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                <title>Chinese - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>वाशिम : चाइनीज मांझा: सड़क हादसों का बढ़ता खतरा, प्रशासन पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिम जिले के शिरपुर क्षेत्र में जानलेवा चाइनीज मांझे के कारण एक गंभीर हादसा सामने आया। खैरू बुद्धू चौधरी (57) बाइक से घर लौट रहे थे, तभी खंडोबा मंदिर के पास सड़क पर लटक रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में चौधरी की गर्दन पर गहरा घाव आया। घायल चौधरी ने बताया कि उन्होंने अचानक मांझे से टकराने के बाद खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब भी चोट लग गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46741/washim-chinese-manjha-increasing-risk-of-road-accidents-questions-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-05t131444.517.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिम : </strong>वाशिम जिले के शिरपुर क्षेत्र में जानलेवा चाइनीज मांझे के कारण एक गंभीर हादसा सामने आया। खैरू बुद्धू चौधरी (57) बाइक से घर लौट रहे थे, तभी खंडोबा मंदिर के पास सड़क पर लटक रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में चौधरी की गर्दन पर गहरा घाव आया। घायल चौधरी ने बताया कि उन्होंने अचानक मांझे से टकराने के बाद खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब भी चोट लग गई। गनीमत यह रही कि चौधरी समय रहते बाइक रोक पाए, जिससे उनकी जान बच गई और एक बड़ी सड़क दुर्घटना टली। चोट के बाद उन्होंने शिरपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p> </p>
<p>पीड़ित के अनुसार, पुलिस ने अवैध रूप से चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि स्थानीय लोग पुलिस की सक्रियता पर संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने प्रशासन से मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्त रोक लगाने की मांग की है। मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग उड़ाने में उपयोग होने वाला चाइनीज मांझा हर साल कई दुर्घटनाओं का कारण बनता है। लोगों ने कहा कि खुले में बेचे जाने वाले मांझे सड़क हादसों और चोटों के लिए जिम्मेदार हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सख्ती बरते और अवैध मांझे की बिक्री पर रोक लगाए, तो इस तरह के हादसे टाले जा सकते हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज मांझे में इस्तेमाल होने वाला स्टील और ग्लास फाइबर बहुत तेज होता है और यह बाइक, मोटरसाइकिल या राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इस कारण से इसकी बिक्री पर रोक लगाना और मौसमी त्योहारों में सुरक्षा के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। हालांकि, चौधरी की तत्परता और स्वयं की सावधानी ने जान बचाने में मदद की। घायल होने के बावजूद उन्होंने कहा कि इस हादसे ने उन्हें पुलिस और प्रशासन के प्रति गहरी चिंता जताने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मकर संक्रांति से पहले चाइनीज मांझे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए और सड़क किनारे लटके मांझों को तुरंत हटाया जाए।</p>
<p>इस घटना ने वाशिम जिले में सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया है। लोग चाहते हैं कि आने वाले वर्षों में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस सक्रिय कदम उठाएं। इससे पहले भी कई स्थानों पर चाइनीज मांझे के कारण बाइक सवार, राहगीर और पक्षियों को चोटें पहुंच चुकी हैं। ऐसे में इस घटना को गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, सड़क किनारे मांझों की नियमित निगरानी और जनता को जागरूक करना ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 13:15:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 6.32 करोड़ रुपये मूल्य के 20 मीट्रिक टन तस्करी किए गए चीनी पटाखों की बड़ी खेप जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:left;">मुंबई स्थित DRI ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर 6.32 करोड़ रुपये मूल्य के 20 मीट्रिक टन तस्करी किए गए चीनी पटाखों/आतिशबाजियों की एक बड़ी खेप जब्त की है। इन पटाखों की तस्करी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उन्हें "लेगिंग्स" बताकर की जा रही थी। खेप की जांच करने पर, डीआरआई अधिकारियों ने पाया कि कंटेनर का 95% हिस्सा चीनी पटाखों/आतिशबाजियों से भरा हुआ था, जिन्हें असली सामग्री को छिपाने के लिए आगे की तरफ लेगिंग्स की एक ऊपरी परत के पीछे छिपाया गया था। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44660/mumbai-large-consignment-of-20-metric-tonnes-of-smuggled-chinese"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-14t155735.390.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई स्थित DRI ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर 6.32 करोड़ रुपये मूल्य के 20 मीट्रिक टन तस्करी किए गए चीनी पटाखों/आतिशबाजियों की एक बड़ी खेप जब्त की है। इन पटाखों की तस्करी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उन्हें "लेगिंग्स" बताकर की जा रही थी। खेप की जांच करने पर, डीआरआई अधिकारियों ने पाया कि कंटेनर का 95% हिस्सा चीनी पटाखों/आतिशबाजियों से भरा हुआ था, जिन्हें असली सामग्री को छिपाने के लिए आगे की तरफ लेगिंग्स की एक ऊपरी परत के पीछे छिपाया गया था। </p>
<p> </p>
<p><br />कुल मिलाकर, कंटेनर से लगभग 60,000 पटाखे/आतिशबाज़ी बरामद की गईं, जिन्हें सीमा शुल्क अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया हाल ही में,DRI ने लगभग 100 मीट्रिक टन ऐसे पटाखों/आतिशबाज़ी का सफलतापूर्वक पता लगाया, उन्हें रोका और जब्त किया, जिनकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई थी। "ऑपरेशन फायर ट्रेल" नामक अभियान के तहत 35 करोड़ रुपये की लागत से ये अवैध सामान न्हावा शेवा बंदरगाह, मुंद्रा बंदरगाह और कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र में सात कंटेनरों में छिपा हुआ पाया गया। विदेश व्यापार नीति के तहत पटाखों का आयात 'प्रतिबंधित' है और इसके लिए विस्फोटक नियम 2008 के तहत DGFT और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन से लाइसेंस लेना आवश्यक है।</p>
<p>पटाखे और आतिशबाजी हानिकारक हैं क्योंकि इनमें लाल सीसा, कॉपर ऑक्साइड, लिथियम आदि जैसे प्रतिबंधित रसायन होते हैं। पटाखे अपनी अत्यधिक ज्वलनशील प्रकृति के कारण सार्वजनिक सुरक्षा, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और व्यापक रसद आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करते हैं। DRI इस अवैध, खतरनाक शिपमेंट को भारतीय बाजारों में प्रवेश करने से रोककर अवैध नेटवर्क का पता लगाने, उसे रोकने और नष्ट करने के अपने मिशन के प्रति प्रतिबद्ध है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44660/mumbai-large-consignment-of-20-metric-tonnes-of-smuggled-chinese</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 15:58:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 35 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित चीनी पटाखे जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई जोनल यूनिट ने चीनी पटाखों और आतिशबाज़ी की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। ‘ऑपरेशन फायर ट्रेल’ के तहत डीआरआई ने करीब 35 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित चीनी पटाखे जब्त किए हैं। ये पटाखे न्हावा शेवा पोर्ट, मुंद्रा पोर्ट और कांडला एसईजेड पर भेजे गए या वहीं पड़े सात कंटेनरों में छिपाकर लाए गए थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42103/mumbai--banned-chinese-firecrackers-worth-rs-35-crore-seized"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/download---2025-07-13t121714.299.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई जोनल यूनिट ने चीनी पटाखों और आतिशबाज़ी की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। ‘ऑपरेशन फायर ट्रेल’ के तहत डीआरआई ने करीब 35 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित चीनी पटाखे जब्त किए हैं। ये पटाखे न्हावा शेवा पोर्ट, मुंद्रा पोर्ट और कांडला एसईजेड पर भेजे गए या वहीं पड़े सात कंटेनरों में छिपाकर लाए गए थे। करीब 100 मीट्रिक टन वज़न वाले इन पटाखों को ‘मिनी डेकोरेटिव प्लांट्स’, ‘आर्टिफिशियल फ्लावर्स’ और ‘प्लास्टिक मैट्स’ के रूप में गलत जानकारी देकर आयात किया गया था। यह आयात एक केएसईजेड यूनिट और कुछ आयात-निर्यात कोड (आईईसी) धारकों के नाम पर किया गया था। </p>
<p> </p>
<p>डीआरआई की जांच में सामने आया कि कुछ खेपों को कांडला एसईजेड के रास्ते घरेलू शुल्क क्षेत्र (डीटीए) में अवैध रूप से लाने की योजना थी। इस मामले में एक प्रमुख व्यक्ति, जो संबंधित एसईजेड यूनिट का भागीदार है, को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर गलत घोषणा और एसईजेड नियमों के दुरुपयोग के जरिए तस्करी का आरोप है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।</p>
<p>गौरतलब है कि विदेश व्यापार नीति के तहत पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में आता है और इसके लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) से लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। ये पटाखे खतरनाक रसायनों जैसे रेड लेड, कॉपर ऑक्साइड और लिथियम आदि से युक्त होते हैं, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए घातक हैं। डीआरआई के अनुसार, पटाखों की अत्यधिक ज्वलनशील प्रकृति बंदरगाहों की सुरक्षा, लॉजिस्टिक सप्लाई चेन और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।</p>
<p>डीआरआई ने यह कार्रवाई बेहद सावधानी और योजनाबद्ध तरीके से की, जिससे इन अवैध पटाखों की भारतीय बाजार में आपूर्ति को रोका जा सका। इससे न केवल संभावित विस्फोटों की आशंका टली, बल्कि बंदरगाहों और परिवहन व्यवस्था को भी नुकसान से बचाया गया। डीआरआई ने कहा है कि वह तस्करी करने वाले नेटवर्क को पकड़ने, रोकने और खत्म करने के अपने मिशन पर लगातार कार्य करता रहेगा, ताकि देश की सुरक्षा और वैध व्यापार प्रणाली सुरक्षित रह सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/42103/mumbai--banned-chinese-firecrackers-worth-rs-35-crore-seized</link>
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                <pubDate>Sun, 13 Jul 2025 12:18:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पाकिस्तान की ओर से छोड़े गए चीनी ड्रोन का निपटारा करने के लिए भारत ने 15 लाख के मिसाइल क्यों दागे? - कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार ने सरकार से एक ऐसा सवाल किया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. कांग्रेस नेता का सवाल था कि भारत और पाकिस्तान के बीच जब तनाव चल रहा था, तब पाकिस्तान की ओर से छोड़े गए चीनी ड्रोन का निपटारा करने के लिए भारत ने 15 लाख के मिसाइल क्यों दागे?  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40761/mumbai--why-did-india-fire-missiles-worth-rs-15-lakh-to-deal-with-chinese-drones-launched-by-pakistan----congress"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/downloaddsfs.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार ने सरकार से एक ऐसा सवाल किया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. कांग्रेस नेता का सवाल था कि भारत और पाकिस्तान के बीच जब तनाव चल रहा था, तब पाकिस्तान की ओर से छोड़े गए चीनी ड्रोन का निपटारा करने के लिए भारत ने 15 लाख के मिसाइल क्यों दागे?  </div>
<div> </div>
<div>कांग्रेस के सीनियर लीडर विजय वडेट्टिवार का कहना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय पाकिस्तान ने 15-15  हजार  के सस्ते चीनी ड्रोन लॉन्च किए थे. उनसे निपटने के लिए भारत ने 15-15 लाख की मिसाइल लॉन्च कीं. यह कहां तक सही है?  नागपुर में मीडिया से बात करते हुए पूर्व राज्य मंत्री ने सवाल खड़ा किया कि क्या सरकार से तनाव के बीच हुए नुकसान के बारे में जानकारी लेना गलत है? </div>
<div> </div>
<div><strong>मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कांग्रेस का जवाब</strong></div>
<div>वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत-पाकिस्तान के बीच 'चुटपुट युद्ध' करार दिया था, जिसके बाद से राजनीति तेज हो गई थी. इसके बारे में जब विजय वडेट्टिवार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच तनाव में अगर हमारे देश को नुकसान होता है, हमारे जवान शहीद होते हैं या हमारे देशवासियों की जान जाती है, तो सरकार से सवाल करना गलत नहीं है. </div>
<div> </div>
<div><strong>कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार से किए सवाल</strong></div>
<div>विजय वडेट्टिवार ने फिर सवाल किया कि क्या इस ऑपरेशन में भारत ने राफेल फाइटर जेट खोए हैं? उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने 5000 चीनी ड्रोन भारत की ओर दागे, जो शायद 15-15 हजार के होंगे लेकिन हमने 15-15 लाख की मिसाइल से उन 15 हजार के ड्रोन का खात्मा किया. सरकार को नुकसान की जानकारी के साथ उनके कारण स्पष्ट करने चाहिए."</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 May 2025 14:50:54 +0530</pubDate>
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