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                <title>500 - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>500 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: पंढरपुर वारी के लिए एसटी का बड़ा प्लान, 5,500 विशेष बसों की व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आषाढ़ी यात्रा में पंढरपुर पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एसटी महामंडल ने इस वर्ष 5,500 विशेष बसें चलाने की तैयारी की है। राज्य के किसी भी गांव से 40 या उससे अधिक श्रद्धालुओं का समूह होने पर पंढरपुर तक सीधे विशेष बस उपलब्ध कराई जाएगी। पंढरपुर आषाढ़ी यात्रा के दौरान भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल ने व्यापक तैयारी की है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50709/sts-big-plan-for-mumbai-pandharpur-wari-arrangement-of-5500"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/chatgpt-image-jun-20-2026-01_17_02-pm-600x400.png" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>आषाढ़ी यात्रा में पंढरपुर पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एसटी महामंडल ने इस वर्ष 5,500 विशेष बसें चलाने की तैयारी की है। राज्य के किसी भी गांव से 40 या उससे अधिक श्रद्धालुओं का समूह होने पर पंढरपुर तक सीधे विशेष बस उपलब्ध कराई जाएगी। पंढरपुर आषाढ़ी यात्रा के दौरान भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल ने व्यापक तैयारी की है। </p>
<p> </p>
<p>परिवहन मंत्री व एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक के अनुसार यात्रा अवधि में 5,500 विशेष बसों का संचालन किया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने चंद्रभागा बस स्थानक पर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान की। उन्होंने बताया कि राज्य के किसी भी गांव से 40 या उससे अधिक श्रद्धालुओं का समूह विशेष बस की मांग करता है, तो उस गांव से सीधे पंढरपुर तक एसटी बस उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए श्रद्धालुओं को अपने निकटतम एसटी डिपो में पंजीकरण कराना होगा। इस विशेष सेवा में भी सरकार की सभी यात्री रियायतें लागू रहेंगी। </p>
<p>मंत्री सरनाईक के अनुसार महिलाओं को 'महिला सम्मान योजना' के तहत किराए में 50 प्रतिशत की छूट और 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को 'अमृत ज्येष्ठ नागरिक योजना' के तहत नि:शुल्क यात्रा का लाभ मिलेगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पंढरपुर और आसपास विशेष बस स्टॉप, अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 11:13:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : BEST का बड़ा फैसला, 500 छोटी CNG मिडी बसें खरीदने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49381/after-the-mumbai-bhandup-accidents-best-takes-a-big-decision"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t123726.801.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, BEST ने एक नए प्रस्ताव के तहत 500 एयर-कंडीशंड (AC) CNG मिडी बसें खरीदने की योजना बनाई है। इन बसों को विशेष रूप से भांडुप, पवई, विक्रोली और कांजुरमार्ग जैसे इलाकों में चलाने की तैयारी है, जहां सड़कें संकरी, ढलान वाली और जटिल हैं। इन क्षेत्रों में 12-मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों को पहले से ही संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।</p>
<p> </p>
<p>यह फैसला हाल ही में हुई एक घटना के बाद लिया गया है, जिसमें एक खड़ी इलेक्ट्रिक बस पीछे की ओर लुढ़क गई थी और सड़क किनारे एक बूथ से टकरा गई थी। प्रारंभिक जांच में इस दुर्घटना का कारण ड्राइवर की लापरवाही बताया गया, जिसमें कहा गया कि बस में हैंडब्रेक नहीं लगाया गया था। हालांकि BEST के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह समस्या केवल मानवीय त्रुटि तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े वाहनों के लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी एक बड़ी चुनौती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रूट 605 और 606 जैसे मार्ग, जहां भीड़ और ढलान अधिक है, वहां लंबी बसों का संचालन जोखिम भरा साबित हो रहा है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों के लिए छोटी बसें अधिक उपयुक्त हैं क्योंकि वे संकरी सड़कों पर बेहतर तरीके से चल सकती हैं और मोड़ लेने में भी अधिक सुरक्षित होती हैं। इसी वजह से CNG मिडी बसों को फिर से शामिल करने का निर्णय लिया गया है। पहले इस परियोजना के तहत करीब 200 मिडी बसें जोड़ने की योजना थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 500 बसों तक कर दिया गया है। यह विस्तार इसलिए किया गया है ताकि मुंबई में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट्स के साथ बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>BEST का कहना है कि शहर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, कुशल और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। नई बसें न केवल दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करेंगी, बल्कि उन इलाकों में भी बेहतर सेवा प्रदान करेंगी जहां बड़े वाहन पहुंचने में कठिनाई महसूस करते हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में बस रूटों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र के हिसाब से उपयुक्त बसें चलाई जा सकें। इसके साथ ही ड्राइवर प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों को भी और मजबूत किया जाएगा। कुल मिलाकर, भांडुप हादसों के बाद लिया गया यह निर्णय मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : लाडली बहन योजना में 68 लाख महिलाओं को अपात्र; वार्षिक खर्च 43740 करोड़ से घटकर 31500 करोड़ रुपये रह जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने लाडली बहन योजना के तहत 68 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित किया है। इससे सरकार का सालाना 12240 करोड़ रुपये बचेगा। वहीं लाडली बहन योजना पर वार्षिक खर्च 43740 करोड़ से घटकर 31500 करोड़ रुपये रह जाएगा। सरकार ने लाडली बहन योजना के लिए ई-केवाईसी की डेडलाइन 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है। पहले लाडली बहन योजना का ई-केवाईसी 31 मार्च तक था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49176/annual-expenditure-of-68-lakh-women-ineligible-under-mumbai-ladli"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t130733.704.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र सरकार ने लाडली बहन योजना के तहत 68 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित किया है। इससे सरकार का सालाना 12240 करोड़ रुपये बचेगा। वहीं लाडली बहन योजना पर वार्षिक खर्च 43740 करोड़ से घटकर 31500 करोड़ रुपये रह जाएगा। सरकार ने लाडली बहन योजना के लिए ई-केवाईसी की डेडलाइन 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है। पहले लाडली बहन योजना का ई-केवाईसी 31 मार्च तक था। महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि योजना से 68 लाख महिलाओं के नाम बाहर होने से अब दूसरे विभागों से निधि लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<p> </p>
<p>एकनाथ शिंदे सरकार ने जुलाई 2024 में राज्य में लाडली बहन योजना शुरू की थी। शुरुआत में इस योजना के तहत करीब 2 करोड़ 47 लाख महिलाएं लाभार्थी थीं, इनमें से 31 मार्च 2026 तक 1 करोड़ 75 लाख महिलाओं ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा किया। वहीं 68 लाख महिलाएं अपात्र होकर योजना से बाहर हो गई।</p>
<p><strong>ई केवाईसी जरूरी होने का मिला सरकार को फायदा</strong><br />लाडली बहन योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये की किश्त दी जा रही है। लेकिन अपात्र महिलाओं द्वारा योजना का लाभ लेने की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने 18 सितंबर 2025 को परिपत्र जारी कर योजना का लाभ लेने के लिए दो माह के भीतर ई-केवाईसी करना अनिवार्य किया था।</p>
<p><strong>अपात्र महिलाओं को मिले 20 हजार करोड़</strong><br />आखिरकार इस योजना से 68 लाख महिलाएं बाहर हो गईं। वहीं अब 1 करोड़ 75 लाख महिलाएं इस योजना के लिए पात्र पाई गई हैं। एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 20 महीने में अपात्र महिलाओं के खाते में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा किए गए हैं। अब इन महिलाओं के योजना से बाहर होने से राज्य सरकार का हर साल लगभग 12240 करोड़ रुपये बचेगा। इस योजना के लिए कुल 43740 करोड़ रुपये साल में खर्च होने का अनुमान था, जो अब घटकर 31500 करोड़ रुपये रह जाएगा।</p>
<p><strong>हड़बड़ी में शुरू की गई थी लाडली बहन योजना</strong><br />विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई इस योजना के तहत जरूरतमंद महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1500 रुपये जमा किए जाते थे। यह योजना काफी लोकप्रिय रही और इसका राजनीतिक लाभ भी मिला। हालांकि, सरकार के ध्यान में आया कि बड़ी संख्या में फर्जी लाभार्थी भी योजना में शामिल हो गए थे। उस दौरान सरकार ने कोई जांच-पड़ताल नहीं की। इसका अपात्र महिलाओं सहित पुरुषों ने भी लाभ उठाया। चुनाव के बाद सरकार ने जांच शुरू की तो 68 लाख महिलाएं अपात्र हो गई, इससे सरकार के खजाने पर भी भार कम होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:29:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : भोईवाड़ा में डिटेंशन सेंटर शुरू, 2500 बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में कई सालों से जिस डिटेंशन सेंटर के निर्माण और संचालन को लेकर चर्चा चल रही थी, वह अब आखिरकार धरातल पर उतर आया है. महाराष्ट्र गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुंबई के भोईवाड़ा इलाके में यह डिटेंशन सेंटर आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है. शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक अब इसी सेंटर में रखा जाएगा. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48751/detention-center-started-in-mumbai-bhoiwada-step-taken-after-arrest"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-27t132412.228.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में कई सालों से जिस डिटेंशन सेंटर के निर्माण और संचालन को लेकर चर्चा चल रही थी, वह अब आखिरकार धरातल पर उतर आया है. महाराष्ट्र गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुंबई के भोईवाड़ा इलाके में यह डिटेंशन सेंटर आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है. शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक अब इसी सेंटर में रखा जाएगा. </p>
<p> </p>
<p>एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस डिटेंशन सेंटर का संचालन इसी साल 20 मार्च (2026) से शुरू कर दिया गया है. इस सेंटर में एक साथ करीब 150 लोगों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है. यहां केवल पुरुषों ही नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों को भी रखने के लिए अलग से विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि मानवाधिकारों के मानकों का पालन किया जा सके. </p>
<p><strong>फिलहाल 10 से 15 बांग्लादेशी नागरिक किए गए शिफ्ट</strong><br />सूत्रों ने बताया कि सेंटर के शुरू होते ही यहां अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. फिलहाल भोईवाड़ा के इस डिटेंशन सेंटर में 10 से 15 बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है. बताया जा रहा है कि इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. </p>
<p><strong>क्यों पड़ी इस डिटेंशन सेंटर की जरूरत?</strong><br />मुंबई पुलिस शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चला रही है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केवल साल 2025-26 के दौरान ही मुंबई पुलिस ने 2500 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है. इतनी बड़ी संख्या में हो रही गिरफ्तारियों के कारण इन लोगों को सुरक्षित और कानूनी निगरानी में रखने के लिए एक विशेष सेंटर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. अब भोईवाड़ा में इस डिटेंशन सेंटर के शुरू होने से पुलिस, प्रशासन और जांच एजेंसियों को एक बड़ी राहत मिली है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:24:56 +0530</pubDate>
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