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                <title>loans - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>महाराष्ट्र : किसानों को बड़ी राहत...  कर्ज से बिजली बिल तक सरकार ने किए बड़े ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भी राहत का ऐलान किया है. इन क्षेत्रों के स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में माफी दी जाएगी. रोजगार के लिए भी सरकार ने कदम उठाने की बात कही है. रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील देकर ज्यादा से ज्यादा काम शुरू किए जाएंगे. इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता खुलेगा.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51986/big-relief-to-maharashtra-farmers-from-loan-to-electricity-bill"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/sfgsdfg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य की 358 में से 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है. आसान भाषा में समझें तो तहसील या तालुका एक प्रशासनिक क्षेत्र होता है, जिसके अंतर्गत कई गांव आते हैं. यानी सरकार ने इन 265 तहसीलों में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए अब विशेष राहत उपाय लागू करने का फैसला किया है. इन इलाकों में किसानों से लेकर खेत मजदूरों, विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों तक को अलग-अलग तरह की राहत दी जाएगी.<br /><br />सूखा प्रभावित घोषित की गई तहसीलों में किसानों के लिए कई बड़े फैसले किए गए हैं. जमीन के राजस्व में छूट दी जाएगी. इसके साथ ही फसल कर्ज का पुनर्गठन किया जाएगा. खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर भी रोक लगाई जाएगी. यानी सूखे से प्रभावित किसानों पर तुरंत कर्ज चुकाने का दबाव कम करने के लिए सरकार की ओर से राहत दी जाएगी. कृषि पंपों के बिजली बिल में भी राहत देने का फैसला हुआ है.<br /><br />सरकार के मुताबिक, 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है. अब इससे ज्यादा क्षमता वाले कृषि पंपों को भी बिजली बिल में छूट दी जाएगी. साथ ही सूखा घोषित गांवों में किसानों के कृषि पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा.<br /><br />सूखे का सबसे बड़ा असर पानी और खेती पर पड़ता है. इसे देखते हुए जरूरत वाले इलाकों में पीने के पानी के टैंकर उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है. किसानों और खेत मजदूरों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जाएगी. पीने के पानी और पशुओं के पानी की व्यवस्था को लेकर पहले जारी आदेश के अनुसार आगे की योजना बनाई जाएगी.<br /><br />सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भी राहत का ऐलान किया है. इन क्षेत्रों के स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में माफी दी जाएगी. रोजगार के लिए भी सरकार ने कदम उठाने की बात कही है. रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील देकर ज्यादा से ज्यादा काम शुरू किए जाएंगे. इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता खुलेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 13:53:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : महायुति के घोषणापत्र में और क्या-क्या एलान; झुग्गी-झोपड़ी मुक्त मुंबई, बिना ब्याज लोन </title>
                                    <description><![CDATA[<p>15 जनवरी को होने वाले मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों को लेकर भाजपा, शिवसेना और आरपीआई (ए) महायुति गठबंधन ने अपना संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया। इस दौरान गठबंधन ने झुग्गी-झोपड़ी मुक्त मुंबई, बिना ब्याज लोन के साथ कई चुनावी घोषणाएं की है। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के साथ मिलकर बीएमसी चुनावों के लिए महायुति का संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46915/what-else-was-announced-in-the-manifesto-of-mumbai-mahayuti"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-12t102920.038.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>15 जनवरी को होने वाले मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों को लेकर भाजपा, शिवसेना और आरपीआई (ए) महायुति गठबंधन ने अपना संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया। इस दौरान गठबंधन ने झुग्गी-झोपड़ी मुक्त मुंबई, बिना ब्याज लोन के साथ कई चुनावी घोषणाएं की है। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के साथ मिलकर बीएमसी चुनावों के लिए महायुति का संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया। महायुति गठबंधन ने अपने व्यापक घोषणापत्र में बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट बसों में महिलाओं के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट और शहर को बांग्लादेशी प्रवासियों से 'मुक्त' करने का वादा किया है।</p>
<p> </p>
<p>घोषणापत्र जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम 5 साल बाद जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे और दिखाएंगे कि हमने क्या हासिल किया है। हम मराठियों को मुंबई छोड़ने नहीं देंगे; हम उन्हें यहीं घर देंगे। कुछ लोग सिर्फ मराठियों के घरों की बातें करते हैं, लेकिन महायुति करके दिखाती है। हम डेवलपर्स नियुक्त करेंगे, और अगर वे काम नहीं करते हैं, तो म्हाडा (महायुति प्रशासन) काम अपने हाथ में ले लेगा। हम झुग्गीवासियों, फुटपाथ पर रहने वालों और बीएमसी के सफाई कर्मचारियों को घर देंगे।</p>
<p><strong>मुंबई को बांग्लादेशियों से मुक्त का वादा</strong><br />देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हम मुंबई को बांग्लादेशियों से मुक्त कराएंगे। हमने अब तक सबसे अधिक बांग्लादेशियों को निर्वासित किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से हम 100% बांग्लादेशियों की पहचान करके उन्हें निर्वासित करेंगे। एआई टूल 6 महीने में तैयार हो जाएगा। हम अवैध बांग्लादेशियों की पहचान करके उन्हें निर्वासित करेंगे।</p>
<p>फडणवीस ने आगे कहा कि बीएमसी स्कूलों को कौशल-उन्मुख बनाएंगे और मराठी भाषा सीखने के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने शानदार काम किया है इसे और बेहतर बनाते रहेंगे। हम 2060 की आबादी के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे और नदियों में सीवेज को रोकेंगे। नदियों को साफ करने और मुंबई को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिष्ठित परियोजनाओं पर 16,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।</p>
<p><strong>बसों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी की छूट, ब्याज मुक्त लोन</strong><br />उन्होंने आगे कहा कि मेट्रो, वाटर टैक्सी और सतत परिवहन पर काम करेंगे। सभी यात्रा जरूरतों के लिए एक मुंबई ऐप। हम सड़कों पर भीड़ कम करेंगे, एक्सप्रेसवे बनाएंगे और मुंबई को एक बेहतर शहर बनाएंगे। सड़कों को गड्ढों से मुक्त किया जाएगा। बसों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी की छूट और बहनों के लिए 1 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। हम सुरक्षित शहर के लिए एआई का उपयोग करेंगे, वर्षा जल प्रबंधन करेंगे और मुंबई को स्मार्ट बनाएंगे। सीएम ने दावा किया कि बीएमसी में बदलाव लाएंगे और मुंबई की सभी महिलाओं के लिए काम करेंगे।</p>
<p><strong>बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट बेड़े में होंगी 10,000 बसें</strong><br />घोषणापत्र में परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा पर प्रमुखता से जोर दिया गया है। फडणवीस ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट बेड़े को लगभग 5,000 से बढ़ाकर 10,000 बसें करना, इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करना और महिला यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट देना है। फडणवीस ने कहा कि हम मुंबई को बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं से मुक्त करेंगे। आईआईटी की मदद से हम बांग्लादेशी मजदूरों की पहचान करने के लिए एक एआई टूल विकसित करेंगे।</p>
<p><strong>हमारा लक्ष्य 30-35 लाख घर बनाना: शिंदे</strong><br />उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा कि कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। बालासाहेब ठाकरे का सपना आज भी जिंदा है। हमारा विकास मराठियों के लिए है। हम उनके लिए मल्टीप्लेक्स थिएटर बनाएंगे! मराठियों के लिए दस गुना ज़्यादा काम करेंगे। मुंबई को उसके लोगों को वापस सौंपना होगा। झुग्गी-झोपड़ी मुक्त मुंबई बालासाहेब का सपना था। हम घाटकोपर में 17,000 लोगों के लिए एसआरए परियोजना पर काम कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य 30-35 लाख घर बनाना है। हम मुंबई को फिनटेक सिटी, फिनटेक कैपिटल बनाएंगे। हम विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित कर रहे हैं। बेस्ट में हमने महिलाओं को 50% आरक्षण देने का फैसला किया है। मुंबई को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हम 17,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। हम सभी सड़कों को मजबूत करेंगे और मुंबई को गड्ढों से मुक्त बनाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 10:31:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मुंबई : सड़क कॉन्ट्रैक्टरों को 19,500 करोड़ का बकाया पेमेंट करने के लिए केंद्र सरकार से सप्लीमेंट्री डिमांड और बिना ब्याज वाले लोन के ज़रिए पैसे जुटाने की योजना </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पैसे की तंगी से जूझ रही राज्य सरकार सड़क कॉन्ट्रैक्टरों को लगभग ₹19,500 करोड़ का बकाया पेमेंट करने के लिए केंद्र सरकार से सप्लीमेंट्री डिमांड और बिना ब्याज वाले लोन के ज़रिए पैसे जुटाने की योजना बना रही है। ₹19,502 करोड़ के बिल पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले दिए गए ₹46,000 करोड़ के सड़क बनाने के कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45864/mumbai-plans-to-raise-funds-through-supplementary-demand-and-interest-free"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-30t172936.216.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पैसे की तंगी से जूझ रही राज्य सरकार सड़क कॉन्ट्रैक्टरों को लगभग ₹19,500 करोड़ का बकाया पेमेंट करने के लिए केंद्र सरकार से सप्लीमेंट्री डिमांड और बिना ब्याज वाले लोन के ज़रिए पैसे जुटाने की योजना बना रही है। ₹19,502 करोड़ के बिल पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले दिए गए ₹46,000 करोड़ के सड़क बनाने के कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा हैं।तस्वीर दिखाने के लिएराज्य के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य ने जनवरी से अक्टूबर के बीच कॉन्ट्रैक्टरों को बकाया बिलों के लिए ₹20,799 करोड़ का पेमेंट किया। FY2025-26 में, बकाया रकम ₹29,049 करोड़ थी, जिसके लिए ₹12,785 करोड़ का बजट में प्रोविज़न किया गया था। इसमें से सरकार ने ₹12,345 करोड़ का पेमेंट कर दिया है, जबकि ₹5,585 करोड़ जारी करने की तैयारी है।</p>
<p> </p>
<p>सरकार अभी भी कॉन्ट्रैक्टरों को दिए जाने वाले ₹11,119 करोड़ से पीछे है।PWD के एक अधिकारी ने कहा, “PWD सप्लीमेंट्री डिमांड के ज़रिए ₹11,119 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है, जिसे वह राज्य विधानसभा के विंटर सेशन में पेश करेगा। इसके अलावा, वह केंद्र सरकार से सॉफ्ट लोन भी ले सकता है। राज्य अपनी फाइनेंशियल दिक्कतों की वजह से सप्लीमेंट्री डिमांड के लिए ₹2,000 करोड़ से ज़्यादा नहीं दे सकता है, और केंद्र सरकार से उधार लेने पर भी लिमिटेशन हैं।”राज्य फाइनेंस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि फाइनेंशियल संकट की वजह से सरकार नए रोड कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा, “हालांकि रोड कॉन्ट्रैक्ट के लिए सालाना बजट ₹18,000 करोड़ है, लेकिन पिछले साल चुनाव से पहले ₹46,000 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट दिए गए थे।”</p>
<p>अधिकारी ने कहा, “मौजूदा बजट में दिए गए कॉन्ट्रैक्ट का स्पिलओवर कम से कम दो साल तक रहेगा। इस वजह से, सरकार नए सड़क बनाने या मेंटेनेंस के कॉन्ट्रैक्ट नहीं दे पाई है, जिससे सड़कें खराब हो गई हैं।”सालाना बजट में स्टेट हाईवे, डिस्ट्रिक्ट रोड और पुल बनाने; नाबार्ड-ADB-केंद्र सरकार के लोन चुकाने; हाइब्रिड एन्युइटी में राज्य का योगदान; और बिल्डिंग बनाने का भी प्रोविज़न शामिल है।</p>
<p>सालाना बजट में से लगभग आधा राज्य और डिस्ट्रिक्ट लेवल की सड़कों को बनाने के लिए है, लेकिन PWD डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, FY25-26 में कोई नया कंस्ट्रक्शन नहीं हुआ है क्योंकि इस एलोकेशन का इस्तेमाल बकाया बिल चुकाने में किया गया है।हालात बिगड़ने पर, हाल ही में एक मीटिंग में, सरकार ने कॉन्ट्रैक्टरों को बकाया पेमेंट देने के लिए बिना ब्याज वाले लोन के लिए केंद्र से संपर्क करने का फैसला किया।महाराष्ट्र स्टेट कॉन्ट्रैक्टर्स फेडरेशन के प्रेसिडेंट मिलिंद भोसले ने कहा कि PWD के बकाए के अलावा, दूसरे सरकारी डिपार्टमेंट्स पर भी इन्हीं कॉन्ट्रैक्टर्स का काफी पैसा बकाया है। भोसले ने कहा, “FY2025-26 में सरकार ने कोई नया प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया है, जिससे इंडस्ट्री ठप हो गई है। हमारे पास 3 लाख से ज़्यादा कॉन्ट्रैक्टर्स हैं जिनके अंडर 2 करोड़ से ज़्यादा वर्कर्स हैं। नए कॉन्ट्रैक्ट्स न होने से, लेबर्स बेरोज़गार हैं।”<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45864/mumbai-plans-to-raise-funds-through-supplementary-demand-and-interest-free</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 17:31:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>परभणी:  सात लाख करोड़ रुपये के बजट में से राज्य सरकार 3.5 लाख करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ऋण पर खर्च - अजित पवार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने परभणी के दौरे के दौरान बजट के पैसों का वितरण कैसे हो रहा है, इस बात का खुलासा किया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने  कहा कि सात लाख करोड़ रुपये के बजट में से राज्य सरकार 3.5 लाख करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ऋण पर खर्च कर रही है, जबकि 65,000 करोड़ रुपये लाडकी बहिन योजना और किसानों के लिए बिजली माफी योजना पर खर्च किए जा रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40126/parbhani--out-of-the-budget-of-rs-7-lakh-crore--the-state-government-spends-rs-3-5-lakh-crore-on-salaries--pensions-and-loans-of-employees---ajit-pawar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download---2025-04-27t112216.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>परभणी: </strong>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने परभणी के दौरे के दौरान बजट के पैसों का वितरण कैसे हो रहा है, इस बात का खुलासा किया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने  कहा कि सात लाख करोड़ रुपये के बजट में से राज्य सरकार 3.5 लाख करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ऋण पर खर्च कर रही है, जबकि 65,000 करोड़ रुपये लाडकी बहिन योजना और किसानों के लिए बिजली माफी योजना पर खर्च किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि इन मदों के तहत 4.15 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बाद शेष राशि विकास कार्यों में खर्च की जा रही है। परभणी में अपनी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की एक बैठक को संबोधित करते हुए पवार ने यह भी कहा कि पार्टी के जो कार्यकर्ता राजनीतिक नेता बनना चाहते हैं, उन्हें (सरकारी कार्यों के लिए) ठेकेदार नहीं बनना चाहिए।<br />बिजली माफी योजना के तहत वितरण<br />राज्य सरकार के व्यय के बारे में बात करते हुए, वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा, “सरकार किसानों के लिए बिजली बिल माफी योजना के तहत महाराष्ट्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) को 17,000 से 20,000 करोड़ रुपये दे रही है। राज्य को एक साल में लाडकी बहिन योजना के लिए 45,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “राज्य का बजट परिव्यय 7 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से 3.5 लाख करोड़ रुपये वेतन, पेंशन और ऋण चुकाने पर खर्च किए जाते हैं, जबकि 65,000 करोड़ रुपये उपरोक्त दो (लाडकी बहिन और बिल माफी) योजनाओं पर खर्च किए जाते हैं। शेष राशि से हम राज्य के विकास कार्यों में खर्च करने की कोशिश कर रहे हैं।” </p>
<p><strong>शिक्षा और कृषि क्षेत्र पर ध्यान</strong><br />अजित पवार ने कहा हम शिक्षा और कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्र सरकार महाराष्ट्र को 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण देने जा रही है। सरकार ने बिजली बिलों की माफी की पेशकश की है ताकि हमारे किसान खुशी से रह सकें। इसके लिए राज्य सरकार को अपने खजाने से महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को 17 से 20 हजार करोड़ रुपये देने होंगे। लेकिन हम हर तरह से सहयोग करते रहेंगे, उन्होंने अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 11:23:37 +0530</pubDate>
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