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                <title>Urban - Rokthok Lekhani</title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : स्ट्रेस फ्री जोन, नेचुरल पाथवे और अर्बन फॉरेस्ट, मुंबई के अंधेरी में तैयार हो रहा अनोखा पार्क, जानें खास बातें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48237/mumbai-stress-free-zone-natural-pathway-and-urban-forest-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-07t115138.179.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>मियावॉकी पद्धति पर हो रहा काम</strong><br />बीएमसी द्वारा पिछले कुछ सालों से पर्यावरण संतुलन को लेकर तेजी से प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए सघन जंगल के लिए मियावॉकी पद्धति । से काम किया जा रहा है। यह पहल समूचे क्षेत्र में हरियाली बढ़ा रही है।</p>
<p><strong>नए अनोखे पार्क में मिलेंगी ये सुविधाएं</strong><br />• देशी घास के मैदान । पब्लिक अर्बन फॉरेस्ट में कई तरह की सुविधाएं होगी, जो कि संभवतः मुंबई में पहली बार एक ही जगह पर होगी। यहा वन भ्रगण और देशी घास के मैदान भी होंगे।<br />• योग जोन : प्राकृत्तिक वातावरण में योग, श्वास अभ्यास और ध्यान के लिए अलग क्षेत्र।<br />• साइलेंट जोन : मानसिक शांति, आत्म-चितन और आतरिक सुकून प्रदान करने के लिए कम डिस्डरबेस वाला क्षेत्र।<br />• बी विथ यू जोन : यहां भावनात्मक विश्राम, एकात और शहरी तनाव से दूर रहने के लिए बनाए गए विशेष स्थान।<br />· वेलनेस जोन : प्रकृति से जुड़ा एक ऐसा क्षेत्र होगा, जो मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ समत्र कल्याण में नदद करेगा।<br />• देवराई वन : भारत के जैव विविधता और प्रकृति के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव को बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण देशी पेड़ लगेंगे।<br />• संस्कृतिक वन: भारतीय शास्त्रो, संस्कृति और विरासत में वर्णित पेड़ो का पौधरोपण होगा, यहां लोगों की जानकारी के लिए बोर्ड भी लगाए जाएगे।<br />तितली उद्यान : तितलियों, मधुमक्खियों के लिए डिजाइन किया गया देशी फूलो का एक बगीया होगा, जहां वे आकर्षित होगे। इनके रहने के लिए लकड़ी,<br />बांस, पातियों और मिट्टी के घर भी होगे।<br />• औषधीय उद्यान : आयुर्वेद में उपयोग की जाने वाली औषधि जड़ी-बूटियों और पेड़ों का पौधरोपण, जो पारंपरिक उपचार को बढ़ावा देता है।<br />• नेचुरल पाथवे। प्राकृतिक सामग्री जैसे रेत, बजरी, छोटी लकड़ी और पत्थर से बने चलने वाले रास्ते, जो प्रकृति के बीच लोगो को चलने का एक अलग अनुभव देगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:55:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई  : ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी तेज़ी से बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया कि पिछले छह सालों में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी काफी बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ को खास तौर पर आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के उपायों के लिए काफी फंड नहीं दिया गया। काशीनाथ दाते और दूसरे सदस्यों के एक सवाल के लिखित जवाब में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2021 से 2023 के बीच, पूरे राज्य में 30 लाख कुत्ते के काटने के मामले सामने आए और 30 लोगों की रेबीज से मौत हो गई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48033/mumbai--stray-dog-population-increases-rapidly-in-both-rural"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-27t124045.868.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई  : </strong>राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया कि पिछले छह सालों में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी काफी बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ को खास तौर पर आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के उपायों के लिए काफी फंड नहीं दिया गया। काशीनाथ दाते और दूसरे सदस्यों के एक सवाल के लिखित जवाब में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2021 से 2023 के बीच, पूरे राज्य में 30 लाख कुत्ते के काटने के मामले सामने आए और 30 लोगों की रेबीज से मौत हो गई।</p>
<p> </p>
<p>शिंदे ने कहा कि अहिल्यानगर, सांगली, रायगढ़ और जालना जिलों के साथ-साथ वसई-विरार, भिवंडी और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन शहरों में आवारा कुत्तों की आबादी बढ़ी है। इस मुद्दे से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उन्होंने कहा कि 5 जनवरी के एक सरकारी प्रस्ताव में अधिकारियों को टूरिज्म डिपार्टमेंट के तहत आने वाली जगहों पर आवारा कुत्तों की एंट्री को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p>शिंदे ने आगे कहा कि अगस्त 2025 में पब्लिक जगहों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने, नसबंदी और वैक्सीनेशन ड्राइव के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए भी निर्देश दिए गए थे। शिंदे ने आगे कहा कि शहरी और ग्रामीण विकास और पंचायती राज डिपार्टमेंट ने नवंबर 2025 में राज्य के सभी शहरी और ग्रामीण लोकल बॉडीज़ को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश बता दिए थे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:41:31 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई हवाई अड्डे के फ्लाईओवर के नीचे ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ विकसित किया जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की उपेक्षित जगहों को फिर से जीवंत बनाने की कोशिशों के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पास स्थित एक फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को विशाल “सामुदायिक शहरी फार्म” में तब्दील करने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना मुंबई में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (डब्ल्यूईएच) कॉरिडोर को लेकर संभवत: अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका मकसद 24,000 वर्ग फुट के इलाके को एक हरे-भरे कृषि क्षेत्र में बदलना है, जहां स्थानीय लोग फल, सब्जियां और अन्य पौधे उगा सकें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47950/community-urban-farm-to-be-developed-under-mumbai-airport-flyover"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-23t120937.922.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की उपेक्षित जगहों को फिर से जीवंत बनाने की कोशिशों के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पास स्थित एक फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को विशाल “सामुदायिक शहरी फार्म” में तब्दील करने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना मुंबई में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (डब्ल्यूईएच) कॉरिडोर को लेकर संभवत: अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका मकसद 24,000 वर्ग फुट के इलाके को एक हरे-भरे कृषि क्षेत्र में बदलना है, जहां स्थानीय लोग फल, सब्जियां और अन्य पौधे उगा सकें।</p>
<p> </p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास टी-1 एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशन के बगल में स्थित इस परियोजना का काम अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है।उन्होंने बताया कि परियोजना में बीएमसी की भूमिका जमीन, पानी और बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित है, जबकि बाकी का काम ‘स्वच्छ पार्ले अभियान’ और ‘पार्ले वृक्ष मित्र’ जैसे स्थानीय संगठन संभाल रहे हैं।</p>
<p>बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमारा उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण या ‘जॉगिंग ट्रैक’ बनाने की पारंपरिक अवधारणा से आगे बढ़ना है। हम शहर में कंक्रीट की इमारतों के बीच एक कार्यात्मक हरित पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं।”</p>
<p>‘स्वच्छ पार्ले अभियान’ से जुड़ी वर्षा करांबलेकर ने कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत बीएमसी फल-सब्जी उगाने के लिए लगभग 6 फुट x 3 फुट के कई समर्पित क्षेत्र बनाएगी, जिन्हें स्थानीय लोग गोद ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि अन्य उपनगरों के निवासी भी इस परियोजना का हिस्सा बन सकते हैं। करांबलेकर के अनुसार, फल-सब्जी उगाने के लिए अब तक 24 समर्पित क्षेत्र विकसित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि लोगों की भागीदारी और मांग के हिसाब से इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।</p>
<p>करांबलेकर के मुताबिक, परियोजना से जुड़े वाले परिवार अपने-अपने भूखंडों के रखरखाव और फसल की कटाई के लिए जिम्मेदार होंगे, जिससे महानगर के भीतर “खेत से सीधे मेज तक” की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत सभी तरह की फल-सब्जियां उगाई जा सकेंगी। करांबलेकर के अनुसार, इस ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ में एक प्रदर्शन क्षेत्र होगा, जहां लोगों को बालकनी में और छत पर बागवानी करने का हुनर सिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फार्म के एक छोटे से हिस्से में निवासियों को अतिरिक्त उपज बेचने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p>करांबलेकर ने बताया कि ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ में एक अनोखी ‘पौधशाला’ भी बनाई जाएगी, जहां लोग शहर से बाहर की यात्रा के दौरान अपने घर में लगे पौधों को देखभाल के लिए छोड़ सकेंगे। <br />उन्होंने कहा कि ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ में फल-सब्जी उगाने के लिए शहर में उत्पन्न गीले कचरे से पैदा खाद का इस्तेमाल किए जाने की योजना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 12:10:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में ट्रैफिक': 8,056 करोड़ रुपये के ऑरेंज गेट टू मरीन ड्राइव अर्बन टनल प्रोजेक्ट लॉन्च </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 8,056 करोड़ रुपये के ऑरेंज गेट टू मरीन ड्राइव अर्बन टनल प्रोजेक्ट को लॉन्च किया। यह एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान है जिसका मकसद साउथ मुंबई में ट्रैफिक का दबाव कम करना और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को बेहतर बनाना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45960/traffic-in-mumbai-rs-8056-crore-orange-gate-to-marine"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-03t185559.117.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 8,056 करोड़ रुपये के ऑरेंज गेट टू मरीन ड्राइव अर्बन टनल प्रोजेक्ट को लॉन्च किया। यह एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान है जिसका मकसद साउथ मुंबई में ट्रैफिक का दबाव कम करना और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को बेहतर बनाना है। इस इवेंट में टनल बोरिंग मशीनको भी चालू किया गया, जिसका इस्तेमाल इस काम के लिए किया जाएगा। इस मौके पर फडणवीस ने कहा कि यह प्रोजेक्ट बहुत ज़रूरी था क्योंकि ईस्टर्न फ्रीवे मददगार तो है, लेकिन साउथ मुंबई पहुंचने पर यात्रियों को लंबी लाइनों में फंसा रहता है। उन्होंने आगे कहा, “लोग ईस्टर्न फ्रीवे के ज़रिए 20 से 25 मिनट में ईस्टर्न सबर्ब्स से साउथ मुंबई पहुंच सकते हैं। हालांकि, इसके बाद उन्हें आगे के सफर के लिए 30 से 45 मिनट तक ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, वेस्टर्न सबर्ब्स और साउथ मुंबई के यात्रियों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।</p>
<p> </p>
<p>ऑरेंज गेट टनल का आइडिया इसी समस्या के समाधान के तौर पर बनाया गया था।” उन्होंने बताया कि पहले एक फ्लाईओवर पर विचार किया गया था, लेकिन जगह की कमी और इलाके में भारी ट्रैफिक लोड के कारण इसे खारिज कर दिया गया, जिसे उन्होंने मोहम्मद अली रोड फ्लाईओवर वाले हिस्से से भी ज़्यादा भीड़भाड़ वाला बताया। उन्होंने बताया, "यह टनल लगभग 700 प्रॉपर्टी, सौ साल पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग, साथ ही वेस्टर्न और सेंट्रल रेलवे लाइनों के नीचे से गुज़रेगी।" उन्होंने कहा, "खासकर, इसे मेट्रो लाइन 3 से 50 मीटर नीचे खोदा जाएगा। एक तरह से, यह प्रोजेक्ट एक 'इंजीनियरिंग मार्वल' होगा।"</p>
<p>यह कॉन्ट्रैक्ट L&amp;T को दिया गया है, जिसकी डेडलाइन दिसंबर 2028 है, हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि काम छह महीने पहले पूरा हो जाएगा। वर्ली-सेवरी सी लिंक अगले साल खुलने वाला है और यह कोस्टल रोड से भी जुड़ा है, सरकार ने कहा कि इस टनल से यात्रियों का काफी समय बचेगा। शिंदे ने रीजनल कनेक्टिविटी पर प्रोजेक्ट के असर पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "ठाणे और नवी मुंबई से अटल सेतु के ज़रिए आने वाला भारी ट्रैफ़िक अभी फ़्रीवे एग्ज़िट के पास अटक जाता है। इस नई टनल से जाम काफ़ी कम हो जाएगा," और आगे कहा, "इसी तरह, मरीन ड्राइव, चर्चगेट और कोस्टल रोड की ओर जाने वाले गाड़ी चलाने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी।"</p>
<p>डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर ने इस प्रोजेक्ट को मुंबई के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के लिए एक टर्निंग पॉइंट बताया, जैसा कि मेट्रो लाइन 3, 2A और 7 से मिला फ़ायदा है। उन्होंने कहा कि इस गहरी टनल के लिए इस्तेमाल किए गए एडवांस्ड तरीके शहर के ट्रैवल पैटर्न को और बदल देंगे। सरकार के मुताबिक, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) इसे लागू करने वाली एजेंसी है। यह टनल 54 महीनों में पूरी हो जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 9.96 km होगी, जिसमें लगभग 7 km अंडरग्राउंड भी शामिल है। इसमें दो अलग-अलग टनल होंगी, हर एक में दो लेन और एक इमरजेंसी लेन होगी, जो ऑरेंज गेट पर ईस्टर्न फ़्रीवे को मरीन ड्राइव से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय 15 से 20 मिनट कम होने और फ्यूल के इस्तेमाल के साथ-साथ शोर और हवा के प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है, साथ ही कोस्टल रोड और अटल सेतु के लिए आगे का रास्ता भी आसान हो जाएगा।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 18:57:17 +0530</pubDate>
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