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                <title>manholes - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>manholes RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में खुले मैनहोल पर हंगामा, कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने बताया ‘मौत का जाल’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>खुले सीवर में गिरकर 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस घटना के बाद कांग्रेस के एमएलसी भाई जगताप ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में मुंबई के मैनहोल सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए और इसे “मौत का जाल” बताया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50546/uproar-over-open-manhole-in-mumbai-congress-mlc-bhai-jagtap"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/jagtap.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>खुले सीवर में गिरकर 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस घटना के बाद कांग्रेस के एमएलसी भाई जगताप ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में मुंबई के मैनहोल सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए और इसे “मौत का जाल” बताया। विधान परिषद में बोलते हुए भाई जगताप ने कहा कि मुंबई में कुल 1,03,996 मैनहोल हैं, जिनमें से 96,383 पर सुरक्षा जाल लगाए गए हैं, लेकिन अब भी 4,446 मैनहोल खुले पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये खुले मैनहोल आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं और कई जानलेवा घटनाओं का कारण बन सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>जगताप ने सदन में मांग की कि इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर खुले मैनहोल को बंद करने या सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाई जगताप ने शहर में लगाए गए “स्मार्ट मैनहोल” की संख्या पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर आधुनिक तकनीक के दावे किए जा रहे हैं, तो फिर जमीनी स्तर पर सुधार क्यों नहीं दिख रहा है।</p>
<p>इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में हाल ही में 55 वर्षीय व्यक्ति की खुले सीवर में गिरकर हुई मौत ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में मैनहोल लंबे समय से खुले पड़े हैं या ठीक से ढके नहीं हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। नगर प्रशासन पर पहले भी इस तरह की लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन लगातार घटनाओं के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।</p>
<p>विपक्ष का कहना है कि यह प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है, जबकि सरकार की ओर से समय-समय पर मरम्मत और सुधार कार्य किए जाने का दावा किया जाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले शहर में ड्रेनेज सिस्टम की नियमित निगरानी और रखरखाव बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और जनता भी खुले मैनहोल की समस्या को लेकर चिंतित नजर आ रही है। प्रशासन पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द इस समस्या का ठोस समाधान निकाले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50546/uproar-over-open-manhole-in-mumbai-congress-mlc-bhai-jagtap</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:36:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : गड्ढों और मैनहोल से होने वाली मौतों; सिविक और स्टेट अथॉरिटीज़ की बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ी आलोचना की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने गड्ढों और मैनहोल से होने वाली मौतों में मुआवज़े के पेमेंट की ज़िम्मेदारी बदलने के लिए कई सिविक और स्टेट अथॉरिटीज़ की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर वे अधिकार क्षेत्र के झगड़े सुलझाने में नाकाम रहे, तो कोर्ट सभी संबंधित एजेंसियों को मुआवज़ा बराबर बांटने का आदेश देगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45742/bombay-high-court-strongly-criticizes-civic-and-state-authorities-over"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-25t130512.609.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> बॉम्बे हाई कोर्ट ने गड्ढों और मैनहोल से होने वाली मौतों में मुआवज़े के पेमेंट की ज़िम्मेदारी बदलने के लिए कई सिविक और स्टेट अथॉरिटीज़ की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर वे अधिकार क्षेत्र के झगड़े सुलझाने में नाकाम रहे, तो कोर्ट सभी संबंधित एजेंसियों को मुआवज़ा बराबर बांटने का आदेश देगा।</p>
<p> </p>
<p>बेंच ने 50-50 मुआवज़े के ऑर्डर की चेतावनी दी जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और संदेश पाटिल की बेंच ने कहा कि अधिकारी टूटी सड़कों की ज़िम्मेदारी लेने के बजाय अक्सर एक-दूसरे पर इल्ज़ाम लगाते हैं। बेंच ने कहा, “हम आपको 50-50% मुआवज़ा देने का निर्देश देंगे। फिर आप सब आपस में लड़ते रहेंगे और फिर दूसरे (संबंधित अथॉरिटी) से वसूल करेंगे।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 13:05:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BMC ने मानसून पूर्व खुले मैनहोल पर जालियां लगाने के लिए 35 करोड़ का निकाला टेंडर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान पानी भर जाने पर खुले मैनहोल में लोगों के गिर जाने की घटना के बाद मुंबई हाईकोर्ट की लगी फटकार के बाद BMC ने मैनहोल की सुरक्षा पर जोर दिया है। मुंबई में  लगभग 4 लाख से अधिक मेनहोल हैं । जिनमें से 73 हजार मेनहोल सीवरेज विभाग के अधीन हैं और 35 हजार से अधिक मेनहोल  स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज विभाग के अंतर्गत आते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29311/bmc-floats-tender-worth-rs-35-crore-for-installing-nets-on-open-manholes-before-monsoon"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(4)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> मानसून आने में अब तीन और महीने का समय रह गया है। मनपा प्रशासन ने मानसून पूर्व मुंबई भर में मैनहोल को सुरक्षा की दृष्टि से उन पर जालियां लगाना तेज कर दिया है।मनपा के 25 वार्डो ने अपने स्तर पर टेंडर निकाल कर जालियां लगाने की प्रक्रिया शुरू की है जिसके लिए लगभग 35 करोड़ का टेंडर निकाला गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान पानी भर जाने पर खुले मैनहोल में लोगों के गिर जाने की घटना के बाद मुंबई हाईकोर्ट की लगी फटकार के बाद BMC ने मैनहोल की सुरक्षा पर जोर दिया है। मुंबई में  लगभग 4 लाख से अधिक मेनहोल हैं । जिनमें से 73 हजार मेनहोल सीवरेज विभाग के अधीन हैं और 35 हजार से अधिक मेनहोल  स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज विभाग के अंतर्गत आते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन दोनों विभागों ने  बाढ़ की स्थिति वाले स्थानों पर करीब 1600 मैनहोल पर अत्याधुनिक जालियां लगाई गई थीं। 1900 मेनहोल पर जाली लगाने का अध्ययन किया गया था। मनपा के एक अधिकारी ने बताया कि जलजमाव वाले स्थानों पर मेनहोल का सर्वे किया गया था। जिसमे करीब 24 हजार 647 मेनहोल वाले स्थान पर पानी जमा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई भर में कुल मैनहोल में पूर्वी उपनगर में 91 हजार, 998 मेनहोल है जबकि  पश्चिमी उपनगर में  2 लाख, 43 हजार, 180 और शहर में करीब 40 हजार मेनहोल हैं। इनमें से करीब 4000 मेनहोल में सुरक्षात्मक जाली लगाई गई है। मनपा ने उन स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षात्मक जाल लगाने का अभियान चलाया है जहां विशेष रूप से भारी बारिश के दौरान पानी जमा होता है। मुंबई में मैनहोल की बड़ी संख्या को देखते हुए आगामी मानसून से पहले सुरक्षात्मक जाल लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Mar 2024 12:33:34 +0530</pubDate>
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