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                <title>Sir - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : कांग्रेस ने सीईसी से मुलाकात की: एसआईआर विवाद के बीच मांगें उठाईं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर कई राज्यों से चिंता व्यक्त की गई है। शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ जातियों और धर्मों के वोट जानबूझकर बाहर किए जा रहे हैं। कुछ राज्यों में, विशेष पुनरीक्षण अभियान  अभियान में भारी घोटाले देखे जा रहे हैं, जो जानबूझकर चुनाव की पूर्व संध्या पर चलाया गया था। यह देखा गया है कि इस अभियान को इस तरह से लागू किया जा रहा है जिससे सत्ताधारी पार्टी को फायदा हो, इसलिएमहाराष्ट्र में आगामी एसआरआर अभियान को बिना किसी जल्दबाजी के निष्पक्ष रूप से लागू करने की मांगकांग्रेसपार्टी की ओर से दी गई जानकारीकांग्रेसप्रदेश अध्यक्षहर्षवर्धन सपकालने दी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48918/mumbai-congress-meets-cec-raises-demands-amid-sir-controversy"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-03t112120.002.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर कई राज्यों से चिंता व्यक्त की गई है। शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ जातियों और धर्मों के वोट जानबूझकर बाहर किए जा रहे हैं। कुछ राज्यों में, विशेष पुनरीक्षण अभियान  अभियान में भारी घोटाले देखे जा रहे हैं, जो जानबूझकर चुनाव की पूर्व संध्या पर चलाया गया था। यह देखा गया है कि इस अभियान को इस तरह से लागू किया जा रहा है जिससे सत्ताधारी पार्टी को फायदा हो, इसलिएमहाराष्ट्र में आगामी एसआरआर अभियान को बिना किसी जल्दबाजी के निष्पक्ष रूप से लागू करने की मांगकांग्रेसपार्टी की ओर से दी गई जानकारीकांग्रेसप्रदेश अध्यक्षहर्षवर्धन सपकालने दी है।</p>
<p> </p>
<p>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षहर्षवर्धन सपकालके नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मिला और एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मंत्री, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य नसीम खान, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और तेलंगाना के सह-प्रभारी सचिन सावंत, राज्य महासचिव एड. संदेश कोंडविलकर, राज्य महासचिव अभिजीत सपकाल और अन्य मौजूद थे।</p>
<p>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षहर्षवर्धन सपकालके नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मिला और एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मंत्री, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य नसीम खान, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और तेलंगाना के सह-प्रभारी सचिन सावंत, राज्य महासचिव एड. संदेश कोंडविलकर, राज्य महासचिव अभिजीत सपकाल और अन्य मौजूद थे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 11:22:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुर्शिदाबाद : मीर जाफर के वंशजों की अनदेखी?: SIR में 346 लोगों के नाम कटे, प्रशासनिक प्रक्रिया पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुर्शिदाबाद में चुनाव आयोग ने मीर जाफर के वंश से जुड़े करीब 346 लोगों के नाम वोटर सूची से हटा दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद अब इस पूर्व शाही परिवार के सदस्यों पर अपनी नागरिकता साबित करनी होगी। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से सामने आया एक मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। बंगाल के पूर्व नवाब मीर जाफर के वंशजों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48882/names-of-346-people-deleted-from-murshidabad-mir-jafars-descendants"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-01t172009.550.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुर्शिदाबाद : </strong>मुर्शिदाबाद में चुनाव आयोग ने मीर जाफर के वंश से जुड़े करीब 346 लोगों के नाम वोटर सूची से हटा दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद अब इस पूर्व शाही परिवार के सदस्यों पर अपनी नागरिकता साबित करनी होगी। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से सामने आया एक मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। बंगाल के पूर्व नवाब मीर जाफर के वंशजों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p> </p>
<p>सूत्रों के मुताबिक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत की गई कार्रवाई में नवाबी खानदान के करीब 346 सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इस घटनाक्रम ने न केवल राज्य की राजनीति में हलचल मचाई है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मतदाता अधिकारों और पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर बहस तेज कर दी है।</p>
<p><strong>परिवार के कई सदस्यों के नाम गायब</strong><br />प्रभावित परिवार 15वीं और 16वीं पीढ़ी से संबंधित बताया जा रहा है, जिससे यह मामला ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से भी अहम हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि लंबे समय से सूची में शामिल लोगों के नाम अचानक कैसे हटाए गए और इसके पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई। मुर्शिदाबाद के लालबाग क्षेत्र में स्थित नव आदर्श हाई स्कूल के बूथ संख्या 121 से नवाबी परिवार के कई सदस्यों के नाम गायब पाए गए हैं। इनमें 82 वर्षीय सैयद रजा अली मिर्जा (छोटे नवाब) और उनके पुत्र सैयद मोहम्मद फहीम मिर्जा शामिल हैं। फहीम मिर्जा तृणमूल कांग्रेस से जुड़े पार्षद हैं।</p>
<p>फहीम मिर्जा ने दावा किया कि उनका नाम वर्ष 2002 से मतदाता सूची में था, लेकिन इस बार सुनवाई के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। नवाब परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम को “ऐतिहासिक विडंबना” बताते हुए नाराजगी जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, इस मुद्दे ने देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया, पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48882/names-of-346-people-deleted-from-murshidabad-mir-jafars-descendants</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 17:21:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाई; बंगाल सरकार और DGP से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करा रहा है। मतदाता सूची से जुड़ा यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने आज इस मामले में अहम दिशा-निर्देश दिए। चीफ जस्टिस ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का भी निर्देश दिया। सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन एक सप्ताह और बढ़ाई जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47607/new-delhi-supreme-court-extended-the-deadline-of-sir-by"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/sir-in-wb-should-be-transparent-sc-to-ec_202601201215021494_h@@ight_720_w@@idth_1280.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करा रहा है। मतदाता सूची से जुड़ा यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने आज इस मामले में अहम दिशा-निर्देश दिए। चीफ जस्टिस ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का भी निर्देश दिया। सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन एक सप्ताह और बढ़ाई जा रही है।</p>
<p> </p>
<p><strong>डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाई गई</strong><br />सुप्रीम कोर्ट ने कहा, निर्वाचन आयोग को पश्चिम बंगाल एसआईआर प्रक्रिया के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने के लिए और समय दिया जा रहा है। एसआईआर की डेडलाइन 14 फरवरी से एक हफ्ते आगे बढ़ाई जा रही है।</p>
<p><strong>तीन जजों की पीठ ने बंगाल सरकार को दिए अहम आदेश</strong><br />तारीख बढ़ाने का आदेश पारित करने से पहले चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में लगे सभी अधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) को रिपोर्ट करेंगे। कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और एनवी अंजरिया भी शामिल हैं।<br />महिला वकील की दलील पर नाराज हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत<br />दरअसल, ममता बनर्जी की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा, बीते चार फरवरी को अदालत ने नोटिस जारी किया, जिसमें कई टिप्पणियां थीं। बीते हफ्ते में कई बदलाव हुए हैं। इसी बीच सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी के हस्तक्षेप पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि ये कोई बाजार नहीं है। कोर्ट में अनुशासन और गरिमा बनाए रखें।  मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि मंदिरों की देखरेख करने वाले एक संगठन ने एक याचिका दायर की है। उनका इस मामले में क्या हित हो सकता है? उनकी इस दलील पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, बारी-बारी से सुनते हैं। अगर अनुशासन बनाए नहीं रखा गया तो आपको चीफ जस्टिस के का स्वभाव पता होना चाहिए। तल्ख लहजे में जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा- आप किसी बाजार में बैठे हैं या अदालत में हैं?</p>
<p><strong>बंगाल के डीजीपी को हलफनामा दायर करने का निर्देश</strong><br />सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि कुछ बदमाशों / असामाजिक तत्वों ने अपने नोटिस जला डाले। इस आरोप पर कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ और बातों पर भी जोर दिया। कोर्ट की टिप्पणियों पर बिंदुवार एक नजर:<br />किसी को भी पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर में रुकावट डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।</p>
<p>राज्य सरकार ने चुनाव आयोग को 8,505 ग्रुप B अधिकारियों की लिस्ट दी है। उन्हें ट्रेनिंग देकर SIR की प्रक्रिया में लगाया जा सकता है।<br />चुनाव आयोग के आरोपों पर पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक हलफनामा दाखिल करें। निर्वाचन आयोग ने फॉर्म 7 (आपत्ति फॉर्म) जलाने का आरोप लगाया है। डीजीपी इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दें और बताएं कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं।<br />बदमाशों के खिलाफ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने का चुनाव आयोग का आरोप चिंताजनक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:38:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में एसआईआर विवाद: मुख्य निर्वाचन अधिकारी का सख्त बयान, शिकायतों को साजिश बताया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने दो पुलिस शिकायतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि विभिन्न प्रेस विज्ञप्तियों से इस कार्यालय को जानकारी मिली है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ पुलिस में दो शिकायतें दर्ज की गई हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46621/sir-controversy-in-west-bengal-chief-electoral-officers-strict-statement"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-31t202336.560.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने दो पुलिस शिकायतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि विभिन्न प्रेस विज्ञप्तियों से इस कार्यालय को जानकारी मिली है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ पुलिस में दो शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों को पहले से सोची-समझी साजिश, बिना किसी ठोस सबूत के और एसआईआर के कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रहे अधिकारियों को डराने-धमकाने की घटिया कोशिश करार दिया गया है।</p>
<p> </p>
<p>आधिकारिक बयान में आगे लिखा है कि चुनाव मशीनरी को डराकर झुकाने और पूरी प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए बनाई गई ऐसी धमकी भरी चालें निश्चित रूप से नाकाम रहेंगी। इन लगातार और मनगढ़ंत शिकायतों के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कानून का राज कायम रहेगा और सच्चाई की जीत होगी। राज्य की चुनाव मशीनरी जनहित में पूरी हिम्मत और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दो बुजुर्ग मतदाताओं की मौत की खबरें सामने आईं।</p>
<p>एक 82 वर्षीय पुरुलिया निवासी दुर्जन माझी और दूसरे पूर्व मिदनापुर के 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि एसआईआर सुनवाई नोटिस मिलने से मानसिक दबाव के कारण उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की। परिजनों ने सीईसी और सीईओ को मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एसआईआर प्रक्रिया नवंबर 2025 से शुरू हुई, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना, मृतकों, डुप्लिकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना है। दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट रोल में 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 20:24:28 +0530</pubDate>
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