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                <title>real - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई : नाबालिग की पहाड़ी से धक्का देकर हत्या: आरोपी गिरफ्तार; क्या दोहराया गया 'सिया-केतन' जैसा हत्याकांड?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के कांदिवली पूर्व स्थित समतानगर इलाके में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी डिलीवरी बॉय सूरज मारुति वाघमारे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर युवती को पहाड़ी से धक्का देकर उसकी हत्या की। तकनीकी साक्ष्यों, खुफिया इनपुट और वैज्ञानिक जांच की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50697/accused-arrested-for-murdering-mumbai-minor-by-pushing-her-from"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/dfsds.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के कांदिवली पूर्व स्थित समतानगर इलाके में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी डिलीवरी बॉय सूरज मारुति वाघमारे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर युवती को पहाड़ी से धक्का देकर उसकी हत्या की। तकनीकी साक्ष्यों, खुफिया इनपुट और वैज्ञानिक जांच की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया।  </p>
<p> </p>
<p>मुंबई के कांदिवली पूर्व स्थित समतानगर इलाके में एक नाबालिग लड़की की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि युवती के साथ रिश्ते में रहे एक डिलीवरी बॉय ने उसे पहाड़ी से धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने घटना के करीब 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।  </p>
<p><strong>आखिर पुलिस को घटनास्थल पर क्या मिला?</strong><br />पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह दामूनगर के पीछे स्थित पहाड़ी क्षेत्र में एक किशोरी का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही समतानगर पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की बारीकी से जांच कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।<br />मृतका की पहचान कैसे हुई और शक की सुई किस पर गई?</p>
<p>जांच के दौरान पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ, गुमशुदगी के रिकॉर्ड की जांच और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इन प्रयासों के बाद मृतका की पहचान हुई। जांच में यह भी सामने आया कि किशोरी का सूरज मारुति वाघमारे नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। इसके बाद पुलिस ने उसी दिशा में जांच आगे बढ़ाई।</p>
<p><strong>आरोपी तक पुलिस आखिर कैसे पहुंची?</strong><br />तकनीकी जानकारी और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की तलाश शुरू की। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर युवक को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है।</p>
<p><strong>हत्या की असली वजह क्या थी?</strong><br />फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी। शुरुआती जांच में अभी तक हत्या के कारण का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। यह भी जांच की जा रही है कि वारदात पहले से बनाई गई साजिश का हिस्सा थी या किसी विवाद के बाद अचानक हुई।</p>
<p><strong>24 घंटे में पुलिस ने कैसे सुलझाई गुत्थी?</strong><br />डीसीपी गजानन राजमाने ने बताया कि घटनास्थल से मिले सबूत, तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं की मदद से पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पूछताछ पूरी होने के बाद हत्या के पीछे की पूरी कहानी सामने लाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 10:15:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : लोग तय करेंगे कि मैं रील्स स्टार हूं या रियल स्टार - मेयर रितु तावड़े</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की मेयर रितु तावड़े ने मुंबई में पिछले हफ्ते बारिश और समुद्र हाई टाइड के बीच कोस्टल रोड के वीडियो पर ट्रोल किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है। मेयर रितु तावड़े ने कहा है कि वह समुद्र में ऊंची लहरों के उठने के अलर्ट के वह कोस्टल रोड के विजिट पर गई थीं। यह कदम मुंबई के लोगों के प्रति उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा था और साफ किया कि वह 'रील्स स्टार' बनने के लिए वहां नहीं गई थीं। गौरतलब हो कि कोस्टल रोड के विजिट में मेयर रितु तावड़े ने वहां रेलिंग पर बैठे एक कपल को हटाया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद उन्हें ट्रोल किया जा रहा था। खुद आदित्य ठाकरे ने हमला बोला था।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50695/mumbai-people-will-decide-whether-i-am-a-reels-star"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-12t100759.998.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की मेयर रितु तावड़े ने मुंबई में पिछले हफ्ते बारिश और समुद्र हाई टाइड के बीच कोस्टल रोड के वीडियो पर ट्रोल किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है। मेयर रितु तावड़े ने कहा है कि वह समुद्र में ऊंची लहरों के उठने के अलर्ट के वह कोस्टल रोड के विजिट पर गई थीं। यह कदम मुंबई के लोगों के प्रति उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा था और साफ किया कि वह 'रील्स स्टार' बनने के लिए वहां नहीं गई थीं। गौरतलब हो कि कोस्टल रोड के विजिट में मेयर रितु तावड़े ने वहां रेलिंग पर बैठे एक कपल को हटाया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद उन्हें ट्रोल किया जा रहा था। खुद आदित्य ठाकरे ने हमला बोला था।</p>
<p> </p>
<p><strong>कोस्टल रोड के वीडियो पर बोलीं रितु तावड़े </strong><br />अब मुंबई में बारिश थमने और हालात सामान्य होने के बाद रितु तावड़े ने ट्रोल करने वाले लोगों को जवाब देते हुए कहा है कि मुंबई के लोग तय करेंगे कि मैं रील्स स्टार हूं या रियल स्टार। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उनके काम के पीछे लोगों की सुरक्षा की चिंता थी, न कि पब्लिसिटी। रितु तावड़े ने इस पूरे मुद्दे पर बोलते हुए कहा है कि मुझे इस बात पर ट्रोल किया गया कि मेयर कोस्टल रोड पर क्या कर रही थीं। मैं कोस्टल रोड पर इसलिए गई क्योंकि मैंने छोटे बच्चों को रेलिंग के किनारे बैठे देखा। समुद्र की लहरें इतनी ऊंची थीं कि वे उन बच्चों को बहा ले जा सकती थीं। इसीलिए मैं वहां नीचे गई। रितु तावड़े ने कहा कि मुंबई की मेयर और मुंबई की एक सेवक के तौर पर मैं अपने साथी मुंबईकरों के लिए वहां गई थी। मैं वहां कोई 'रील्स स्टार' बनने नहीं गई थी। इसीलिए मैंने कहा कि मुंबईकर ही तय करेंगे कि मैं 'रील्स स्टार' हूं या 'रियल स्टार'। यह तय करने का हक किसी और को नहीं है।</p>
<p><strong>मैं जमीनी स्तर की कार्यकर्ता हूं...</strong><br />रितु तावड़े ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा है कि शहर के सबसे ऊंचे नागरिक पद पर होने के बावजूद भी मैं खुद को जमीनी स्तर की कार्यकर्ता ही मानती हूं। तावड़े ने कहा कि मैं लगातार काम करते हुए मैं कॉरपोरेटर बनी और वहां से मेयर के तौर पर सेवा करने के मुकाम तक पहुंची। मेरे अंदर का कार्यकर्ता हमेशा बाहर आएगा क्योंकि मैंने हमेशा जन-आंदोलनों और सड़कों पर उतरकर काम किया है। जो लोग मुझे जानते हैं, वे सब यह बात जानते हैं। रितु तावड़े ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी, लेकिन साल 2012 में वह भाजपा में शामिल हो गईं। वह घाटकोपर क्षेत्र से लगातार तीन बार अलग-अलग वार्डों से नगर निगम पार्षद (कॉर्पोरेटर) चुनी जा चुकी हैं। उन्होंने पहली बार 2012 (वार्ड 127), दूसरी बार 2017 (वार्ड 121) और तीसरी बार 2025 के बीएमसी चुनाव (वार्ड 132) में शानदार जीत हासिल की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 10:08:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई से बॉलीवुड तक था जलवा; कौन था असली मटका किंग? ओटीटी पर धूम </title>
                                    <description><![CDATA[<p>70 के दशक पूरे देश में एक अजीब से सट्टे के लिए पागल हो रहा था. तकरीबन हर कोई सट्टे पर पैसा लगा रहा था. मुंबई का मटका सट्टा. पहले एक ओपन नंबर निकलता था और फिर क्लोज. रकम दांव पर लगाने वालों को एक पर्ची मिलती थी. जिसमें उसके लगाए नंबर और दांव लगाई रकम लिखी होती थी. और कुछ नहीं. जीते तो 9 गुना रकम मिलती थी. देश में जिस जगह लैंडलाइन फोन था, वहां इस सट्टे का जलवा था. इसका किंग था रतन खत्री. बंटवारे में पाकिस्तान से उजड़ कर मुंबई आया एक नौजवान. सच में उसकी कहानी रंक से राजा बनने की जीती जागती मिसाल है. उसने हजारों करोड़ रुपए. बॉलीवुड में उसका जलवा था.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49359/there-was-magic-from-mumbai-to-bollywood-who-was-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-21t140448.169.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>70 के दशक पूरे देश में एक अजीब से सट्टे के लिए पागल हो रहा था. तकरीबन हर कोई सट्टे पर पैसा लगा रहा था. मुंबई का मटका सट्टा. पहले एक ओपन नंबर निकलता था और फिर क्लोज. रकम दांव पर लगाने वालों को एक पर्ची मिलती थी. जिसमें उसके लगाए नंबर और दांव लगाई रकम लिखी होती थी. और कुछ नहीं. जीते तो 9 गुना रकम मिलती थी. देश में जिस जगह लैंडलाइन फोन था, वहां इस सट्टे का जलवा था. इसका किंग था रतन खत्री. बंटवारे में पाकिस्तान से उजड़ कर मुंबई आया एक नौजवान. सच में उसकी कहानी रंक से राजा बनने की जीती जागती मिसाल है. उसने हजारों करोड़ रुपए. बॉलीवुड में उसका जलवा था.</p>
<p> </p>
<p>मटका किंग रतन खत्री की कहानी गजब की है. कैसे उसने ये सट्टा शुरू किया, कैसे भारत के सबसे बड़े अवैध जुआ साम्राज्य का संस्थापक बना. रतन खत्री 1960 के दशक में मुंबई में एक कपड़ा व्यापारी के यहां काम करता था. फिर वो एक सट्टा खिलाने वाले से जुड़ा. फिर अलग होकर अपना बड़ा एंपायर बनाया. </p>
<p><strong>बंटवारे में पाकिस्तान से मुंबई आया</strong><br />रतन खत्री का जन्म लगभग 1932 में कराची में एक सिंधी हिंदू परिवार में हुआ था. 1947 के विभाजन के समय वह परिवार के साथ मुंबई आ गया. तब वह किशोर ही था. खत्री ने टेक्सटाइल मिलों और बाजारों में काम शुरू किया. मुंबई में उस समय कपड़ा मिलों, कपास कारोबार का बोलबाला था. न्यू यॉर्क कॉटन एक्सचेंज से आने वाले भावों से रोज बाजार ऊपर नीचे होता था. लोग इन भावों पर भी दांव लगाते थे.   </p>
<p>साधारण जिंदगी के शुरुआती सालों में रतन खत्री मिल वर्करों और छोटे व्यापारियों के बीच घुल-मिल चुका था. वह बेशक कपड़ा बाजार में काम करता लेकिन जल्द ही कॉटन एक्सचेंज के नंबरों पर सट्टा लगाने लगा, तब बांबे में बहुत से लोग ऐसा करते थे. ये आंकड़ा जुआं कहलाता था. रतन की गिनती बुद्धि तेज थी. उन्हीं दिनों वो कल्याणजी भगत के संपर्क में आया, जो वर्ली मटका चलाता था. </p>
<p><strong>रिफ्यूजी से छोटा सट्टेबाज</strong><br />कल्याणजी ने मटका की शुरुआत की थी. वह मटका में ताश के सारे पत्तों को डालकर नंबर निकालता था. रतन उसके साथ काम करने लगे. अभी उसकी जिंदगी मामूली ही थी. ये कह सकते हैं कि ऱिफ्यूजी से वह छोटा सट्टेबाज बन गया था. <br />यूं शुरू हुआ मटका किंग बनने का सफर<br />1962 के आसपास जीवन में मोड़ आया. रतन के दोस्तों ने उससे अपना सिंडिकेट शुरू करने को कहा. कल्याणजी के साथ थोड़े मतभेद के बाद रतन ने 1964 में अपना ‘रतन मटका’ या ‘मेन बाजार मटका’ शुरू किया. बस यहीं से उसका ‘मटका किंग’ बनना का सफर शुरू हुआ. वह इस मामले में अलग था कि उसने इस खेल को पारदर्शी बनाया. पहले नंबर गुप्त तरीके से निकलते थे, रतन ने सार्वजनिक ड्रॉ शुरू किए. <br />कहा जाता है कि एक बार वो मुंबई पुलिस कमिश्नर के दफ्तर गया. क्राइम रिपोर्टरों को साथ लिया. ज़वेरी बाजार ले गया. वहां मटके में कार्ड डाले गए, तीन नंबर निकाले गए. रिपोर्टरों ने खुद कार्ड निकाले. यह तरीका तुरंत हिट हो गया. लोग विश्वास करने लगे -‘रतन मटका’ में धांधली नहीं होती. उसने दो चीजें जोड़ीं – समय की पाबंदी और भरोसा. सुबह-शाम दो ड्रॉ, फोन से नंबर पूरे मुंबई, गुजरात, यहां तक कि दुबई-लंदन तक पहुंचाए जाते थे. टेलीफोन लाइन जहां जाती, मटका सट्टा कारोबार वहां फैल जाता. </p>
<p><strong>70 के दशक में रोजाना एक करोड़ रु का टर्नओवर</strong><br />1970 के दशक तक रोजाना टर्नओवर एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया. गरीब मिल मजदूर से लेकर अमीर व्यापारी, फिल्मी हस्तियां और नेता तक सब दांव लगाते. रतन ने मटका को एलीट क्लब से आम आदमी का खेल बना दिया. <br />रतन ने अपनी निजी जिंदगी को जुए के कारोबार से अलग रखा. इसी वजह से पब्लिक डोमेन में उसके परिवार, शादी और बच्चों का कोई जिक्र नहीं मिलता. रतन की जिंदगी मुख्य तौर पर नंबर्स, कारोबार और मुंबई की अंडरवर्ल्ड की थी. </p>
<p><strong>फिल्म भी बनाई</strong><br />कारोबार फैलने के साथ रतन ने फिल्मों में भी कदम रखा. 1976 में उसने रंगीला रतन फिल्म प्रोड्यूस की, जिसमें ऋषि कपूर, परवीन बाबी और अशोक कुमार थे. रतन ने खुद छोटा रोल किया. ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में लिखा कि रतन कभी-कभी उन्हें या अशोक कुमार को फोन करके कार्ड चुनने को कहते. वह नंबर मुंबई में ‘लकी नंबर’ बन जाता. यह उसका बॉलीवुड कनेक्शन था. </p>
<p><strong>क्यों बंद किया मटका सट्टा धंधा</strong><br />1975-77 की इमरजेंसी के दौरान रतन को 19 महीने जेल हुई. जेल से निकलकर वो फिर सक्रिय हुआ. लेकिन 1990 के दशक में पुलिस छापे, राज्य लॉटरी और अन्य सट्टेबाजी के विकल्पों ने मटका को कमजोर किया. 1993 में आखिरी तूफान आया. वो परिवार के साथ लंदन छुट्टी मनाने जा रहा था. जब वो एयरपोर्ट पहुंचा तो पता लगा कि उसका नाम नो-फ्लाई लिस्ट में डाल दिया गया. परिवार और लोगों के सामने उसकी बहुत बेइज्जती हुई. बस इसके बाद उसने मटका बंद करने का फैसला किया. बाद में महालक्ष्मी रेसकोर्स पर घोड़ों पर छोटे-मोटे दांव लगाता रहा. </p>
<p><strong>फिल्म फाइनेंशिंग और डिस्ट्रीब्यूशन</strong><br />1990 के दशक में रतन ने फिल्म फाइनेंशिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में हाथ आजमाया, लेकिन मुख्य कारोबार खत्म हो चुका था. 9 मई 2020 को 88 साल की उम्र में मुंबई में घर में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:05:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई: BMC में 122 इंजीनियरों के ट्रांसफर कैंसिल; भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद एडमिनिस्ट्रेशन का यू-टर्न, असली मामला क्या है?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने आखिरकार 122 इंजीनियरों के ट्रांसफर कैंसिल कर दिए हैं। यह फैसला ट्रांसफर में कथित गड़बड़ियों और 'ट्रांसफर मार्केट' के आरोपों की वजह से लिया गया। खास बात यह है कि ये ट्रांसफर अक्टूबर 2025 में किए गए थे, लेकिन उसके बाद शिकायतों, आपत्तियों और जांच की मांगों की वजह से पूरा प्रोसेस विवादों में घिर गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49287/transfer-cancellation-of-122-engineers-in-mumbai-bmc-u-turn-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t133131.930.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने आखिरकार 122 इंजीनियरों के ट्रांसफर कैंसिल कर दिए हैं। यह फैसला ट्रांसफर में कथित गड़बड़ियों और 'ट्रांसफर मार्केट' के आरोपों की वजह से लिया गया। खास बात यह है कि ये ट्रांसफर अक्टूबर 2025 में किए गए थे, लेकिन उसके बाद शिकायतों, आपत्तियों और जांच की मांगों की वजह से पूरा प्रोसेस विवादों में घिर गया था। मेयर रितु तावड़े के मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई की मांग करने के बाद एडमिनिस्ट्रेशन ने यह कदम उठाया। मामला एडिशनल कमिश्नर अविनाश ढकने को भेजा गया और आखिरकार 122 इंजीनियरों के ट्रांसफर ऑर्डर कैंसिल करने का फैसला किया गया।</p>
<p> </p>
<p>RTI एक्टिविस्ट अनिल गलगली और BJP शहर अध्यक्ष अमित साटम ने इन ट्रांसफर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराई थीं। उसके बाद, उस समय के कमिश्नर भूषण गगरानी ने इन ट्रांसफर पर रोक लगा दी थी। अब उन ट्रांसफर को पूरी तरह से कैंसिल कर दिया गया है। इस फैसले ने एक बार फिर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में ट्रांसफर प्रोसेस की ट्रांसपेरेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस फैसले को जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इतनी बड़ी संख्या में ट्रांसफर रद्द होने को एडमिनिस्ट्रेशन में गड़बड़ियों की बात मानी जा रही है। इस बीच, यह भी मांग उठ रही है कि आगे की ट्रांसफर प्रक्रिया एक इंडिपेंडेंट और ट्रांसपेरेंट कमेटी के ज़रिए लागू की जाए। BMC में कथित 'ट्रांसफर मार्केट' का मुद्दा अब गरमाने लगा है।</p>
<p>मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में इंजीनियरों के ट्रांसफर आखिरकार रद्द कर दिए गए हैं। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद छह महीने पहले सस्पेंड किए गए 122 से ज़्यादा सिविल इंजीनियरों के ट्रांसफर को म्युनिसिपैलिटी ने ऑफिशियली रद्द कर दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से म्युनिसिपैलिटी में कथित 'ट्रांसफर मार्केट' को बड़ा झटका लगा है।</p>
<p><strong>असली मामला क्या है?</strong><br />अक्टूबर 2025 में मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 122 इंजीनियरों के ट्रांसफर के ऑर्डर जारी किए गए थे। हालांकि, RTI एक्टिविस्ट अनिल गलगली और BJP मुंबई स्टेट प्रेसिडेंट अमित साटम ने आरोप लगाया था कि इन ट्रांसफर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और पैसे का लेन-देन हुआ था। इन शिकायतों पर ध्यान देते हुए, उस समय के म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी ने तुरंत इन ट्रांसफर पर रोक लगा दी थी। इस हफ़्ते जारी म्युनिसिपल ऑर्डर में कहा गया, "अक्टूबर 2025 में शुरू किए गए 122 इंजीनियरों के ट्रांसफर के ऑर्डर अब कैंसल किए जा रहे हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:32:56 +0530</pubDate>
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