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                <title>system - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>नागपुर : त्योहारों पर हाई-पावर साउंड सिस्टम और लेजर लाइट पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए नागपुर पुलिस ने शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने हाई-पावर और मॉडिफाइड साउंड सिस्टम, तेज बीम लाइट और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिबंध 4 सितंबर से लागू हो गया है और 1 नवंबर की रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51703/ban-on-high-powered-sound-systems-and-laser-lights-on-nagpur"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/new-project-2026-09-03t153426.362.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नागपुर: </strong>आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए नागपुर पुलिस ने शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने हाई-पावर और मॉडिफाइड साउंड सिस्टम, तेज बीम लाइट और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिबंध 4 सितंबर से लागू हो गया है और 1 नवंबर की रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनमें तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम और लेजर लाइट का इस्तेमाल किया जाता है। इससे आम लोगों को परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा हो सकते हैं। </p>
<p> </p>
<p>नागपुर पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। पुलिस का कहना है कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हाई-पावर साउंड सिस्टम पर क्यों लगी रोक पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p>इसके अलावा, कई बार मॉडिफाइड साउंड सिस्टम का इस्तेमाल निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज पैदा करने के लिए किया जाता है। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ऐसे साउंड सिस्टम के उपयोग पर रोक लगाने का फैसला किया है। लेजर और बीम लाइट पर भी प्रतिबंध आदेश में तेज बीम और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि शक्तिशाली लेजर लाइट कई बार वाहन चालकों और आम लोगों के लिए खतरा बन सकती है।</p>
<p>विशेष रूप से रात के समय तेज रोशनी से वाहन चालकों का ध्यान भटक सकता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए पुलिस ने इन पर भी प्रतिबंध लगाया है। त्योहारों को देखते हुए लिया फैसला नागपुर में आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार और सार्वजनिक आयोजन होने वाले हैं। इन आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जुटते हैं। पुलिस का मानना है कि ऐसे समय में ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था को नियंत्रित करना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 11:17:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एफडीए के एक्शन के बाद बदली व्यवस्था केएफसी से डोमिनोज तक अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में फूड सेफ्टी को लेकर बढ़ती सख्ती का असर अब बड़े फास्ट फूड ब्रांड्स पर भी दिखाई देने लगा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए की लगातार कार्रवाई और निरीक्षण के बाद केएफसी से लेकर डोमिनोज जैसे बड़े ब्रांड अपने आउटलेट्स में साफ-सफाई और किचन की निगरानी को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। खाने की गुणवत्ता से लेकर कच्चे माल के भंडारण तक कई स्तरों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि ग्राहकों को सुरक्षित और तय मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा सके। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51688/after-the-action-of-mumbai-fda-the-system-changed-alert"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/untitled-design-7-9.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश में फूड सेफ्टी को लेकर बढ़ती सख्ती का असर अब बड़े फास्ट फूड ब्रांड्स पर भी दिखाई देने लगा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए की लगातार कार्रवाई और निरीक्षण के बाद केएफसी से लेकर डोमिनोज जैसे बड़े ब्रांड अपने आउटलेट्स में साफ-सफाई और किचन की निगरानी को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। खाने की गुणवत्ता से लेकर कच्चे माल के भंडारण तक कई स्तरों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि ग्राहकों को सुरक्षित और तय मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा सके। </p>
<p> </p>
<p>हाल के समय में खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रशासनिक कार्रवाई और फूड सेफ्टी से जुड़ी शिकायतों ने रेस्टोरेंट इंडस्ट्री का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा है। बड़े ब्रांड्स के लिए खाद्य सुरक्षा केवल कानूनी नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी प्रतिष्ठा और ग्राहकों के भरोसे से भी जुड़ी हुई है। यही कारण है कि आउटलेट स्तर पर छोटी सी लापरवाही भी पूरे ब्रांड के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।  <br />के बाद कई फूड चेन अपने किचन संचालन की आंतरिक समीक्षा पर जोर दे रही हैं। इसमें खाना बनाने वाले स्थान की नियमित सफाई कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की सफाई और खाद्य पदार्थों को सही तापमान पर रखने जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>किचन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता भी खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चिकन सब्जियों चीज सॉस तेल और दूसरे उत्पादों को निर्धारित तापमान और सुरक्षित परिस्थितियों में रखना जरूरी होता है। लंबे समय तक गलत तापमान पर रखे गए खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए स्टोरेज और रेफ्रिजरेशन सिस्टम की निगरानी को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा एक्सपायरी डेट और इस्तेमाल की समय सीमा पर भी नजर रखना जरूरी है। फास्ट फूड आउटलेट्स में रोजाना बड़ी मात्रा में सामग्री इस्तेमाल होती है। ऐसे में स्टॉक के सही प्रबंधन के बिना पुराने और नए उत्पादों के मिश्रित होने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए कंपनियां इन्वेंट्री प्रबंधन और नियमित जांच की व्यवस्था को और सख्त कर सकती हैं।</p>
<p><strong>कर्मचारियों की स्वच्छता पर विशेष जोर </strong><br />किसी भी रेस्टोरेंट या फास्ट फूड आउटलेट में भोजन की सुरक्षा काफी हद तक वहां काम करने वाले कर्मचारियों की स्वच्छता पर निर्भर करती है। खाना तैयार करने वाले कर्मचारियों के लिए हाथ धोने दस्ताने पहनने साफ यूनिफॉर्म रखने और निर्धारित हाइजीन प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होता है। एफडीए की सख्ती के बाद बड़े ब्रांड कर्मचारियों की ट्रेनिंग और नियमित निगरानी पर भी ज्यादा जोर दे रहे हैं। आउटलेट मैनेजरों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाती है कि किचन में काम करने वाला प्रत्येक कर्मचारी कंपनी और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा तय मानकों का पालन करे। कर्मचारियों को समय-समय पर फूड हैंडलिंग से जुड़ी ट्रेनिंग देना भी महत्वपूर्ण है। कच्चे और तैयार भोजन को अलग रखने से लेकर इस्तेमाल किए गए बर्तनों और उपकरणों की सफाई तक छोटी-छोटी सावधानियां फूड कंटेमिनेशन के खतरे को काफी कम कर सकती हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 11:15:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मुंबईकरों को हल्के में लिया गया, सिर्फ़ कॉन्ट्रैक्ट पर ध्यान दिया गया; सिस्टम को निष्पक्ष बनाएँगे  - मेयर रितु तावड़े </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी की मेयर रितु तावड़े (53) ने कहा कि वह बीएमसी पर ठेकेदारों के एक गुट की पकड़ को तोड़ने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने बृहन्मुंबई नगर निगम में अपने कार्यकाल के दौरान मुंबईकरों को हल्के में लिया। ``उनका ध्यान कभी भी शासन पर नहीं था—उनका सारा ध्यान ठेकों पर था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48600/mumbai-mumbaikars-were-taken-lightly-only-contract-was-considered-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-21t123045.994.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी की मेयर रितु तावड़े (53) ने कहा कि वह बीएमसी पर ठेकेदारों के एक गुट की पकड़ को तोड़ने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने बृहन्मुंबई नगर निगम में अपने कार्यकाल के दौरान मुंबईकरों को हल्के में लिया। ``उनका ध्यान कभी भी शासन पर नहीं था—उनका सारा ध्यान ठेकों पर था। स्टैंडिंग कमेटी में इन पार्टियों के बीच आपसी समझ थी, जिसकी वजह से उन्हीं ठेकेदारों को बार-बार मौके मिलते रहे। हम इस गहरी जड़ें जमा चुके सिंडिकेट को तोड़ने, सिस्टम को खोलने और इसे निष्पक्ष बनाने के लिए दृढ़ हैं," उन्होंने जोर देकर कहा। इंटरव्यू के कुछ अंश:</p>
<p> </p>
<p>मेयर के तौर पर आपकी मुख्य चुनौतियां क्या रही हैं? शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान मुंबईकरों को हल्के में लिया। उनकी प्राथमिकता कभी भी शासन नहीं थी—उनकी प्राथमिकता ठेके, टेंडर और पर्दे के पीछे की आपसी समझ थी। नतीजतन, 2014 से कई ज़रूरी नागरिक मुद्दे अटके पड़े हैं, जिन्हें अब मैं सुलझाने का काम कर रही हूं। हालांकि मेयर को पहला नागरिक कहा जाता है, लेकिन मैं खुद को मुंबईकरों का पहला ``सेवक" मानती हूं। मेरी सबसे बड़ी चुनौती—और ज़िम्मेदारी—मुंबई को वैसा बनाना है, जिसके उसके नागरिक सचमुच हकदार हैं।</p>
<p><br />मुंबई को चार साल बाद मेयर मिला है, इसलिए नागरिकों को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। हर दिन कई लोग बहुत उम्मीद लेकर आपसे मिलने आते हैं। आपका अनुभव कैसा रहा है? जिस दिन से, यानी 11 फरवरी को मैंने पद संभाला, उसी दिन से मैंने यह तय कर लिया था कि जो भी लोग मेरे ऑफिस आएंगे, मैं उन सभी से मिलूंगी। मैं रोज़ाना अपने केबिन में 200 से 250 नागरिकों से खुद बातचीत करती हूं, और जब तक लाइन में खड़े आखिरी व्यक्ति की बात नहीं सुन लेती, तब तक अपनी जगह से नहीं उठती। पहले नागरिकों को इस तरह की पहुंच नहीं दी जाती थी—कई लोगों को तो अपनी शिकायतें लेकर मेयर के ऑफिस में कदम रखने की भी इजाज़त नहीं थी। मैंने इस स्थिति को बदल दिया है। मैं हर मुद्दे को सुनती हूं और जहां भी मुमकिन होता है, संबंधित अधिकारियों को सीधे फोन करके मौके पर ही उसका समाधान कर देती हूं। आज लोग तुरंत नतीजे देख रहे हैं, और यह बात कि मैं काम करवा सकती हूं, लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। इसलिए, ज़्यादा से ज़्यादा मुंबईकर इस भरोसे के साथ आगे आ रहे हैं कि आखिरकार उनकी आवाज़ सुनी जाएगी। जब आपने पदभार संभाला, तो आपने 100-दिन की कार्ययोजना की घोषणा की थी। अब तक क्या काम हुआ है?</p>
<p><br />बीएमसी में हमने जिन 21 मुख्य मुद्दों को अपने एजेंडा में शामिल किया था, उनमें से कई मुद्दे पहले ही सुलझा लिए गए हैं, और बाकी मुद्दों पर तेज़ी से काम चल रहा है। पूरी तरह से पारदर्शिता लाने के लिए, हमने यह फ़ैसला किया है कि इस साल से, कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को बांटे जाने वाले सभी 27 शैक्षणिक सामानों की खरीद 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' के ज़रिए की जाएगी। यह पहले की टेंडर-आधारित व्यवस्था की जगह लेगा, जिसमें अनियमितताओं की गुंजाइश रहती थी। हमने मुंबई के लिए 365-दिन का सफ़ाई अभियान भी शुरू किया है, जिसमें नागरिकों, पार्षदों, अस्पतालों और स्कूलों को शामिल करके इसे सचमुच एक 'जन-आंदोलन' बनाया गया है। साफ़-सुथरी सोसाइटियां अपने काम को बीएमसी पोर्टल पर अपलोड कर सकती हैं और 10 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक की इनामी राशि जीत सकती हैं। जो पार्षद यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके वार्ड कूड़ेदान-मुक्त रहें, उन्हें नागरिक बुनियादी ढांचे को और मज़बूत करने के लिए 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मिलेगी। गाद निकालने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, हमने 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी - बॉम्बे' द्वारा 'थर्ड-पार्टी ऑडिट' अनिवार्य कर दिया है। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—पारदर्शिता, जन-भागीदारी और ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने वाले परिणाम।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48600/mumbai-mumbaikars-were-taken-lightly-only-contract-was-considered-will</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 12:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : लिफ्ट निरीक्षण प्रणाली को किया जाएगा मजबूत, 519 नए पद किए जाएंगे सृजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार आपात स्थिति से लोगों को जल्दी बाहर निकालने के लिए लिफ्ट जांच प्रणाली को और बेहतर बनाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय करीब 2.10 लाख लिफ्ट चल रही हैं और हाल ही में 25,000 नई लिफ्ट को मंजूरी दी गई है। अभी कम कर्मचारी सभी लिफ्टों की जांच करते हैं, इसलिए सरकार ने 519 नए पद बनाने का फैसला किया है, लेकिन लिफ्टों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भविष्य में ये पद भी कम पड़ सकते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48192/mumbai-lift-inspection-system-will-be-strengthened-519-new-posts"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-05t095824.576.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार आपात स्थिति से लोगों को जल्दी बाहर निकालने के लिए लिफ्ट जांच प्रणाली को और बेहतर बनाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय करीब 2.10 लाख लिफ्ट चल रही हैं और हाल ही में 25,000 नई लिफ्ट को मंजूरी दी गई है। अभी कम कर्मचारी सभी लिफ्टों की जांच करते हैं, इसलिए सरकार ने 519 नए पद बनाने का फैसला किया है, लेकिन लिफ्टों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भविष्य में ये पद भी कम पड़ सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>वे सदस्यों निरंजन दावखरे और सचिन आहिर द्वारा हाउसिंग सोसायटियों में इमरजेंसी लिफ्ट के रखरखाव और मरम्मत पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार राज्य में इमरजेंसी लिफ्ट जांच व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए बड़े सुधार करेगी। उन्होंने कहा कि मुंबई में लागू अग्नि सुरक्षा की मान्यता प्राप्त थर्ड पार्टी ऑडिट प्रणाली की तरह, लिफ्ट जांच के लिए भी अधिकृत और मान्यता प्राप्त थर्ड पार्टी सिस्टम बनाया जाएगा।इस व्यवस्था के तहत तकनीकी जांच कराना और लिफ्ट के अंदर वैध जांच प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, लिफ्ट में यह साफ लिखा होगा कि उसकी जांच कब हुई और प्रमाणपत्र कितने समय तक मान्य है।</p>
<p>सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि लिफ्ट जांच से जुड़े अधिकारियों को अधिक अधिकार देने के लिए मौजूदा बजट सत्र में विधानसभा में एक विधेयक पेश किया गया है। भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसमें और बदलाव किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि लिफ्ट के रखरखाव के मानक, जांच की आवृत्ति, तकनीकी नियम और लिफ्ट बनाने वाली कंपनियों की जिम्मेदारियां तय करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। इस समिति में बृहन्मुंबई नगर निगम के आयुक्त, अन्य नगर निगमों के आयुक्त और बिजली विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।</p>
<p>छह महीने के भीतर लिफ्ट जांच के लिए नई मानक कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने निजी साहूकारों और माइक्रोफाइनेंस के बारे में कहा कि राज्य में दो तरह के साहूकार हैं, लाइसेंसधारी और अवैध। अवैध साहूकारों द्वारा दिया गया कोई भी कर्ज गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में लोग बेझिझक शिकायत कर सकते हैं और सरकार उनका साथ देगी। उन्होंने कहा कि यदि लाइसेंसधारी साहूकार तय दर से ज्यादा ब्याज वसूलते हैं या नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर उनका लाइसेंस रद्द कर आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा और पीड़ित लोगों को पूरी राहत दी जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48192/mumbai-lift-inspection-system-will-be-strengthened-519-new-posts</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 09:59:18 +0530</pubDate>
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