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                <title>Best - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई में बेस्ट की बसों के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का प्रस्ताव मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आर्थिक संकट से जूझ रहे बेस्ट उपक्रम के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का प्रस्ताव मंगलवार (18 अगस्त) को मुंबई नगर निगम की आम सभा की बैठक में पेश किया गया. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), इंडियन नेशनल कांग्रेस और मनसे ने इस प्रस्ताव का ज़ोरदार विरोध किया. हालाँकि, सत्ताधारी बीजेपी, शिवसेना और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी अपने बहुमत का इस्तेमाल करके इस प्रस्ताव को पास कराने में सफल रही.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51442/public-private-partnership-proposal-approved-for-best-buses-in-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-19t113642.668.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> आर्थिक संकट से जूझ रहे बेस्ट उपक्रम के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का प्रस्ताव मंगलवार (18 अगस्त) को मुंबई नगर निगम की आम सभा की बैठक में पेश किया गया. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), इंडियन नेशनल कांग्रेस और मनसे ने इस प्रस्ताव का ज़ोरदार विरोध किया. हालाँकि, सत्ताधारी बीजेपी, शिवसेना और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी अपने बहुमत का इस्तेमाल करके इस प्रस्ताव को पास कराने में सफल रही.</p>
<p> </p>
<p>प्रस्ताव का विरोध करते हुए, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के सीनियर कॉर्पोरेटर यशोधन फांसे ने 22 बेस्ट डिपो के प्राइवेटाइजेशन पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि बेस्ट की जमीन प्राइवेट कंपनियों को सौंपना गलत है और इससे मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को कोई आर्थिक फ़ायदा नहीं होगा.<br />'बेस्ट का प्राइवेटाइज़ेशन करने के बजाय, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को इसे बेहतर बनाने के लिए पहल करनी चाहिए. बेस्ट की जमीन दूसरों को सौंपना पूरी तरह से गलत है. सिर्फ इसलिए कि तीन डिपो दे दिए गए, क्या आप 22 और डिपो भी दे देंगे?' फांसे ने सवाल किया. उन्होंने सत्ताधारी पार्टी को इस बात पर विस्तार से चर्चा करने के लिए एक विशेष बैठक बुलाने की चुनौती भी दी कि पिछले 25 सालों में बेस्ट के लिए असल में क्या किया गया है.</p>
<p> </p>
<p><strong>बेस्ट के निजीकरण को लेकर जनरल बॉडी मीटिंग में तीखी बहस</strong><br />22 बेस्ट डिपो के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप प्रस्ताव को मंज़ूरी मिलने के बाद, जनरल बॉडी मीटिंग में सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. विपक्ष ने बेस्ट के निजीकरण का विरोध किया और मांग की कि प्रस्ताव को प्रशासन के पास वापस भेजा जाए. इसके उलट, सत्ताधारी पार्टी ने फ़ैसले का बचाव करते हुए साफ़ किया कि बेस्ट की जमीन बेची नहीं जा रही है, बल्कि लीज पर दी जा रही है.</p>
<p><strong>चार डिपो सौंपने से मुंबई को क्या फ़ायदा हुआ?</strong><br />कांग्रेस ग्रुप लीडर अशरफ आजमी ने एक 'श्वेत पत्र' पेश करने की मांग की, जिसमें यह बताया जाए कि चार डिपो सौंपने के पिछले फ़ैसले से मुंबई को क्या फायदा हुआ. पहले की गई गलती को न दोहराएं. दुनिया भर में ट्रांसपोर्ट कंपनियां घाटे में चल रही हैं तो हम बेस्ट डिपो क्यों सौंप रहे हैं? उन्होंने सवाल किया. उन्होंने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि बेस्ट के निजीकरण से मुंबई के लोगों में परेशानी हो रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 11:37:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई : बेस्ट कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बेस्ट वर्कर्स यूनियन ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है. यूनियन के महासचिव शशांक राव ने 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है. इस आंदोलन में बेस्ट के मौजूदा कर्मचारियों के साथ निजी कंपनियों के जरिये चलाई जा रही वेट लीज बसों के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ी मांगें उठाई जाएंगी.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51426/announcement-of-starting-indefinite-hunger-strike-regarding-pending-demands-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/download---2026-08-18t110642.361.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बेस्ट वर्कर्स यूनियन ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है. यूनियन के महासचिव शशांक राव ने 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है. इस आंदोलन में बेस्ट के मौजूदा कर्मचारियों के साथ निजी कंपनियों के जरिये चलाई जा रही वेट लीज बसों के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ी मांगें उठाई जाएंगी.</p>
<p> </p>
<p>यूनियन की प्रमुख मांगों में बेस्ट कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन समझौतों को पूरा करना शामिल है. यूनियन ने 2016 से 2021 और 2021 से 2026 की अवधि के वेतन समझौतों को तत्काल लागू करने की मांग की है. इसके अलावा कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने और उन्हें  मुंबई महानगरपालिका के कर्मचारियों के समान वेतनमान देने की मांग भी उठाई गई है. </p>
<p>बेस्ट वर्कर्स यूनियन ने वेट लीज व्यवस्था के तहत निजी कंपनियों के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया है. यूनियन की मांग है कि इन कर्मचारियों को 'समान काम के लिए समान वेतन' के सिद्धांत के आधार पर वेतन और सुविधाएं दी जाएं. इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अन्य अंतिम बकाया राशि समय पर जारी करने की मांग की गई है. यूनियन ने बेस्ट उपक्रम की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाते हुए इसके संचालन के लिए जरूरी आर्थिक निधि तत्काल मंजूर करने की भी मांग की है. <br />यूनियन के मुताबिक, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18 अगस्त को सुबह 11:30 बजे मुंबई के ओपेरा हाउस स्थित 42 कैनेडी ब्रिज में बेस्ट वर्कर्स यूनियन के कार्यालय में शुरू होगी. महासचिव शशांक राव ने कहा है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर फैसला होने तक भूख हड़ताल जारी रखी जाएगी.  यह हड़ताल मौजूदा स्थायी कर्मचारियों, निजी कंपनियों के जरिए चलाई जा रही वेट लीज बसों के चालकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर की जा रही है।</p>
<p><strong>कर्मचारियों की मुख्य मांगें:</strong></p>
<p>वेतन समझौता: साल 2016-21 और 2021-26 के लिए लंबित वेतन समझौतों को तुरंत अंतिम रूप दिया जाए।सातवां वेतन आयोग: बेस्ट कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए।समान काम, समान वेतन: निजी कंपनियों के तहत चलने वाली वेट-लीज बसों के अनुबंधित कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन और सुविधाएं दी जाएं।सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया: रिटायर्ड कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अन्य अंतिम फंड बकाये का तुरंत निपटारा किया जाए।बजट का विलय: बेस्ट के बजट को मुंबई महानगरपालिका के बजट के साथ जोड़ा जाए और प्रतिदिन के नुकसान की भरपाई के लिए वित्तीय सहायता दी जाए।आंदोलन का असर:यूनियन का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस विरोध प्रदर्शन के कारण मुंबई की सार्वजनिक बस सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 11:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 28,000 करोड़ रुपये की योजना से मुंबई की बदहाल बेस्ट बस सेवा की ‘कायापलट’ की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>घाटे में चल रहे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए 28,000 करोड़ रुपये की पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दे दी है. बेस्ट समिति की इस योजना का नाम ‘कायापलट’ है. इसका उद्देश्य पुराने बस डिपो को आधुनिक बनाना और उन्हें कमर्शियल और रिहायशी हब में बदलकर उनसे कमाई करना है. आर्थिक तंगी से जूझ रही बेस्ट मुंबई की प्रमुख जमीनों पर बने 27 में से 22 बस डिपो को आधुनिक बनाकर उन्हें मिश्रित उपयोग वाले शहरी केंद्रों में बदलना चाहती है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51186/mumbai-preparation-to-transform-mumbais-distressed-best-bus-service-with"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/69365758_202307587155.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>घाटे में चल रहे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए 28,000 करोड़ रुपये की पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दे दी है. बेस्ट समिति की इस योजना का नाम ‘कायापलट’ है. इसका उद्देश्य पुराने बस डिपो को आधुनिक बनाना और उन्हें कमर्शियल और रिहायशी हब में बदलकर उनसे कमाई करना है. आर्थिक तंगी से जूझ रही बेस्ट मुंबई की प्रमुख जमीनों पर बने 27 में से 22 बस डिपो को आधुनिक बनाकर उन्हें मिश्रित उपयोग वाले शहरी केंद्रों में बदलना चाहती है.</p>
<p> </p>
<p>बेस्ट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है. अब इसे मंजूरी के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम के पास भेजा जाएगा. इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे महाराष्ट्र सरकार के पास भेजा जाएगा. कायापलट योजना के तहत 132 एकड़ में फैले 22 डिपो को आधुनिक एकीकृत हब में बदला जाएगा, जिससे घाटे में चल रही संस्था को आमदनी होगी. बेस्ट के पास कुल 190 एकड़ में फैले 27 डिपो हैं.</p>
<p>बेस्ट पर 14,323 करोड़ रुपये की देनदारी है. 5,000 बसें चलाने के लिए उसे 13,561 करोड़ रुपये की जरूरत है. योजना के तहत 28,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे देनदारियां चुकाई जाएंगी, नई बसें खरीदी जाएंगी और कर्मचारियों से जुड़े खर्च भी पूरे किए जाएंगे. इससे पहले बेस्ट कुर्ला डिपो का पुनर्विकास कर चुकी है. वहीं धारावी और काला किला डिपो को धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए सौंपा गया है. अनिक और प्रतीक्षा नगर डिपो मेट्रो-11 कॉरिडोर के निर्माण के लिए दिए जा रहे हैं.</p>
<p>बेस्ट के एक अधिकारी ने दिप्रिंट से कहा, “इस पहल के तहत तैयार होने वाला सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर संस्था के लिए लंबे समय तक नियमित और स्थायी आय का स्रोत बनेगा. इस परियोजना के तहत एक समर्पित कॉर्पस फंड और एक रिकरिंग फंड बनाया जाएगा, जिससे संस्था की लंबी अवधि की वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी.”</p>
<p>उन्होंने कहा, “इस बदलाव की योजना से मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली बेस्ट को फिर से मजबूत बनाया जाएगा, ताकि यह आर्थिक रूप से सक्षम बन सके और यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सेवाएं दे सके.”</p>
<p>अधिकारी ने आगे कहा कि इस योजना से बेस्ट की आर्थिक मदद के लिए बीएमसी पर निर्भरता कम होगी, क्योंकि संस्था की अपनी कमाई का स्रोत तैयार होगा. मौजूदा वित्तीय वर्ष में बीएमसी ने बेस्ट को 1,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है. पहले चरण में बस डिपो और कर्मचारियों के क्वार्टरों को आधुनिक बनाया जाएगा. इसके बाद सार्वजनिक पार्किंग और सामाजिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा. यह पुनर्विकास डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल से किया जाएगा. जमीन का मालिकाना हक बेस्ट के पास ही रहेगा.</p>
<p>बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव के मुताबिक, मुंबई को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 7,000 बेस्ट बसों की जरूरत है. फिलहाल शहर में 2,792 बेस्ट बसें हैं. आबादी के हिसाब से मुंबई में करीब 12,000 बसें होनी चाहिए. अधिकारियों ने बताया कि बेस्ट ने 2026-27 के लिए 1,500 मिडी बसों का ऑर्डर दे दिया है. ये बसें चार चरणों में आएंगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:14:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुर्ला बेस्ट डिपो में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, इलेक्ट्रिक बसों में लगातार आ रही तकनीकी खामियों का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई के कुर्ला बेस्ट (BEST) डिपो में समिति के हालिया निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी और इलेक्ट्रिक बसों में लगातार आने वाली तकनीकी खराबियों का बड़ा खुलासा हुआ है। खराब रखरखाव, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्राइवरों की कमी के कारण बड़ी संख्या में बसें डिपो में ही खड़ी रहती हैं, जिससे शहर की परिवहन सेवा प्रभावित हो रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50285/lack-of-basic-facilities-in-kurla-best-depot-constant-technical"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/untitled-design-2026-06-16t211040.912.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>बेस्ट (BEST) समिति के सदस्यों द्वारा कुर्ला बेस्ट डिपो में किए गए एक निरीक्षण के दौरान गंभीर परिचालन और ढांचागत खामियां सामने आई हैं। समिति के सदस्य संतोष मेढेकर, संजय वाकोड़े और अजय सिंह की टीम ने डिपो का दौरा कर ड्राइवरों और कंडक्टरों से बातचीत की। इस दौरान कर्मचारियों ने बुनियादी सुविधाओं की दयनीय स्थिति और इलेक्ट्रिक बसों में बार-बार आ रही तकनीकी खराबियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की, जिसके बाद तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे कर्मचारी</strong></p>
<p dir="ltr">निरीक्षण के दौरान, डिपो कर्मचारियों ने विश्राम कक्ष (रेस्ट रूम), कैंटीन सेवा और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। कर्मचारियों ने बताया कि ये समस्याएं काफी लंबे समय से लंबित हैं और इसका सीधा असर उनके काम करने की स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>बसों में खराबी और रखरखाव की कमी</strong></p>
<p dir="ltr">जांच में यह बात सामने आई कि कई ओलेक्ट्रा (Olectra) इलेक्ट्रिक बसें पिछले कई महीनों से 'एयर प्रेशर लीक' की समस्या से जूझ रही हैं। कर्मचारियों के अनुसार बस नंबर 1024, 8611, 8545, 8605 समेत कई बसें नियमित रूप से खराब रहती हैं।</p>
<p dir="ltr">​कर्मचारियों ने निरीक्षण टीम को बताया, "लगातार शिकायतों के बावजूद समय पर रखरखाव और मरम्मत का काम नहीं किया जा रहा है।" इसका नतीजा यह है कि कई बसें रोजाना सेवा के लिए बाहर तो भेजी जाती हैं, लेकिन रास्ते में खराब होने के कारण उन्हें वापस डिपो लाना पड़ता है। इसके अलावा कई बसों के एयर कंडीशनर (AC) लंबे समय से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे चिलचिलाती गर्मी में यात्रियों और ऑपरेटिंग स्टाफ दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>चार्जिंग पॉइंट और ड्राइवरों की भारी कमी</strong></p>
<p dir="ltr">इस निरीक्षण ने डिपो में इलेक्ट्रिक बसों के लिए जरूरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की पोल भी खोल दी। डिपो में लगभग 75 ओलेक्ट्रा बसें खड़ी हैं, लेकिन उन्हें चार्ज करने के लिए मात्र 14 चार्जिंग पॉइंट ही उपलब्ध हैं। इसके चलते बसों की चार्जिंग में काफी देरी होती है और सड़कों पर कम बसें उतर पाती हैं। वहीं, एक अन्य कंपनी की करीब 20 इलेक्ट्रिक बसों के लिए केवल 2 चार्जिंग गन काम कर रही हैं।</p>
<p dir="ltr">​इसके साथ ही जनशक्ति (Manpower) की कमी का मुद्दा भी सामने आया। कर्मचारियों का दावा है कि ड्राइवरों की भारी कमी के कारण लगभग आधी बसें डिपो में ही धूल फांक रही हैं।</p>
<p dir="ltr">​समिति के सदस्य अजय सिंह ने संबंधित अधिकारियों और बस निर्माता कंपनियों से इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई के यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए बसों का उचित रखरखाव और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देना अत्यंत आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 21:35:50 +0530</pubDate>
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