<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/19027/global-warming" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Global warming - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/19027/rss</link>
                <description>Global warming RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पर्यावरण की अनदेखी से भविष्य खतरे में पड़ेगा: राज ठाकरे की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विश्व पर्यावरण दिवस पर राज ठाकरे ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण की अनदेखी जारी रही तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने सरकारों और नागरिकों से प्रकृति संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।   #RajThackeray #EnvironmentDay #ClimateChange #MaharashtraNews #MumbaiNews #BreakingNews</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50121/raj-thackerays-warning-that-future-will-be-in-danger-due"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/1999700-raj-thackeray.webp" alt=""></a><br /><p>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख Raj Thackeray ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की अनदेखी जारी रही तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है।</p>
<p>राज ठाकरे ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। केवल सड़कें, पुल और बड़े प्रोजेक्ट बनाना ही विकास नहीं है, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनियोजित शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन का असर आने वाले वर्षों में और अधिक गंभीर रूप से दिखाई देगा।</p>
<p>मनसे प्रमुख ने राज्य और केंद्र सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को अक्सर केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित कर दिया जाता है। उन्होंने वृक्षारोपण अभियानों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेड़ लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण और रखरखाव भी जरूरी है।</p>
<p>राज ठाकरे ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि अत्यधिक गर्मी, अनियमित बारिश, बाढ़ और सूखे जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। इनका असर कृषि, अर्थव्यवस्था, रोजगार और आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि आज पर्यावरण बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य की पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए सरकार, समाज और नागरिकों को मिलकर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50121/raj-thackerays-warning-that-future-will-be-in-danger-due</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50121/raj-thackerays-warning-that-future-will-be-in-danger-due</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:51:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/1999700-raj-thackeray.webp"                         length="101574"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्लोबल वार्मिंग :  मुंबई, कोलकाता, दुबई, लंदन और न्यूयॉर्क समेत दुनिया के 36 बड़े शहर जल्द ही गहरे समंदर में डूब सकते हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>समुद्र के स्तर में बेतहाशा बढ़ोतरी के बीच विशेषज्ञों ने एक भयावह भविष्यवाणी की है. एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर के 36 प्रमुख शहरों पर सबसे पहले खतरा मंडरा रहा है. इस लिस्ट में सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क शहर सहित अमेरिका के 10 प्रमुख शहर शामिल हैं.<br />वहीं इस लिस्ट में भारत के मुंबई और कोलकाता के साथ बांग्लादेश के ढाका का नाम भी शामिल है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/28808/global-warming--36-big-cities-of-the-world-including-mumbai--kolkata--dubai--london-and-new-york-may-soon-drown-in-the-deep-sea"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-02/download-(2)27.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली : </strong>मुंबई, कोलकाता, दुबई, लंदन और न्यूयॉर्क समेत दुनिया के 36 बड़े शहर जल्द ही गहरे समंदर में डूब सकते हैं. ग्लोबल वार्मिंग और उससे जुड़े खतरे अब तक के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए हैं. भूवैज्ञानिकों और पारिस्थितिकीविदों ने शुरू में जो सोचा था, महासागरों के पानी का स्तर उससे भी ज्यादा और तेजी के साथ बढ़ रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">समुद्र के स्तर में बेतहाशा बढ़ोतरी के बीच विशेषज्ञों ने एक भयावह भविष्यवाणी की है. एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर के 36 प्रमुख शहरों पर सबसे पहले खतरा मंडरा रहा है. इस लिस्ट में सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क शहर सहित अमेरिका के 10 प्रमुख शहर शामिल हैं.<br />वहीं इस लिस्ट में भारत के मुंबई और कोलकाता के साथ बांग्लादेश के ढाका का नाम भी शामिल है.</p>
<p style="text-align:justify;">समुद्र का स्तर बढ़ने और बार-बार आने वाली बाढ़ से दुनिया भर के 36 शहरों में रहने वाले 22 करोड़ से अधिक लोगों पर असर होगा. कुछ मामलों में तो इन पर पहले से ही असर हो रहा है. अगर समुद्र का स्तर 1.5 मीटर बढ़ जाता है, तो घनी आबादी वाले या सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों वाले शहर सबसे पहले समंदर के पानी में डूब सकते हैं. यह हालात वैश्विक तापमान 5.4 डिग्री फारेनहाइट बढ़ने पर पैदा होने की भविष्यवाणी की गई है.</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले डूबने वाले शहरों की लिस्ट में टोक्यो टॉप पर है, जहां लगभग 37,435,100 लोग रहते हैं. इसके ठीक बाद भारत में मुंबई दूसरे स्थान पर है. सपनों के शहर मुंबई में महालक्ष्मी मंदिर, मन्नत और पर्यटकों के दूसरे आकर्षणों में मछलियों और समुद्री जीवों को देखने का खतरा होगा. इन शहरों में दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र थाईलैंड का बैंकाक और यूएई का दुबई भी शामिल है.</p>
<p style="text-align:justify;">दुनिया के जो 36 शहर सबसे पहले पानी के अंदर समा जाएंगे, उनके नाम को TheSwiftest.com के शोधकर्ताओं ने क्लाइमेट सेंट्रल के कोस्टल रिस्क स्क्रीनिंग टूल का उपयोग करके तय किया है. इसके लिए इंटरैक्टिव मैप का उपयोग किया गया को जोखिम वाले इलाकों के आधार पर मानचित्र तैयार करता है. </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/28808/global-warming--36-big-cities-of-the-world-including-mumbai--kolkata--dubai--london-and-new-york-may-soon-drown-in-the-deep-sea</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/28808/global-warming--36-big-cities-of-the-world-including-mumbai--kolkata--dubai--london-and-new-york-may-soon-drown-in-the-deep-sea</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Feb 2024 10:51:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2024-02/download-%282%2927.jpg"                         length="11060"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        