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                <title>funding - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई : YES बैंक लोन डील में ‘क्लोज़्ड-लूप फंडिंग’ के गंभीर आरोप, मुंबई पुलिस की EOW करेगी जांच</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कथित “क्लोज़्ड-लूप फंडिंग” और सांठगांठ के जरिए लोन असाइनमेंट से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच की तैयारी कर रही है. यह कदम पूर्व HDIL प्रमोटर राकेश कुमार वाधवान की ओर से दी गई विस्तृत शिकायत के बाद उठाया जा रहा है. वाधवान, Housing Development and Infrastructure Limited (HDIL) के निलंबित निदेशक भी हैं. उन्होंने वित्त वर्ष 2017 से 2019 के बीच मंजूर किए गए कई लोन, उनके पुनर्गठन और बाद में असाइनमेंट को लेकर आपराधिक जांच की मांग की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लेनदेन में पारदर्शिता, उचित मूल्य निर्धारण और स्वतंत्र मूल्यांकन की कमी रही और फंड कथित तौर पर Suraksha Asset Reconstruction Private Limited तक संदिग्ध तरीके से पहुंचाए गए. </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47792/eow-of-mumbai-police-will-investigate-serious-allegations-of-closed-loop"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-17t115805.823.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कथित “क्लोज़्ड-लूप फंडिंग” और सांठगांठ के जरिए लोन असाइनमेंट से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच की तैयारी कर रही है. यह कदम पूर्व HDIL प्रमोटर राकेश कुमार वाधवान की ओर से दी गई विस्तृत शिकायत के बाद उठाया जा रहा है. वाधवान, Housing Development and Infrastructure Limited (HDIL) के निलंबित निदेशक भी हैं. उन्होंने वित्त वर्ष 2017 से 2019 के बीच मंजूर किए गए कई लोन, उनके पुनर्गठन और बाद में असाइनमेंट को लेकर आपराधिक जांच की मांग की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लेनदेन में पारदर्शिता, उचित मूल्य निर्धारण और स्वतंत्र मूल्यांकन की कमी रही और फंड कथित तौर पर Suraksha Asset Reconstruction Private Limited तक संदिग्ध तरीके से पहुंचाए गए. <br />शिकायत का मुख्य आरोप यह है कि तनावग्रस्त परिसंपत्तियां खरीदने के लिए Suraksha ARC द्वारा दी गई 15 प्रतिशत मार्जिन राशि वास्तविक थर्ड-पार्टी निवेश नहीं थी. दावा किया गया है कि यह रकम उन समूह कंपनियों के जरिए आई, जिन्हें उसी अवधि में YES Bank से वित्तपोषण मिला था. इसे “क्लोज़्ड-लूप फंडिंग” और “राउंड-ट्रिपिंग” व्यवस्था बताया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि पैसा अंतिम रूप से उसी बैंक से उत्पन्न हुआ. </p>
<p> </p>
<p><strong>YES बैंक की रिपोर्ट का हवाला </strong><br />शिकायत में YES बैंक की आंतरिक विशेष ऑडिट रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है, जिसमें तनावग्रस्त परिसंपत्तियों की बिक्री से पहले नीलामी या प्रतिस्पर्धी बोली की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए थे. इसमें यह भी कहा गया है कि कई मामलों में मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थीं और SMA-2 श्रेणी के खातों को भी अनिवार्य रिकवरी प्रयासों के बिना बेच दिया गया, जिससे बैलेंस शीट प्रबंधन और संभावित एवरग्रीनिंग पर संदेह पैदा होता है. </p>
<p>एक अहम लेनदेन में Sapphire Land Development Pvt Ltd को दिए गए 150 करोड़ रुपये के लोन का जिक्र है. शिकायत के अनुसार, आंतरिक क्रेडिट मंजूरी 100 करोड़ रुपये की थी, लेकिन 150 करोड़ रुपये जारी किए गए. यह भी आरोप है कि यह लोन खाते के एनपीए बनने से पहले और मोराटोरियम अवधि के दौरान मात्र दस महीनों में ARC को ट्रांसफर कर दिया गया. <br />शिकायत में 154.53 करोड़ रुपये के बकाये को 150 करोड़ रुपये में असाइन करने को “रंग बदलने की चाल” बताया गया है. इसमें स्वतंत्र मूल्यांकन, बाजार आधारित मूल्य खोज और बोर्ड से बाद में मंजूरी लेने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं. साथ ही यह भी आरोप है कि YES बैंक ने 127.50 करोड़ रुपये के सिक्योरिटी रिसीट्स के जरिए परिसंपत्तियों में आर्थिक हित बनाए रखा, जिससे “ट्रू सेल” की शर्तों पर संदेह पैदा होता है. </p>
<p>इसके अलावा, SARFAESI अधिनियम और आरबीआई के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत में कहा गया है कि इन लेनदेन के जरिए Suraksha ARC ने दिवाला प्रक्रिया में बढ़ा-चढ़ाकर दावा किया और HDIL से जुड़े मामलों में अधिक मतदान अधिकार हासिल किए, जिससे कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. </p>
<p>EOW से आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, रिकॉर्ड में हेरफेर और फंड डायवर्जन जैसे संभावित अपराधों की जांच की मांग की गई है. जांच एजेंसी से ऑडिट रिपोर्ट, ट्रांजैक्शन ट्रेल और आंतरिक मंजूरियों की जांच करने को भी कहा गया है. सूत्रों के मुताबिक, EOW प्रारंभिक जांच शुरू कर सकती है. अगर जांच आगे बढ़ती है, तो इससे एसेट रिकंस्ट्रक्शन सेक्टर में कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियामकीय निगरानी पर व्यापक असर पड़ सकता है. बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह मामला बैंकिंग सेक्टर में तनावग्रस्त परिसंपत्तियों की बिक्री और फंडिंग संरचना में सुधार की दिशा में कदम साबित होता है.</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 11:59:01 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>भिवंडी : गाजा युद्ध पीड़ितों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की मदद के नाम पर क्राउडफंडिंग के माध्यम से करोड़ों रुपए का गबन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश एटीएस ने महाराष्ट्र के भिवंडी से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने गाजा युद्ध पीड़ितों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की मदद के नाम पर क्राउडफंडिंग के माध्यम से करोड़ों रुपए का गबन किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अयान, जैद नोटियार और अबू सूफियान के रूप में हुई है। यूपी एटीएस को इस मामले में इनपुट मिला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए देशभर के लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर गाजा युद्ध पीड़ितों की मदद के नाम पर धन जुटा रहे थे। आरोपियों ने मार्मिक वीडियो पोस्ट कर लोगों को भावुक किया और आर्थिक मदद के लिए प्रेरित करते हुए क्राउडफंडिंग अभियान चलाया।</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44079/bhiwandi--crores-of-rupees-embezzled-through-crowdfunding-in-the-name-of-helping-gaza-war-victims--especially-children-and-women"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/4894504-untitled-2-copy.webp" alt=""></a><br /><p><strong>भिवंडी : </strong>उत्तर प्रदेश एटीएस ने महाराष्ट्र के भिवंडी से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने गाजा युद्ध पीड़ितों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की मदद के नाम पर क्राउडफंडिंग के माध्यम से करोड़ों रुपए का गबन किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अयान, जैद नोटियार और अबू सूफियान के रूप में हुई है। यूपी एटीएस को इस मामले में इनपुट मिला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए देशभर के लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर गाजा युद्ध पीड़ितों की मदद के नाम पर धन जुटा रहे थे। आरोपियों ने मार्मिक वीडियो पोस्ट कर लोगों को भावुक किया और आर्थिक मदद के लिए प्रेरित करते हुए क्राउडफंडिंग अभियान चलाया।</p>
<p> </p>
<p>जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपए जुटाने के बाद भी यह राशि पीड़ितों तक नहीं पहुंचाई गई। आरोपियों ने इस धनराशि का उपयोग अपने व्यक्तिगत लाभ और अवैध गतिविधियों में किया। उत्तर प्रदेश के कई जिलों से भी लाखों रुपए इस अभियान के तहत जमा किए गए। पकड़े गए आरोपियों को मुंबई कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है। एटीएस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने अपनी यूपीआई आईडी और बैंक खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए जुटाए। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना आपदा के मौके पर लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर व्यक्तिगत लाभ कमाने का स्पष्ट मामला है।</p>
<p>यूपी एटीएस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी न केवल वित्तीय धोखाधड़ी में संलिप्त हैं, बल्कि देश विरोधी और आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल पाए गए हैं। आगे की जांच में यह निर्धारित किया जाएगा कि जुटाई गई धनराशि कहां और किस प्रकार खर्च की गई। इस मामले ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर लोगों की संवेदनशीलता का दुरुपयोग करने के खतरों को फिर से उजागर किया है। एटीएस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन फंडिंग अभियान में भाग लेने से पहले उसकी प्रामाणिकता और जांच सुनिश्चित करें, ताकि आपत्तिजनक या फर्जी अभियानों से बचा जा सके।<br />मोहम्मद अयान, जैद नोटियार और अबू सूफियान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और एटीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ आगे की जांच जारी है और एटीएस टीम देशभर के अन्य जुड़े मामलों का पता लगाने में जुटी है। इस गिरफ्तारी से सोशल मीडिया और ऑनलाइन क्राउडफंडिंग अभियान में धोखाधड़ी करने वालों के लिए स्पष्ट संदेश गया है कि कानून अपनी पूरी कार्रवाई करेगा और ऐसे मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 12:02:52 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>आईएसआईएस को फंडिंग करने के आरोपी की हिरासत 6 दिन और बढ़ी... </title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">एटीएस ने संदिग्ध लेनदेन से जुड़े 26 खातों की पहचान की है, जिनमें से 13 का विवरण लंबित है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शेख ने हवाला नेटवर्क के माध्यम से इन वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया, धन को संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से भेजा।</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/28248/custody-of-accused-of-funding-isis-extended-for-6-more-days"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-02/download-(5).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> एक अदालत ने आईएसआईएस फंडिंग मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को इंजीनियर हुसैन अब्दुल शेख को छह दिन और हिरासत में रखने की इजाजत दे दी है। 32 वर्षीय आरोपी को आतंकी संगठन के साथ कथित संबंधों के लिए नासिक में गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता अजय मिसर ने कहा कि एटीएस ने 14 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने जांच की प्रगति को देखते हुए सिर्फ छह दिन की हिरासत दी। जांच एजेंसी ने अपनी दलील में कहा कि शेख ने आईएसआईएस से जुड़े लोगों को 65,000 रुपये तक ट्रांसफर किए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें वैश्विक आतंकवादी शफी अरमार की विधवा रुबिया भी शामिल थी, जिसे यूसुफ-अल-हिंदी के नाम से भी जाना जाता है। आगे के विवरण से पता चला कि शेख ने कानून एजेंसियों को चकमा देने के लिए 7,000-8,000 रुपये की छोटी मात्रा में धनराशि भेजी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">एटीएस ने संदिग्ध लेनदेन से जुड़े 26 खातों की पहचान की है, जिनमें से 13 का विवरण लंबित है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शेख ने हवाला नेटवर्क के माध्यम से इन वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया, धन को संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से भेजा।</p>
<p style="text-align:justify;">अंततः पैसा सीरिया की अशांत भूमि तक पहुंच गया। सूत्रों ने बताया कि आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट विवरण तक पहुंचने के बाद, यह पता चला कि शेख ने अन्य सोशल मीडिया ऐप के साथ-साथ फेसबुक का भी इस्तेमाल किया और आतंकवादी संदिग्धों से जुड़ने के लिए एक तीसरे पक्ष के गुप्त चैट समूह में भाग लिया।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Feb 2024 21:29:12 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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