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                <title>economic - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>economic RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : लाल सैलाब शहर में घुसा तो आर्थिक राजधानी की रफ्तार थम जाएगी. सरकार किसानों को मनाने की कोशिश कर रही है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अपनी मांगों को लेकर नासिक से मुंबई की ओर कूच कर रहे करीब 30 हजार आदिवासी किसानों के 'लॉन्ग मार्च' पर सरकार और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद अब यह आंदोलन खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं. नासिक के राजुर बहुला से निकला यह विशाल मार्च मंगलवार देर रात ठाणे के शाहपुर पहुंच जाएगा. किसानों का जत्था रात को शाहपुर के खरड़ी गांव में विश्राम करेगा. आगरा-मुंबई राजमार्ग पर हजारों किसानों की मौजूदगी को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किए गए हैं.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47298/if-mumbai-red-flood-enters-the-city-the-pace-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-28t123937.625.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अपनी मांगों को लेकर नासिक से मुंबई की ओर कूच कर रहे करीब 30 हजार आदिवासी किसानों के 'लॉन्ग मार्च' पर सरकार और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद अब यह आंदोलन खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं. नासिक के राजुर बहुला से निकला यह विशाल मार्च मंगलवार देर रात ठाणे के शाहपुर पहुंच जाएगा. किसानों का जत्था रात को शाहपुर के खरड़ी गांव में विश्राम करेगा. आगरा-मुंबई राजमार्ग पर हजारों किसानों की मौजूदगी को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किए गए हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>किसान सभा और राज्य के मंत्रियों से हुई 3 घंटे तक चर्चा</strong><br />ऑल इंडिया किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल और राज्य के मंत्रियों, गिरीश महाजन व चंद्रशेखर बावनकुले के बीच करीब 3 घंटे तक गहन चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि यह चर्चा काफी सकारात्मक रही है. सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मंत्री गिरीश महाजन खुद ठाणे के शाहपुर जाकर किसानों से मुलाकात करेंगे. </p>
<p><strong>सीएम से मुलाकात के बाद लॉन्ग मार्च वापस लेने का हो सकता है अनुमान</strong><br />इससे पहले किसान प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एक शिष्टाचार भेंट करेगा. संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार दोपहर तक किसान इस लॉन्ग मार्च को वापस लेने का आधिकारिक एलान कर वहीं से वापस लौट सकते हैं. अगर 30 हजार किसानों का यह 'लॉन्ग मार्च' मुंबई की सीमाओं में दाखिल होता है, तो इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं. मुंबई की lसड़कों पर इसका सबसे बड़ा असर दिखेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 12:41:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने राज कुंद्रा से पांच घंटे तक पूछताछ की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा अक्सर विवादों में घिरे हुए नजर आते हैं. पहली पत्नी से लेकर शिल्पा शेट्टी के साथ शादी, पोर्नोग्राफी मामले तक राज का नाम विवादों से जुड़ा हुआ आया. इस बीच मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने कारोबारी राज कुंद्रा से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43943/mumbai--economic-offenses-wing-questioned-raj-kundra-for-five-hours"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-16t130220.463.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा अक्सर विवादों में घिरे हुए नजर आते हैं. पहली पत्नी से लेकर शिल्पा शेट्टी के साथ शादी, पोर्नोग्राफी मामले तक राज का नाम विवादों से जुड़ा हुआ आया. इस बीच मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने कारोबारी राज कुंद्रा से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की.</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>राज कुंद्रा से धोखाधड़ी मामले में हुई पूछताछ</strong></div>
<div>राज कुंद्रा बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति हैं. यह पूछताछ लगभग ₹60 करोड़ की फाइनेंशियल जांच के सिलसिले में हुई. सूत्रों के मुताबिक, कुंद्रा को अगले हफ्ते दोबारा भी बुलाया जा सकता है.</div>
<div> </div>
<div><strong>शिल्पा शेट्टी से हो सकती है पूछताछ</strong></div>
<div>सूत्रों का कहना है कि इस मामले में शिल्पा शेट्टी से भी पूछताछ हो सकती है, हालांकि अभी तक उन्हें समन जारी नहीं किया गया है. </div>
<div> </div>
<div><strong>कुंद्रा ने अलग-अलग कंपनियों में लगाए पैसे</strong></div>
<div>जांच में सामने आया है कि कुंद्रा ने लगभग 60 करोड़ रुपये पांच अलग-अलग कंपनियों में लगाए थे – सत्युग गोल्ड, विहान इंडस्ट्रीज, एसेंशियल बल्क कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड, बेस्ट डील और स्टेटमेंट मीडिया. शक है कि इन पैसों का इस्तेमाल कुछ अन्य कंपनियों और फिजूल खर्चों में कर दिया गया. EOW की जांच में यह भी पता चला कि कुंद्रा के बैंक खातों से करीब ₹25 करोड़ ऐसे खर्च हुए हैं जिन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इनमें ₹3.15 करोड़ एक गोदाम पर, लगभग ₹20 करोड़ ब्रॉडकास्टिंग पर और मतुंगा स्थित एक दफ्तर के किराए पर भारी रकम खर्च की गई.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43943/mumbai--economic-offenses-wing-questioned-raj-kundra-for-five-hours</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 13:03:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण परदेशी नियुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार के रूप में नए चेहरे की बाते चर्चा में थी। अब इस बात का खुलासा हो चुका है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार के रूप में आईएएस के पूर्व अधिकारी प्रवीण परदेशी को नियुक्त किया गया है। सिविल सेवक प्रवीण परदेशी मुख्यमंत्री सचिवालय में शामिल होने वाले हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39753/mumbai--former-ias-officer-praveen-pardeshi-appointed-as-economic-advisor-to-chief-minister-devendra-fadnavis"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/images---2025-04-13t105827.161.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार के रूप में नए चेहरे की बाते चर्चा में थी। अब इस बात का खुलासा हो चुका है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार के रूप में आईएएस के पूर्व अधिकारी प्रवीण परदेशी को नियुक्त किया गया है। सिविल सेवक प्रवीण परदेशी मुख्यमंत्री सचिवालय में शामिल होने वाले हैं। </p>
<p> </p>
<p>हाल ही में जानकारी सामने आ रही थी कि उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया जाने की तैयारी चल रही है। वह फिलहाल राज्य योजना संगठन ‘मित्र’ के अध्यक्ष हैं। प्रवीण परदेशी जुलाई 2023 से नीति आयोग की तर्ज पर स्थापित राज्य सरकार के थिंक टैंक ‘महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ (एमआईटीआरए)’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 1985 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में उन्हें प्रशासन में 36 वर्षों से अधिक का अनुभव है। </p>
<p><strong>देवेंद्र फडणवीस के पसंदीदा अधिकारी</strong><br />प्रवीण परदेशी कुछ समय तक राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का पसंदीदा अधिकारी माना जाता है। मुख्यमंत्री फडणवीस के पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था। सीएम फडणवीस हमेशा उनके काम से संतुष्ट रहते थे। कोरोना काल से पहले उन्होंने नगर आयुक्त के पद पर भी काम किया था। अब सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें को मुख्यमंत्री फडणवीस के कार्यालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/39753/mumbai--former-ias-officer-praveen-pardeshi-appointed-as-economic-advisor-to-chief-minister-devendra-fadnavis</link>
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                <pubDate>Sun, 13 Apr 2025 10:59:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीए गठबंधन के शासन के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन पर लोकसभा में रखा श्वेत पत्र... </title>
                                    <description><![CDATA[<p>श्वेत पत्र में कहा गया है कि 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट पर यूपीए सरकार की ओर से जारी किया गया स्पिल-ओवर प्रभावों से निपटने के लिए एक राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज समस्या से भी कहीं अधिक बदतर था। यह वित्त पोषण और रखरखाव की केंद्र सरकार की क्षमता से कहीं परे था। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रोत्साहन का उन परिणामों से कोई संबंध नहीं दिख रहा है जो इसे हासिल करने की कोशिश की गई थी क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था संकट से अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं हुई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/28448/union-finance-minister-nirmala-sitharaman-presented-a-white-paper-in-the-lok-sabha-on-economic-mismanagement-during-the-upa-coalition-rule"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-02/download-(5)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीए गठबंधन के शासन के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन पर श्वेत पत्र को लोकसभा में पेश कर दिया है। इस  श्वेत पत्र में यूपीए सरकार के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन पर श्वेत पत्र के माध्यम से भारत की आर्थिक बदहाली और अर्थव्यवस्था पर इसके नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। वहीं, इसमें उस समय उठाए जा सकने वाले सकारात्मक कदमों के असर के बारे में भी बात की जाएगी। <br /><br />सरकार अर्थव्‍यवस्‍था के बारे में सदन के पटल पर श्‍वेत पत्र इसलिए ला रही है ताकि ये पता चल सके कि वर्ष 2014 तक हम कहां थे और अब कहां हैं। इस श्‍वेत पत्र का मकसद उन वर्षों के कुप्रबंधन से सबक सीखना है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में पहली बार सरकार 2014 में ही बनी थी। उसके पहले लगातार 10 वर्षों यानी 2004-14 तक मनमोहन सिंह की अगुवाई में यूपीए गठबंधन की सरकार रही थी।<br /><br />बजट सत्र में केंद्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले श्वेत पत्र के बारे में बता दें कि यह तरह से सूचनात्मक रिपोर्ट कार्ड होता है जिसमें सरकार की नीतियों, कामकाजों और अहम मसलों को रेखांकित किया जाता है। खासतौर पर सरकारें 'श्वेत पत्र' किसी मसले पर बहस करने, सुझाव लेने या देने के साथ एक्शन के लिए लाती है। <br /><br />लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रखे गए भारतीय अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र' में कहा गया है कि यूपीए सरकार को अधिक सुधारों के लिए तैयार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था विरासत में मिली। लेकिन अपने दस वर्षों में इसे नॉन परफॉर्मिंग बना दिया। 2004 में जब यूपीए सरकार ने अपना कार्यकाल शुरू किया था, तो अच्छे विश्व आर्थिक माहौल के बीच अर्थव्यवस्था 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही थी। उद्योग और सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक थी और वित्त वर्ष 2004 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 9 प्रतिशत से अधिक थी।</p>
<p style="text-align:justify;">2003-04 के आर्थिक सर्वेक्षण में भी कहा गया था कि विकास, मुद्रास्फीति और भुगतान संतुलन के मामले में अर्थव्यवस्था एक लचीली स्थिति में प्रतीत होती है, एक जोड़ जो कि निरंतर व्यापक आर्थिक स्थिरता के साथ विकास की गति को मजबूत करने की बड़ी गुंजाइश प्रदान करता है। <br /><br />श्वेत पत्र में कहा गया है कि 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट पर यूपीए सरकार की ओर से जारी किया गया स्पिल-ओवर प्रभावों से निपटने के लिए एक राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज समस्या से भी कहीं अधिक बदतर था। यह वित्त पोषण और रखरखाव की केंद्र सरकार की क्षमता से कहीं परे था। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रोत्साहन का उन परिणामों से कोई संबंध नहीं दिख रहा है जो इसे हासिल करने की कोशिश की गई थी क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था संकट से अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">श्वेत पत्र में आगे कहा गया है कि जीएफसी के दौरान, वित्त वर्ष 2009 में भारत की वृद्धि धीमी होकर 3.1 प्रतिशत हो गई, लेकिन वित्त वर्ष 2010 में तेजी से बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई। जीएफसी के दौरान और उसके बाद वास्तविक जीडीपी वृद्धि पर आईएमएफ डेटा का उपयोग करते हुए एक क्रॉस-कंट्री विश्लेषण इस तथ्य की पुष्टि करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव अन्य विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत सीमित था।इस गुमराह प्रोत्साहन को एक वर्ष से अधिक जारी रखने की कोई आवश्यकता नहीं थी।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/28448/union-finance-minister-nirmala-sitharaman-presented-a-white-paper-in-the-lok-sabha-on-economic-mismanagement-during-the-upa-coalition-rule</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Feb 2024 17:42:13 +0530</pubDate>
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