<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/1961/bjp" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bjp - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/1961/rss</link>
                <description>Bjp RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नालासोपारा जिला परिषद स्कूल में कुकर फटने से मची अफरा-तफरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p> </p>
<p>नालासोपारा के जिला परिषद स्कूल में मंगलवार दोपहर मध्याह्न भोजन के लिए खिचड़ी बनाते समय कुकर अचानक फट गया। इस हादसे में दो छात्र झुलस गए। साथ ही बच्चों के लिए खाना बना रही रसोइया के भी झुलसने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और घायल छात्रों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायल छात्रों की पहचान आयुष चौधरी और प्रसाद गौतम के रूप में हुई है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51779/mumbai-bjp-mla-narendra-mehta-angry-over-sanjay-dutts-statement"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-10t105600.258.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नालासोपारा: </strong>नालासोपारा के जिला परिषद स्कूल में मंगलवार दोपहर मध्याह्न भोजन के लिए खिचड़ी बनाते समय कुकर अचानक फट गया। इस हादसे में दो छात्र झुलस गए। साथ ही बच्चों के लिए खाना बना रही रसोइया के भी झुलसने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और घायल छात्रों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायल छात्रों की पहचान आयुष चौधरी और प्रसाद गौतम के रूप में हुई है। </p>
<p> </p>
<p>आयुष कक्षा तीसरी और प्रसाद कक्षा पांचवीं का छात्र है। स्थानीय नगरसेवक अतुल सालुंखे के अनुसार, स्कूल में बच्चों के लिए खिचड़ी तैयार की जा रही थी। इसी दौरान अचानक कुकर फट गया और रसोई के पास मौजूद दोनों छात्र इसकी चपेट में आ गए। मनपा महापौर अजीव पाटील ने बताया कि घायल बच्चों को विरार के संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने मामले की जांच कराए जाने की बात कही है। जिला परिषद स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक करीब 130 बच्चे पढ़ते हैं। </p>
<p>स्कूल में मराठी और गुजराती माध्यम की कक्षाएं संचालित होती हैं। छोटे बच्चों की इतनी संख्या वाले स्कूल में रसोई के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। उन्होंने लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51779/mumbai-bjp-mla-narendra-mehta-angry-over-sanjay-dutts-statement</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51779/mumbai-bjp-mla-narendra-mehta-angry-over-sanjay-dutts-statement</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 10:57:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-10t105600.258.jpg"                         length="40196"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल के इस्लामिक विद्वान की महिलाओं को लेकर टिप्पणी पर विवाद, राजनीतिक दलों ने जताई कड़ी आपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केरल के इस्लामिक विद्वान कंठापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में शामिल होने को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। CPI(M), कांग्रेस और BJP नेताओं ने बयान की आलोचना करते हुए इसे महिलाओं की समानता और स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51625/kerala-islamic-scholar%E2%80%99s-remarks-on-women%E2%80%99s-public-participation-trigger-political-backlash"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/-2026-08-31t192227.857.jpg" alt=""></a><br /><p>केरल में इस्लामिक विद्वान कंठापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार, जिन्हें शेख अबूबकर अहमद के नाम से भी जाना जाता है, की महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में शामिल होने को लेकर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक विवाद तेज हो गया है। उन्होंने महिलाओं के घर तक सीमित रहने और सार्वजनिक मंचों पर आने से जुड़े विचार व्यक्त किए, जिसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनकी आलोचना की।</p>
<p><br />कोच्चि में सम्मेलन के दौरान दिया बयान<br />रिपोर्ट के अनुसार, 30 अगस्त को कोच्चि में आयोजित Hubbul Rasool Conference के दौरान कंठापुरम ने कहा कि महिलाओं को अपने घरों तक सीमित रहना चाहिए और उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र में नहीं आना चाहिए। उन्होंने अपने विचारों के समर्थन में धार्मिक संदर्भों का उल्लेख किया और कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।<br />उन्होंने महिलाओं की तुलना एक सोने के हार से करते हुए कहा कि जिस तरह कीमती वस्तु को सुरक्षित रखा जाता है, उसी तरह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए पर्दे और अलगाव की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि Samastha के विद्वान लंबे समय से इस तरह के विचारों को प्रस्तुत करते रहे हैं।</p>
<p><br />Samastha के Circular के बाद बढ़ा विवाद<br />इन टिप्पणियों से कुछ दिन पहले Kanthapuram faction of Samastha Kerala Jamiyyathul Ulama की ओर से एक Circular जारी किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को पुरुषों के साथ मंच साझा करने या सार्वजनिक स्थानों पर पुरुषों के साथ दिखाई देने से बचने की बात कही गई थी।<br />इसके बाद महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी, धार्मिक संस्थाओं की भूमिका और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर केरल में बहस तेज हो गई है।</p>
<p><br />CPI(M) और कांग्रेस नेताओं ने की आलोचना<br />कंठापुरम की टिप्पणी पर CPI(M) और कांग्रेस से जुड़े नेताओं तथा महिला नेताओं ने आपत्ति जताई। आलोचकों ने इन विचारों को महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी के अधिकार के खिलाफ बताया। केरल की Labour Minister Bindu Krishna ने कहा कि इस तरह के विचार महिलाओं को कई दशक पीछे ले जा सकते हैं और संवैधानिक समानता के अनुरूप नहीं हैं।</p>
<p><br />इस विवाद ने धार्मिक मान्यताओं और संविधान में दिए गए समानता तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है।</p>
<p><br />BJP ने भी साधा निशाना<br />Kerala BJP President Rajeev Chandrasekhar ने भी कंठापुरम की टिप्पणी और Samastha के Circular की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केरल की महिलाओं को शिक्षा, नेतृत्व, सार्वजनिक जीवन और अपने फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की किसी भी कोशिश का विरोध करने की बात कही</p>
<p><br />BJP नेता Amit Malviya सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया और कांग्रेस तथा CPI(M) की प्रतिक्रिया पर सवाल किए। इसके बाद यह मामला केवल धार्मिक टिप्पणी तक सीमित न रहकर केरल की राजनीति में महिलाओं के अधिकार, धार्मिक संस्थाओं की भूमिका और संवैधानिक स्वतंत्रता से जुड़ी व्यापक बहस का विषय बन गया है।<br />फिलहाल कंठापुरम की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। विवाद के बीच महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी और उनके अधिकारों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक पक्ष अपने विचार सामने रख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51625/kerala-islamic-scholar%E2%80%99s-remarks-on-women%E2%80%99s-public-participation-trigger-political-backlash</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51625/kerala-islamic-scholar%E2%80%99s-remarks-on-women%E2%80%99s-public-participation-trigger-political-backlash</guid>
                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 20:28:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/-2026-08-31t192227.857.jpg"                         length="54451"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महापौर पद को लेकर BJP-शिंदे सेना में खींचतान! शिवसेना BMC गुट के नेता ने पावर शेयरिंग को लेकर किया दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महानगरपालिका यानी BMC में महापौर पद को लेकर गठबंधन सहयोगी बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के दावे प्रतिदावे आमने-सामने आ रहे हैं। शिवसेना के बीएमसी गुट नेता अमेय घोले के दावे के मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में हुई महायुति की बैठक में महापौर पद को लेकर ढाई-सवा-सवा साल का पावर शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था। जानें ये पूरा मामला क्या है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51595/bjp-shinde-sena-tussle-over-mumbai-mayors-post-shiv-sena-bmc"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/pti01_12_2026_000513b.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> महानगरपालिका यानी BMC में महापौर पद को लेकर गठबंधन सहयोगी बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के दावे प्रतिदावे आमने-सामने आ रहे हैं। शिवसेना के बीएमसी गुट नेता अमेय घोले के दावे के मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में हुई महायुति की बैठक में महापौर पद को लेकर ढाई-सवा-सवा साल का पावर शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था। जानें ये पूरा मामला क्या है।  </p>
<p> </p>
<p><strong>सामने आई सवा साल शिवसेना के महापौर वाली बात</strong><br />इस फॉर्मूले के मुताबिक, शुरुआती ढाई साल बीजेपी का महापौर, उसके बाद सवा साल शिवसेना का महापौर और आखिरी सवा साल फिर बीजेपी का महापौर होगा। अमेय घोले का दावा है कि सभी समितियों का बंटवारा भी इसी फॉर्मूले के आधार पर किया गया था। ऐसे में शिवसेना अपने हिस्से के महापौर पद के लिए मजबूती से दावा करेगी।</p>
<p><strong>अमेय घोले के दावे को BJP ने किया खारिज</strong><br />वहीं, बीजेपी नेता और मंत्री आशीष शेलार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अनौपचारिक चर्चाओं का कोई महत्व नहीं है। अगर महापौर पद को लेकर कोई आधिकारिक सहमति बनी होती, तो उसकी घोषणा की जाती। सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे में अगर कोई औपचारिक बात या प्रस्ताव पर चर्चा हुई होगी तो दोनों ही सच्चाई बताएंगे।</p>
<p><strong>BMC को लेकर ‘ऑपरेशन टाइगर’ की भी चर्चा</strong><br />इस बीच सूत्रों के मुताबिक, शिंदे सेना बीएमसी में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जरिए यूबीटी शिवसेना के करीब 45 पार्षदों को अपने साथ लाने की तैयारी कर रही है। शिंदे सेना का मकसद बीएमसी में अपना आंकड़ा बढ़ाकर महापौर पद पर अपना दावा मजबूत करना है।</p>
<p><strong>BMC में अभी क्या है स्थिति?</strong><br />फिलहाल, बीएमसी में बीजेपी के 89, शिंदे सेना के 29, समर्थन मिलाकर 33, यूबीटी शिवसेना के 65 और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 3 पार्षद हैं। यानी बीएमसी में महापौर पद को लेकर बीजेपी और शिंदे सेना के बीच खींचतान आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। इससे पहले हाल ही में बृहन्मुंबई महानगरपालिका PR एजेंसी के लिए 25 लाख रुपये के ठेके को लेकर विवाद सामने आया था। तब विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया था कि मुंबईकरों के टैक्स के पैसे की बर्बादी की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51595/bjp-shinde-sena-tussle-over-mumbai-mayors-post-shiv-sena-bmc</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51595/bjp-shinde-sena-tussle-over-mumbai-mayors-post-shiv-sena-bmc</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 09:10:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/pti01_12_2026_000513b.jpg"                         length="167869"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में D.K. शिवकुमार सरकार को बड़ा झटका, वाल्मीकि निगम मामले में मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कर्नाटक में D.K. शिवकुमार सरकार के गठन के करीब 100 दिनों के भीतर मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बढ़ते दबाव के बीच नागेंद्र ने शुक्रवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51583/big-blow-to-dk-shivkumar-government-in-karnataka-minister-b"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/-2026-08-28t185418.806.jpeg" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक की D.K. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार को वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित घोटाले के मामले में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राज्य के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के करीब 100 दिनों के भीतर सामने आया है और इसे सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<p>नागेंद्र का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब मामले की जांच आगे बढ़ रही है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति के लिए कर्नाटक के राज्यपाल से संपर्क किया है। जांच कथित तौर पर महार्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में करीब 90 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी है।</p>
<p><br />नागेंद्र ने क्या कहा?<br />इस्तीफा देने के बाद बी. नागेंद्र ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उनकी राजनीतिक और सामाजिक पहचान को लेकर उन्हें निशाना बना रहा है। नागेंद्र ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p><br />नागेंद्र का इस्तीफा इस मामले में पहली बार नहीं है। वाल्मीकि निगम मामले के सामने आने के बाद उन्होंने 2024 में भी मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। बाद में आधिकारिक रिपोर्ट के बाद उन्हें D.K. शिवकुमार के मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल किया गया था। इस बार उनका इस्तीफा दोबारा उसी विवाद के बीच हुआ है।</p>
<p><br />BJP का सरकार पर बढ़ता दबाव<br />वाल्मीकि निगम मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस सरकार पर हमला कर रही थी और नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रही थी। पिछले दिनों BJP नेताओं और विधायकों ने बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शन के दौरान BJP विधायकों के विधानसभा परिसर में प्रवेश को लेकर भी विवाद सामने आया।</p>
<p><br />मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक दबाव भी बढ़ता गया। CBI की ओर से अभियोजन की अनुमति मांगने की खबर के बाद नागेंद्र के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। अब उनके इस्तीफे के बाद यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गया है।</p>
<p><br />वाल्मीकि निगम मामले की जांच जारी<br />महार्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं को लेकर पहले से जांच चल रही है। मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद कई अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रही है।</p>
<p><br />फिलहाल नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कर्नाटक सरकार के सामने इस मामले की जांच और राजनीतिक आरोपों का जवाब देने की चुनौती है। वहीं, जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन लोगों की भूमिका तय होती है और कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी तस्वीर क्या सामने आती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51583/big-blow-to-dk-shivkumar-government-in-karnataka-minister-b</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51583/big-blow-to-dk-shivkumar-government-in-karnataka-minister-b</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 20:41:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/-2026-08-28t185418.806.jpeg"                         length="65932"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        