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                <title>dreams - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>dreams RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> मुंबई, जिसकी हवा में कभी समंदर की नमकीन ताजगी और सपनों की महक हुआ करती थी, आज बीमारियों का शहर!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">केईएम, सायन, नायर सहित कई सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों सांस संबंधी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। हर दूसरे घर में कोई न कोई लगातार खांसी, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा या एलर्जी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। शहर को सुंदर बनाने की योजनाओं के बीच लोगों की सेहत पर बढ़ता खतरा चिंता का विषय बन गया है। सवाल उठ रहा है कि यदि लोगों को स्वच्छ हवा ही न मिले, तो विकास का क्या अर्थ रह जाता है।<br />मुंबईकरों का सवाल – यह विकास है या विनाश?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50922/mumbai-whose-air-once-had-the-salty-freshness-of-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/daf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई, जिसकी हवा में कभी समंदर की नमकीन ताजगी और सपनों की महक हुआ करती थी, आज उसी शहर की हवा में प्रदूषण घुल चुका है। सपनों का शहर कहलाने वाली मुंबई अब कंक्रीट का ऐसा जंगल बन चुकी है, जहां सांस लेना भी चुनौती बन गया है। सुंदर मुंबई और वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के दावों के बीच आम मुंबईकर बीमारियों की मार झेल रहा है। चारों ओर उड़ती धूल, बेहिसाब निर्माण कार्य, उखड़ी सड़कें और धुएं के गुबार ने शहर के आसमान को धुंधला कर दिया है। जो शहर कभी रुकता नहीं था, आज वही मुंबई खांसते-खांसते हांफ रही है।<br /><br />शहर के कोने-कोने में चल रहे रीडेवलपमेंट, कोस्टल रोड, मेट्रो परियोजनाओं और तेजी से बढ़ते निर्माण कार्यों ने मुंबई की हवा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। नियम-कायदों की अनदेखी और हरित आवरण की कमी के बीच हो रहे निर्माण कार्यों ने वायु गुणवत्ता को चिंताजनक स्तर पर पहुंचा दिया है। मनपा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मुंबईकर हर दिन प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।<br /><br />केईएम, सायन, नायर सहित कई सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों सांस संबंधी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। हर दूसरे घर में कोई न कोई लगातार खांसी, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा या एलर्जी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। शहर को सुंदर बनाने की योजनाओं के बीच लोगों की सेहत पर बढ़ता खतरा चिंता का विषय बन गया है। सवाल उठ रहा है कि यदि लोगों को स्वच्छ हवा ही न मिले, तो विकास का क्या अर्थ रह जाता है।<br />मुंबईकरों का सवाल – यह विकास है या विनाश?</p>
<p>गिरगांव निवासी रवींद्र सावंत कहते हैं, ‘हमने अपनी पूरी जिंदगी मुंबई में बिताई है। पहले समंदर की हवा में ताजगी होती थी, लेकिन अब खिड़की खोलते ही घर में धूल की परत जम जाती है। नाती-पोतों को बाहर खेलने भेजने में डर लगता है।’ वहीं, कुर्ला निवासी सुनीता पाटील का कहना है, ‘अब डॉक्टर के यहां जाना राशन की दुकान जाने जैसा हो गया है। हर महीने बच्चों की नेबुलाइजर और दवाइयों पर हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं। क्या हमें इसी स्मार्ट मुंबई का सपना दिखाया गया था?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:09:03 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : मायानगरी में गहरा रहा सांसों पर संकट, मुंबई का AQI पहुंचा 'बहुत खराब' स्थिति में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हमेशा तेज़ी और हलचल से भरा रहता है, इन दिनों बढ़ते प्रदूषण की वजह से चिंता में है। सुबह की हल्की धुंध में घुली धूल और धुएं ने शहर की हवा को इतना भारी कर दिया है कि लोग बाहर निकलने से पहले सोच रहे हैं। मुंबई की सड़कों, समुद्र किनारों और बाजारों में हवा में मौजूद धूलकण साफ महसूस किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों की माने तो यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो लोगों में सांस की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45809/breathing-crisis-deepens-in-mumbai-city-mumbais-aqi-reaches-very"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-27t181319.792.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>हमेशा तेज़ी और हलचल से भरा रहता है, इन दिनों बढ़ते प्रदूषण की वजह से चिंता में है। सुबह की हल्की धुंध में घुली धूल और धुएं ने शहर की हवा को इतना भारी कर दिया है कि लोग बाहर निकलने से पहले सोच रहे हैं। मुंबई की सड़कों, समुद्र किनारों और बाजारों में हवा में मौजूद धूलकण साफ महसूस किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों की माने तो यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो लोगों में सांस की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। </p>
<p> </p>
<p>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 27 नवंबर 2025 की सुबह 08:59 बजे AQI 303 दर्ज किया गया, जो हवा को 'बहुत खराब' श्रेणी में रखता है। यह स्तर इतना खराब है कि सामान्य लोगों से लेकर पहले से बीमार नागरिकों तक, सभी के स्वास्थ्य पर असर देखने को मिल सकता है। बादलों की मौजूदगी, धीमी हवा और बढ़ती धूल ने हवा को और भी भारी बना दिया है।</p>
<p>हवा में लगातार बढ़ रहा ज़हर दिल्ली की तरह मुंबई में भी पिछले कुछ हफ्तों से वायु प्रदूषण का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है। शहर के कई इलाकों में सुबह हल्की धुंध दिखाई दी, और हवा में धूलकणों की मात्रा सामान्य से काफी अधिक रही। PM 2.5 और PM 10 दोनों ही 'खराब' श्रेणी में पहुँच चुके हैं, जिसका असर सबसे पहले फेफड़ों और आंखों पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर की हवा में थोड़ी देर रहने पर भी गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और थकान महसूस हो सकती है।</p>
<p>स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ा 'बहुत खराब' श्रेणी के प्रदूषण में केवल बीमार लोग ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में सांस फूलने की समस्या बढ़ सकती है। हृदय और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीजों पर इसका असर कई गुना ज्यादा होता है। जो लोग सुबह व्यायाम करते हैं, उनके लिए यह हवा बेहद जोखिम भरी हो सकती है। डॉक्टरों ने साफ कहा है कि बाहर निकलना हो तो N95 मास्क जरूर लगाएं और लंबे समय तक खुले में न रहें। एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।</p>
<p>निर्माण कार्य बने प्रदूषण की बड़ी वजह मुंबई में होने वाली लगातार निर्माण गतिविधियाँ प्रदूषण में प्रमुख योगदान दे रही हैं। BMC ने प्रदूषण फैलाने वाली जगहों पर कारवाही तेज कर दी है: कई निर्माण स्थलों, RMC प्लांट्स को नोटिस भेजे गए हैं। धूल को रोकने के लिए पानी छिड़कना, नेट लगाना और सामग्री को ढककर रखना अनिवार्य किया गया है। बीएमसी ने बिल्डरों को साफ चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना और काम बंद करने की कार्रवाई होगी। मौसम बना 'दुश्मन', राहत मुश्किल IMD का कहना है कि हवाओं की गति बेहद धीमी है, जिससे हवा में मौजूद प्रदूषक फैलने के बजाय वहीं जमा हो रहे हैं। तापमान नीचे आने और बादलों की मौजूदगी ने भी हालात को और खराब कर दिया है। अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता में खास सुधार की उम्मीद नहीं है, यानी शहर को अभी प्रदूषण के इस दौर से गुजरना होगा। क्या करना चाहिए? बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें। बाहर निकलने पर केवल N95 या N99 मास्क का इस्तेमाल करें। सड़कों, चौराहों और निर्माण स्थलों के पास जाना कम करें। घर में वेंटिलेशन सीमित रखें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 18:14:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ठाकरे ने भरी हुंकार... 'महाराष्ट्र के जनता का पूरा समर्थन, बदनाम करने वाले सपने में देखते हैं' </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नाम का जिक्र आते ही शिवसेना के दो-फाड़ होने का जिक्र स्वाभाविक हो जाता है। करीबी सहयोगी एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई और अब उद्धव नए सिरे से दल और समर्थकों को एजजुट करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/27507/thackeray-roared-----complete-support-of-the-people-of-maharashtra--those-who-defame-them-only-see-it-in-dreams"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/download-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>महाराष्ट्र की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नाम का जिक्र आते ही शिवसेना के दो-फाड़ होने का जिक्र स्वाभाविक हो जाता है। करीबी सहयोगी एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई और अब उद्धव नए सिरे से दल और समर्थकों को एजजुट करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ताजा घटनाक्रम में उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उन्हें महाराष्ट्र की जनता का पूरा समर्थन हासिल है। उन्होंने आलोचकों को आड़े हाथ लिया और कहा कि वह बदनाम करने वाले लोगों के सपने में आते हैं। ठाकरे ने रविवार को पश्चिमी मुंबई के बांद्रा में अपने समर्थकों को संबोधित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने आवास- मातोश्री में समर्थकों से मुखातिब उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता से मिलने वाला प्यार और स्नेह पैसे से खरीदा नहीं जा सकता। उन्हें बदनाम करने वाले आलोचकों को भी यह बात पता है। पार्टी के दो गुटों में बंटने के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे या UBT) के मुखिया उद्धव ने कहा कि भले ही उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न और नाम दूसरे खेमे के पास है, लेकिन प्रदेश की जनता उनके साथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि ठाणे जिले के उल्हासनगर को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ माना जाता है। कभी उद्धव के करीबी रहे शिंदे की बगावत के बाद करीब डेढ़ साल पहले शिवसेना दो-फाड़ हो गई। हाल ही में कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे का दामन थामा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बगावत के बाद शिवसेना (यूबीटी) में लौटे नेताओं का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि आगे बड़ी राजनीतिक लड़ाई है लेकिन सभी वफादारों और समर्थकों के एकजुट रहने पर कड़े संघर्ष के बाद जीत पाई जा सकती है। उन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर भी बात की। उद्धव ठाकरे ने कहा, अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दिन वह नासिक के कालाराम मंदिर में पूजा करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">गोदावरी नदी के तट पर 'महा आरती' का आयोजन भी किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि वह कल्याण लोकसभा सीट का दौरा करेंगे। बता दें कि इस सीट से सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे प्रतिनिधित्व करते हैं। गौरतलब है कि ठाकरे का बयान लगभग दो महीने के बाद होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर काफी अहम माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि शिंदे और कई विधायकों के विद्रोह के बाद जून, 2022 में शिवसेना दो गुटों में विभाजित हो गई थी। इसके बाद ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई। शिवसेना पद दावा ठोका गया। उद्धव खेमे का दावा खारिज हुआ और चुनाव आयोग द्वारा शिंदे खेमे को 'शिवसेना' नाम और 'धनुष और तीर' का चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया। इसके बाद उद्धव की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) नाम से जानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jan 2024 18:28:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>धारावी की रहने वाली यह लड़की भरेगी सपनों की उड़ान...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>धारावी में रहने वाली नद्रत की जिद जुनून और उत्साह ने पायलट बनने का उनका रास्ता साफ कर दिया। नद्रत ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान के बारे में इंटरनेट पर सर्च किया और एंट्रेंस एग्जाम भी दिया। उन्होंने कहा कि एंट्रेंस एग्जाम में मेरे बहुत बढ़िया नंबर आए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/27480/this-girl-from-dharavi-will-fly-the-flight-of-dreams"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/download-(8)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों... इस कहावत को एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती 'धारावी' में रहने वाली नद्रत ने चरितार्थ कर दिया... नद्रत की जिद, जुनून और उत्साह ने पायलट बनने का रास्ता साफ कर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी सिद्ध कर दिया कि लड़कियां कुछ भी कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नद्रत ने बताया कि उन्हें बचपन से ही एयरोप्लेन से लगाव था। मेरी मां चाहती थी कि मैं एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग करूं, लेकिन मुझे बचपन से ही एहसास था कि मैं पायलट बनना चाहती हूं और मुझे आकाश को एक्सप्लोर करना है, लेकिन मम्मी ने कहा था कि हमारी हैसियत नहीं है, बड़ी मुश्किल से घर चला रही हूं, तुझे पढ़ा रही हूं। इस पर मैंने कहा कि मम्मी सबकुछ मुमकिन है, अगर रब ने चाहा तो यह क्यों नहीं हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jan 2024 13:25:39 +0530</pubDate>
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