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                <title>filing - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : 30 दिसंबर नामांकन भरने की आखिरी तारीख; चुनावी गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर दिन-रात बैठक पर बैठक </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिका में चुनावी गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर सभी राजनीतिक दल दिन-रात बैठक पर बैठक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास वर्षा पर गुरुवार की दोपहर से बैठकों का दौर जो शुरू हुआ वह देर रात तक जारी रहा, लेकिन किसी प्रकार की घोषणा नहीं की गई। ठाकरे परिवार ने तो गठबंधन का ऐलान कर दिया, परंतु सीटों के बंटवारे का मामला अब अधर में है। कांग्रेस और शरद पवार के बीच एनसीपी के गठबंधन का बंधन अब तक नहीं जुड़ा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46479/mumbai-30th-december-last-date-for-filing-nominations-meeting-day"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/images-(29).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिका में चुनावी गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर सभी राजनीतिक दल दिन-रात बैठक पर बैठक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास वर्षा पर गुरुवार की दोपहर से बैठकों का दौर जो शुरू हुआ वह देर रात तक जारी रहा, लेकिन किसी प्रकार की घोषणा नहीं की गई। ठाकरे परिवार ने तो गठबंधन का ऐलान कर दिया, परंतु सीटों के बंटवारे का मामला अब अधर में है। कांग्रेस और शरद पवार के बीच एनसीपी के गठबंधन का बंधन अब तक नहीं जुड़ा है। उधर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड में अजित पवार और शरद पवार की पार्टी लगातार बैठक कर रहे हैं, पर वहां पर वहां भी कोई नतीजा नहीं निकला है। मंगलवार 30 दिसंबर नामांकन भरने की आखिरी तारीख है। </p>
<p> </p>
<p><strong>फडणवीस ने नहीं खोले पत्ते</strong><br />सीटों के बंटवारे में उलझे महायुति के प्रमुख घटक दल शिंदे सेना और बीजेपी के बीच बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम लोग शिवसेना के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उन्होंने यह नहीं खुलासा किया 29 महानगरपालिका में से कितनी महानगरपालिका पर शिवसेना के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगे? मुंबई महानगरपालिका के बारे में उन्होंने कहा कि महायुति 227 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और महायुति का मेयर बनाएंगे। पर कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा, इस बारे में बोलने से बचते रहे।' </p>
<p>महायुति को चुनौती देने वाली उद्धव-राज ठाकरे के बीच सीटों के बंटवारे का पेंच नहीं निकला है। बताया जा रहा है कि दोनों ही दलों के मेजर वोटर मराठी है और मराठी बहुत क्षेत्रों में दोनों ही दल दावेदारी कर रहे हैं। दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं है। मुंबई कांग्रेस प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के साथ की बात बहुत धीमी गति से चल रही, लेकिन शरद पवार की एनसीपी के साथ गठबंधन पर सीट टू सीट पर बात काफी आगे निकल गई है।</p>
<p>महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस-वंचित गठबंधन के लिए दोनों पक्षों के नेताओं में प्रबल इच्छा है। नेताओं के बीच अच्छा संवाद है और महानगरपालिका चुनावों के लिए गठबंधन को संभव बनाने के गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, पुणे, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में दोनों एनसीपी के गठबंधन कर चुनाव लड़ने पर सुप्रिया सुले ने कहा कि हमारी बातचीत जारी है और जल्द ही इसके सकारात्मक नतीजे निकलेंगे। किसी भी गठबंधन दलों के सीट बंटवारे का मामला हल नहीं हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 12:28:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों पर व्यक्त की गहरी चिंता; पुलिस आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में विफल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट को पता चला है कि कम से कम 649 आपराधिक मामलों में सुनवाई शुरू नहीं हुई है क्योंकि पुलिस आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में विफल रही है, कुछ मामलों में तो 2006 में ही आरोपपत्र दाखिल कर दिए गए थे। जस्टिस संजय करोल और एनके सिंह की पीठ ने 9 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट रजिस्ट्री द्वारा महाराष्ट्र भर के उन विचाराधीन कैदियों के बारे में दायर हलफनामे का अवलोकन करने के बाद कहा, जिनके खिलाफ वर्षों पहले आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बावजूद आरोप तय नहीं किए गए थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45044/mumbai-supreme-court-expresses-deep-concern-over-cases-pending-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-29t111735.025.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट को पता चला है कि कम से कम 649 आपराधिक मामलों में सुनवाई शुरू नहीं हुई है क्योंकि पुलिस आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में विफल रही है, कुछ मामलों में तो 2006 में ही आरोपपत्र दाखिल कर दिए गए थे। जस्टिस संजय करोल और एनके सिंह की पीठ ने 9 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट रजिस्ट्री द्वारा महाराष्ट्र भर के उन विचाराधीन कैदियों के बारे में दायर हलफनामे का अवलोकन करने के बाद कहा, जिनके खिलाफ वर्षों पहले आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बावजूद आरोप तय नहीं किए गए थे।</p>
<p> </p>
<p>सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने 9 सितंबर को बॉम्बे उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को यह बताने का निर्देश दिया था कि जुलाई 2021 में आरोप पत्र दायर होने के बावजूद शुभम गणपति उर्फ ​​गणेश राठौड़ का मुकदमा क्यों शुरू नहीं हुआ। पीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को महाराष्ट्र भर के अन्य विचाराधीन कैदियों के बारे में भी जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया था, जिनके आरोप चार या उससे अधिक वर्ष पहले आरोप पत्र दायर किए जाने के बावजूद लंबित रहे। पिंपरी चिंचवाड़ में एक हत्या के मामले में आरोपी राठौड़ को अप्रैल 2021 में गिरफ्तार किया गया था। उसने मई 2025 में बॉम्बे उच्च न्यायालय के 2024 के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।</p>
<p>9 सितंबर को राठौड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए, सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने कहा था कि मुकदमे से पहले उसकी लंबी हिरासत संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। पीठ ने कहा कि राठौड़ चार साल से ज़्यादा समय से हिरासत में है, फिर भी उसकी स्थिति वैसी ही बनी हुई है जैसी उसकी क़ैद के पहले दिन थी। पीठ ने उच्च न्यायालय को देरी के कारणों का पता लगाने और राज्य भर में इसी तरह के सभी मामलों की जाँच करने का निर्देश दिया।<br />7 अक्टूबर को, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने अनुपालन में एक हलफ़नामा दायर किया।</p>
<p>सर्वोच्च न्यायालय ने हलफ़नामे की विषयवस्तु को चिंताजनक पाया, क्योंकि आरोप तय करने में देरी के मुख्य कारण अभियुक्तों की गैर-हाज़िरी, विभिन्न याचिकाओं और आवेदनों का लंबित रहना, वकीलों की अनुपस्थिति और अभियुक्तों द्वारा आरोपों पर हस्ताक्षर करने से इनकार करना थे। शीर्ष अदालत ने 9 अक्टूबर को कहा, "हलफनामे से पता चलता है कि कम से कम 649 मामले ऐसे हैं जिनमें आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद, वर्ष 2006, 2013, 2014 और उसके बाद से वर्ष 2020 तक, आरोप तय नहीं किए गए हैं।" शीर्ष अदालत ने इस बात पर गौर किया कि उच्च न्यायालय ने इस वर्ष की शुरुआत में ही परिपत्र जारी कर विचाराधीन कैदियों की अनावश्यक स्थगन से बचने के लिए भौतिक या आभासी पेशी अनिवार्य कर दी थी और जानना चाहा था कि क्या उन निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 11:18:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रॉपर्टी टैक्स भरने की समय सीमा 25 मई तक बढ़ने के बाद...  बीएमसी के खजाने में अब तक सिर्फ 23% ही हुआ जमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बीएमसी ने 26 फरवरी 2024 से प्रॉपर्टी टैक्स बिल भेजना शुरू किया। अब तक 9.22 लाख से अधिक बिल करदाताओं को ईमेल के माध्यम से भी भेजे जा चुके हैं। बाकी लोगों को बिल भेजने की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार ने मुंबई में 500 वर्ग फीट तक के घरों की प्रॉपर्टी टैक्स माफ़ कर दिया था। इससे बीएमसी का प्रॉपर्टी टैक्स 7,000 करोड़ रुपये से घटकर 4,500 करोड़ पर आ गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29377/after-extension-of-deadline-for-filing-property-tax-till-may-25----only-23--has-been-deposited-in-bmc-s-treasury-till-now"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(1)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> मौजूदा आर्थिक वर्ष 2023-24 खत्म होने में सिर्फ 21 दिन बचे हैं, जबकि बीएमसी की आय के प्रमुख स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स का सिर्फ 23 प्रतिशत ही खजाने में जमा हो सका है। बीएमसी को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में अब तक 1,043 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो बीएमसी के 4,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य से बहुत कम है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, बीएमसी ने विवाद के बाद प्रॉपर्टी टैक्स भरने की समय सीमा 25 मई तक बढ़ा दी है। 25 मई तक वर्ष 2023-24 का प्रॉपर्टी टैक्स भरने पर बीएमसी दंड नहीं लगाएगी। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेजने को लेकर काफी उहापोह की स्थिति रही। पहले बीएमसी ने मुंबई में रेडीरेकनर दर पर प्रॉपर्टी टैक्स में लगभग 14 फीसदी बढ़ोतरी करने की योजना बनाई, लेकिन राज्य सरकार ने इसे रोक दिया।<br /><br />इसका असर यह हुआ कि तय समय पर बिल भेजने में बीएमसी नाकाम रही। इसी का नतीजा है कि बीएमसी को एक साथ सालभर का बिल भेजना पड़ रहा है, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य हासिल करने में सफल रहेंगे। बीएमसी के नियम के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक प्रॉपर्टी टैक्स का बिल पहली बार और 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक के टैक्स का बिल साल में दो बार यानी छह-छह महीने में लोगों को भेजा जाता है, लेकिन इस साल यह बिल एक साथ भेजी जा रही है, जिस पर काफी विवाद हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएमसी ने 26 फरवरी 2024 से प्रॉपर्टी टैक्स बिल भेजना शुरू किया। अब तक 9.22 लाख से अधिक बिल करदाताओं को ईमेल के माध्यम से भी भेजे जा चुके हैं। बाकी लोगों को बिल भेजने की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार ने मुंबई में 500 वर्ग फीट तक के घरों की प्रॉपर्टी टैक्स माफ़ कर दिया था। इससे बीएमसी का प्रॉपर्टी टैक्स 7,000 करोड़ रुपये से घटकर 4,500 करोड़ पर आ गया है।<br /><br />बीएमसी के नियम के अनुसार, हर 5 साल में प्रॉपर्टी टैक्स में सुधार किया जाता है। पिछली बार वर्ष 2015 में सुधार करते हुए बीएमसी ने प्रॉपर्टी टैक्स में वृद्धि की थी। नियम के अनुसार, वर्ष 2020 में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाया जाना था, लेकिन मार्च 2020 में शुरू हुए कोरोना संकट के कारण टैक्स नहीं बढ़ाया गया। जून 2021 में नई रेडीरेकनर दर के अनुसार 14 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव बीएमसी प्रशासन ने स्थायी समिति में पेश किया था। हालांकि, बीजेपी, कांग्रेस और सपा के भारी विरोध के कारण प्रस्ताव को वापस लेना पड़ा था। बीएमसी कमिश्नर आई.एस. चहल ने वर्ष 2022-23 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसके बाद बीएमसी ने इस साल नई रेडीरेनेकर दर के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की योजना बनाई थी, जिस पर अब ब्रेक लग गया है।<br /><br />ऑक्ट्रॉय बंद होने के बाद बीएमसी की आय के प्रमुख स्रोतों में प्रॉपर्टी टैक्स शामिल है, लेकिन इसकी वसूली को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं दिखाई देती। बीएमसी कहती है कि यह लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने टैक्स समय भरें, लेकिन लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का कोई कदम बीएमसी नहीं उठाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई वर्षों से बीएमसी का करोड़ों रुपये बकाया रखने वाले लोगों की बीएमसी ने प्रॉपर्टी अटैच की, लेकिन उसके आगे कोई कार्रवाई नहीं कर सकी, जबकि बीएमसी का दावा है कि जब्त प्रॉपर्टी की नीलामी कर बकाया वसूला जाएगा। हेलिकॉप्टर से लेकर कंप्यूटर तक बीएमसी जब्त कर चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से लोगों के मन में कोई भय नहीं है। बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के मामले में उनके हाथ बंधे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Mar 2024 14:22:33 +0530</pubDate>
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