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                <title>lags - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई-पुणे में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन फॉर्म जमा करने में पिछड़ाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर सामने आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, ठाणे, पुणे और मुंबई जैसे बड़े शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसे एन्यूमरेशन फॉर्म की संख्या सबसे ज्यादा रही, जिन्हें चुनाव अधिकारियों द्वारा एकत्र नहीं किया जा सका।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51498/lag-in-submission-of-special-intensive-revision-form-in-mumbai-pune"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-22t130649.383.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर सामने आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, ठाणे, पुणे और मुंबई जैसे बड़े शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसे एन्यूमरेशन फॉर्म की संख्या सबसे ज्यादा रही, जिन्हें चुनाव अधिकारियों द्वारा एकत्र नहीं किया जा सका।</p>
<p> </p>
<p>वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के निर्वाचन क्षेत्रों ने फॉर्म जमा करने के मामले में बेहतर प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, कई ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन  प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी दिखाई और बड़ी संख्या में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए गए।<br />स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करना है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाताओं से संबंधित जानकारी की पुष्टि की जाती है और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सूची को संशोधित किया जाता है। चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान चलाता है।</p>
<p>महाराष्ट्र में चल रहे इस अभियान के दौरान चुनाव अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, बड़े शहरों में कई जगहों पर फॉर्म जमा करने में चुनौतियां सामने आईं। आंकड़ों के अनुसार, ठाणे, पुणे और मुंबई जैसे महानगरीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता ऐसे रहे, जिनके फॉर्म समय पर एकत्र नहीं हो पाए। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। शहरी इलाकों में लोगों का व्यस्त जीवन, नौकरी के कारण घर पर उपलब्ध नहीं होना और बड़ी संख्या में किराएदार आबादी होना प्रमुख वजहों में शामिल हैं।</p>
<p>मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग क्षेत्रों से आकर रहते हैं। कई मतदाता अपने स्थायी पते से अलग स्थानों पर निवास करते हैं। ऐसे में चुनाव कर्मियों को घर-घर जाकर सत्यापन करने और फॉर्म एकत्र करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 13:23:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>महाराष्ट्र हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने में पिछड़ा... 2 करोड़ पुराने वाहनों में नहीं आधुनिक नंबर प्लेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 1 अप्रैल 2019 को या उसके बाद बेचे जाने वाले सभी वाहनों पर वाहन निर्माताओं के लिए एचएसआरपी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं 2019 के पहले के वाहनों में एचएसआरपी का उपयोग टेंडर प्रक्रिया या वाहन निर्माता कंपनी के माध्यम से करवाने के विकल्प दिया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/28606/maharashtra-lags-behind-in-installing-high-security-registration-plates----2-crore-old-vehicles-do-not-have-modern-number-plates"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-02/download-(2)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> वाहनों की चोरी या अपराध में वाहनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (एचएसआरपी) के इस्तेमाल के मामले में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड जैसे राज्यों ने महाराष्ट्र को पछाड़ दिया है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य डॉ. कमल सोई के अनुसार, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को छोड़ देश के सभी राज्यों में 2019 के पहले के वाहनों में एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि महाराष्ट्र में अब तक पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया की शुरुआत तक नहीं हो पाई है। नतीजतन राज्य के करीब 2 करोड़ वाहनों को आधुनिक नंबर प्लेट से जोड़ना बाकी है। राज्य सरकार पिछले कुछ सालों से एचएसआरपी के लिए टेंडर आमंत्रित कर रही है, लेकिन अब तक टेंडर फाइनल नहीं कर पाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतिम टेंडर की तारीख 12 फरवरी 2024 की थी, जिसे भी तकनीकी कारणों से आगे बढ़ा दिया गया। टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण राज्यों में वाहनों के माध्यम से होने वाली आपराधिक घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।<br /><br />डॉ. कमल के अनुसार, देश में होने वाले करीब 99 फीसदी अपराध वाहनों के माध्यम से होते हैं। इनमें मर्डर, स्मगलिंग, चेन स्नैचिंग, बलात्कार समेत अन्य अपराध शामिल हैं। कुछ महीने पहले चर्चित सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी अपराधियों में फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यों में एचएसआरपी का इस्तेमाल नहीं होने से चोरी के वाहनों की बिक्री आसानी से हो रही है। सभी वाहनों के लिए नई नंबर प्लेट अनिवार्य कर आपराधिक घटनाओं को कम किया जा सकता है।<br /><br />सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 1 अप्रैल 2019 को या उसके बाद बेचे जाने वाले सभी वाहनों पर वाहन निर्माताओं के लिए एचएसआरपी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं 2019 के पहले के वाहनों में एचएसआरपी का उपयोग टेंडर प्रक्रिया या वाहन निर्माता कंपनी के माध्यम से करवाने के विकल्प दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. कमल के अनुसार, एचएसआरपी का काम राज्य में टेंडर प्रक्रिया में आ रही अड़चनों के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है, तो वाहन निर्माता कंपनियों के माध्यम से प्रक्रिया की शुरुआत करनी चाहिए। कई राज्यों में वाहन निर्माता कंपनी के माध्यम से पुरानी गाड़ियों में नए नंबर प्लेट लगाने का काम चल रहा है। देश में कुल 38 करोड़ पुरानी गाड़ियां हैं, जिनमें से 20 करोड़ वाहनों में नई नंबर प्लेट लग चुकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Feb 2024 10:15:55 +0530</pubDate>
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