unite---alleges-uddhav-amid-talks-of-alliance-with-mns"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-20t133622.387.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा मराठी दलों को एकजुट नहीं होने देना चाहती और ठाकरे ब्रांड को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ, तो वह भाजपा को खत्म कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)  और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के बीच संभावित गठबंधन को रोकने की कोशिश कर रही है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे चचेरे भाई उद्धव ने यह बयान आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले दिया है। </p>
<p> </p>
<p>शिवसेना की स्थापना के 59 साल पूरे होने पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर किसी ने 'ठाकरे ब्रांड' को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो उसके गंभीर नतीजे होंगे। उन्होंने कहा, 'मराठी दलों के बीच गठबंधन न हो सके, इसके लिए होटलों और अन्य जगहों पर बैठकें की जा रही हैं।' उद्धव ठाकरे का इशारा शायद राज ठाकरे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हालिया होटल में हुई मुलाकात की तरफ था। <br />उन्होंने कहा, जनता जो चाहती है, वही होगा। हम देखेंगे कैसे करना है। भाजपा और शिंदे गुट नहीं चाहते कि मराठी दल एकजुट हों। अगर आप ठाकरे ब्रांड को खत्म करने की कोशिश करेंगे, तो हम भाजपा को खत्म कर देंगे। मैं तैयार हूं। और बीजेपी से कहना चाहता हूं। अगर मुझसे भिड़ने आ रहे हो, तो एंबुलेंस अपने लिए लेकर आना। </p>
<p>हाल ही में चर्चा थी कि दोनों ठाकरे भाई आगामी नगर निकाय चुनावों में साथ आ सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा मराठी और हिंदी बोलने वालों के बीच फूट डालना चाहती है। हालांकि, उन्हें भरोसा है कि उनकी पार्टी बृहन्मुंबई महानगरपालिका पर फिर से काबिज होगी। </p>
<p>उद्धव ने यह भी कहा कि भाजपा की अपनी कोई विरासत नहीं है, इसलिए उन्हें सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल मूर्ति लगानी पड़ी, जबकि पटेल ने देश के गृहमंत्री रहते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया था। भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को 2100 रुपये देने और किसानों का कर्ज माफ करने के वादे किए गए थे, लेकिन विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें पूरा नहीं किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Jun 2025 13:37:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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