<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/1940/wins" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>wins - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/1940/rss</link>
                <description>wins RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बीड: बेटियों की पढ़ाई के लिए 47 वर्षीय मां रमाबाई रणवीर ने जीती दौड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगई में 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने उन्हें पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। नकद पुरस्कार जीतने के उद्देश्य से स्थानीय मैराथन में उतरीं रमाबाई ने साड़ी पहनकर तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि दौड़ के दौरान चप्पलें फिसलने लगीं तो उन्होंने उन्हें उतार दिया और नंगे पैर ही मंजिल की ओर दौड़ती रहीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51670/47-year-old-mother-ramabai-ranveer-won-the-race-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-03t105956.353.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीड: </strong>महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगई में 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने उन्हें पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। नकद पुरस्कार जीतने के उद्देश्य से स्थानीय मैराथन में उतरीं रमाबाई ने साड़ी पहनकर तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि दौड़ के दौरान चप्पलें फिसलने लगीं तो उन्होंने उन्हें उतार दिया और नंगे पैर ही मंजिल की ओर दौड़ती रहीं।</p>
<p> </p>
<p>स्थानीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता को 'अमृत दौड़' नाम दिया गया था। शहर के एक शैक्षणिक परिसर के विशेष जश्न के तहत आयोजित दौड़ में अलग-अलग उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। इसका मार्ग छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से भाग्यनगर चौक तक निर्धारित किया गया था। प्रतियोगिता में शामिल होने के पीछे रमाबाई के लिए केवल जीत का लक्ष्य नहीं था। उनकी प्राथमिकता अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए नकद पुरस्कार हासिल करना था। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने दौड़ में भाग लिया और तमाम मुश्किलों के बावजूद पीछे नहीं हटीं।</p>
<p>साड़ी और चप्पल में शुरू की दौड़ मैराथन शुरू हुई तो रमाबाई दूसरे प्रतिभागियों के साथ साड़ी और चप्पल पहनकर दौड़ने लगीं। आमतौर पर दौड़ के लिए आरामदायक खेल के कपड़े और जूतों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन रमाबाई सामान्य पहनावे में ही मैदान में उतर गईं। कुछ दूरी तय करने के बाद उनकी चप्पलें सड़क पर फिसलने लगीं। इससे उन्हें अपनी गति बनाए रखने में परेशानी होने लगी। बार-बार चप्पलों के खिसकने से गिरने का खतरा भी था।</p>
<p>इस परेशानी के बावजूद उन्होंने दौड़ छोड़ने का फैसला नहीं किया। रमाबाई ने रास्ते में ही अपनी चप्पलें उतार दीं और नंगे पैर दौड़ना शुरू कर दिया। नंगे पैर पूरी की तीन किलोमीटर की दौड़ चप्पलें उतारने के बाद चुनौती और कठिन हो गई। सड़क पर तीन किलोमीटर नंगे पैर दौड़ना आसान नहीं था, लेकिन रमाबाई ने अपनी गति बनाए रखी। उन्होंने दूसरे प्रतिभागियों के साथ मुकाबला जारी रखा और आखिरकार दौड़ में जीत हासिल कर ली। उनके लिए यह जीत केवल खेल प्रतियोगिता में हासिल सफलता नहीं थी बल्कि बेटियों की शिक्षा के लिए किए गए प्रयास का परिणाम भी थी।<br />दौड़ खत्म होने के बाद रमाबाई की कहानी लोगों के बीच तेजी से चर्चा में आई। साड़ी में नंगे पैर दौड़कर प्रतियोगिता जीतने के उनके जज्बे की स्थानीय लोगों ने सराहना की। बेटियों की पढ़ाई बनी सबसे बड़ी प्रेरणा रमाबाई के दौड़ में उतरने के पीछे सबसे बड़ी वजह उनकी बेटियों की शिक्षा थी। वह प्रतियोगिता में मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि को उनकी पढ़ाई पर खर्च करना चाहती थीं। एक मां के रूप में बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने शारीरिक चुनौती स्वीकार की। दौड़ के दौरान मुश्किलें आने के बाद भी उनका लक्ष्य नहीं बदला।</p>
<p>रमाबाई की कहानी यह दिखाती है कि परिवार की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिभावक किस तरह अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार रहते हैं। अमृत दौड़ में कई आयु वर्ग के लोग शामिल अंबाजोगई में आयोजित 'अमृत दौड़' में अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को दौड़ और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ विशेष आयोजन का उत्सव मनाना था। छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से भाग्यनगर चौक तक तीन किलोमीटर के रास्ते पर प्रतिभागियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।</p>
<p>इसी प्रतियोगिता में रमाबाई की भागीदारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। अन्य प्रतिभागियों के बीच उनका पारंपरिक पहनावे में दौड़ना पहले ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। इसके बाद चप्पलें उतारकर नंगे पैर दौड़ पूरी करने और जीत हासिल करने से उनका प्रदर्शन और खास बन गया। मुश्किल में भी नहीं छोड़ी दौड़ दौड़ के दौरान चप्पलों का फिसलना रमाबाई के लिए बड़ी परेशानी बन गया था। अगर वह बार-बार उन्हें संभालतीं तो उनकी रफ्तार कम हो सकती थी। ऐसे में उन्होंने तुरंत फैसला लिया और चप्पलें उतार दीं। नंगे पैर सड़क पर दौड़ने के दौरान पैरों में चोट लगने का खतरा रहता है। इसके बावजूद रमाबाई ने दौड़ जारी रखी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51670/47-year-old-mother-ramabai-ranveer-won-the-race-for</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51670/47-year-old-mother-ramabai-ranveer-won-the-race-for</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 11:00:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-03t105956.353.jpg"                         length="38241"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न मुंबई, न बेंगलुरु! इस शहर के एयरपोर्ट ने फिर मारी बाजी, लगातार 8वीं बार बना भारत और साउथ एशिया का नंबर-1 हवाई अड्डा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जब भी भारत के सबसे आधुनिक और व्यस्त हवाई अड्डों की बात होती है, तो मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के नाम जेहन में आते हैं। लेकिन जब बात बेस्ट सर्विसेज और यात्रियों के भरोसे की आती है, तो देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का कोई सानी नहीं है। एक बार फिर दिल्ली एयरपोर्ट ने ग्लोबल लेवल पर अपनी बादशाहत कायम की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48563/neither-mumbai-nor-bengaluru-the-airport-of-this-city-once"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-20t103457.235.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जब भी भारत के सबसे आधुनिक और व्यस्त हवाई अड्डों की बात होती है, तो मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के नाम जेहन में आते हैं। लेकिन जब बात बेस्ट सर्विसेज और यात्रियों के भरोसे की आती है, तो देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का कोई सानी नहीं है। एक बार फिर दिल्ली एयरपोर्ट ने ग्लोबल लेवल पर अपनी बादशाहत कायम की है। लंदन में आयोजित प्रतिष्ठित स्काईट्रैक्स वर्ल्ड एयरपोर्ट अवॉर्ड्स 2026 में दिल्ली एयरपोर्ट को लगातार आठवीं बार भारत और दक्षिण एशिया का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा चुना गया है। यह उपलब्धि न केवल दिल्ली के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।</p>
<p> </p>
<p><strong>दुनिया के टॉप-30 में बनाई अपनी जगह</strong><br />दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक दिग्गजों को टक्कर दे रहा है। ताजा रैंकिंग के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट दुनिया के शीर्ष 30 हवाई अड्डों की सूची में शामिल होने वाला भारत का एकमात्र एयरपोर्ट बन गया है। इसकी ग्लोबल रैंकिंग में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। पिछले साल जहां यह 32वें स्थान पर था, वहीं अब यह छलांग लगाकर 28वें स्थान पर पहुंच गया है। सबसे खास बात यह है कि 7 करोड़ (70 मिलियन) से ज्यादा यात्रियों को संभालने वाली कैटेगरी में दिल्ली दुनिया का तीसरा सबसे बेहतरीन एयरपोर्ट बनकर उभरा है।</p>
<p><strong>सिर्फ उड़ान ही नहीं, स्टाफ और लेओवर में भी अव्वल</strong><br />स्काईट्रैक्स के इस सर्वे में यात्रियों से एयरपोर्ट की सुविधाओं, सेवाओं और उनके एक्सपीरिएंस के बारे में राय ली गई। इस आधार पर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट  को कई कैटेगरी में सम्मान मिला है:</p>
<p><strong>बेहतरीन स्टाफ सेवा: </strong>भारत और दक्षिण एशिया में अच्छे स्टाफ के मामले में इसे दूसरा स्थान मिला है।</p>
<p>ट्रांजिट के लिए शानदार एयरपोर्ट: लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट दुनिया का 7वां सबसे अच्छा ट्रांजिट एयरपोर्ट माना गया है।<br />आज दिल्ली एयरपोर्ट एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में उभर चुका है, जो साउथ-ईस्ट एशिया को यूरोप और नॉर्थ अमेरिका से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।</p>
<p><strong>यात्रियों के भरोसे की जीत</strong><br />इस बड़ी कामयाबी पर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लगातार आठवीं बार यह सम्मान मिलना उनके लिए गौरव की बात है। यह अवॉर्ड साबित करता है कि दिल्ली एयरपोर्ट यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48563/neither-mumbai-nor-bengaluru-the-airport-of-this-city-once</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48563/neither-mumbai-nor-bengaluru-the-airport-of-this-city-once</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 10:36:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-20t103457.235.jpg"                         length="12698"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवी मुंबई : मेयर चुनाव में शिंदे गुट को बड़ा झटका, महापौर-डिप्टी मेयर पद पर BJP का कब्जा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेयर चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को जीत मिली है. सुजाता सूरज पाटिल शिवसेना के प्रत्याशी को हराकर नवी मुंबई की नई मेयर चुनी गई हैं. नवी मुंबई मेयर चुनाव में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को झटका लगा है. यहां शिवसेना को न तो मेयर का पद और ना ही डिप्टी मेयर का पद मिला है. गुरुवार (05 फरवरी) को हुए मेयर चुनाव में बीजेपी की सुजाता सूरज पाटिल नवी मुंबई की नई मेयर चुनी गई हैं. पाटिल ने मेयर पद को लेकर चुनावी रेस में शिवसेना उम्मीदवार सरोज रोहिदास पाटिल को हराया.  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47512/big-blow-to-shinde-faction-in-navi-mumbai-mayor-elections"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-06t114245.083.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई : </strong>मेयर चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को जीत मिली है. सुजाता सूरज पाटिल शिवसेना के प्रत्याशी को हराकर नवी मुंबई की नई मेयर चुनी गई हैं. नवी मुंबई मेयर चुनाव में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को झटका लगा है. यहां शिवसेना को न तो मेयर का पद और ना ही डिप्टी मेयर का पद मिला है. गुरुवार (05 फरवरी) को हुए मेयर चुनाव में बीजेपी की सुजाता सूरज पाटिल नवी मुंबई की नई मेयर चुनी गई हैं. पाटिल ने मेयर पद को लेकर चुनावी रेस में शिवसेना उम्मीदवार सरोज रोहिदास पाटिल को हराया.  </p>
<p> </p>
<p>बीजेपी के दशरथ भगत ने शिवसेना के आकाश बालकृष्ण माधवी को हराकर यहां डिप्टी मेयर के लिए चुने गए. 111 सदस्यीय नवी मुंबई महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी के 65 नगरसेवकों को जीत मिली थी. वहीं, शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के 42 पार्षद हैं. दोनों पार्टियों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था.  </p>
<p><strong>सुजाता सूरज पाटिल कौन हैं?</strong><br />सुजाता सूरज पाटिल बीजेपी की पार्षद और सूरज पाटिल की पत्नी हैं. सूरज पाटिल नवी मुंबई के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता हैं और जमीनी स्तर पर अपने मजबूत प्रभाव के लिए जाने जाते हैं. सुजाता सूरज पाटिल दूसरी बार पार्षद बनी हैं, इसलिए पार्टी के अन्य सीनियर उम्मीदवारों की तुलना में वह अपेक्षाकृत नई हैं. <br />बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री गणेश नाइक ने अधिक अनुभवी पार्टी नेताओं के बजाय सुजाता पाटिल को चुना, जिसका मतलब है कि उनकी चयन प्रक्रिया में वफादारी और विश्वास ने अहम भूमिका निभाई. एचटी की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले ने कई बीजेपी पार्षदों को भी चौंका दिया हैं. कई वरिष्ठ महिला नेताओं को इस पद के लिए मजबूत दावेदार माना जा रहा था. पार्टी पार्षदों ने बताया कि उन्हें नामांकन दाखिल करने की सुबह ही इस फैसले की जानकारी मिली.  <br /><strong>विपक्षी नेताओं का बीजेपी पर निशाना</strong><br />उधर शिवसेना समेत विपक्षी नेताओं ने बीजेपी पर निशाना साधा है. विपक्ष के नेता गणेश नाइक पर एकतरफा फैसला करने के साथ ही महायुति गठबंधन के साथियों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं. महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी को हुए थे. वहीं नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए थे.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47512/big-blow-to-shinde-faction-in-navi-mumbai-mayor-elections</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47512/big-blow-to-shinde-faction-in-navi-mumbai-mayor-elections</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:43:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-06t114245.083.jpg"                         length="7924"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चांदीवली विधानसभा सीट पर शिवसेना के दिलीप भाऊसाहेब लांडे की जीत, कांग्रेस के मो. आरिफ की हार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की चांदीवली सीट पर भी उसी दिन मतदान हुआ था। 2024 के चुनाव में मुंबई की यह सीट काफी सुर्खियों में रही। चांदीवली विधानसभा क्षेत्र की तो यहां से इस बार कुल 11 उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में थे। मनसे ने महेंद्र भानुशाली को इस सीट से मैदान में उतारा था, लेकिन वो कोई करिश्मा नहीं कर पाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/35963/shiv-sena-s-dilip-bhausaheb-lande-wins-chandivali-assembly-seat--congress-s-mohammed-arif-loses"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-11/96c.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>महाराष्ट्र की चांदीवली विधानसभा सीट पर शिवसेना के दिलीप भाऊसाहेब लांडे ने जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के मो. आरिफ को 20 हजार 625 वोटों से हराया है। लांडे को इस चुनाव 1,24641 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के मोहम्मद आरिफ को 1,04,016 मिले। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई की चांदीवली सीट पर भी उसी दिन मतदान हुआ था। 2024 के चुनाव में मुंबई की यह सीट काफी सुर्खियों में रही। चांदीवली विधानसभा क्षेत्र की तो यहां से इस बार कुल 11 उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में थे। मनसे ने महेंद्र भानुशाली को इस सीट से मैदान में उतारा था, लेकिन वो कोई करिश्मा नहीं कर पाए।<br /><br />2021 में बगावत के बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई। शिंदे बीजेपी के सहयोग से मुख्यमंत्री बन गए तो वहीं विधायक दिलीप भाऊसाहेब लांडे भी शिंदे गुट में शामिल हो गए। 2024 विधानसभा चुनाव में विधायक लांडे सीएम शिंदे की शिवसेना के टिकट पर बीजेपी और अजीत पवार की राकां और रामदास आठवले की आरपीआई के समर्थन से एक बार फिर मैदान में हैं।<br /><br />2019 में इस सीट पर कुल 15 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। 2019 में यहां कांग्रेस और शिवसेना के अलावा मनसे, एमआईएम और वंचित बहुजन आघाडी के उम्मीदवार भी मैदान में थे।यहां अखंड़ित शिवसेना के उम्मीदवार दिलीप भाऊसाहेब लांडे और कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं उत्तर भारतीय नेता खान मोहम्मद आरिफ (नसीम) के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। इसमें लांडे सिर्फ 409 वोटों से चुनाव जीत गए थे। मनसे के सुमित बारस्कर को 7098 वोट मिले थे, तो वहीं वंचित के अबुल हसन खान को 8876 को वोट मिले थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/35963/shiv-sena-s-dilip-bhausaheb-lande-wins-chandivali-assembly-seat--congress-s-mohammed-arif-loses</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/35963/shiv-sena-s-dilip-bhausaheb-lande-wins-chandivali-assembly-seat--congress-s-mohammed-arif-loses</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Nov 2024 20:43:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2024-11/96c.jpg"                         length="51123"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        