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                <title>sentence - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>पालघर: कोर्ट का बड़ा फैसला 8 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साल 2021 में डहाणू क्षेत्र में 8 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म, हत्या और शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमले के चर्चित मामले में पालघर की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। डहाणू पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 189/2021 के तहत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302, 307, 376, 377 तथा पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51218/big-decision-of-palghar-court-death-sentence-to-the-person"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/_110869177_gettyimages-946508342.jpg.webp" alt=""></a><br /><p><strong>पालघर:</strong> साल 2021 में डहाणू क्षेत्र में 8 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म, हत्या और शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमले के चर्चित मामले में पालघर की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। डहाणू पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 189/2021 के तहत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302, 307, 376, 377 तथा पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।</p>
<p> </p>
<p>आरोपी प्रमुल उर्फ प्रफुल्ल रत्ना घोषे (50), निवासी वांगडपाडा, रानशेत, तहसील डहाणू, जिला पालघर, ने 27 सितंबर 2021 को पानी की टंकी के पास झाड़ियों में 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद हंसिया (कोयता) से उसके सिर, गर्दन और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के दौरान मौके पर पहुंचे शिकायतकर्ता पर भी आरोपी ने जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मामले की जांच तत्कालीन उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (बोईसर) नित्यानंद झा (आईपीएस) ने की। उन्होंने मजबूत वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ पालघर की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। </p>
<p>सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 24 गवाहों के बयान दर्ज किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध होने पर शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एआर रहाणे ने आरोपी को आईपीसी की धारा 302, 307, 376 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत मृत्युदंड (अंतिम सांस तक फांसी) की सजा सुनाई। इसके साथ ही 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर डेढ़ साल के साधारण कारावास की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। इस मामले में विशेष सरकारी वकील रेखा हिवराले, जांच अधिकारी नित्यानंद झा (आईपीसी) और न्यायालयीन पैरवी के लिए महिला सहायक पुलिस उपनिरीक्षक विद्या नरेश बोरे और सहायक पुलिस उपनिरीक्षक संजय गावड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:14:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : जेल में पॉक्सो के कैदी ने महात्मा गांधी के विचार पढ़े, लिखा निबंध, बॉम्बे हाई कोर्ट ने घटाई सजा </title>
                                    <description><![CDATA[<div>बॉम्बे हाई कोर्ट ने पॉक्सो के मामले में दोषी एक युवक की सजा को लेकर नरम रुख अपनाया है, क्योंकि उसने जेल में रहते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों का अध्ययन किया था। युवक को इस मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी, जिसे कोर्ट ने घटाकर 12 साल कर दिया है। पॉक्सो कानून के तहत बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले आते हैं। विशेष अदालत ने युवक को पड़ोस में रहने वाली चार साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया था। </div>
<div> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47637/pocso-prisoner-read-the-thoughts-of-mahatma-gandhi-and-wrote"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/750x450_415006-374596-prison-jail-prisoner.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने पॉक्सो के मामले में दोषी एक युवक की सजा को लेकर नरम रुख अपनाया है, क्योंकि उसने जेल में रहते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों का अध्ययन किया था। युवक को इस मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी, जिसे कोर्ट ने घटाकर 12 साल कर दिया है। पॉक्सो कानून के तहत बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले आते हैं। विशेष अदालत ने युवक को पड़ोस में रहने वाली चार साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया था। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>साल 2020 के विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस संदेश पाटिल की बेंच ने सबूतों के मद्देनजर कहा कि आरोपी ने आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो की धारा 6 के तहत अपराधकिया है, लेकिन जब उसने यह करतूत की थी, तब उसकी उम्र 20 साल थी।</div>
<div> </div>
<div><strong>हाई कोर्ट बेंच ने क्या-क्या कहा</strong></div>
<div>बेंच ने कहा कि आरोपी की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। उसने स्वयं में सुधार के प्रयास किए हैं, इसलिए हम उसकी सजा कम करने के पक्ष में है। इस तरह बेंच ने युवक को राहत दी। आगे बेंच ने कहा कि अपीलकर्ता (युवक) को कोविड में भी बेल पर रिहा नहीं किया गया था। वह साल 2016 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में है। यानी नौ साल से जेल में है। इस मामले में यह पहलू भी ध्यान देने योग्य है।</div>
<div> </div>
<div>अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, इन सुधारात्मक कारकों पर विचार करते हुए, पीठ ने कहा, 'हमारी राय में, 12 वर्ष की सजा न्यायसंगत होगी।' पीठ ने आगे कहा कि दोषी द्वारा पहले से जेल में बिताई गई अवधि को कम की गई सजा में से घटा दिया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>अदालत ने जुर्माना रखा बरकरार</strong></div>
<div>इन दलीलों और केस को देखते हुए बेंच ने कहा कि हम युवक को राहत देने के पक्ष में है। युवक के लिए 12 साल की सजा न्यायसंगत होगी। हालांकि बेंच ने युवक पर लगाए गए 25 हजार रुपये के जुर्माने की रकम को बरकरार रखा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>निबंध प्रतियोगिताओं में हुआ शामिल'</strong></div>
<div>सुनवाई के दौरान युवक के वकील ने अपने मुवक्किल की सजा घटाने का आग्रह किया। उन्होंने बेंच को बताया कि युवक ने जेल में रहते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों का अध्ययन किया है। इस संबंध में उसे कई संस्थाओं की ओर से परीक्षा के बाद सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। उसने निबंध प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जानिए क्या है पूरा मामला</strong></div>
<div>अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि 9 दिसंबर, 2016 को, पीड़िता, जिसकी उम्र उस समय पांच वर्ष थी, पानी लेने के लिए पड़ोसी के घर गई थी, जहां आरोपी ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। डरी हुई बच्ची ने तुरंत परिवार को घटना के बारे में बताया, जिन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बाद में आठ वर्ष की आयु में निचली अदालत में गवाही दी। हाई कोर्ट ने नाबालिग लड़की की गवाही को विश्वसनीय और सुसंगत पाया, यह देखते हुए कि उसने घटना का स्पष्ट रूप से और बिना किसी प्रशिक्षण के वर्णन किया था।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47637/pocso-prisoner-read-the-thoughts-of-mahatma-gandhi-and-wrote</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 12:00:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सेशंस कोर्ट ने कैब ड्राइवर की छेड़छाड़ की सज़ा रद्द, क्रिमिनल धमकी के आरोप बरकरार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>छेड़छाड़ के मामले में मजिस्ट्रेट की सज़ा को रद्द करते हुए, सेशन कोर्ट ने कैब ड्राइवर यशवंत सुरंजे की अपील को कुछ हद तक मान लिया। उसे पहले 24 जनवरी, 2022 के आदेश के तहत छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई थी। एयर कंडीशनर  विवाद से जुड़े आरोप यह मामला समीर साहनी की शिकायत से सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एयर कंडीशनर चालू करने को लेकर हुए झगड़े के बाद सुरंजे ने अपनी मां के साथ गाली-गलौज करके और उन्हें बीच रास्ते में छोड़कर छेड़छाड़ की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46501/mumbai-sessions-court-cancels-cab-drivers-molestation-conviction-keeps-criminal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/images-(32).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>छेड़छाड़ के मामले में मजिस्ट्रेट की सज़ा को रद्द करते हुए, सेशन कोर्ट ने कैब ड्राइवर यशवंत सुरंजे की अपील को कुछ हद तक मान लिया। उसे पहले 24 जनवरी, 2022 के आदेश के तहत छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई थी। एयर कंडीशनर  विवाद से जुड़े आरोप यह मामला समीर साहनी की शिकायत से सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एयर कंडीशनर चालू करने को लेकर हुए झगड़े के बाद सुरंजे ने अपनी मां के साथ गाली-गलौज करके और उन्हें बीच रास्ते में छोड़कर छेड़छाड़ की।</p>
<p> </p>
<p>जबकि छेड़छाड़ की सज़ा रद्द कर दी गई, सेशन कोर्ट ने आपराधिक धमकी के लिए सुरंजे की सज़ा को बरकरार रखा। हालांकि, उसने सज़ा को कोर्ट उठने तक जेल में बदल दिया।</p>
<p>कोर्ट को अपमान के सबूत काफ़ी नहीं लगे सेशन कोर्ट ने देखा कि प्रॉसिक्यूशन महिला की इज़्ज़त का अपमान करने का इरादा साबित करने में नाकाम रहा। कोर्ट ने कहा, "आरोपी ने जो भी शब्द इस्तेमाल किए, वे यह अंदाज़ा लगाने के लिए काफ़ी नहीं हैं कि उसका इरादा महिला का अपमान करना था।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46501/mumbai-sessions-court-cancels-cab-drivers-molestation-conviction-keeps-criminal</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 11:17:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जोधपुर : आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने आसाराम की ओर से उपचार के लिए पेश की गई रेगुलर जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है. उस याचिका पर आज हुई सुनवाई के बाद उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. आसाराम को 6 माह की अंतरिम जमानत मिली है. फिलहाल आसाराम का आरोग्य निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है. आसाराम रेगुलर जमानत के लिए लंबे समय से जद्दोजहर कर रहा था.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45053/jodhpur-big-relief-to-asaram-who-is-serving-life-imprisonment"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/downloadsdfdfg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जोधपुर : </strong>यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने आसाराम की ओर से उपचार के लिए पेश की गई रेगुलर जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है. उस याचिका पर आज हुई सुनवाई के बाद उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. आसाराम को 6 माह की अंतरिम जमानत मिली है. फिलहाल आसाराम का आरोग्य निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है. आसाराम रेगुलर जमानत के लिए लंबे समय से जद्दोजहर कर रहा था.</p>
<p> </p>
<p>आसाराम के केस की सुनवाई बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की डिवीजन बेंच में हुई. आसाराम की अवस्था को देखते हुए उसकी ओर से रेगुलर जमानत के लिए आवेदन किया गया था. हालांकि आसाराम को इससे पहले सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट की तरफ से इलाज के लिए पूर्व में विशेष अंतरिम जमानत मिल चुकी है. आसाराम रेगुलर जमानत याचिका के लिए कई बरसों से कोशिश कर रहा था. लेकिन हर बार उसकी याचिका विभिन्न ग्राउंड पर खारिज होती रही है.</p>
<p><strong>जिंदगी की आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी</strong><br />आसाराम का स्वास्थ्य काफी नासाज रहता है. इलाज के लिए आसाराम को कई बार सशर्त सीमित समय के लिए अंतरिम जमानत मिलती रही है. लेकिन रेगुलर जमानत कभी नहीं मिली थी. यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम को साल 2018 में जिंदगी की आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी. पीड़िता का आरोप था कि 15 अगस्त 2013 की रात को उसके साथ आसाराम ने दुष्कर्म किया था. पीड़िता की शिकायत पर पांच दिन बाद 20 अगस्त को आसाराम के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45053/jodhpur-big-relief-to-asaram-who-is-serving-life-imprisonment</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 21:01:44 +0530</pubDate>
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