<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/1815/coin" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Coin - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/1815/rss</link>
                <description>Coin RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>माहिम में वैष्णोदेवी माता का सिक्का देने के नाम पर धोखाधड़ी !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">माहिम पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता माहिम में अपनी बुजुर्ग बहन के साथ रहते हैं और उन्हें पुराने सिक्के इकट्ठा करने का शौक है। 26 जून को उन्होंने फेसबुक पर संजीव कुमार नाम के एक व्यक्ति का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में वैष्णो देवी की तस्वीर वाले पांच रुपए के सिक्के को 9 लाख रुपए देने का दावा किया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/33005/fraud-in-the-name-of-giving-vaishnodevi-mata-coin-in-mahim"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-08/9ffff.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> माहिम पुलिस ने वैष्णोदेवी माता की तस्वीर वाला सिक्का हांसिल करने के लिए साढ़े आठ लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता 78 वर्षीय सीनियर सिटीजन हैं, जिन्हें पुराने सिक्के इकट्ठा करने का शौक है। उन्हें सिक्के का दाम 9 लाख रुपए बताया गया था। मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">माहिम पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता माहिम में अपनी बुजुर्ग बहन के साथ रहते हैं और उन्हें पुराने सिक्के इकट्ठा करने का शौक है। 26 जून को उन्होंने फेसबुक पर संजीव कुमार नाम के एक व्यक्ति का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में वैष्णो देवी की तस्वीर वाले पांच रुपए के सिक्के को 9 लाख रुपए देने का दावा किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने संजीव कुमार से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क किया और उन्होंने कहा कि सिक्का 9 लाख रुपए में मिलेगा। शिकायतकर्ता द्वारा सिक्का खरीदने और फिर से बेचने के लिए सहमत होने के कुछ दिनों बाद, संजीव कुमार ने उनका आधार कार्ड और फोटो मांगा। फिर उसने उनसे जीएसटी पंजीकरण के लिए कुछ राशि भेजने को कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपी ने शिकायतकर्ता को ट्रांसफर एग्रीमेंट, सेल्स टैक्स, रिटर्न फाइलिंग, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, जीपीएस, टीडीएस और इंश्योरेंस जैसे कई दस्तावेज भेजे। इन सभी दस्तावेजों के लिए शिकायतकर्ता को अलग-अलग बैंक खातों में भुगतान करने के लिए कहा गया। समय खातों कर के साथ, शिकायतकर्ता ने विभिन्न बैंक में कुल आठ लाख अट्ठावन लाख जमा दिए। यह रकम भेजने के बावजूद संजीव कुमार ने वैष्णो देवी की तस्वीर वाला पांच रुपये का सिक्का नहीं भेजा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/33005/fraud-in-the-name-of-giving-vaishnodevi-mata-coin-in-mahim</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/33005/fraud-in-the-name-of-giving-vaishnodevi-mata-coin-in-mahim</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Aug 2024 14:59:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2024-08/9ffff.jpg"                         length="35039"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने सवालों का जवाब नहीं मिलने पर रिजर्व बैंक को फटकार लगाई , नोटों और सिक्कों के फीचर्स बार-बार क्यों बदलता रहता है?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबईः केंद्र सरकार ने कई करेंसी नोंटों और सिक्कों के स्वरूप में बदलाव किये हैं। सरकार का तर्क ये है कि इससे करेंसी के जाली प्रयोग में लगाम लगती है। लेकिन इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रतिकुल टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि करेंसी नोटों और सिक्कों का आकार प्रकार बदलना प्राय: ठीक नहीं होता क्योंकि जो लोग नहीं देख सकते उन्हें नोटों और सिक्कों का आकार प्रकार समझने में सालों का वक्त लग सकता है।</p> <p>चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीड ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कहा है कि वह दो सप्ताह में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/1681/the-bombay-high-court-reprimanded-the-reserve-bank-for-not-answering-its-questions-why-do-the-features-of-notes-and-coins-change-frequently"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2019-08/images-28.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबईः केंद्र सरकार ने कई करेंसी नोंटों और सिक्कों के स्वरूप में बदलाव किये हैं। सरकार का तर्क ये है कि इससे करेंसी के जाली प्रयोग में लगाम लगती है। लेकिन इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रतिकुल टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि करेंसी नोटों और सिक्कों का आकार प्रकार बदलना प्राय: ठीक नहीं होता क्योंकि जो लोग नहीं देख सकते उन्हें नोटों और सिक्कों का आकार प्रकार समझने में सालों का वक्त लग सकता है।</p> <p>चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीड ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कहा है कि वह दो सप्ताह में बताया कि ये बदलाव प्राय: क्यों कर दिये जाते हैं। इस मामले में कोर्ट नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें दावा किया गया है कि नई करेंसी और सिक्के को लेकर उन लोगों को बहुत मुश्किल आती है जो देख नहीं सकते। अदालत ने गत एक अगस्त को इस मामले में आरबीआई को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा था।</p> <p>गुरुवार को हुई सुनवाई में आरबीआई ने कहा कि उसे आंकड़े जमा करने के लिये और समय चाहिये। इस पर कोर्ट ने बताया कि वह केवल यह जानना चाहती है कि रंग और आकार और दूसरी चीजें बदलने की वजह क्या है। खंडपीठ ने कहा कि आरबीआई का दावा है कि नई करेंसी के नोट जारी करने और पुरानी के स्वरूप में बदलाव की वजह जाली मुद्रा का चलन है। हालांकि नोटबंदी के बाद से आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि इस दावे में कोई सचाई नहीं हैं क्योंकि सभी मुद्रित नोट वापस आ चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/1681/the-bombay-high-court-reprimanded-the-reserve-bank-for-not-answering-its-questions-why-do-the-features-of-notes-and-coins-change-frequently</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/1681/the-bombay-high-court-reprimanded-the-reserve-bank-for-not-answering-its-questions-why-do-the-features-of-notes-and-coins-change-frequently</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Aug 2019 16:54:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2019-08/images-28.jpeg"                         length="35604"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        